गाड़ी का चालान निपटेगा बिना लोक अदालत के, बस इतना काम करना होगा
आप बिना लोक अदालत के भी अपनी गड्डी के चालान (Traffic Challan Settlement) निपटा सकते हैं. अब नॉर्मल चालान निपटाना हो या गाड़ी सेल करने के लिए पेपर क्लीयर करना हो. शर्तिया काम हो जाएगा बस शाम की अदालत का रुख करना होगा.

एक बार गाड़ी का चालान फट गया तो कितना भी चिढ़ लो, भरना तो पड़ेगा. तुरंत भर दिया तो सबसे अच्छा. कुछ दिनों बाद भरा तो फाइन लगेगा. उसके बाद अगर चालान कोर्ट गया तो फिर दिक्कत प्रो मैक्स. वैसे लोक अदालत वाला जुगाड़ है मगर उधर आजकल लंबी लाइन लगती है. कई बार तारीख निकल जाती है. कई बार टोकन ही जनरेट नहीं होता. सब हो गया तो पता चलता है कि आपका चालान अभी अदालत में आया ही नहीं. यार तुम, तो बस परेशानी बता रहे. नहीं जनाब, हम स्टोरी का मीटर बिठा रहे.
आप बिना लोक अदालत के भी अपनी गड्डी के चालान निपटा सकते हैं. अब नॉर्मल चालान निपटाना हो या गाड़ी सेल करने के लिए पेपर क्लीयर करना हो. शर्तिया काम हो जाएगा बस शाम की अदालत का रुख करना होगा.
चालान के लिए इवनिंग कोर्टट्रैफिक चालान को कम अमाउन्ट में सेटल करने का एक तरीका इवनिंग कोर्ट है. ये वो अदालत है जो अदालत के जनरल टाइम के बाद लगती है. अदालत के वर्किंग डे के बाद इवनिंग कोर्ट शाम को 5-7 बजे तक लगता है. माने जिस दिन अदालत लगेगी, उसी दिन शाम को आप यहां जा सकते हैं. उदाहरण के लिए दिल्ली इवनिंग कोर्ट से समझते हैं.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर इसका ऑप्शन मिल जाता है. यहां क्लिक करते ही Online appointment for evening court का पेज ओपन हो जाता है. गाड़ी का नंबर डालते और वेरीफिकेशन कोड डालते ही सारे चालान नजर आ जाते हैं. इसके बाद आप अपनी सुविधा के मुताबिक कोर्ट, समय और तारीख चुन सकते हैं. इसी तरह आप अपने स्टेट के हिसाब से वेबसाइट देख सकते हैं.

प्रोसेस पूरा होते ही टोकन जनरेट होगा जिसका प्रिन्ट लेकर आपको कोर्ट जाना होगा. यहां आप अपने चालान कैंसिल करवा सकते हैं या फिर उसका फाइन कम कर सकते हैं. दोनों में से क्या होगा वो कोर्ट के ऊपर निर्भर है. हां, यहां आपको भीड़ कम मिलेगी और ट्रैफिक पुलिस द्वारा फाड़े हुए सारे चालान दिख जाएंगे. एक बात का ध्यान रखें. गाड़ी नंबर के साथ जो मोबाइल रजिस्टर है, उसी पर ओटीपी आएगी.

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इसलिए अगर गाड़ी की RC पर आपका नंबर रजिस्टर नहीं है तो पहले वाहन पोर्टल पर जाकर ये काम कर लीजिए. चालान भरने के लिए किसी ऐप या वेबसाइट के चक्कर में भी मत पड़ना. डिस्काउंट दिखाकर तीन गुना वसूल लेंगे. वाहन पोर्टल, लोक अदालत या शाम वाली अदालत ही ठीक है.
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