अब 37 लाख की गाड़ी, 3 लाख नकद दो... टोयोटा डीलर ने थमाई थी सस्ती कार, महीनों बाद पकड़ी चोरी
जैसलमेर के रहने वाले Suresh Kumar Bissa ने टोयोटा के डीलर मयंक टोयोटा से 20 जुलाई 2023 को 50 हजार एडवांस देकर Innova Hycross ZX(O) बुक की. गाड़ी चलाने के कुछ महीनों बाद उन्हें एहसास हुआ कि जिस गाड़ी की उन्होंने डिलीवरी ली थी, वो सस्ती वाली गाड़ी है, ये वो नहीं जिसके लिए उन्होंने पैसे दिए थे.

आपने 37 लाख रुपये देकर Toyota Innova Hycross ZX(O) खरीदी. मजे से तकरीबन दो साल चलाई लेकिन अचानक से पता चला कि ये तो Innova Hycross ZX(O) है ही नहीं बल्कि उसका लोअर वेरियंट Innova Hycross ZX है. आप क्या करेंगे. कुछ नहीं. डीलर क्या करेगा, कुछ नहीं क्योंकि वहां तो एक बार गाड़ी शोरूम से निकल गई तो फिर सारी जिम्मेदारी ग्राहक की. लेकिन कोर्ट करेगा. एकदम ठीक पकड़े. ग्राहकों की आंख में धूल झोंकने का कंपनियों और डीलरों की कारगुजारियों का एक और मामला राजस्थान से सामने आया है. कोर्ट ने तरीके से रगड़ा है.
नई गाड़ी भी दो और हर्जाना भीजैसलमेर के रहने वाले सुरेश कुमार बिस्सा ने टोयोटा के डीलर ‘मयंक टोयोटा’ से 20 जुलाई 2023 को 50 हजार एडवांस देकर Innova Hycross ZX(O) बुक की. 16 मार्च 2024 को टोयोटा के Mayank Shree Toyota जोधपुर शोरूम से उनको गाड़ी की डिलीवरी ये कहकर दी गई कि ये वही गाड़ी है जो आपने बुक की थी. तकरीबन एक साल बाद यानी 10 मार्च 2025 को सुरेश ने नोटिस किया कि ये वो वाला मॉडल नहीं है.
उन्हें एहसास हुआ कि जिस गाड़ी की उन्होंने डिलीवरी ली थी, उसमें ADAS जैसे फ़ीचर नहीं थे, जो ZX (O) हाइब्रिड में मिलते हैं. Cartoq की रिपोर्ट के मुताबिक फीचर्स के इस अंतर को आधिकारिक तौर पर 10 मार्च को मुंबई में सर्विसिंग के दौरान पकड़ा गया. बिस्सा के बेटे दीपक ने स्टाफ़ से गाड़ी में ‘ADAS फ़ीचर चालू करने’ के लिए कहा. उन्हें हैरानी तब हुई जब उन्हें बताया गया कि यह फ़ीचर सिर्फ़ ZX (O) हाइब्रिड में आता है और उनके पास तो निचला ZX वेरियंट है. परिवार ने डीलर से बात की मगर अपनी शिकायत में बिस्सा का आरोप है कि उन्हें कंपनी से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला.

थक-हारकर बिस्सा ने जैसलमेर जिले के उपभोक्ता फोरम में 21 नवंबर 2025 को शिकायत दर्ज करवाई. मामले की बारीकी से जांच करने के बाद, पवन कुमार ओझा की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले से जुड़ी डीलरशिप - मयंक टोयोटा जैसलमेर और मयंक श्री टोयोटा जोधपुर को निर्देश दिया कि वे बिस्सा को सभी टैक्स, रजिस्ट्रेशन, फास्टैग, इंश्योरेंस और अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बिल्कुल नया ZX(O) हाइब्रिड वैरिएंट दें. ग्राहक को मानसिक परेशानी के लिए 3 लाख रुपये और कानूनी खर्च के लिए 10,000 रुपये का भुगतान भी करना होगा. केस में हस्ताक्षरकर्ता रिचपाल सिंह पर 50,000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया, क्योंकि इस मामले में दिया गया हलफनामा झूठा पाया गया.
शोरूम पर अलग से जुर्मानाजोधपुर शोरूम पर भी 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. माने कुल 6.60 लाख रुपये का जुर्माना जिसमें से 3.5 लाख रुपये राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा करने होंगे. डीलरशिप को 45 दिनों के अंदर आदेश का पालन करना होगा वरना, सालाना 9 फीसदी अतिरिक्त ब्याज भी लगेगा.
गजब है भाई. अभी कुछ दिनों पहले महिंद्रा ने भी एक ग्राहक को 6 महीने पुरानी थार रॉक्स थमा दी थी. ग्राहक ने चोरी पकड़ ली तो फिर दो महीने बाद नया मॉडल देने की बात कही.
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