The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Auto
  • Rs 5.16 cr toll refund for one lakh motorists after 33 hour Mumbai-Pune Expressway chaos

मुंबई एक्सप्रेसवे पर 33 घंटे फंसे 1.2 लाख वाहनों को मिलेगा टोल रिफंड, पता है कितने करोड़ हो गए?

Mumbai-Pune Expressway traffic jam: महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) के एक अधिकारी ने बताया कि पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर फंसे लगभग 1.2 लाख वाहनों को कुल 5 करोड़ 16 लाख रुपये का टोल रिफंड किया जाएगा. यह रकम अगले कुछ दिनों में व्हीकल मालिकों के FASTag अकाउंट में सीधे क्रेडिट कर दी जाएगी.

Advertisement
pic
23 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 11:14 PM IST)
Mumbai-Pune Expressway traffic jam
20 किलोमीटर तक मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक जाम लग गया था. (फोटो-इंडिया टुडे)
Quick AI Highlights
Click here to view more

बीती 3 फरवरी को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भयंकर ट्रैफिक जाम लगा था. जाम की वजह था एक गैस टैंकर जो रास्ते में पलट गया था. 33 घंटों की मशक्कत के बाद टैंकर को बीच सड़क से हटाया गया. लेकिन इससे लाखों यात्री एक्सप्रेसवे पर 24 घंटे से भी ज्यादा समय के लिए फंस रहे. हालत ये हो गई कि खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया. अब यात्रियों को हुई इस परेशानी को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने उनका टोल टैक्स रिफंड करने की घोषणा की है.

रविवार, 22 फरवरी को महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) के एक अधिकारी ने बताया कि पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर फंसे लगभग 1.2 लाख वाहनों को कुल 5 करोड़ 16 लाख रुपये का टोल रिफंड किया जाएगा. यह रकम अगले कुछ दिनों में व्हीकल मालिकों के FASTag अकाउंट में सीधे क्रेडिट कर दी जाएगी. 

PTI से बात करते हुए MSRDC के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘टोल कलेक्शन रोकने का ऑर्डर जारी होने के बाद भी यात्रियों से वसूले गए पैसे वापस करने का फैसला किया गया है. 5.16 करोड़ रुपये का रिफंड MSRDC प्रोसेस करेगा. यह रकम अगले कुछ दिनों में व्हीकल मालिकों के FASTag अकाउंट में सीधे क्रेडिट कर दी जाएगी.’  

दरअसल, एक्सीडेंट के बाद एडमिनिस्ट्रेशन ने टोल कलेक्शन तुरंत रोकने का ऑर्डर दिया था. लेकिन पता चला कि बैरियर खुलने तक कुछ टोल कटते रहे. ऐसे में जिन यात्रियों के टोल कटे हैं, उन्हें रिफंड दिया जाएगा. इसमें पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे और पुणे-बेंगलुरु हाईवे दोनों पर लिए गए टोल शामिल होंगे. 

MSRDC ने IRB इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड से डिटेल्ड ट्रांजैक्शन डेटा मांगा है ताकि हर उस यात्री की पहचान की जा सके जिससे स्टॉप ऑर्डर जारी होने के बाद चार्ज लिया गया था. IRB मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ऑपरेशन, मेंटेनेंस और टोल कलेक्शन को मैनेज करता है. अधिकारियों ने IRB से ये भी सवाल पूछा कि टोल कलेक्शन आदेश मिलने के तुरंत बाद क्यों नहीं रोका गया.

वीडियो: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे खुला, तस्वीरों में क्या- क्या दिखा?

Advertisement

Advertisement

()