डैशकैम से बीमा क्लेम तक, इन कार एक्सेसरीज में गलती की तो नुकसान पक्का!
Must have car accessories: मार्केट में कारों की एक्सेसरीज की कोई कमी नहीं है. लेकिन ये एक्सेसरीज कई बार कंफ्यूजन भी पैदा कर देती है. माने कि कौन सी चीज लें और कौन सी नहीं. पर कुछ एक्सेसरीज ऐसी होती है, जिन्हें कार में होना ही चाहिए.

नई गाड़ी खरीदने की खुशी का कोई जवाब नहीं. लेकिन जैसे ही नंबर प्लेट लगती है, मन में सवाल उठता है, “अब क्या-क्या लगवाएं भाई?” … PPF लगवा लें? एम्बिएंट लाइट फिट करवा लें? सीट कवर बदल लें या फिर वो जासूसी कैमरा यानी डैशकैम लगा लें?
इतना कुछ मार्केट में है कि अगर ध्यान न दिया तो खुशी की गाड़ी सीधा खर्चे की खाई में गिर जाएगी. तो आइए, जानते हैं कौन-सी एक्सेसरीज वाकई जरूरी हैं और कौन-सी सिर्फ दिखावे का खेल.
फ्लोर मैट्स: बारिश, कीचड़ और जूते का इलाजसबसे पहले बात करें फ्लोर मैट्स की. बारिश के मौसम में गाड़ी में बैठते ही कीचड़ की सजावट लग जाती है. ऐसे में अच्छे फ्लोर मैट्स जान बचाते हैं. ध्यान रहे, 3D, 4D या 7D के नाम पर “नूडल्स मैट” में न उलझें. बस वो लें जो साफ करने में आसान और आपकी कार के साइज में फिट बैठते हों. क्योंकि फैंसी से ज्यादा काम का होना जरूरी है.
डैशकैम: आपकी कार का वॉचमैनगाड़ी में डैशकैम क्यों होना चाहिए, अब ये बताने की जरूरत नहीं. बेकार के झगड़े से बचने के लिए, बीमा क्लेम के लिए, कानूनी पचड़ों में सबूत के लिए इसका इस्तेमाल हो सकता है. आजकल सड़कों पर “मेरी गलती नहीं थी” कहने से काम नहीं चलता. इसलिए डैशकैम लगाइए और सबूत अपने पास रखिए. इसके दो टाइप मिलते हैं. पहला USB वाला जो कार चलने पर ही रिकॉर्ड करता है. दूसरा हार्डवायर वाला जो 24 घंटे रिकॉर्डिंग पर रहता है, पर इंश्योरेंस क्लेम बिगाड़ सकता है. तो सेफ ऑप्शन है USB डैशकैम. काम का भी और इंश्योरेंस वालों से पंगा भी नहीं. वैसे तो मार्केट में आजकल हर बजट में डैशकैम उपलब्ध है लेकिन आप Uno Minda 3 Channel Car Dash Cam भी देख सकते हैं. तीन कैमरे वाला ये डिवाइस कार के सामने से और पीछे से वीडियो रिकॉर्ड करता है. गाड़ी के अंदर रिकॉर्डिंग के लिए भी कैमरे का प्रबंध है. 4K Ultra HD में वीडियो के साथ वाईफाई से कनेक्ट करने का भी जुगाड़ है. तीन कैमरे वाले की कीमत है 14,999 और दो कैमरे वाला 12,999 रुपये में मिलेगा.

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सीट कवर: गाड़ी का ड्रेस कोडगाड़ी में बच्चे हैं या पालतू जानवर? तो डार्क कलर सीट कवर चुनिए. सिर्फ बड़े बैठने वाले हैं? तो लाइट कलर से इंटीरियर को क्लासी बना लीजिए. और हां, साथ में सीटबैक ऑर्गेनाइजर भी लगवा लें. बोतल, मोबाइल, टिश्यू सब वहीं रहें. बाकी गाड़ी साफ-सुथरी दिखेगी.

सफर का मजा तो गाने सुनते हुए आता है. इसके लिए चाहिए एक इन्फोटेन्मेंट सिस्टम. आजकल के मॉडर्न सिस्टम तो बड़ी सी स्क्रीन और साथ में एंड्रॉयड/ iOS कनेक्टिविटी के साथ भी आते हैं. म्यूजिक के साथ मैप का भी जुगाड़ हो जाता है. ऐसा ही एक ऑप्शन है UNO Minda WTUNES-620T. 10 इंच की स्क्रीन वाला ये डिवाइस एचडीएमआई सहित 3.5mm जैक जैसे कनेक्टिविटी ऑप्शन के साथ आता है. 1GB रैम के साथ 32GB का इंटरनल स्टोरेज मिलेगा. साउंड के लिए 2.1 surround सिस्टम मिलेगा.

कभी हाइवे पर टायर बैठ गया तो यही छोटा डिवाइस जान बचाएगा. बैटरी वाले नहीं, कार के चार्जिंग प्लग से चलने वाले इन्फ्लेटर लीजिए. पांच मिनट में हवा फुल और मूड कूल. इसके साथ गाड़ी में एक छोटा डस्टबिन रख लीजिए ताकि चिप्स के पैकेट और पानी की बोतलें डोर पॉकेट में गंदगी न फैलाएं. छोटी चीज़, लेकिन ड्राइविंग एक्सपीरियंस क्लीन बना देती है.
फायर एक्सटिंग्विशर: छोटी चीज, बड़ी सुरक्षाधूप में खड़ी कार हो या किसी फैक्ट्री एरिया की पार्किंग में, फायर एक्सटिंग्विशर रखना जरूरी है. ये छोटी सी बोतल कई बार बड़े हादसे टाल देती है.
कार वैक्यूम क्लीनर और कवर: साफ-सफाई का कॉम्बोहर हफ्ते कार वॉश पर जाने से सस्ता है, पोर्टेबल वैक्यूम क्लीनर और कार कवर. एक सफाई करेगा, दूसरा धूल से बचाएगा. डेली ड्राइवर्स के लिए ये डबल धमाका है.
Missing लेकिन Must-Have: मोबाइल होल्डर और टिश्यू बॉक्स दो चीजें जो हर नई कार में तुरंत जोड़नी चाहिए मोबाइल होल्डर: ताकि GPS देखते हुए गाड़ी सुरक्षित चले. टिश्यू बॉक्स या वेट वाइप्स: धूल, खाना, या कॉफी गिरने की सिचुएशन में काम के.
“कम लगाओ, सही लगाओ”एक्सेसरीज का मतलब सिर्फ शो ऑफ नहीं, बल्कि कम्फर्ट और सेफ्टी भी है. तो अगली बार कार के लिए शॉपिंग करने से पहले याद रखिए. “फैंसी नहीं, फंक्शनल चीजें ही असली एक्सेसरी हैं.”
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