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'कितना देती है?' कार खरीदने वालों के इस सवाल पर सरकार ने बदल दिया नियम

आपकी पेट्रोल-डीजल वाली कार से लेकर CNG और EV व्हीकल के एवरेज का नया स्टेंडर्ड (new rules for car mileage testing) आने वाला है. तारीख होगी 1 अक्टूबर 2026. Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) ने कार के एवरेज या माइलेज को लेकर नया सिस्टम बनाया है.

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new rules for car mileage testing
कारों की माइलेज का नया नियम आने वाला है
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सूर्यकांत मिश्रा
20 जनवरी 2026 (Published: 11:40 AM IST)
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बाकी सब बाद में बताना, पहले यह बताओ कि एवरेज कितना (new rules for car mileage testing) देती है. कार खरीदने वालों का यह पहला सवाल होता है भले वो एक बेसिक स्मॉल कार खरीद रहा हो या बड्डी सी एसयूवी. एक लीटर फ्यूल में कितने किलोमीटर चलेगी या एक फुल चार्ज में कितने किलोमीटर का फासला तय होगा. कार लेते समय यह सवाल हर किसी के मन में होता है. बोले तो एवरेज की बात सबसे पहले.

आपकी कार के इसी एवरेज का गुणा-गणित बदलने वाला है. आपकी पेट्रोल-डीजल वाली कार से लेकर CNG और EV व्हीकल के एवरेज का नया स्टेंडर्ड आने वाला है. तारीख होगी 1 अक्टूबर 2026.

कार के एवरेज को ठंड लगेगी

Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) ने कार के एवरेज या माइलेज को लेकर नया सिस्टम बनाया है. फिलवक्त तक गाड़ियों का माइलेज टेस्ट करते समय उसका AC बंद रखा जाता है. मगर नई व्यवस्था में एयर कंडीशनर ऑन करके माइलेज टेस्ट किया जाएगा. नया नियम EVs और ICE व्हीकल पर लागू होगा.

AC चलाने से क्या होगा

ठंडे दिमाग से समझें तो आपको गाड़ी के असल माइलेज का एक मोटा-माटी आइडिया लगेगा. अभी तक कार मेकर्स जो जिस माइलेज का दावा करते हैं, वो एसी बंद होने का होता है. लेकिन गाड़ी को बिना एसी के चलाना हर समय तो संभव नहीं. इसलिए हमें और आपको रियल माइलेज का पता नहीं चलता था. वैसे भी माइलेज कई फ़ैक्टर्स पर निर्भर करता है.

जैसे गाड़ी की स्पीड, मौसम, रोड, टायर प्रेशर, गाड़ी की कंडीशन वगैरा-वगैरा. माने कंपनी जो दावा करती है, उतना माइलेज सड़क पर मिलता नहीं है. ऐसे में एसी चल रहा तो मामला और खराब हो जाता है. कुल मिलाकर मामला 80-20 का नहीं बल्कि 70-30 का हो जाता है. बोले तो दावा तो 20 किलोमीटर का था मगर गरारी 14-15 पर अटक जाती है.

नई व्यवस्था से इसमें पिक्चर और क्लीयर होगी. वैसे भी भारत में बिना एसी के और खिड़की खोलकर कार चलाना आसान भी नहीं है. धूल से लेकर गर्मी और हॉर्न की आवाज सफर को अंग्रेजी के suffer में बदल देती है. मजबूरन एसी का खटका दबाना ही पड़ता है. तो जब एसी चलना ही है तो वो फ्यूल कितना जलाएगा, यह अगर पहले से पता चल जाए तो अच्छा ही है.

अब सड़क पर माइलेज कितना मिलेगा वो अलग विषय है. वैसे कई एक्सपर्ट तो यह भी कहते हैं कि गाड़ी हमेशा खिड़की बंद करके और एसी ऑन करके चलाना चाहिए. खिड़की खुली होने पर कार पर ज्यादा दवाब पड़ता है. बोले तो aerodynamic का चक्कर. उनके मुताबिक एसी ऑन रखने से माइलेज पर कोई बहुत ज्यादा असर होता नहीं.

कोई ना. अब असर होता है नहीं. अक्टूबर से पता चल जाएगा.  

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