Ganga Expressway: यहां बाइक वालों से भी पड़ेगा टोल, UPI में इतने रुपए डलवाकर चलें
गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) पर अगर अपने दोपहिया (Two Wheeler) से जाने वाले हैं तो टोल देने को तैयार रहिए. ये भी जान लीजिए कि ऐसा कोई पहली बार नहीं हो रहा है. यमुना एक्सप्रेसवे पर भी दोपहिया वाहनों को टोल देना पड़ता है.

उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा, गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) ओपन हो गया है. 594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज को जोड़ेगा. यूपी के दो छोर को जोड़ने के साथ ही इस एक्सप्रेसवे को लगभग 36 हजार करोड़ की लागत से तैयार किया गया है. लेकिन अगर आप इस एक्सप्रेसवे पर अपनी फटफटी यानी बाइक लेकर जाने वाले हैं तो जरा थम जाइए. ब्रेक लगाइए और टोल की जानकारी लेते जाइए. क्या कहा, दोपहिया पर टोल. एकदम, गंगा एक्सप्रेस वे पर कार-जीप-वैन के साथ दोपहिया, तिपहिया, ट्रेक्टर को भी टोल देना होगा.
ब्रेक लगा लिया तो ये भी जान लीजिए कि ऐसा कोई पहली बार नहीं हो रहा है. यमुना एक्सप्रेस–वे पर भी दोपहिया वाहनों को टोल देना पड़ता है. ठीक है मगर टोल देंगे कैसे. FASTag चिपकाना होगा क्या? नहीं.
760 रुपये टोल लगेगागंगा एक्सप्रेस–वे पर दोपहिया वाहन को 1.28 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल देना होगा. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, दोपहिया वाहनों पर 1.28 प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल लग सकता है. अगर पूरे 594 किलोमीटर का हिसाब देखें तो 760 रुपये लगेंगे. तिपहिया और ट्रेक्टर को भी इतना ही लगेगा. जो आप कार-जीप-वैन से चलते हैं तो 1515 रुपये देने को तैयार रहिए. हल्के वाणिज्यिक वाहन (LCV) को 2405 रुपये देने होंगे. यहां NHAI का 3000 रुपये वाला वार्षिक पास भी नहीं चलेगा.
टोल का बता दिया, अब वापस मुद्दे पर आते हैं. ये बात सही है कि दोपहिया वाहनों को टोल से छूट मिली हुई है मगर कुछ हाइवे पर पैसा देना होता है. जैसे यमुना एक्सप्रेस वे, जहां 1.50 प्रति किलोमीटर टोल देना होता है. ग्रेटर नोएडा से आगरा तक गए तो तकरीबन 250 रुपये देने होंगे.
यहां एक बात और ध्यान देने वाली है. देश में जितने भी हाइवे NHAI ने बनाए हैं, वहां दोपहिया वाहन को टोल से छूट है. लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे जैसे हाइवे जिनको राज्य सरकार या निजी कंपनियों ने बनाया है, वहां टोल का प्रावधान है. इसलिए गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करने निकले हैं तो टोल के लिए तैयार रहिए.
क्योंकि दोपहिया में FASTag का कोई जुगाड़ नहीं तो आप यूपीआई से भुगतान कर सकते हैं. टोल पर नगद भुगतान बंद हो चुका है तो यूपीआई ही एक विकल्प है. इसलिए फटफटी में पेट्रोल भरने के साथ अकाउंट भी भरकर चलिए.
वीडियो: अमेरिका-ईरान सीजफायर के बीच ईरान ने भारत को फोन किया, क्या बात हुई?

