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EV के साथ नहीं लिया ये वाला इंश्योरेंस? कहीं लेने के देने न पड़ जाएं

EV के साथ बेसिक इंश्योरेंस से काम नहीं चलेगा बल्कि आपको कुछ एडऑन (add-ons) लेने ही पड़ेंगे ताकि (EV Insurance Add-Ons You Should Never Ignore) आपका सफर सुहाना रहे. ईवी की वारंटी पर भी कंपनियों ने इतने तार उलझा रखे हैं कि वहां मामला फंसना ही है.

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11 जून 2026 (अपडेटेड: 11 जून 2026, 02:53 PM IST)
Insurance Add-Ons You Should Never Ignore
ईवी के नॉर्मल इन्श्योरेन्स से काम नहीं चलेगा
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EV तो आपने खरीद ली होगी. अगर नहीं भी खरीदी तो प्लान तो होगा ही सही, क्योंकि पेट्रोल के बढ़ते दाम के सामने ईवी ही अच्छा विकल्प दिखता है. हालांकि ऐसा है नहीं, मगर उसकी बात हम पहले कर चुके. फिलहाल के लिए स्टोरी का करंट, ईवी की तरफ रखते हैं. आपने ईवी खरीद ली और साथ में बेसिक का इंश्योरेंस कवर भी ले लिया तो यकीन जानिए आपको जोर का झटका जोर से लगेगा. ईवी के साथ बेसिक इंश्योरेंस से काम (EV Insurance Add-Ons You Should Never Ignore) नहीं चलेगा, बल्कि आपको कुछ एडऑन (add-ons) लेने ही पड़ेंगे ताकि आपका सफर सुहाना रहे.

बैटरी प्रोटेक्शन एडऑन

ईवी की कुल कीमत का 60 फीसदी तो बैटरी होती है. ऐसे में अगर उसके साथ कुछ भी हुआ तो लंबा फटका लगेगा. ईवी की वारंटी पर भी कंपनियों ने इतने तार उलझा रखे हैं कि वहां मामला फंसना ही है. ऐसे में बैटरी प्रोटेक्शन कवर का एडऑन जरूरी है. ये वो कवर है जो गाड़ी के नीचे बैटरी को कवर करता है. कई बार कंपनियां इसमें स्क्रैच लगने पर भी वारंटी नहीं देती हैं. ऐसे में इसके लिए आपके पास एडऑन का एक्स्ट्रा कवर होना चाहिए. अगर ये कवर बदलवाना पड़ा तो लाख-डेढ़ लाख कहीं नहीं गए.

ये भी पढ़ें: EV खरीदने जा रहे, पहले 'लाइफटाइम' वॉरंटी का सच जान लीजिए

रोड साइड असिस्टेंट

आमतौर पर आजकल कार कंपनियां एक साल का रोड साइड असिस्टेंट तो देती हैं, मगर उसका कवरेज कुछ खास नहीं होता. शहरों में तो उनकी वैन आ जाती है मगर दूर-दराज में मामला बिगड़ा रहता है. ऐसे में आप गाड़ी के इन्श्योरेन्स पर इसका एडऑन लेकर चलिए. ईवी बंद होने पर उसको धक्का देना या टो करने का मतलब मोटर को खराब करना है. ईवी के लिए सिर्फ टोइंग वैन में रखकर सर्विस सेंटर लाना ही एकमात्र विकल्प है. इसलिए ये एडऑन बहुत जरूरी है.

इंजन प्रोटेक्शन

अरे हां भाई, ईवी है तो मोटर प्रोटेक्शन कह लीजिए. ईवी में इंजन की जगह मोटर होती है. कंट्रोलर होता है और साथ में दूसरे इलेक्ट्रॉनिक. नॉर्मल वाला बीमा बाढ़ से मोटर खराब होने पर काम नहीं आएगा. इसलिए बेहतर होगा कि मोटर के लिए एडऑन ले लिया जाए.  

चार्जर प्रोटेक्शन कवर

ईवी चार्ज करने के लिए एक अदद चार्जर की जरूरत होती ही है. वैसे तो बेसिक चार्जर गाड़ी के साथ आता है मगर ये बिगड़ा तो फिर जेब को झटका तय है. इसलिए चार्जर प्रोटेक्शन एडऑन लेना चाहिए.

जीरो डेफ्ट इन्श्योरेन्स

ईवी के पार्ट्स पेट्रोल और डीजल गाड़ियों की तुलना में महंगे होते हैं, ऐसे में नॉर्मल वाला इन्श्योरेन्स जेब को खाली कर देगा. ध्यान देकर zero depreciation cover जरूर लीजिए. एक्सीडेंट या दूसरी किसी दिक्कत पर क्लेम सेटल करने में सुकून रहेगा.  
 

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