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इको स्पोर्ट, सफारी, आल्टिस... गलती से भी ये गाड़ियां सेकेंड हैंड मत खरीदना, पैसा 'बे-कार' जाएगा

सेकेंड हैंड कारें सिर्फ आम आदमी ही नहीं बल्कि बड़े-बड़े रईस भी खरीदते हैं (do not buy these cars in 2026) क्योंकि ये काफी कम कीमत में मिल जाती हैं. अच्छी बात लेकिन यह कौन बताएगा कि कौन सी सेकेंड हैंड गाड़ी नहीं खरीदनी चाहिए. टेंशन नक्को क्योंकि हमने लिस्ट बना दी है. ऐसी कारों पर अपना पैसा मत लगाइए. बे-कार जाएगा.

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do not buy these cars in 2026
कौन सी सेकंड हैंड गाड़ी नहीं खरीदना चाहिए
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सूर्यकांत मिश्रा
24 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 24 फ़रवरी 2026, 02:59 PM IST)
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सेकंड हैंड गाड़ियों का अपना मार्केट है, और इसके मुरीद भी खूब हैं. आजकल तो खरीदना बेचना भी आसान हो गया है. तमाम ऑनलाइन पोर्टल और ऐप्स हैं, जो घर बैठे टेस्ट ड्राइव से लेकर फाइनेंस और वारंटी की व्यवस्था कर देते हैं. और आजकल तो रईस भी दबाकर सेकेंड हैंड गाड़ियां (do not buy these cars in 2026) खरीद रहे हैं क्योंकि ये काफी कम कीमत में मिल जाती हैं. यानी अच्छा खासा मार्केट है. लेकिन एक चिंता अभी भी बनी हुई है. ये कि सेकेंड हैंड गाड़ी खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखें? टेंशन नक्को जी. हम बताते. ये भी कि इस साल यानी 2026 में कौन सी सेकंड हैंड गाड़ी नहीं खरीदनी है.

Ford EcoSport

अरे रुको तो सही! हमें पता है आप इस गाड़ी के खिलाफ एक शब्द नहीं सुनोगे. अजी, हम खुद आधा शब्द नहीं सुनने वाले. नई मिल जाए तो आज खरीद लें. कॉमपैक्ट एसयूवी का असली मतलब यही गाड़ी थी. लेकिन हर अच्छी चीज का अंत होता है और यही Ford EcoSport के साथ हुआ है. इस गाड़ी का सब अच्छा है. माने दमदार इंजन से लेकर सालिड बॉडी. AC के तो क्या कहने. एकदम ठंडा-ठंडा कूल-कूल वाला मामला. सब अच्छा है, मगर फोर्ड को इंडिया से गए अब 4 साल से ज्यादा हो गए हैं. कंपनी सर्विस भी दे रही और पार्ट्स भी आसानी से मिल जाते हैं. मगर इस गाड़ी की रीसेल वैल्यू काफी कम हो गई है. आप कहोगे कि सेकंड हैंड गाड़ी की रीसेल वैल्यू क्या होती है. यही तो पॉइंट है. पहले सेकंड हैंड गाड़ी कम कीमत में खरीदो फिर कुछ साल चलाकर बेच दो. ठीक पैसे मिलते हैं. खासकर, पेट्रोल और डीजल गाड़ियों के. बस यहीं प्यारी Ford EcoSport मात खा जाती है. वैसे अगर आपके पास है, तो जरा दरवाजे की आवाज सुनाओ ना प्लीज. क्या कहते हैं अंग्रेजी में. thud, धम्म की आवाज़. 

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Ford EcoSport
Toyota Corolla Altis 

गाड़ी रोड पकड़ कर चलती है. अगर इस लाइन का असली मतलब देखना है तो Toyota Corolla Altis में बैठ जाइए. लग्जरी सेडान और साथ में टोयोटा का नाम. माने भरोसे की गाड़ी है मगर टोयोटा ने BS6 नियमों के चलते साल 2020 में ही इसे बंद कर दिया है. वैसे तो टोयोटा की गाड़ियों में कुछ जल्दी बिगड़ता नहीं मगर बिगड़ा तो खर्च लंबा होता है. ऐसे ही इस गाड़ी का भी है. लाइट-वाइट भी टूटी तो आधा पेटी (50 हजार) पकड़ लो क्योंकि ज्यादातर पार्ट्स इम्पोर्ट होते हैं. वैसे भी इंडिया में सेडान का दम एकदम निकल गया है. मिनी एसयूवी ने इनकी जगह ले ली है. सिर्फ मारुति डिजायर ही सेडान में डॉन बनकर चल रही तो इस गाड़ी से भी दूर ही रहिए.

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Tata Safari Storme

अरे यार, आप फिर नाराज हो गए! हम पुरानी वाली की बात कर रहे हैं. नई तो आप अभी ले लो. Tata Safari Storme के साथ भी BS6 वाला स्पीड ब्रेकर लगा है. टाटा इस मॉडल को 2020 में बंद कर चुकी है. वैसे भी इसका पब्लिक वर्जन साल 2015 में आया था. साल 2017 वाला वेरियंट तो Indian Armed Forces के लिए स्पेशली बनाया गया था. दस साल पुरानी गाड़ी लेना कोई समझदारी नहीं. कई राज्यों में इसे चला भी नहीं सकते. पार्ट्स का चक्कर भी है बाबू भईया तो इस वाली टाटा को टाटा करो. वैसे नई वाली टाटा लेने वाले हो तो एक सलाह रख लो. टाटा कारों के बेस और उसके ऊपर का मॉडल ही लेना. खुश रहोगे. टॉप वेरियंट कुछ ज्यादा ही मॉडर्न हो रहे. पहले-पहल तो सब अच्छा होता ही फिर दिक्कत आने लगती है.

Mahindra KUV100

भले बुरा सा लगेगा मगर हकीकत यही है कि कार चलाते समय अंदर से टम्पू वाली फीलिंग आती है. गियर नॉब का डिजाइन कुछ-कुछ वैसा ही है. 2017 के बाद से इसके ऊपर ब्रेक लगा हुआ. वैसे इस गाड़ी की एक खूबी है. आफ्टर मार्केट में बहुत कम कीमत में मिल जाएगी. मगर जो आप फिर सेल करने जाओगे तो कोई लेने वाला नहीं मिलेगा. हां, जो आपको गाड़ी सीखने के लिए कोई पुरानी गाड़ी चाहिए तो खरीद लो वरना रहने दो.

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Chevrolet

Chevrolet बोले तो चेरी वाली गाड़ी (सूर्यवंशी) का इंडिया से बोरिया-बिस्तर बंध चुका है. कंपनी ने साल 2017 में इंडिया छोड़ दिया. 2020 में इसकी पैरेंट कंपनी General Motors (GM) ने पुणे का प्लांट भी बंद कर दिया. हालांकि, अमेरिकन ब्रांड की कारों में कोई कमी नहीं थी बस वो अपने जमाने से आगे की तकनीक पर बनी थीं. फिर भले  2003 में आई  2.0-litre इंजन वाली Forester हो या आखिरी के सालों में आई Chevrolet Cruze. आज भी सड़कों पर Tavera दिख जाती है. मगर Spark के आते-आते इसका स्पार्क खत्म हो गया.

इसलिए ऐसी कारों पर अपना पैसा मत लगाइए. बे-कार जाएगा. 

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