बहुत खतरनाक हैं कार के ये नए डोर हैंडल, कांड होने के बाद इस देश ने कर दिए पूरी तरह बैन
Car Flush door handles Ban: चीन की सरकार ने सभी कार कंपनियों को प्रोपर फ्लश डोर हैंडल हटाने का निर्देश दिया है. ये निर्णय सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है. क्योंकि ये दरवाजे कई दुर्घटनाओं में घातक साबित हुए हैं.

जिस फीचर के दम पर एलन मस्क की Tesla ने भौकाल मचाया. जिस फीचर के दम पर भारत में Tata अपनी किफायती गाड़ियों का रौला जमा रही है, उस फीचर पर अब चीन ने बैन लगा दिया है. हम बात कर रहे हैं फ्लश टाइप डोर हैंडल की. इन्हें हिडन डोर हैंड, इलेक्ट्रिक पावर्ड डोर हैंडल भी कहा जाता है. यह हैंडल पॉप करके खोलते है. मतलब सिर्फ एक टच और हैंडल बाहर. देखने में यह भले कूल लगते हैं मगर इनको ऑपरेट करना बहुत मुश्किल है स्पेशली किफायती गाड़ियों में जहां इन्हें एक तरफ से खींचना पड़ता है.
आजकल की मॉडर्न गाड़ियों में यह हैंडल काफी नॉर्मल है. फ्यूचरिस्टिक दिखते हैं और इनका स्लीक डिजाइन एयरोडायनैमिक्स को थोड़ा बहुत बेहतर भी करता है. मगर हर चमकती चीज सिर्फ अच्छी ही हो. ऐसा भी नहीं है. मतलब यह कि हिडन डोर हैंडल फीचर कारों को सिर्फ मॉर्डन नहीं बनाता, बल्कि सेफ्टी के लिहाज से रिस्क भी बढ़ाता है. इसी को देखते हुए चीन ने सभी ऑटोमेकर्स को निर्देश दिए कि अपनी गाड़ियों के दरवाजों में बदलाव लाएं.
यह नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे. पहले से अप्रूव हो चुके मॉडल्स को 2029 तक की मोहलत दी गई है. यह निर्देश चीन की मिनिस्ट्री ऑफ इंडस्ट्री एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (MIIT) ने साझा किए हैं. जिनके मुताबिक, चीन में बेची जाने वाली कारों में अब बूट को छोड़कर सभी दरवाजों में मैकेनिकल रिलीज सिस्टम होना जरूरी है. जो बिजली फेल होने पर भी काम करे. इसके अलावा बाहरी हैंडल में कम से कम 6cm x 2cm x 2.5cm का गैप ग्रिप होना चाहिए. ताकि इमरजेंसी में गैप से दरवाजा खोला जा सके. यात्रियों को डोर खोलने का तरीका बताने वाले साइन भी कार के अंदर होने जरूरी है.
बैन क्यों लगाया गया?चीन के न्यू व्हीकल एनर्जी (ईवी, हाइब्रिड और फ्यूल सेल) मार्केट में हिडन डोर हैंडल फीचर का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ रहा है. लेकिन एक एक्सीडेंट ने इन दरवाजों के रिस्क को सेंटर में ला दिया. Xiaomi की SU7 इलेक्ट्रिक सेडान का भयंकर एक्सीडेंट हुआ था. जिस वजह से कार में आग लग गई. आसपास मौजूद लोगों ने ड्राइवर को बचाने के लिए कार के डोर खोलने की कोशिश की. मगर वह नहीं खुले. माना गया कि आग की वजह से पावर फेलियर हुआ और डोर नहीं खुल पाए. इस वजह से पैसेंजर्स गाड़ी के अंदर ही फंसा रह गया और उसकी मौत हो गई. Xiaomi की कार से जुड़ी ऐसी ही एक और घटना सामने आई थी.

इलेक्ट्रॉनिक दरवाजे कई सिचुएशन में काम करना बंद कर सकते हैं. जैसे बैटरी खत्म होना, शॉर्ट सर्किट होना या फिर कार की टक्कर होना. अगर कार का मैकेनिकल बैकअप मौजूद ना हो, तो पैसेंजर्स अंदर ही फंसे रह सकते हैं. खासकर रियर सीट पर बैठे यात्री ज्यादा रिस्क पर होते हैं. क्योंकि बैकअप रिलीज सिस्टम अक्सर छिपे होते हैं. आग लगने या पानी में डूबने जैसी जानलेवा स्थितियों से बचने के लिए नए नियमों के तहत बिजली से अलग काम करने वाले मैकेनिकल हैंडल जरूरी किए हैं.
Tesla भी है कतार मेंहालांकि, यह नियम सिर्फ चीन की सड़कों पर दौड़ने वाली गाड़ियों के लिए ही लागू हुए हैं. चीन से बाहर भेजी जाने वाली कारों के दरवाजों पर कोई नियम नहीं है. लेकिन ऑटो सेक्टर में चीन की ताकत सभी को पता है. माने पार्ट्स और प्रोडक्शन में उसका कोई मुकाबला नहीं. ऐसे में इस नियम से शायद अन्य देश भी कुछ सबक लें और नॉर्मल डोर हैंडल बनाने के लिए ऑटोमेकर्स को निर्देश दें. Tesla के फ्लश डोर हैंडल भी अमेरिका में सवालों के घेरे में रहे हैं. दावा किया गया कि एलन मस्क की कारों के इलेक्ट्रिक पावर्ड दरवाजों ने अचानक काम करना बंद कर दिया था. कई मामलों में तो कार मालिक को शीशा तोड़कर बाहर निकलना पड़ा.
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