Budget 2026: EV वालों की हो जाएगी मौज, अगर सरकार ये घोषणा कर दे
Budget 2026 Electric vehicle expectations: 1 जनवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट 2026 पेश करेंगी. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि सरकार ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए क्या कुछ खास लाएंगी?
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केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल प्रमोट करने के लिए कई योजनाएं निकाली हैं. जैसे कि PM E-DRIVE, PLI Scheme इम्पोर्ट ड्यूटी पर राहत आदि. सरकार ने यह सभी स्कीम ईवी एडॉप्शन बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा काम करने के लिए पेश की हैं. ईवी खरीदने पर सरकार लोगों को हजारों से लेकर लाख रुपये तक की सब्सिडी देती है. इन वाहनों पर गुड्स और सर्विस टैक्स (GST) भी सिर्फ 5 प्रतिशत लगता है. अब उम्मीद की जा रही है कि बजट 2026 में भी सरकार ईवी के लिए कुछ नई घोषणा कर दे.
1 जनवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट 2026 पेश करेंगी. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि सरकार ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए क्या कुछ खास लाएंगी? ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए क्या सरकार कोई नई स्कीम को घोषणा करेगी या फिर टैक्स, इंपोर्ट ड्यूटी पर कुछ और राहत देगी? चार्जिंग स्टेशन हर जगह मौजूद होंगे? इस स्टोरी में हम कुछ संभावनाओं पर बात करेंगे कि सरकार ईवी पर क्या घोषणा कर सकती है.
चार्जिंग स्टेशन- ईवी पर सरकार सब्सिडी दे रही है. मगर उनके साथ बड़ी दिक्कत है चार्जिंग की. अभी भी लोग कई बार दूर दराज के इलाकों में ईवी को ले जाने से थोड़ा कतराते हैं. कहें तो ये रेंज एंग्जाइटी है. क्योंकि चार्जिंग स्टेशन हर जगह अब भी मौजूद नहीं. और अगर है तो उनकी संख्या बहुत कम है. ऐसे में संभावनाएं हैं कि सरकार चार्जिंग स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए निवेश कर सकती है.
बैटरी- भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली कंपनियों की कमी नहीं है. Tata, Mahindra, Ola, Ather, Maruti Suzuki समेत कई ब्रांड्स लोकली लिथियम आयन बैटरी के निर्माण में काम कर रहे हैं. मगर एक बैटरी प्लांट लगाना अपने आप में बड़ी इंवेस्टमेंट है. ऐसे में संभावना है सरकार डोमेस्टिक बैटरी मैनुफेक्चरर पर कुछ घोषणा करे. और इसकी रीसाइक्लिंग पर भी.
स्पेयर पार्टस- फिलहाल के लिए सरकार जीरो एमिशन को प्रमोट करने के लिए ईवी पर कई बेहतरीन सब्सिडी दे रही है. टैक्स घटा रही है. मगर हम उम्मीद कर सकते हैं कि सरकार EV स्पेयर पार्ट्स पर भी जीएसटी घटा दे. अभी इन ईवी के जरूरी पार्ट्स और रॉ मटैरियल पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है. जिससे ये मैन्युफैक्चरिंग के लिए और सस्ते हो जाएं और बाद में ग्राहकों के लिए भी.
ट्रेनिंग- इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री के विस्तार के साथ ही कुशल कर्मियों की जरूरत भी बढ़ रही है. ऐसे में माना जा सकता है कि सरकार और इंडस्ट्री के बीच सहयोग से स्किल ट्रेनिंग में सहायता मिले.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, JSW MG मोटर इंडिया के MD अनुराग मेहरोत्रा का कहना है कि EV कंपोनेंट्स पर ड्यूटी में सुधार करना एक अच्छा कदम हो सकता है. इससे EV मैन्युफैक्चरिंग के लोकलाइजेशन के लिए अधिक सपोर्ट भी मिलेगा. उन्होंने भी ये बात मानी कि चार्जिंग स्टेशन का विस्तार हुआ है. लेकिन अभी भी काफी काम करने की जरूरत है.
माना जा रहा है कि सरकार जीरो एमिशन को बढ़ावा देने के लिए नई ईवी सब्सिडी, चार्जिंग स्टेशन इंफ्रास्कचरर, लोकलाइजेशन, इंपोर्ट ड्यूटी, स्पेयर पार्ट्स पर जीएसटी से जुड़ी कुछ घोषणा कर दे.
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