कार में लगने वाली 5 बे-कार चीजें, इन पर पैसा मत बहाइए, कोई फायदा नहीं होना!
5 worst products and accessories for your car: आपकी कार में तमाम किस्म की एक्सेसरीज लगी होती हैं जिसमें से ज्यादातर कोई काम की नहीं होती हैं. 5 की लिस्ट हमने बना दी है. गारंटी है कि इसमें से एक तो कम से कम आपकी कार में लगी होगी.

आप और हम अपनी कार में तमाम एक्सेसरीज लगाते हैं. मसलन सीट कवर से लेकर डैश कैम और मैट तक. लगाते हैं या नहीं. अरे बताइए भाई. ठीक बात है लगाना भी चाहिए. लाखों की कार पर कुछ हजार खर्च करना बनता भी है. एक्सेसरीज ना सिर्फ आपकी कार को सुंदर बनाती हैं, बल्कि उसे लंबे समय तक इस्तेमाल के लायक भी बनाए रखती हैं. मगर आज हम काम की नहीं बल्कि एकदम काम नहीं आने वाली एक्सेसरीज की बात करेंगे, जो हम बस यूं ही लगा लेते हैं. कुल 5 एक्सेसरीज का जिक्र करेंगे जिसमें से एक तो कम से कम आपने लगा रखी होगी.
क्रोम की फीकी चमकगाड़ी धुलवाने गए या फिर बाजार में कहीं खड़े थे और क्रोम लगाने वाले से दरवाजे पर क्रोम चढ़वा लिया. लगे हाथ डोर हैंडल को भी क्रोम के कपड़े पहना दिए. कुछ दिन तो ये क्रोम वाकई अच्छा चमकता है लेकिन उसके बाद छी-छी-छी. इसमें जंग लगने लगती है, भद्दे दाने जैसे निकल आते हैं. क्रोम काला दिखने लगता है. निकालने में भी अच्छी खासी मशक्कत करना पड़ती है क्योंकि बुरा चिपका होता है. इस चक्कर में उंगलियां छिल भी जाती हैं. मत लगाइए भाई.

आफ्टर मार्केट से लगवाई एकदम जिगरभिन्नाट एलईडी लाइट्स. लाइट ऐसी की रात में भी दिन का भान हो. लेकिन ये क्या. कुछ दिन बाद पता चला कि ना तो इनका फोकस सही है और ना लाइट. रात में जला रहे तो सीधे सामने वाले कि आंखों में पड़ रही. देखो भईया, पहली बात तो ये कि कार में अलग से आंखे मिचमिचाने वाली लाइट लगवाना गैरकानूनी है. जितनी लगी होती है उतनी काफी है. हां फॉग लाइट वगैरा लगवा सकते हैं वो भी तय लिमिट की. ऐसी एलईडी मत लगवाइए क्योंकि जिस दिन इनका चालान फटा, रकम देखकर आपकी आंखे जरूर मिचमिचा जाएंगी.
डैशबोर्ड कवरआंखों पर गाड़ी के डैश बोर्ड से चमक आ रही है तो डैश बोर्ड कवर लगा लो. इसके विज्ञापनों से सोशल मीडिया भरा रहता है. लेकिन ये सिर्फ एक कपड़ा ही है. डैश बोर्ड पर धूल इकट्ठा करता है और साथ ही AC की हवा भी रोकता है. ये नहीं लगाना है. ये भी सही है कि सेडान और हैचबैक में थोड़ी परेशानी होती है लेकिन उसके लिए पूरा डैश बोर्ड कवर करना सही नहीं. बढ़िया डार्क वाला चशमा लगाई लो.

गाड़ी का परफ़ोर्मेंस बढ़ाने, इंजन में घर्षण को कम करने और इंजन की उम्र बढ़ाने के लिए इसको डालने के लिए कहा जाता है. जनाब ये स्कैम है. आजकल की मॉडर्न गाड़ियों के इंजन इतने रिफाइन हैं कि उनको कुछ नहीं मांगता. बढ़िया क्वालिटी का इंजन ऑइल बहुत है. ऐसे एडिटिव्स के एडिक्शन (नशे) से इंजन को दूर रखें. गलती से कभी कोई गलत टाइप का एडिटिव्स डाल दिया तो बस फिर बड़ी गड़बड़ भी तय है.
अंडर बॉडी कोटिंगगाड़ी जब पहली सर्विस पर जाती है तो पूरा सर्विस सेंटर इसका ज्ञान देता है. अगर गाड़ी के बेस को पेंट नहीं करवाया तो जंग लग जाएगी. अरे भईया सही में ऐसा होता तो कार कंपनी पहले से पोत कर देती. गाड़ी में एकदम टॉप क्वालिटी का लोहा लगा होता है. सालों-साल धूल पानी झेल सकता है. इसलिए कोई कोटिंग की जरूरत नहीं. हां अगर आप एकदम कोस्टल एरिया में रहते हैं माने जहां लगातार बारिश होती है तो वहां कोटिंग काम आ सकती है. वरना ‘बे-कार’ में ऐसी चीजों पर पैसा मत बर्बाद कीजिए.
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