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'RBI गवर्नर से पूछा गया, आपको पद से क्यों न हटाया जाए और मुकदमा चले?'

नोटबंदी किसका फैसला था नहीं क्लियर हुआ. कभी कहा गया सरकार का फैसला था तो कभी कहा गया आरबीआई का फैसला था. खैर फैसला जिसका भी हो अब इस बात के साफ़ होने के आसार दिख रहे हैं. आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को अपनी चुप्पी तोड़नी पड़ेगी. क्योंकि संसद की लोक लेखा समिति (पब्लिक अकाउंट्स कमिटी PAC) ने उनको बुलावा भेजा है. आरबीआई गवर्नर के रेगुलेशंस में पिछले दो महीनों में जितने बदलाव आए हैं, उनपर जानकारी मांगी गई है. कांग्रेस नेता केवी थॉमस की अगुवाई वाली समिति ने पटेल से पूछा है कि अगर ऐसा कोई कानून नहीं है तो उन पर पॉवर का गलत इस्तेमाल करने के लिए मुकदमा क्‍यों न चले और उन्‍हें हटाया क्‍यों न जाए.

इसके अलावा 9 और सवालों के जवाब देने हैं जो PAC की भेजी लिस्ट में हैं. गवर्नर उर्जित पटेल ने लंडन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स, येल यूनिवर्सिटी और ऑक्सफ़ोर्ड से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की है. आईएमएफ में भी काम किया है. लेकिन रिज़र्व बैंक से जो सवाल पूछे गए हैं, और जिस डिटेल में पूछे गए हैं उनका जवाब देना उर्जित के लिए मुश्किल होगा. इसलिए नहीं कि क्या बोलें, बल्कि इसलिए कि क्या नहीं बोलें.

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PAC के मुखिया वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के वी थॉमस हैं. उनके अलावा PAC में और भी गैर भाजपा सदस्य हैं. इसलिए रिज़र्व बैंक से किए गए एक-एक सवाल में ये बात बाकायदा रिफ्लेक्ट हो रही है कि कोई छूट मिलने की उम्मीद न करें:

सवाल 1
केंद्र में मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में कहा है कि नोटबंदी का फैसला रिज़र्व बैंक बोर्ड का था. सरकार ने उसे सिर्फ लागू किया. क्या आप सहमत हैं?

सवाल 2
अगर फैसला रिज़र्व बैंक का ही था, तो ये किस तारीख को तय पाया गया कि नोटबंदी देशहित के लिए ज़रूरी है?

सवाल 3
500 और 1000 के नोट रातों-रात चलन से बाहर करने के पीछे क्या ठोस वजह रही?

सवाल 4
नकली नोटों के लिए रिज़र्व बैंक का खुद का आंकड़ा सिर्फ 500 करोड़ तक सीमित है. भारत का कैश टू जीडीपी
रेशियो 12 % था, जो कि जापान (18 %) और स्विट्ज़रलैंड (13 %) से कम है. हाई डिनॉमिनेशन (ऊंची कीमत वाले नोट; 500-1000 के) का देश की मुद्रा में 86 % हिस्सा था. ये भी चीन (90 %) और अमेरिका (81 %) से ज़्यादा हटकर नहीं है. ऐसे में अचानक रिज़र्व बैंक को नोटबंदी की ज़रुरत क्यों महसूस हुई?

सवाल 5
8 नवम्बर को हुई इमरजेंसी मीटिंग के लिए रिज़र्व बैंक बोर्ड के सदस्यों को नोटिस कब भेजे गए? किन सदस्यों ने मीटिंग में हिस्सा लिया और ये मीटिंग कितनी देर चली? इस मीटिंग के मिनट्स (नोट्स) कहां हैं?

सवाल 6
इस मीटिंग के बाद जो नोट कैबिनेट को नोटबंदी पर अमल करने के लिए भेजा गया, क्या उसमें ये साफ़-साफ़ लिखा था, कि इस फैसले से 86 % नोट चलन से बाहर होंगे? रिज़र्व बैंक ने नए नोट छाप कर वापस सिस्टम में पहुंचाने में कितना वक़्त और पैसा लगने की बात की थी?

सवाल 7 (सबसे जबराट यही है)
रिज़र्व बैंक के 8 नवम्बर वाले नोटिफिकेशन में बैंक के कैश काउंटर से एक बार में 10,000 और पूरे हफ्ते में 20,000 निकालने की सीमा बांध दी गई थी. एटीएम से पैसे निकालने पर 2000 की सीमा थी. रिज़र्व बैंक ने किन नियमों और कानूनों के तहत ये बंदिशें लगाई थीं? अगर ऐसे कोई नियम नहीं हैं, तो क्यों ना आप पर (रिज़र्व बैंक गवर्नर पर) कार्रवाई हो और आपको पद के बेजा इस्तेमाल के लिए पद से हटा दिया जाए?

सवाल 8
पिछले दो महीनों में रिज़र्व बैंक के नियमों में इतनी घिचिड़-पिचिड़ क्यों हुई? उस अफसर का नाम बताएं जिसने कैश निकालने वाले लोगों की ऊंगली पर इंक लगाने का सुझाव दिया था. शादी के लिए अलग से विद्ड्रॉल लिमिट वाला सुझाव किसका था? अगर ये नियम रिज़र्व बैंक के बजाए सरकार की तरफ से आए थे, तो क्या ये मान लिया जाए कि रिज़र्व बैंक, वित्त मंत्रालय (फ़ाइनांस मिनिस्ट्री) के तहत एक विभाग है?

सवाल 9
चलन से बाहर हुए नोटों की कुल कीमत का सटीक आंकड़ा बताएं. इसमें से कितना बैंकों में जमा हुआ है?

सवाल 10
रिज़र्व बैंक ने नोटबंदी के फैसले पर दायर RTI का जवाब देने के लिए जो कारण दिए हैं, वो बेहूदा हैं. बैंक जवाब देने से क्यों बच रहा है?

इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से खबर है कि राज्य सभा की स्टैंडिंग कमिटी (सबॉर्डिनेट लेजिस्लेशन) ने रिज़र्व बैंक गवर्नर उर्जित पटेल, डिप्टी गवर्नर एन एस विश्वनाथन और डिप्टी गवर्नर आर गांधी से नोटबंदी के फैसले पर सवाल-जवाब किए. इस मीटिंग में जनता दल (यूनाइटेड) के अनवर अली अंसारी ने यहां तक कहा कि लोगों की परेशानियों की जानकारी के बावजूद कदम न उठाना ‘क्रिमिनल नेग्लिजेंस’ (आपराधिक दर्जे की लापरवाही) के बराबर है.

गवर्नर क्या जवाब देंगे ये मालूम नहीं. लेकिन इतना तय है कि उन्होंने सवालों को पढ़ते हुए मार्कर से ‘बेहूदा’ और ‘कार्रवाई’ को ज़रूर हाईलाईट किया होगा.

जवाब देने की डेड-लाइन में अभी 20 दिन हैं. गवर्नर साहब को मेरी शुभकामनाएं.


 

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