Submit your post

Subscribe

Follow Us

'मनमोहन थे मौन, सोनिया थीं पीएम,' मोदी सरकार के हाथ लग गईं फाइलें

राजनीति में किस्सों को मौत नहीं आती. कब गढ़े मुर्दे उखाड़ कर सामने रख दिए जाएं नहीं पता. और ये मुर्दे आपका पीछा नहीं छोड़ते. अब मोदी सरकार कुछ खुलासा करने वाली है. और ये खुलासा वही है जो आपने खुद कई बार सुना होगा. वो ये कि यूपीए के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन नहीं बल्कि सोनिया गांधी सरकार चला रही थीं. मोदी सरकार को कुछ फाइलें हाथ लग गई हैं.  

मनमोहन सिंह सोनिया गांधी के दबाव में काम कर रहे थे. इस बात को साबित करते हुए मोदी सरकार 710 फाइलें सामने लाने के लिए सोच विचार कर रही है. ये फाइलें सोनिया गांधी की अध्यक्षता में बनी राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (NAC) की हैं. जानकारी के मुताबिक इन फाइलों से ये क्लियर हो जाएगा कि मनमोहन किस तरह सोनिया गांधी के दबाव में काम कर रहे थे. और सोनिया गांधी का ये दबदबा पूरे 10 साल बना रहा. काम सोनिया गांधी करती रहीं और गलतियों का ठीकरा मनमोहन सिंह पर फूटता रहा.

2004 से 2014 तक चली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद् की चेयरमैन खुद सोनिया गांधी थीं. द न्यू इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक यूपीए सरकार के दौरान में ‘NAC’ कोयला, उर्जा, डिसइन्वेस्टमेंट, रियल एस्टेट, गवर्नेंस, सोशल और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए बनने वाली सरकारी पॉलिसी में दखलअंदाजी करती थी. यानी सोनिया गांधी बिना किसी जवाबदेही के ही सरकार को पूरी तरह कंट्रोल किए हुए थीं.

खबर में दावा किया गया है कि यूपीए सरकार NAC के ही इशारों पर चल रही थी. NAC सेंटर गवर्मेंट के किसी भी अफसर को 2 मोती लाल नेहरू प्लेस में बने ऑफिस में हाजिर होने का ऑर्डर जारी कर देती थीं. मंत्रियों को लैटर लिखकर उनसे रिपोर्ट मांगी जाती थी. जबकि NAC को गठित करते हुए कहा गया था कि यह सिर्फ सरकार को सलाह देने के लिए बनाई गई है. खबर में ये भी दावा किया गया है कि फाइलों से मिली जानकारी के मुताबिक मनमोहन सरकार के पास NAC के ऑर्डर को मानने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था. और परिषद की सिफारिशों को लागू कर दिया जाता था.

एक फाइल के हवाले से छापा गया है कि 29 अक्टूबर 2005 को राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की बैठक हुई, जिसमें फैसला लिया गया, ‘समिति की तमाम सिफारिशों को लागू कराने की ज़िम्मेदारी सरकारी एजेंसियों और संस्थाओं की होगी. साथ ही इसकी स्वतंत्रतापूर्वक निगरानी और मूल्यांकन भी किया जाएगा.’ सवाल ये भी है कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष और NAC की चेयरमैन सोनिया गांधी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर यकीन नहीं करती थीं, क्योंकि सिफारिशें लागू करने के ऑर्डर के अलावा परिषद उन पर निगरानी भी रखने की बात कहती थी.

फाइलों में स्पष्ट है कि राष्ट्रीय सलाहाकार परिषद कई एजेडों पर अपनी सिफारिशें सरकार को भेजती थी. जैसे 21 फरवरी 2014 में सरकार को एक चिट्ठी लिखी गई, ‘जिसमें लिखा था, ‘NAC चेयरमैन की ओर से नॉर्थ-ईस्ट में खेलों को बढ़ावा देने से संबंधित सिफारिश सरकार को भेज दी गई है.’ रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि देश में सहकारिता के विकास पर भी सिफारिशें सरकार को भेजी जाती रही हैं. जिसे सोनिया गांधी ने इजाज़त दी थी.

ये खुलासे कांग्रेस के लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं, क्योंकि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव सिर पर आ गए हैं. ऐसे में गढ़े मुर्दे बाहर आते हैं तो घबराहट बढ़नी तो तय है.


 

पहली बार सोनिया गांधी ने शेयर किए अपने पर्सनल किस्से

इमरजेंसी के ऐलान के दिन क्या-क्या हुआ था, अंदर की कहानी

अंदर की कहानी: जब गांधी परिवार की सास-बहू में हुई गाली-गलौज

क्या सच में इंदिरा गांधी को ‘दुर्गा’ कहा था अटल बिहारी वाजपेयी ने?

खुद को ‘बदसूरत’ समझती थीं इंदिरा गांधी

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

क्या चल रहा है?

1965 की भारत-पाक लड़ाई में था ये सैनिक, 52 साल बाद अपना हक मांग रहा

मुहम्मद नसीम परमवीर चक्र विजेता अब्दुल हमीद के ड्राइवर थे.

15 की उम्र में रेप हुआ, आज हजारों की जिंदगियां बदल रहीं 'पद्मश्री' सुनीता

अपनी बात सुनाने आज बड़ी कंपनियों को इंडिया खींच लाई हैं.

'कुछ लोग यूपी में हिंदुत्व की जीत और धर्मनिरपेक्षता की हार नहीं पचा पा रहे'

यूपी में भाजपा की निर्णायक जीत के बाद राजनीति के नए समीकरण उभरे हैं.

'मुझसे शादी नहीं करोगी? तेज़ाब पी लो!'

लड़के ने लड़की को झुलसा दिया और लोग देखते रहे.

ट्विटर से इंसाफ दिलाने वालों में योगी आदित्यनाथ भी हुए शामिल

यूपी में दबंगों की दबंगई का शिकार हुए परिवार को वाया ट्विटर मिल रहा है इंसाफ.

CM आदित्यनाथ वही कर रहे हैं जो दादरी में राजनाथ ने किया था

इनके फैसले एकदम नए नहीं हैं जैसी उनसे अपेक्षा थी.

तेजबहादुर के मरने की बताई जा रही है ये वायरल तस्वीर, क्या है सच?

इसी जवान ने बताया था उसे सेना में घटिया क्वालिटी का खाना मिलता है.

कैफ़ ने योगी आदित्यनाथ के बारे में सलीके की बात कही है, पढ़ो

कैफ़ ने फिर से ट्विटर का सहारा लिया है.

अखिलेश यादव हैं योगी आदित्यनाथ के बेस्ट फ्रेंड, ये रहा प्रूफ

अखिलेश यादव दो साल से योगी आदित्यनाथ को क्यों बचा रहे थे?

मनोज तिवारी ने इस बार कुछ ऐसा किया, जो दिल जीतने वाला काम है

वीडियोज और दिल्ली में एमसीडी चुनाव के चलते चर्चा में रहने वाले मनोज इस बार फिर खबरों में है.

पाकी टॉकी

असली शेर पर सवार होकर बारात में पहुंचा दूल्हा, लेकिन एक लोचा हो गया

पूरा सोने के गहनों से लद फंद के छम्मा छम्मा करते हुए गए थे. वीडियो देखो.

खड़ी सवारियां ले जा रही है पाकिस्तान एयरलाइंस

लगता है धंधा मंदा चल रहा है. जो ओवरलोड मामला चल रहा है.

पाक ने हाफ़िज़ सईद को आतंकी माना, बस एक काम बाकी है

खुद की बिल्ली खुद को ही नाखून मारने लगी तो कलस कर पाकिस्तान ने कड़े कदम उठाए.

पाकिस्तान जो अब कर रहा है वो पहले ही कर देना चाहिए था

हमें भी दुआ करनी चाहिए कि जो कर रहा है उसका सफाया हो जाए.

एक दिन 'नैचुरल डेथ' न बन जाए हर पाकिस्तानी का अधूरा सपना!

जिस पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन सेफ नहीं, वहां जनता क्या होगी.

पाकिस्तान में बन रहा नया उसूल, रसूल के नाम पर किसी को जान से ना मारो

पाकिस्तानी सरकार ईशनिंदा कानून पर दोबारा सोच रही है पर हजारों लोग एक हत्यारे की मजार पर शीश नवाने जा रहे हैं.

इससे अच्छी लव स्टोरी इस वैलेंटाइन्स वीक नहीं मिलेगी

सनोबर और उनके पति संघर्ष और जिंदगी की मिसाल हैं.

भौंचक

एक पत्रकार ने चीटिंग की, फोटो का स्क्रीन शॉट चला और पकड़ी गई

महंगी घड़ी पहनो तो सोच-समझ कर पहनो.

दुनिया पर दबंगई दिखाने चली चीन सरकार को टॉयलेट में आराम नहीं है

हिंदुस्तानी तरीका अपनाते तो बच जाते.

तो अमेरिका में मास्टरबेट करने वाले मर्दों को देना पड़ेगा 100 डॉलर जुर्माना!

ये हैं डेमोक्रेट सांसद जेसिका फर्रार, इन्हीं ने बिल पेश किया है. फायर होने से पहले इनके लॉजिक जरूर पढ़ो.

सद्दाम हुसैन के नाम ने इस लड़के का करियर सत्यानाश कर दिया

इतना नुकसान तो अमेरिका ने इराक का नहीं किया जितना एक नाम की वजह से इस लड़के का हुआ.

कोर्ट ने किसान के नाम कर दी 'एक्सप्रेस ट्रेन'

किसान को बोल दिया गया, 'घर ले जाओ ट्रेन.' केस लुधियाना का है.

'कश्मीर', 'पाकिस्तान' और 'जापान' ने हमारे पुलिसवाले के कपड़े फाड़ डाले

'शराबी' में अमिताभ बच्चन का 'मूंछें हो तो नत्थूलाल जैसी' वाला डायलॉग बदलने का वक्त आ गया है.

अइयो! इस टोल से गुजरने की कीमत, 4 लाख रुपये!

डिजिटल पेमेंट के साइड इफेक्ट्स!

ये घर ब्राज़ील के राष्ट्रपति को 'अजीब' लगता है!

ये एक देश के राष्ट्रपति हैं, और बातें निरे अनपढ़ सी करते हैं.

हिजबुल मुजाहिदीन के ट्विटर हैंडल पर बैठा शांतिप्रिय हैकर, सफेद झंडा लहराया

अचानक इस ट्विटर हैंडल की गंगा उल्टी बहने लगी. बम बंदूकों और आजादी की बातें खत्म.

Xvideos ने ले ली बिलबोर्ड पर चढ़े फायरफाइटर की जान

बुरे लोगों के हाथ में थोड़ी सी पावर चली जाए तो वो दूसरों के लिए मुसीबत खड़ी करते हैं. ये सबूत है.