लैब से खेत और स्कूल तक: भारत में एआई का असर

16 Oct 2026

Author: Suryakant

एआई का इंपेक्ट तब होता है जब इसे उन लोगों के साथ मिलकर बनाया जाए जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है. जैसे खाद्य प्रणालियों की जीनोमिक समस्याओं को हल करना हो, शिक्षकों को छात्रों को मेंटॉर करने के लिए अधिक समय देना हो.

एआई का इंपेक्ट 

Image Credit: Google

भारत एआई का नया केंद्र है और इसी के चलते गूगल ने फसल विज्ञान, शिक्षा, कृषि और आर्थिक समावेशी विकास के लिए नई पहलों की घोषणा की है. 

भारत एआई का नया केंद्र

Image Credit: Google

ज्वार या मिलेट्स जैसी बहु-उपयोगी फसलों के विकास में तेजी लाने के लिए, गूगल डीपमाइंड और Google.org मिलकर काम कर रहे हैं. 

गूगल डीपमाइंड

Image Credit: Google

वे हैदराबाद स्थित International Crops Research Institute for the Semi-Arid Tropics (ICRISAT), The HudsonAlpha Institute for Biotechnology, और Department of Genome Sciences, University of Washington, Seattle के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

ICRISAT

Image Credit: Google

गूगल डीपमाइंड ICRISAT में तीन साल की पोस्ट डॉक्टरल फेलोशिप का भी समर्थन करेगा. यह भारत में और यूके से बाहर इसकी पहली फेलोशिप है, जो ऐसे उपकरण बनाने में मदद करेगी जो दालों जैसी अन्य महत्वपूर्ण फसलों के लिए इसी तरह जीनोम की विशेषता बता सके. 

Postdoctoral Fellowship

Image Credit: Google

गूगल ने मई में पांच राज्य और क्षेत्रीय साझेदारियों के साथ भारत में Google AI Educator Series लॉन्च की है. मई से अब तक देश भर में 80,000 से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है. 

AI Educator Series

Image Credit: Google

गूगल 'ATL साथी' के ज़रिए 100 Atal Tinkering Labs में शिक्षकों की मदद कर रहा है. 'ATL साथी' STEM पाठ्यक्रम के लिए जेमिनी (Gemini) पर आधारित एक डेस्कटॉप एप्लिकेशन है.

ATL Saathi

Image Credit: Google

एमएसएमई के विकास में तेजी लाने के लिए Google.org द्वारा The/Nudge को 15 मिलियन डॉलर का फंड दिया गया है. यह पहल छोटे उद्यमों की औपचारिक क्रेडिट, बाजार की खोज और अनुपालन तक पहुंच को बढ़ावा देगी. 

The/Nudge 

Image Credit: Google