निजी तौर पर FFSC इंजन बनाने वाला भारत चौथा देश  

10 Aug 2026

Author: Suryakant

बेंगलुरु की स्पेस कंपनी, एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज़ ने शुक्रवार (7 अगस्त, 2026) को भारत के पहले प्राइवेट तौर पर बनाए गए 800 kN फुल-फ्लो स्टेज्ड कंबशन (FFSC) LOX-मीथेन रॉकेट इंजन 'एवरेस्ट'का अनावरण किया. 

एवरेस्ट

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इसके साथ ही, रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत FFSC इंजन टेक्नोलॉजी वाला चौथा देश बन गया है. 

भारत बना चौथा देश

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EVEREST को भारत के स्वदेशी लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने और दोबारा इस्तेमाल होने वाले लॉन्च की क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है. 

Astrobase

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EVEREST के साथ एस्ट्रोबेस (Astrobase) एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड लॉन्च इकोसिस्टम में कदम रख रहा है, जिसमें प्रोपल्शन, मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग और लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं. 

इकोसिस्टम

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एस्ट्रोबेस हर साल 50 इंजन बनाने की योजना बना रही है, जो पहले चरण में 100 टन की लॉन्च क्षमता को सपोर्ट करेंगे और दूसरे चरण में इसे बढ़ाकर 1,000 टन से ज्यादा कर दिया जाएगा. 

50 इंजन

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लिक्विड ऑक्सीजन और मीथेन से चलने वाला 800 kN FFSC इंजन, दोबारा इस्तेमाल होने वाले मीडियम-लिफ्ट लॉन्च व्हीकल के लिए डिज़ाइन किया गया है.

मीडियम-लिफ्ट लॉन्च व्हीकल

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एस्ट्रोबेस अपनी पहली ऑर्बिटल फ़्लाइट से पहले लगभग 20 इंजनों का टेस्ट करने और आगे चलकर 15 दिनों के अंदर 'लॉन्च-ऑन-डिमांड' मिशन शुरू करने की योजना बना रहा है. 

लॉन्च-ऑन-डिमांड

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इन-हाउस विकसित इस प्रोग्राम का अगला पड़ाव फ़ुल-इंजन हॉट-फ़ायर टेस्ट है, जिसके बाद व्हीकल इंटीग्रेशन और ऑर्बिटल लॉन्च डेवलपमेंट का काम होगा.

अगला पड़ाव

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