Date: 02-05-2023

By Manasi Samadhiya

सत्यजीत रे की आइकॉनिक फिल्में

पाथेर पांचाली (1955)

ये सत्यजीत रे की पहली फिल्म है. फिल्म में ग्रामीण भारत के एक गरीब परिवार की कहानी है.

जलसाघर (1958)

ये फिल्म ताराशंकर बंद्योपाध्याय के उपन्यास पर आधारित है. फिल्म में भारतीय संगीत का बखूबी इस्तेमाल किया गया है.

गुपी गाइन बाघा बाइन (1968)

ये दो दोस्तों की कहानी है. दोनों को खराब संगीतकार होने के कारण राज्य से निकाल दिया जाता है. फिर ये दोस्त भूतों के लिए गाना गाते हैं.

हीरक राजार देशे (1980)

फिल्म में गूपी और बाघा, अपनी विशेष शक्तियों के साथ, एक अत्याचारी सरकार को हटाने के लिए एक विद्रोही से हाथ मिलाते हैं. 

नायक (1966)

ये एक मैटिनी आयडल की कहानी है. जो अपना अवॉर्ड लेने कोलकाता से दिल्ली तक की ट्रेन यात्रा करता है. इस बंग्ला भाषा की फिल्म को लोग आज भी देखते और पसंद करते हैं.

अपुर संसार (1959)

फिल्म का किरदार अपू अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वास्तविक दुनिया का सामना करता है और कहानी की परतें खुलती जाती हैं.

चारूलता (1964)

ये एक अकेली गृहिणी की कहानी है. जिसे अपने देवर से प्यार हो जाता है. पर उसकी ये चाहत उसे परेशान कर देती है.

शतरंज के खिलाड़ी (1977)

ये प्रेमचंद के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित फिल्म है. फिल्म में दो किरदारों का शतरंज के लिए प्रेम उनके पतन का कारण बनता है.

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