Submit your post

Follow Us

यूपी चुनाव 2017 : राष्ट्रीय नेता जो लोकल बनने चुनाव लड़े

उत्तर प्रदेश वो राज्य है जहां की सियासत की हस्ती राष्ट्रीय राजनीति से कहीं कम नहीं है. यहां से थोक में नेता निकले हैं और कई पूरे देश में पहचाने जाते हैं. यूपी के विधानसभा चुनावों को आम चुनावों का सेमीफाइनल माना जाता है. इसलिए कोई पार्टी यहां के चुनावों को हल्के में नहीं लेती. यहां राष्ट्रीय राजनीति में जाने-पहचाने नाम विधायकी के लिए बतौर कैंडिडेट मैदान में उतारे जाते हैं. कोई राष्ट्रीय स्तर का प्रवक्ता है, कोई सचिव.

राज्य में भाजपा सवा तीन सौ के आंकड़े को छूने जा रही है. लगभग सीटों पर गिनती पूरी हो गई है. जिनपर गिनती पूरी नहीं हुई है, उनके नतीजे भी बस आने को ही हैं. अब वक्त आंकड़े पता करने से ज़्यादा आंकड़ों को टटोलने का है. लल्लनटॉप सभी आंकड़ों को अलट पलट कर देख रहा है. उनमें से जो रोचक बातें निकल रही हैं, वो आपको बता रहा है. यहां हम उन कुछ प्रत्याशियों का हाल ले आए हैं जिनकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति करते हुए बनी है.

#श्रीकांत शर्मा – धो डाला
श्रीकांत शर्मा.
श्रीकांत शर्मा.

चुनाव के दौरान मथुरा में कई लोग उन्हें ‘बाहरी’ बताते रहे. कहा गया कि चार दिन पहले दिल्ली से लौटकर विधायकी नहीं जीती जा सकती. लेकिन मोदी लहर का जादू कहिए या कुछ और, एक लाख की लीड के साथ जीते. वो भी कांग्रेस के प्रदीप माथुर को हराकर जिनके जीतने पर कम लोगों को शक था. श्रीकांत शर्मा बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव हैं. अमित शाह के खास माने जाते हैं. प्रवक्ता के तौर पर पार्टी की लाइन मीडिया के सामने रखते हैं. श्रीकांत शर्मा मथुरा के गोवर्धन में पैदा हुए, मथुरा के डीएवी कॉलेज से स्कूल की पढ़ाई की और फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी चले गए. वहीं एबीवीपी के रास्ते राजनीति में आए. श्रीकांत की उम्मीदवारी को महेश शर्मा के बाद पश्चिम यूपी में एक बड़ा ब्राह्मण चेहरा स्थापित करने की बीजेपी की दूसरी कोशिश बताया जाता है.

मथुरा सीट के अंतिम नतीजेः

श्रीकांत शर्मा (भाजपा) 143361
प्रदीप माथुर (कांग्रेस) 42200
योगेश कुमार (बसपा) 31168

# जितिन प्रसाद – बेटर लक नेक्सट टाइम

जितिन प्रसाद (दाएं)
जितिन प्रसाद (दाएं)

जितिन प्रसाद ने शाहजहांपुर की तिलहर सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा. लेकिन 2 बार सांसदी जीत कर केंद्र में अलग-अलग मंत्री पद संभाल चुके जितिन ये विधानसभा चुनाव हार गए. जितिन उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे हैं. कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रहे हैं. कांग्रेस में ये इनके परिवार की तीसरी पीढ़ी हैं. इनके पिता कुंवर जितेन्द्र प्रसाद राजीव गांधी और पी.वी. नरसिम्हा राव के राजनैतिक सलाहकार थे. जितिन युवा कांग्रेस से राजनीति में आए और 2004 में पहली बार शाहजहांपुर से सांसदी जीते और केंद्र में इस्पात मंत्री बनाए गए. 2009 में फिर जीते और केंद्र में अलग-अलग मंत्रालयों की ज़िम्मेदारी मिली. जितिन को हराने वाले रोशन लाल वर्मा इस सीट के सिटिंग एमएलए थे. लेकिन पिछली बार वे बसपा से चुनाव लड़े थे. अगस्त 2016 में वे पार्टी से निकाल दिया गया था. लेकिन रोशन ने भाजपा का दामन थाम लिया और सीट बचा ले गए.

तिलहर अंतिम नतीजेः

रोशन लाल वर्मा (भाजपा) 81770
कुंवर जितिन प्रसाद (कांग्रेस) 76065
अवधेश कुमार वर्मा (बहुजन समाज पार्टी) 31418

#संगीत सिंह सोम – पकड़ बनी हुई है

संगीत सिंह सोम (फोटो ट्विटर)
संगीत सिंह सोम (फोटो ट्विटर)

संगीत सिंह सोम 2012 में मेरठ के सरधना से भाजपा विधायक बने. लेकिन एक राज्य के विधायक से उठकर पूरे देश में पहचाने जाने वाला नाम बने जब 2013 में हए मुज़फ्फरनगर दंगों में इनका नाम आया. दंगों की जांच के लिए बने सहाय कमीशन ने इन्हें दंगे भड़काने वालों में से एक माना है. उत्तर प्रदेश में हिंदुत्व के सख्त चेहरे के तौर पर जाने जाते हैं. सरधना से ही दोबारा चुनाव लड़े और 21625 की लीड के साथ जीते. कम लोगों को अचंभा हुआ क्योंकि संगीत आसपास के पूरे इलाके में असर रखते हैं. ‘हिंदुओं के हितों’ की रक्षा के लिए लगातार बयान देते रहते हैं, जिनमें से कई भड़काऊ भाषणों की श्रेणी में आते हैं.

सरधना के अंतिम नतीजे

संगीत सिंह सोम (भाजपा) 97921
अतुल प्रधान (सपा) 76296
हाफिज़ इमरान याकूब (बसपा) 57239

# रीता बहुगुणा जोशी – ओल्ज इज़ गोल्ड

रीता बहुगुणा जोशी (फोटोःट्विटर)
रीता बहुगुणा जोशी (फोटोःट्विटर)

रीता बहुगुणा जोशी ने लखनऊ कैंट सीट से भाजपा टिकट पर चुनाव जीता. कांग्रेस में रहते हुए रीता इसी सीट से विधायक रह चुकी हैं. कांग्रेस से रीता का लंबा नाता रहा है. इनके पिता हेमवति नंदन बहुगुणा भी कांग्रेस में थे. वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे थे. इनकी मां भी सांसद रही थीं. रीता के भाई विजय बहुगुणा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे हैं.  2016 में जब वे भाजपा में शामिल हुईं, तो उन्हें कांग्रेस में 26 साल हो गए थे.  सुनी-सुनाई है कि रीता इस बात से नाराज थीं कि कांग्रेस ने यूपी में शीला दीक्षित को सीएम कैंडिडेट बना दिया. रीता इलाहाबाद यूनीवर्सिटी से इतिहास पढ़ी हैं, और राजनीति में आने से पहले इतिहास पर किताबें लिख चुकी हैं. रीता ने मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव को लगभग 38000 वोटों की लीड से हराया.

लखनऊ कैंट के अंतिम नतीजेः

रीता बहुगुणा जोशी (भाजपा) 95402
अपर्णा यादव (सपा) 61606
योगेश दीक्षित (बसपा) 2603


चुनाव नतीजों की पूरी कवरेज ये रहीः

UP रिजल्ट: सपा से चार गुना सीटों पर BJP आगे, बहुमत की ओर

पंजाब रिज़ल्ट: इस सूबे की राजनीति में आज भूकंप आने वाला है

Uttarakhand Results 2017 Live: उस राज्य का फैसला, जहां भाजपा दो साल से कांग्रेस के धुर्रे बिखेर रही है

Manipur Results 2017 Live: मणिपुर से सामने आया पहला रुझान, इबोबी आगे

Goa Results 2017 Live: बीजेपी को चुनेगा गोवा या ‘आप’ को, फैसला आज

यूपी चुनाव परिणाम, यूपी चुनाव नतीजे 2017, चुनाव नतीजे ऑनलाइन, 2017 इलेक्शन नतीजे, UP election results, UP election results live, UP election results 2017, election results UP, election results 2017 UP, live election result 2017, UP assembly election results, election results live, 2017 election results, UP result, election live results, UP election results live update, lucknow election result, varanasi election result, vidhan sabha election results, india today, aaj tak, live results, live tv
लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

ग्राउंड रिपोर्ट

इस नेता ने राजा भैया का रिकॉर्ड ऐसा तोड़ा कि सब चौंक गए!

इस नेता ने राजा भैया का रिकॉर्ड ऐसा तोड़ा कि सब चौंक गए!

उस नेता का नाम बहुत कम लोग जानते हैं.

Live UP Election Result 2017: चौचक नतीजे, चौकस कमेंट्री वाला लल्लनटॉप टीवी देखें

Live UP Election Result 2017: चौचक नतीजे, चौकस कमेंट्री वाला लल्लनटॉप टीवी देखें

दी लल्लनटॉप की टीम न सिर्फ अपडेट दे रही है, बल्कि नतीजों के पीछे की पूरी कहानी भी बतला रही है.

पिंडरा से ग्राउंड रिपोर्ट : 'मोदी पसंद हैं, वो विधायक तो बनेंगे नहीं, फिर क्यों जिता दें'

पिंडरा से ग्राउंड रिपोर्ट : 'मोदी पसंद हैं, वो विधायक तो बनेंगे नहीं, फिर क्यों जिता दें'

इस सीट पर वो नेता मैदान में है जो 2014 में नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ा.

ग्राउंड रिपोर्ट वाराणसी साउथ : बनारस के चुनाव में वो मुद्दा ही नहीं है, जिसे बड़ा मुद्दा बताया जा रहा है

ग्राउंड रिपोर्ट वाराणसी साउथ : बनारस के चुनाव में वो मुद्दा ही नहीं है, जिसे बड़ा मुद्दा बताया जा रहा है

इतने सारे रोड शो का असर सीधा पड़ेगा या उल्टा

रामनगर ग्राउंड रिपोर्ट: एक-एक बनारसी की पॉलिटिक्स मोदी-अखिलेश की पॉलिटिक्स से कहीं आगे है

रामनगर ग्राउंड रिपोर्ट: एक-एक बनारसी की पॉलिटिक्स मोदी-अखिलेश की पॉलिटिक्स से कहीं आगे है

पोलिंग से एक दिन पहले यहां का वोटर एकदम साइलेंट हो गया है.

ग्राउंड रिपोर्ट सोनभद्र: KBC में इस शहर पर बने एक सवाल की कीमत 50 लाख रुपए थी

ग्राउंड रिपोर्ट सोनभद्र: KBC में इस शहर पर बने एक सवाल की कीमत 50 लाख रुपए थी

यहां के लोग गर्व से कहते हैं, 'मुंबई वाले हमारी एक बोरी बालू में 6 बोरी पतला बालू और एक बोरी सीमेंट मिलाकर यूज करते हैं.'

ग्राउंड रिपोर्ट : ये बागी बलिया है, जहां सांड को नाथ कर बैल का काम लिया जाता है

ग्राउंड रिपोर्ट : ये बागी बलिया है, जहां सांड को नाथ कर बैल का काम लिया जाता है

यूपी के इस आखिरी छोर पर सियासत बहुत पीछे छूट जाती है.

पथरदेवा ग्राउंड रिपोर्ट: जब-जब ये नेता चुनाव जीतता है, यूपी में बीजेपी सरकार बनाती है

पथरदेवा ग्राउंड रिपोर्ट: जब-जब ये नेता चुनाव जीतता है, यूपी में बीजेपी सरकार बनाती है

यहां बीजेपी के सूर्य प्रताप शाही के लिए एक वोटर रियासत अली कहते हैं, 'अबकी इनका वनवास खत्म कराना है'.

नौतनवा ग्राउंड रिपोर्ट: मां-पापा और भाई जेल में, तो बहन लंदन से आई चुनाव प्रचार के लिए

नौतनवा ग्राउंड रिपोर्ट: मां-पापा और भाई जेल में, तो बहन लंदन से आई चुनाव प्रचार के लिए

पेश है बाहुबलियों की सीट का हाल.

ग्राउंड रिपोर्ट पडरौना: जहां के लोगों को याद है कि पीएम ने ढाई साल पुराना वादा पूरा नहीं किया

ग्राउंड रिपोर्ट पडरौना: जहां के लोगों को याद है कि पीएम ने ढाई साल पुराना वादा पूरा नहीं किया

यहां बीजेपी नेता के लिए नारा था, 'राम नगीना बड़ा कमीना, फिर भी वोट उसी को देना'.