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हेलिकॉप्टर से उड़ने वाले ये नेताजी कहते हैं, 'वोट मांगने में शर्म आती है'

साल 1997. मेरठ जिले की एक तहसील बागपत शहर बन चुकी थी. आज बागपत NCR में शामिल है. NCR यानी नेशनल कैपिटल रीजन यानी दिल्ली से नजदीक एक शहर यानी नोएडा-गुड़गांव वाली हैसियत का एक शहर. यमुना किनारे बसे इस शहर का जिक्र महाभारत में मिलता है. लेकिन, इतिहास का सिर्फ एक ही वर्जन नहीं होता. और भी कई कहानियां हैं.

यहां के किसान सबसे ज्यादा गन्ने की खेती करते हैं. गन्ने मिल में जाते हैं, लेकिन लोगों को पेमेंट नहीं मिलता. दो साल से नहीं मिला. यहां प्राइवेट हॉस्पिटल तो हैं, लेकिन पढ़ाई के इंतजाम दोयम दर्जे के हैं. पिछले साल अक्टूबर में यहां के एक गांव में छह लोगों ने एक घर में घुसकर तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. बड़ा बवाल हुआ था. SHO सस्पेंड कर दिए गए थे. पार्टियों पर नजर डालें, तो बीएसपी और रालोद मजबूत नजर आती हैं. पिछले चुनाव में बीजेपी की बड़ी बुरी गति हुई थी. आइए, देखें इस बार क्या चल रहा है बागपत में.

पिछले चुनाव का हाल

2012 में 2,63,492 वोटों में से 1,64,882 वोट पड़े थे. 56,957 वोटों के साथ बीएसपी की हेमलता चौधरी जीती थीं. रालोद के कौकब हमीद 49,294 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे. सपा के साहब सिंह तीसरे नंबर पर 41,535 वोटों के साथ और चौथे नंबर पर पीस पार्टी के जयभगवान 5,891 वोटों के साथ. बीजेपी को 5 हजार वोट भी नहीं मिले थे. बीजेपी ने नीरज को उतारा था, जिन्हें 4,910 वोट मिले थे. पिछली बार हारने वाले नवाब कौकब हमीद 2007 और 2002 में जीतने के साथ 5 बार विधायक रह चुके हैं.

बागपत- 2012 विधानसभा चुनाव का हाल

बागपत के कुछ किस्से

बागपत में रालोद बहुत मजबूत रही है. हालांकि, पिछली बार बीएसपी ने इसे बहुत कमजोर किया, लेकिन अगर इस बार रालोद हारी और बीजेपी जीती, (हालांकि, बसपा भी मजबूत है) तो चौधरी अजित सिंह को शायद मार्च 2016 का एक वाकया याद आए.

मार्च 2016 में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें अजित सिंह बैठे हैं. बहुत से लोग घेरकर खड़े हैं. उसमें से किसी ने योगेश धामा को टिकट देने की बात कही. कहा कि वो हमारे सुख-दुख में खड़े होते हैं. उनको टिकट नहीं मिला, तो वो लोग किसी और कैंडिडेट को वोट नहीं देंगे. अजित सिंह भड़क गए. बोले कि योगेश धामा को किसने बनाया, योगेश को गटर से उठाकर नेता बनाया और कहां से कहां पहुंचा दिया. तैश में उठकर खड़े हो गए और कमर पर हाथ रखकर बोलने लगे. गुस्से से बोले कि जाओ सब लोग, मुझे नहीं लड़ना चुनाव.

यहां आज भी वोट चौधरी चरण सिंह के नाम पर ही मांगे जाते हैं. कोई कहता है कि चौधरी उनके सपने में आए थे. कोई कहता है कि उसके बेटे को जिताकर चौधरी की लाज रख लो.

इस चुनाव के कैंडिडेट्स

बीजेपी

तीन बार जिला पंचायत अध्यक्ष रहे योगेश धामा नवंबर 2016 में बीजेपी में आ गए थे. वो रालोद को नुकसान पहुंचाएंगे. चूंकि भाजपा पहले ही कमजोर रही है, तो भाजपा में बाहरी से असंतोष जैसा कुछ नहीं होना चाहिए.

रालोद

करतार सिंह भड़ाना
करतार सिंह भड़ाना

मुजफ्फरनगर के खतौली से रालोद विधायक करतार सिंह भड़ाना को इस बार रालोद ने बागपत से उतारा है. भड़ाना वो हैं, जो हेलिकॉप्टर से चुनाव प्रचार करते हैं और नामांकन के लिए बैलगाड़ी से जाते हैं. देर होने की वजह से उस दिन पर्चा नहीं भर पाते. हालांकि, बाद में उन्होंने पर्चा दाखिल कर दिया था. भड़ाना के दल बदलने का पुराना इतिहास है. वो बीजेपी की टिकट पर दौसा, राजस्थान से सचिन पायलट के खिलाफ लोकसभा का चुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए.

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हरियाणा में सोहना विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा, वहां भी हारे. फिर उन्होंने फिर बीएसपी से बड़खल, फरीदाबाद में चुनाव लड़ा. यहां भी हारने के बाद यूपी आए. यहां समाजवादी पार्टी का दामन थामा. वहां भी काम नहीं बना, तो आरएलडी में आ गए. इनके बड़े भाई अवतार सिंह भड़ाना कांग्रेस के टिकट पर चार बार सांसद रह चुके हैं और अभी मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट से बीजेपी उम्मीदवार हैं. ये अपनी रैलियों में कहते हैं कि वोट मांगने में शर्म आती है.

बीएसपी

बीएसपी ने कौकब हमीद के बेटे अहमद हमीद को उतारा है. बागपत सीट पर कौकब हमीद 1985-89 कांग्रेस से, 1993-95 कांग्रेस से, 1996-2002 भारतीय क्रांति दल और रालोद से 2002-07 और 2007-12 विधायक रहे. रालोद से 2012 में दूसरे नंबर पर रहे.

सपा-कांग्रेस

समाजवादी पार्टी के कुलदीप उज्ज्वल कांग्रेस के सिंबल पर चुनाव लड़ रहे हैं. समाजवादी सरकार में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री (राज्य मद्य निषेध परिषद के चेयरमैन) कुलदीप उज्ज्वल के कहने पर कुछ अधिकारियों का ट्रांसफर नहीं हुआ. उसके बाद एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई, जिसमें ये डीएम को कुत्ता कह रहे थे. इस वजह से जून 2016 में पार्टी ने बर्खास्त कर दिया था.

बागपत से ढिकोली गांव में पहुंची दी लल्लनटॉप की टीम हीरा. देखिए क्या मिला खास…

बागपत विधानसभा सीट पर वोटर्स का प्रतिशत

कुल वोटर्स: 2,63,492
पुरुष: 1,49,893
महिला: 1,13,590

बागपत शहर में वोटर्स

दलित: 11%
मुस्लिम: 29%
ब्राह्मण: 30%
यादव: 5%


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