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बेटे की लॉन्चिंग पर आजम बोले, मैं परिवारवाद की आलोचना करता हूं

SP यानी सपा यानी समाजवादी पार्टी. तमाम विशेषताओं के साथ ही पार्टी की एक और विशेषता है कि यहां नेता खोजने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती क्योंकि अधिकतर नेता घर में ही मिल जाते हैं. इस बार भी कुछ ऐसा ही सुअवसर आ पहुंचा है. नए नेता मिल गए हैं. ये नए नेता हैं, आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान.

आजम खान ने अपने बेटे अब्दुल्ला को स्वार टांडा से चुनाव लड़वाने की तैयारी कर ली है. स्वार टांडा विधानसभा सीट रामपुर जिले में ही आती है. आजम जब ये ऐलान जब वो कर चुके, तब उनको फील हुआ कि थोड़ा ज्यादा ही हो गया. इसके बाद वो संभलते हुए बोले, इस फैसले पर आखिरी मुहर मुलायम और अखिलेश ही लगाएंगे.

अब्दुल्ला उस यूनिवर्सिटी के CEO हैं, जिसमें आजम खान चांसलर हैं, जिंदगी भर के लिए

अब्दुल्ला आजम खान 27 साल के हैं और मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के CEO हैं. ये यूनिवर्सिटी रामपुर में है. इस यूनिवर्सिटी में भी परिवारवाद का पूरा बोलबाला है क्योंकि उनके अब्बा आजम खान जिंदगी भर के लिए इसके चांसलर हैं. उनकी बीवी तंजीन फातिमा सपा से ही राज्य सभा की MP हैं.

गलती से पॉलिटिक्स में चले आए हैं अब्दुल्ला: आजम खान

आजम खान जब लॉन्चिंग कर रहे थे, तब उन्होंने बताया कि उनके बेटे अब्दुल्ला ने स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग की डिग्री है. पर गलती से पॉलिटिक्स में आ गए हैं. एक किस्सा भी उन्होंने इस दौरान सुनाया. जो यूं है – ‘2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान मुझे (आजम खान को) इलेक्शन कमीशन ने प्रचार करने से रोक दिया था. और अखिलेश को स्वार टांडा में एक मीटिंग में भाषण देना था तो उन्होंने अब्दुल्ला से पूछा, तुम मंच पर बोल लोगे. इस बात पर अब्दुल्ला ने कहा, ‘हां’ और वहां उनके साथ मीटिंग में गए और बहुत अच्छा बोले.’

इसका मतलब ये है कि आजम खान अभी लल्ला वाले जोन से बाहर नहीं आए हैं और पूरी कोशिश में हैं कि किसी तरह से अपने बिटवा को पॉलिटिक्स में सेट कर दें.

अब्दुल्ला का भाषण भी आजम खान की तरह मुसलमानों के साथ होने वाले भेदभाव पर ही था. उन्होंने अपने पापा को प्रचार से बैन करने के लिए इलेक्शन कमीशन को क्रिटिसाइज भी किया.

ये सब बताने के बाद आजम खान ‘एक वो दिन था, एक दिन ये है’ की तर्ज पर बोले, ‘उस भाषण को सुनने के बाद से ही लोग मांग कर रहे थे कि अब्दुल्ला को पॉलिटिक्स में आना चाहिए. और आज मैं इसकी घोषणा कर रहा हूं. ताकि अब्दुल्ला लोगों की अपेक्षाओं को पूरा कर सकें.

आजम खान, आप रहिते कहां हैं?

आजम खान हालांकि अपने बेटे को लॉन्च कर रहे थे. फिर भी इस मौके पर आजम खान ने राजनीति में परिवारवाद की आलोचना की. शायद उस वक्त आजम खान भूल चुके थे कि वो जिस पार्टी से हैं, उसका नाम सपा है.

अभी जिस स्वार टांडा की सीट से अब्दुल्ला की लॉन्चिंग होनी है, वो अभी नवाब काजिम अली के पास है. ये कांग्रेस से MLA हैं. आजम खान ने परिवारवाद के सवाल पर बचाव करते हुए कहा, ‘सपा की पकड़ स्वार टांडा एरिया में बढ़िया नहीं है. अगर मैं परिवारवाद को बढ़ावा दे रहा होता, तो मैंने अब्दुल्ला के लिए कोई सेफ सीट चुनी होती.’

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