Submit your post

Follow Us

नई पॉलिटिकल एंट्री, यूपी में अखिलेश की बेटी के चर्चे

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अब बस बित्ता भर दूरी पर रह गए हैं. ऐसे में सब पार्टियां अपना-अपना सिस्टम फिट करने में लगी हैं. किसको ले आएं, किसको कहां फिट कर दें कि समीकरण तगड़े हो जाएं, इसका जोड़-तोड़ चल रहा है. इसी कार्यक्रम के तहत कांग्रेस ने एक ऐसे चेहरे को अपने साथ जोड़ा है, जो कि सफलता की पूरी गारंटी टाइप फीलिंग कांग्रेसियों को दे रहा है. और ये चेहरा है अदिति सिंह का.

14045758_1785367295065879_3143326230411270131_n
अदिति, गुलाम नबी आजाद और किशोरी लाल

अदिति सिंह इतनी इंपॉर्टेंट क्यों हुई जा रही हैं, ये तब समझ आएगा, जब ये जान लो कि यहां स्टोरी में दो एंगल हैं. एक तो ये कि अदिति सिंह बिटिया हैं अखिलेश सिंह की. अपराजेय अखिलेश सिंह. माने वही अखिलेश सिंह जो रायबरेली में भी कांग्रेस की तमाम कोशिशों के बावजूद हारे नहीं.

14107852_1785400341729241_9079906307342237367_o
प्रियंका गांधी अदिति और दिव्यांशी के साथ

दूसरा ये कि अदिति का कांग्रेस में शामिल होना प्रियंका गांधी की कोशिशों का नतीजा बताया जा रहा है. इस शक के पीछे का रीजन ये है कि अदिति के कांग्रेस में शामिल होने के साथ ही अदिति की प्रियंका गांधी के साथ तस्वीर सामने आई है, जिसके बाद राजनीतिक जानकार शक जता रहे हैं कि प्रियंका अंदर ही अंदर कांग्रेस को अपने हाथों में ले चुकी हैं और शुरू कर दिया है, अपना काम.

14063923_1783815128554429_3585006938532446187_n
पब्लिक मीटिंग में अदिति

कहने वाले तो कहते ही हैं कि प्रियंका ही रायबरेली में मम्मी सोनिया गांधी का सारा काम संभालती हैं. वैसे ये भी जानना बनता ही है कि अखिलेश सिंह पहले कांग्रेस के टिकट से ही चुनाव लड़ते थे, पर बाद में उन्होंने किसी रीजन से कांग्रेस से कन्नी काट ली और मैदान में निर्दलीय ही उतरने लगे. जाहिर है ऐसे में कांग्रेस की जिंदगी का बस एक्कै मकसद रहा कि उनको किसी भी तरह से हराया जाए. पर तमाम कोशिशों और नेहरू-गांधी परिवार का गढ़ होने के बावजूद भी अखिलेश को कांग्रेस हरा नहीं सकी. अब अदिति अपने पापा की जगह रायबरेली सदर सीट से मैदान में होंगीं. और उनके पास अब कांग्रेस का टिकट भी है. पापा अखिलेश सिंह भी इस बात से खुश हैं. अदिति ने भी कहा है,

प्रियंका युवाओं को अपील करती हैं और उन्हें राज्य भर में कांग्रेस का प्रचार करना चाहिए.

13996168_1780779032191372_1157947452621853145_o
जनता के बीच अदिति

इस बात से आपको भी अदिति की मंशा समझ तो आ ही गई होगी. वैसे अदिति भी अपने इलाके में कम लोकप्रिय नहीं हैं. और सबसे बेहतरीन बात ये है कि इस युवा नेता के आसपास हर पब्लिक मीटिंग में जो लोग जुटे होते हैं, उनमें लड़कियों बहुत होती है. तस्वीरें बता रही हैं कि औरतों और लड़कियों के बीच अदिति की अच्छी खासी पकड़ है. साथ ही अदिति सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा एक्टिव हैं जो कि जरूर उनका फायदा आने वाले चुनाव में करेगा.

14107710_1783379695264639_1391357740832338913_o

13872862_1771946876407921_1425364157067244130_n

यूपी चुनाव इसलिए भी इतने इंपॉर्टेंट हैं कि राजनीतिक जानकार इन्हें क्वॉर्टर फाइनल बता रहे हैं. वैसे कांग्रेस की तैयारी इसके साथ ही और तगड़ी हो गई है. यूपी में आखिरी बार कांग्रेस की सरकार ढाई दशक पहले बनी थी. हालांकि प्रशांत किशोर का मानना था कि सीधी-सीधे अगर प्रियंका को चुनावी मैदान में लाया जाता है तो कांग्रेस को ज्यादा फायदा होगा पर कांग्रेस ने अभी भी राहुल को छोड़ने का मन नहीं बनाया है.

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

ग्राउंड रिपोर्ट

इस नेता ने राजा भैया का रिकॉर्ड ऐसा तोड़ा कि सब चौंक गए!

उस नेता का नाम बहुत कम लोग जानते हैं.

Live UP Election Result 2017: चौचक नतीजे, चौकस कमेंट्री वाला लल्लनटॉप टीवी देखें

दी लल्लनटॉप की टीम न सिर्फ अपडेट दे रही है, बल्कि नतीजों के पीछे की पूरी कहानी भी बतला रही है.

पिंडरा से ग्राउंड रिपोर्ट : 'मोदी पसंद हैं, वो विधायक तो बनेंगे नहीं, फिर क्यों जिता दें'

इस सीट पर वो नेता मैदान में है जो 2014 में नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ा.

ग्राउंड रिपोर्ट वाराणसी साउथ : बनारस के चुनाव में वो मुद्दा ही नहीं है, जिसे बड़ा मुद्दा बताया जा रहा है

इतने सारे रोड शो का असर सीधा पड़ेगा या उल्टा

रामनगर ग्राउंड रिपोर्ट: एक-एक बनारसी की पॉलिटिक्स मोदी-अखिलेश की पॉलिटिक्स से कहीं आगे है

पोलिंग से एक दिन पहले यहां का वोटर एकदम साइलेंट हो गया है.

ग्राउंड रिपोर्ट सोनभद्र: KBC में इस शहर पर बने एक सवाल की कीमत 50 लाख रुपए थी

यहां के लोग गर्व से कहते हैं, 'मुंबई वाले हमारी एक बोरी बालू में 6 बोरी पतला बालू और एक बोरी सीमेंट मिलाकर यूज करते हैं.'

ग्राउंड रिपोर्ट : ये बागी बलिया है, जहां सांड को नाथ कर बैल का काम लिया जाता है

यूपी के इस आखिरी छोर पर सियासत बहुत पीछे छूट जाती है.

पथरदेवा ग्राउंड रिपोर्ट: जब-जब ये नेता चुनाव जीतता है, यूपी में बीजेपी सरकार बनाती है

यहां बीजेपी के सूर्य प्रताप शाही के लिए एक वोटर रियासत अली कहते हैं, 'अबकी इनका वनवास खत्म कराना है'.

नौतनवा ग्राउंड रिपोर्ट: मां-पापा और भाई जेल में, तो बहन लंदन से आई चुनाव प्रचार के लिए

पेश है बाहुबलियों की सीट का हाल.

ग्राउंड रिपोर्ट पडरौना: जहां के लोगों को याद है कि पीएम ने ढाई साल पुराना वादा पूरा नहीं किया

यहां बीजेपी नेता के लिए नारा था, 'राम नगीना बड़ा कमीना, फिर भी वोट उसी को देना'.