Submit your post

Follow Us

राजशाही खत्म हो गई, पर यूपी के ये राजा आज भी गद्दी पर बैठते हैं

राजनीति वो कॉकटेल है, जिसमें सिनेमा, क्रिकेट और रजवाड़े, सब घुले हुए हैं. इस मामले में उत्तर प्रदेश जरा ज्यादा ही झांकीपूर्ण है. यहां राजों-रजवाड़ों और सियासत की जुगलबंदी का अपना ही इतिहास है. इलाहाबाद से प्रतापगढ़ तक के रजवाड़े राजनीति के करीब रहे. आगरा के भदावर राजा छह बार पार्टी बदल चुके हैं. अमेठी राजपरिवार इस मर्तबा कुछ कमजोर हुआ है.

1971 के चुनाव में जबरदस्त जीत दर्जकर सत्ता में पहुंचीं इंदिरा गांधी ने संविधान में बदलाव कर राजों-रजवाड़ों को मिलने वाली प्रिवीपर्स खत्म करा दी, जिससे उन्हें सुविधाएं मिलना बंद हो गया. लेकिन सात दशक बाद भी राजशाही भारत के लोगों के जेहन में बसी हुई है. और इतने गहरे बसी हुई है कि राजाओं को आज भी उनके इलाकों में खास सुुविधाएं मिलती हैं. लोग उन्हें वैसे ही ट्रीट करते हैं, जैसे उनके राजा होने पर करते थे. आज वो चुनाव जीतकर गद्दी पर बैठते हैं. आइए कुछ और तहें खोलते हैं.

प्रतापगढ़ राजघराना

raja-bhaiya

प्रतापगढ़ राजघराने की कहानी सबसे अलहदा है. इस राजघराने की सियासत से दोस्ती राजा बजरंग बहादुर सिंह से शुरू हुई थी, जो स्वतंत्रता सेनानी थे और बाद में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बने. रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया बजरंग बहादुर के पोते हैं. राजा भैया कि रिकॉर्ड ये है कि 1993 से 2012 तक वो निर्दलीय जीतकर सरकारों में मंत्री बनते रहे हैं.

raja-bhaiya-kunda

बीजेपी की सरकार में मुख्यमंत्री चाहे कल्याण सिंह रहे हों, राजनाथ रहे हों या राम प्रकाश गुप्ता, राजा भैया हमेशा मंत्री रहे. मुलायम-अखिलेश की समाजवादी सरकार ने भी राजा भैया को मंत्री बनाया था. उनके लिए सिर्फ मायावती सरकार का दौर ही बुरा रहा, जब उन्हें लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा. वो इस बार भी चुनाव लड़ रहे हैं.

अमेठी राजघराना

अपनी दूसरी पत्नी अमिता सिंह के साथ संजय सिंह
अपनी दूसरी पत्नी अमिता सिंह के साथ संजय सिंह

अमेठी रियासत के संजय सिंह कांग्रेस के राज्यसभा सांसद हैं. कांग्रेस के इस गढ़ में बीजेपी ने अपना मास्टर स्ट्रोक खेल दिया है. बीजेपी ने संजय की पहली पत्नी गरिमा सिंह को अमेठी सीट से टिकट दिया है. हालांकि, गरिमा से पहले कुंवर राघवेंद्र प्रताप सिंह को टिकट मिलने की चर्चा थी.

संजय की पहली पत्नी गरिमा सिंह
संजय की पहली पत्नी गरिमा सिंह

संजय की दूसरी पत्नी अमिता सिंह अमेठी से चुनाव लड़ना चाहती थीं, लेकिन सपा ने यहां से मुलायम के चहेते गायत्री प्रजापति को टिकट दिया है. गठबंधन की वजह से कांग्रेस यहां कैंडिडेट नहीं उतार सकती, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि रानी अमिता सिंह गायत्री के हक में चुनाव प्रचार कर सकती हैं. 2002, 2004 और 2007 में विधायक रह चुकीं अमिता अगर चुनाव प्रचार में उतरती हैं, तो ये रानी vs रानी की लड़ाई हो जाएगी.

राजा बुंदेला

raja-bundela

ललितपुर के राजघराने के राजा बुंदेला सियासत से पहले सिनेमा में थे. इस बार वो बुंदेलखंड में झांसी या आसपास की किसी सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. इससे पहले वो अपनी पार्टी बुंदेलखंड कांग्रेस से एक बार अपनी किस्मत आजमा चुके हैं. उस चुनाव में वो हार गए थे.

भदावर राजघराना

महेंद्र अरिदमन सिंह
महेंद्र अरिदमन सिंह

भदावर राजघराना है आगरा का, जहां के राजा महेंद्र अरिदमन सिंह तीन बार जनता दल के कैंडिडेट बनकर और दो बार बीजेपी के टिकट पर दो बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं. पिछला चुनाव उन्होंने सपा के टिकट पर जीता था और अखिलेश कैबिनेट में मंत्री भी बने थे. इस चुनाव में वो सपा छोड़कर फिर से बीजेपी का दामन थाम चुके हैं. अरिदमन अपनी पूर्व सीट बाह को पत्नी पक्षालिक के लिए छोड़कर नई सीट से उतरने की तैयारी में हैं.

परसपुर राजघराना

गोंडा के परसपुर राजघराने में दो राजा हैं. योगेश प्रताप सिंह और अजय प्रताप सिंह. पिछले चुनाव में ये दोनों आमने-सामने थे, लेकिन बाजी लगी थी योगेश के हाथ. वो सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे और जीतकर मंत्री बने थे. उससे पहले 2007 में अजय विधायक बने थे. हालांकि, बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया था और अपनी बहन बृजकुंवरी को बीएसपी के टिकट पर जीत दिलाई थी.


ये भी पढ़ें:

नए मैनिफेस्टो की क्या जरूरत थी अखिलेश, पिछला वाला तो पूरा कर लेते

मोहन भागवत की इस बात से वामपंथी और बीजेपी-विरोधी पार्टियां भी खुश हो जाएंगी

लालू कहे, ‘यूपी में चुनाव नहीं लड़ेंगे’, अरे लड़ लेते तो भी क्या उचार लेते

इस तरकीब से मुलायम ने बीजेपी को दी थी ऐसी पटखनी कि वो कभी उबर नहीं पाई

 

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

ग्राउंड रिपोर्ट

इस नेता ने राजा भैया का रिकॉर्ड ऐसा तोड़ा कि सब चौंक गए!

इस नेता ने राजा भैया का रिकॉर्ड ऐसा तोड़ा कि सब चौंक गए!

उस नेता का नाम बहुत कम लोग जानते हैं.

Live UP Election Result 2017: चौचक नतीजे, चौकस कमेंट्री वाला लल्लनटॉप टीवी देखें

Live UP Election Result 2017: चौचक नतीजे, चौकस कमेंट्री वाला लल्लनटॉप टीवी देखें

दी लल्लनटॉप की टीम न सिर्फ अपडेट दे रही है, बल्कि नतीजों के पीछे की पूरी कहानी भी बतला रही है.

पिंडरा से ग्राउंड रिपोर्ट : 'मोदी पसंद हैं, वो विधायक तो बनेंगे नहीं, फिर क्यों जिता दें'

पिंडरा से ग्राउंड रिपोर्ट : 'मोदी पसंद हैं, वो विधायक तो बनेंगे नहीं, फिर क्यों जिता दें'

इस सीट पर वो नेता मैदान में है जो 2014 में नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ा.

ग्राउंड रिपोर्ट वाराणसी साउथ : बनारस के चुनाव में वो मुद्दा ही नहीं है, जिसे बड़ा मुद्दा बताया जा रहा है

ग्राउंड रिपोर्ट वाराणसी साउथ : बनारस के चुनाव में वो मुद्दा ही नहीं है, जिसे बड़ा मुद्दा बताया जा रहा है

इतने सारे रोड शो का असर सीधा पड़ेगा या उल्टा

रामनगर ग्राउंड रिपोर्ट: एक-एक बनारसी की पॉलिटिक्स मोदी-अखिलेश की पॉलिटिक्स से कहीं आगे है

रामनगर ग्राउंड रिपोर्ट: एक-एक बनारसी की पॉलिटिक्स मोदी-अखिलेश की पॉलिटिक्स से कहीं आगे है

पोलिंग से एक दिन पहले यहां का वोटर एकदम साइलेंट हो गया है.

ग्राउंड रिपोर्ट सोनभद्र: KBC में इस शहर पर बने एक सवाल की कीमत 50 लाख रुपए थी

ग्राउंड रिपोर्ट सोनभद्र: KBC में इस शहर पर बने एक सवाल की कीमत 50 लाख रुपए थी

यहां के लोग गर्व से कहते हैं, 'मुंबई वाले हमारी एक बोरी बालू में 6 बोरी पतला बालू और एक बोरी सीमेंट मिलाकर यूज करते हैं.'

ग्राउंड रिपोर्ट : ये बागी बलिया है, जहां सांड को नाथ कर बैल का काम लिया जाता है

ग्राउंड रिपोर्ट : ये बागी बलिया है, जहां सांड को नाथ कर बैल का काम लिया जाता है

यूपी के इस आखिरी छोर पर सियासत बहुत पीछे छूट जाती है.

पथरदेवा ग्राउंड रिपोर्ट: जब-जब ये नेता चुनाव जीतता है, यूपी में बीजेपी सरकार बनाती है

पथरदेवा ग्राउंड रिपोर्ट: जब-जब ये नेता चुनाव जीतता है, यूपी में बीजेपी सरकार बनाती है

यहां बीजेपी के सूर्य प्रताप शाही के लिए एक वोटर रियासत अली कहते हैं, 'अबकी इनका वनवास खत्म कराना है'.

नौतनवा ग्राउंड रिपोर्ट: मां-पापा और भाई जेल में, तो बहन लंदन से आई चुनाव प्रचार के लिए

नौतनवा ग्राउंड रिपोर्ट: मां-पापा और भाई जेल में, तो बहन लंदन से आई चुनाव प्रचार के लिए

पेश है बाहुबलियों की सीट का हाल.

ग्राउंड रिपोर्ट पडरौना: जहां के लोगों को याद है कि पीएम ने ढाई साल पुराना वादा पूरा नहीं किया

ग्राउंड रिपोर्ट पडरौना: जहां के लोगों को याद है कि पीएम ने ढाई साल पुराना वादा पूरा नहीं किया

यहां बीजेपी नेता के लिए नारा था, 'राम नगीना बड़ा कमीना, फिर भी वोट उसी को देना'.