Submit your post

Follow Us

हारने के बाद भी मजेदार जवाब दे गए अखिलेश यादव

22.56 K
शेयर्स

यूपी चुनाव की शुरूआत में सबसे पहले अखिलेश यादव ने झंडा बुलंद किया था. लड़ाई की शुरूआत घर से की. पहले चाचा और फिर पापा से रगड़ा किया. फिर उनके समर्थकों से. खूब आवा-जाही होती रही. पता ही नहीं चल पा रहा था कि कौन क्या कर रहा है. कौन पार्टी चला रहा है.

फिर सबको सरप्राइज करते हुए राहुल गांधी के साथ गठबंधन कर लिया. चुनाव खत्म होते ही बम गिरा दिया कि हंग असेंबली आने की स्थिति में मायावती के साथ गठबंधन कर लेंगे. ये अपने आप में चौंकाने वाला बयान था. क्योंकि ये बयान अगर पहले आ गया होता तो यूपी की राजनीति ही बदल गई होती.

और अब चुनाव खत्म होने के बाद अखिलेश यादव ने वजह बताई है:

‘हमने तो एक्सप्रेस-वे दिया था जनता को. पर लगता है कि जनता को बुलेट ट्रेन पसंद आ गई है. हमने समाजवादी योजना भी चलाई, उसमें पैसा मैं बढ़ा के हजार रुपये करने वाला था पर जनता को वो भी पसंद नहीं आया.’

मायावती ने अभी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि ईवीएम मशीनों से छेड़-छाड़ हुई है. फिर से चुनाव हों. इस बात पर अखिलेश यादव ने कहा कि आप जानिए, बसपा प्रमुख ने कहा है. कुछ सोच के ही कहा होगा. पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश ने कहा कि हमको आप लोगों से मिल के अच्छा लगा. जनता से मिलना भी अच्छा लगा.

ये देखें:

ये भी पढ़ें:

यूपी की जीत से भाजपा को मिले ये 3 ब्रह्मास्त्र, अब कोई रोक के दिखाए

इस नेता ने राजा भैया का रिकॉर्ड ऐसा तोड़ा कि सब चौंक गए!

इन लोगों ने 128 सीटों पर भाजपा का गेम बना दिया

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017: मोदी लहर के बावजूद नहीं खिला जिनका फूल

मोदी लहर में वो कौन तीन निर्दलीय हैं जो चुनाव जीत रहे हैं

कांग्रेसी सीएम हरीश रावत ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो तोड़ने से पहले लोग सौ बार सोचेंगे

अपने लोगों से पहले इस कांग्रेसी नेता को प्रधानमंत्री मोदी ने दो चीजों के लिए बधाई दी

सिर्फ इस एक वजह से यूपी जीत लिया भाजपा ने!

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

ग्राउंड रिपोर्ट

इस नेता ने राजा भैया का रिकॉर्ड ऐसा तोड़ा कि सब चौंक गए!

उस नेता का नाम बहुत कम लोग जानते हैं.

Live UP Election Result 2017: चौचक नतीजे, चौकस कमेंट्री वाला लल्लनटॉप टीवी देखें

दी लल्लनटॉप की टीम न सिर्फ अपडेट दे रही है, बल्कि नतीजों के पीछे की पूरी कहानी भी बतला रही है.

पिंडरा से ग्राउंड रिपोर्ट : 'मोदी पसंद हैं, वो विधायक तो बनेंगे नहीं, फिर क्यों जिता दें'

इस सीट पर वो नेता मैदान में है जो 2014 में नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ा.

ग्राउंड रिपोर्ट वाराणसी साउथ : बनारस के चुनाव में वो मुद्दा ही नहीं है, जिसे बड़ा मुद्दा बताया जा रहा है

इतने सारे रोड शो का असर सीधा पड़ेगा या उल्टा

रामनगर ग्राउंड रिपोर्ट: एक-एक बनारसी की पॉलिटिक्स मोदी-अखिलेश की पॉलिटिक्स से कहीं आगे है

पोलिंग से एक दिन पहले यहां का वोटर एकदम साइलेंट हो गया है.

ग्राउंड रिपोर्ट सोनभद्र: KBC में इस शहर पर बने एक सवाल की कीमत 50 लाख रुपए थी

यहां के लोग गर्व से कहते हैं, 'मुंबई वाले हमारी एक बोरी बालू में 6 बोरी पतला बालू और एक बोरी सीमेंट मिलाकर यूज करते हैं.'

ग्राउंड रिपोर्ट : ये बागी बलिया है, जहां सांड को नाथ कर बैल का काम लिया जाता है

यूपी के इस आखिरी छोर पर सियासत बहुत पीछे छूट जाती है.

पथरदेवा ग्राउंड रिपोर्ट: जब-जब ये नेता चुनाव जीतता है, यूपी में बीजेपी सरकार बनाती है

यहां बीजेपी के सूर्य प्रताप शाही के लिए एक वोटर रियासत अली कहते हैं, 'अबकी इनका वनवास खत्म कराना है'.

नौतनवा ग्राउंड रिपोर्ट: मां-पापा और भाई जेल में, तो बहन लंदन से आई चुनाव प्रचार के लिए

पेश है बाहुबलियों की सीट का हाल.

ग्राउंड रिपोर्ट पडरौना: जहां के लोगों को याद है कि पीएम ने ढाई साल पुराना वादा पूरा नहीं किया

यहां बीजेपी नेता के लिए नारा था, 'राम नगीना बड़ा कमीना, फिर भी वोट उसी को देना'.