Submit your post

Follow Us

जब मशहूर गे एक्टिविस्ट ने महात्मा गांधी को कहा 'हरामज़ादा बनिया'

फिल्में बैन होने पर आज-कल खूब बात होती है. लेकिन 23 साल पहले एक टीवी शो के बैन का किस्सा बड़ा दिलचस्प है.

1995 में एक टीवी शो इसलिए बंद कर दिया गया क्योंकि वहां महात्मा गांधी को ‘हरामज़ादा बनिया’ कह दिया गया था. पढ़कर एक बार को कान से धुआं निकल जाता है ना! लेकिन ऐसा हुआ था और इस बद्तमीजी के चर्चे देश की लोकसभा तक हुए थे. भारत सरकार ने प्रेशर बनाकर इंटरनेशनल चैनल स्टार टीवी को माफी मांगने और शो बंद करने पर मजबूर कर दिया था.

इसके लिए शो की उत्साही होस्ट निक्की बेदी की भी खूब खिंचाई हुई. निक्की 2005 तक मशहूर एक्टर कबीर बेदी की पत्नी थीं. इसके बाद दोनों अलग हो गए.

पूरी कहानी

उस बड़बोले गे एक्टिविस्ट की जुबान फिसली नहीं थी, वो यही सोचता था

‘गॉसिप क्वीन’ निक्की बेदी अपने शो से मशहूर हो रही थीं. बॉम्बे फिल्म इंडस्ट्री की पार्टियों में उनकी बातें होती थीं. लेकिन पॉजिटिव तौर पर नहीं. वो शो पर भद्देपन के नए रिकॉर्ड बना रही थीं. उनके क्रिटिक्स मानते थे कि उनकी चमकीली मुस्कान उनकी ‘बेदिमागी’ को छिपा देती थी.

लेकिन 4 मई 1995 को जो शो टेलिकास्ट हुआ, उसने भारतीयों के होश फाख्ता कर दिए. उस रात निक्की कुछ ज्यादा ही शरारत कर रही थीं. उनके मेहमान थे बॉम्बे के होमोसेक्शुअल एक्टिविस्ट अशोक राव कवि. निक्की बेदी अपने मेहमान को उकसाए जा रही थीं. इसी धौंक में अशोक राव कवि ने गांधी को ‘बास्टर्ड बनिया’ कह दिया. हिंदी पत्रिकाओं ने इसे ‘हरामज़ादा बनिया’ लिखकर छापा.

राव कवि की जुबान फिसली नहीं थी. उन्होंने बहुत पहले एक लेटर छपवाया था जिसमें महात्मा गांधी के लिए इसी शब्द का इस्तेमाल किया था. वो निक्की के साथ शो पर यही किस्सा सुना रहे थे.

निक्की बेदी
निक्की बेदी

और निक्की किसी स्कूल गर्ल की तरह हंस पड़ीं

निशाना सिर्फ गांधी की जाति पर नहीं था, इस बहाने उनकी प्रवृत्ति पर निशाना था. इस शब्द में एक चालाक और शार्प-डीलर नेता के संकेत छिपे थे. अशोक राव कवि की इस भद्दी बात पर निक्की बेदी ने कोई आपत्ति नहीं जताई. बल्कि वो किसी स्कूलगर्ल की तरह खिलखिला पड़ीं.

लेकिन निक्की की बदकिस्मती ये रही कि ये शो महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी ने देख लिया. ये शो प्रोड्यूस किया था टीवी-18 ने और टेलिकास्ट हुआ था स्टार टीवी पर. तुषार ने टीवी-18 और निक्की बेदी पर 50 करोड़ रुपये मुआवजे का केस ठोंक दिया. सन 95 में 50 करोड़ बहुत बड़ी रकम हुआ करती थी.

इसके बाद देश में गुस्से का जो गुबार उठा कि पूछो मत. कई सांसदों ने प्रोग्राम से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की मांग कर डाली. संसद में निक्की बेदी और स्टार टीवी की ‘भर्त्सना’ की गई. कुछ पार्टियों ने शो को इंडिया में बैन करने की मांग कर दी.

अशोक राव कवि
अशोक राव कवि

स्टार टीवी ने तुरंत टेक दिए घुटने

ये भी माना जाता है कि इस घटना से कुछ भारतीयों की विदेशी चीजों के लिए नफरत को हवा मिल गई. ये वो दौर था जब बाजार खुल चुके थे और मुल्क तेजी से पश्चिम के रंग में आ रहा था. इससे यहां के परंपरावादी खासे नाराज थे. खास तौर से अमेरिकी म्यूजिक चैनल एमटीवी और रुपर्ट मर्डोक के चैनल पर आने वाले ‘बेवॉच’ जैसे शोज से, भारतीयों की कल्चरल आस्थाएं जख्मी हो रही थीं.

ऐसे में सरकार कुछ न करती तो बहुत गाली खाती. तब नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री थे और होम मिनिस्ट्री शंकरराव चव्हाण के पास थी. चव्हाण ने सैटेलाइट चैनलों को नाथने के लिए नया कानून बनाने की बात कही तो स्टार टीवी ने तुरंत घुटने टेक दिए. इस बद्तमीजी के लिए चैनल पर माफी मांगी गई और निक्की बेदी का शो भी बंद कर दिया गया.

मीडिया मुगल भी आ गए थे लपेटे में

‘मीडिया मुगल’ रुपर्ट मर्डोक तब कामयाबी के चरम पर थे. लेकिन स्टार टीवी के मालिक होने के नाते वो भी इस केस के लपेटे में आ गए थे. उनके खिलाफ बॉम्बे के एक कोर्ट ने गिरफ्तारी का वॉरंट जारी कर दिया था. इस पर ब्रिटिश अखबार ‘द इंडिपेंडेट’ ने लिखा था,

‘जब रुपर्ट मर्डोक पिछले साल इंडिया गए थे, कैबिनेट मंत्री और पार्टियों के मुखिया उनके सम्मान में इस तरह कतारबद्ध थे, जैसे वो ‘मीडिया मुगल’ नहीं, कोई ‘मुगल बादशाह’ हो. लेकिन आज वो भारत चले जाएं तो वह महात्मा गांधी के अपमान के आरोप में गिरफ्तार हो जाएंगे.

मीडिया मुगल रुपर्ट मर्डोक
मीडिया मुगल रुपर्ट मर्डोक

इतने बवाल के बाद अशोक राज कवि ने कहा, ‘मेरे बयान का इस्तेमाल विदेशी मीडिया का गला घोंटने के लिए किया जा रहा है.’

उसी एपिसोड के बाकी हिस्से: स्तनों पर चर्चा कर रही थीं निक्की बेदी!

शक नहीं कि निक्की बेदी का ये शो बेहद एग्रेसिव था. अशोक राव कवि वाले एपिसोड से पहले ही यहां अजीब चीजें होने लगी थीं. निक्की सेक्स में कुछ ज्यादा ही दिलचस्पी लेने लगी थीं. जिस शो में गांधी को ‘बास्टर्ड बनिया’ कहा गया, उस शो के दूसरे हिस्से भी कम भद्दे नहीं थे. ये हिस्से ‘इंडिया टुडे’ ने 15 मई 1995 के अंक में छपे थे.

निक्की: आप मानते हैं कि आदमी बेसिकली बायसेक्शुअल होता है?

कवि: वो तो दिखावे की बात है. मुझे पता नहीं कि कसे हुए जिस्मों पर रिएक्ट करने वालों का मुलायम स्तनों पर क्या रिएक्शन होगा?

निक्की: मेरे तो मुलायम नहीं हैं….

कवि: तुम तो लड़कों जैसी है… क्या इसीलिए कबीर तुम्हें पसंद करता है?

रेखा के स्तनों पर भी चर्चा हुई. अशोक राव कवि ने उन्हें ‘सुंदर’ कहा और शर्मिला टैगोर को तो उन्होंने ‘घिनौनी..बुरी एक्ट्रेस, लगभग अपने बेटे जितनी ही बुरी’ कहा.

इस पूरे बवाल के बाद ये चर्चा चलने लगी थी कि तेजी से पसरता टीवी इंडिया में किस रूप में नहीं स्वीकारा जाएगा. इंडिया टुडे ने लिखा था, शक नहीं कि ऐसे प्रोग्राम्स के लिए इंडिया तैयार है. पर क्या भारत भी तैयार है?


टीवी शो ‘KV सम्मेलन’ के लॉन्च से पहले पॉलिटिक्स पर खुलकर बोले कुमार विश्वास

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

गंदी बात

बहू-ससुर, भाभी-देवर, पड़ोसन: सिंगल स्क्रीन से फोन की स्क्रीन तक कैसे पहुंचीं एडल्ट फ़िल्में

जिन फिल्मों को परिवार के साथ नहीं देख सकते, वो हमारे बारे में क्या बताती हैं?

चरमसुख, चरमोत्कर्ष, ऑर्गैज़म: तेजस्वी सूर्या की बात पर हंगामा है क्यों बरपा?

या इलाही ये माजरा क्या है?

राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहे शख्स से बच्चे ने पूछा- मैं सबको कैसे बताऊं कि मैं गे हूं?

जवाब दिल जीत लेगा.

'इस्मत आपा वाला हफ्ता' शुरू हो गया, पहली कहानी पढ़िए लिहाफ

उस अंधेरे में बेगम जान का लिहाफ ऐसे हिलता था, जैसे उसमें हाथी बंद हो.

PubG वाले हैं क्या?

जबसे वीडियो गेम्स आए हैं, तबसे ही वे पॉपुलर कल्चर का हिस्सा रहे हैं. ये सोचते हुए डर लगता है कि जो पीढ़ी आज बड़ी हो रही है, उसके नास्टैल्जिया का हिस्सा पबजी होगा.

बायां हाथ 'उल्टा' ही क्यों हैं, 'सीधा' क्यों नहीं?

मां-बाप और टीचर बच्चों को पीट-पीट दाहिने हाथ से काम लेने के लिए मजबूर करते हैं. क्यों?

फेसबुक पर हनीमून की तस्वीरें लगाने वाली लड़की और घर के नाम से पुकारने वाली आंटियां

और बिना बैकग्राउंड देखे सेल्फी खींचकर लगाने वाली अन्य औरतें.

'अगर लड़की शराब पी सकती है, तो किसी भी लड़के के साथ सो सकती है'

पढ़िए फिल्म 'पिंक' से दर्जन भर धांसू डायलॉग.

मुनासिर ने प्रीति को छह बार चाकू भोंककर क्यों मारा?

ऐसा क्या हुआ, कि सरे राह दौड़ा-दौड़ाकर उसकी हत्या की?

हिमा दास, आदि

खचाखच भरे स्टेडियम में भागने वाली लड़कियां जो जीवित हैं और जो मर गईं.

सौरभ से सवाल

दिव्या भारती की मौत कैसे हुई?

खिड़की पर बैठी दिव्या ने लिविंग रूम की तरफ मुड़कर देखा. और अपना एक हाथ खिड़की की चौखट को मजबूती से पकड़ने के लिए बढ़ाया.

कहां है 'सिर्फ तुम' की हीरोइन प्रिया गिल, जिसने स्वेटर पर दीपक बनाकर संजय कपूर को भेजा था?

'सिर्फ तुम' के बाद क्या-क्या किया उन्होंने?

बॉलीवुड में सबसे बड़ा खान कौन है?

सबसे बड़े खान का नाम सुनकर आपका फिल्मी ज्ञान जमीन पर लोटने लगेगा. और जो झटका लगेगा तो हमेशा के लिए बुद्धि खुल जाएगी आपकी.

'कसौटी ज़िंदगी की' वाली प्रेरणा, जो अनुराग और मिस्टर बजाज से बार-बार शादी करती रही

कहां है टेलीविज़न का वो आइकॉनिक किरदार निभाने वाली ऐक्ट्रेस श्वेता तिवारी?

एक्ट्रेस मंदाकिनी आज की डेट में कहां हैं?

मंदाकिनी जिन्हें 99 फीसदी भारतीय सिर्फ दो वजहों से याद करते हैं

सर, मेरा सवाल है कि एक्ट्रेस मीनाक्षी शेषाद्री आजकल कहां हैं. काफी सालों से उनका कोई पता नहीं.

‘दामिनी’ के जरिए नई ऊंचाई तक पहुंचा मीनाक्षी का करियर . फिर घातक के बाद 1996 में उन्होंने मुंबई फिल्म इंडस्ट्री को बाय बोल दिया.

ये KRK कौन है. हमेशा सुर्खियों में क्यों रहता है?

केआरके इंटरनेट एज का ऐसा प्रॉडक्ट हैं, जो हर दिन कुछ ऐसा नया गंधाता करना रचना चाहता है.

एक्ट्रेस किमी काटकर अब कहां हैं?

एडवेंचर ऑफ टॉर्जन की हिरोइन किमी काटकर अब ऑस्ट्रेलिया में हैं. सीधी सादी लाइफ बिना किसी एडवेंचर के

चाय बनाने को 'जैसे पापात्माओं को नर्क में उबाला जा रहा हो' कौन सी कहानी में कहा है?

बहुत समय पहले से बहुत समय बाद की बात है. इलाहाबाद में थे. जेब में थे रुपये 20. खरीदी हंस...

सर आजकल मुझे अजीब सा फील होता है क्या करूं?

खुड्डी पर बैठा था. ऊपर से हेलिकॉप्टर निकला. मुझे लगा. बाबा ने बांस गहरे बोए होते तो ऊंचे उगते.