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जलते पटाखा का बुझता प्रेमी

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sanajy jha mastan संजय झा मस्तान मुंबई बेस्ड फिल्ममेकर हैं. थिएटर से जुड़े हैं. हमारी गरीब सी फ्रेंडलिस्ट का नगीना हैं. संजय का कालाहास्य हंसने से ज्यादा सोचने पर मजबूर करता है. दिवाली और दिल वाली को मिक्स कर देने का अपना चार्म होता है. पटाखे को जहर प्रेम और जहर का रूप देकर इससे बेहतर कुछ लिखा जा सकता हो तो बताना.


 

पटाखा को लेकर मेरा एक प्यारा सपना था, जिसको मेरी पटाखा ने ही मेरी आंखों में धूल झोंक कर फोड़ दिया है. मेरी पटाखा दरअसल सिर्फ़ मेरी प्रेमिका नहीं बल्कि मेरा एक विचार है. पटाखा की देह गंध मेरे आनन्द का स्रोत रही है. पटाखा के अंदर मेरे बचपन की खुशियां भरी थी और इसकी पवित्र चिंगारी का मैं प्रेमी था. मैं अब तक अपनी पटाखा की प्रेम अग्नि में उत्सव की तरह जलता रहा हूं. इस बार दिवाली के नाम पर अश्लील ढंग से फट कर पटाखा ने मेरा दिल तोड़ा है और मेरे प्रेम के विश्वास में मुझे धोखा दिया है. उसके धोखे से इस बार मेरे अंदर धुआं भर गया, मुझे सांस लेने में तक़लीफ़ होने लगी. पटाखा के धोखे और धुएं से दम घोंटू वातावरण बन गया. उसकी अय्याश रंगरेलियों की आतिशबाजी के धुएं और बेवफ़ाई के विषाक्त धूल से आंखों में जलन और बेचैनी बढ़ने लगी, मुझे उबकाई आने लगी और मैं हिचक के रोने लगा.

मेरी प्रिय पटाखा. मेरे दिल के अनार, चकरी और फुलझड़ियों को धोखा दे कर मेरी रोशनी, दिए, कंदील और मिठाइयों को छोड़ कर तुम अपने सीसा, मैग्नीशियम, कैडमियम, नाइट्रेट, सोडियम फॉस्फोरस की घमंड में जिसके इर्द – गिर्द चकरघिन्नी खा रही हो तुम्हारे वो ग्राहक अपनी कामनाओं की वासना में तुम्हे जला के भष्म कर देंगे. हम दोनों के प्रेम के दिए जलते तो वाकई रौशनी के फूल खिलते, पर तुम इस दिवाली में किसी की कामुकता का पटाखा बन के फटी हो तो दिल जल रहा है. बज कर फुस्स हो जाने का तुम्हारा एक दिन का ज़िद भरा जश्न हर बार मेरे लिए ध्वनि प्रदूषण और हानिकारक गैसों से नुक्सान का कारण बनता रहा है. इस दिवाली किसी और की पटाखा बन के तुमने हम दोनों के प्रेम का पर्यावरण भी जला दिया.

मेरी पटाखा, तुम्हारी बारूदी आंखें मेरी देह के भीतर फटती तो मेरी आत्मा में उत्सव का धमाका होता पर जैसे तुम फट रही हो वह प्यार नहीं है, या कोमलता, या स्नेह, या अपने आप में जीवन, यह सब कुछ भी नहीं है. पटाखा इस दिवाली में तुम्हारे फटने की कामुक कराह का शोर मुझ पर एक भयानक प्रभाव छोड़ गया है. तुम्हारा धमाका खोखले सेक्स की तरह था, जिसमे तुम फटने के बाद हर बार अन्धकार में छूट जाती हो. अपने बारूद के बदले दुसरे के अहम् की देह गंध से बार बार भर जाना क्या तुम्हे घिन से नहीं भरता ? फिर तुम हर बार फटती हुई ऐसे क्यों छटपटाती हो जैसे जलते हुए अनार को किसी ने लात मार दिया हो ? वासना की अराजक सड़कों पर तुम अब चलती कार में हवस का शिकार बन कर बजने लगी हो, मनोरंजन के नाम पर तुम अपने नगर में शोर, धुआं, प्रदूषण का एक विरासत हो और कुछ नहीं. यह भयानक है. मेरी मासूम पटाखा तुम पार्क में हवा साफ करने के लिए सूर्य नमस्कार करते – करते प्रदुषण और अन्धकार की नगर वधु कैसे बन गयी ?

तुम्हारी कामुक आतिशबाजी को बच्चों और बुजुर्गों से भरा तुम्हारा परिवार भी बर्दाश्त नहीं कर सकता है. तुम जब भी बजती हो वो दिन और रात घर में बच्चों और बुजुर्गों के लिए एक भयानक दिन और रात होती है. इसीलिए तुम छुप छुप कर प्लास्टिक पीढ़ी के आवारा मर्दों की जेब खर्च से बजने लगी हो. उम्र भर टाइम बम की टिक टिक की तरह तुम्हे मेरी ह्रदय की धड़कन बन कर रहना था पर तुमने चुना बस एक कामुक ध्वनि, देह का विस्फोट और अब सब स्वाहा. तुम्हारे बजने की बीमार आदत ने मेरी भावनाओं की दुख:मय अंत्येष्टि कर दी है. मुझे पता है तुम अपने विस्फोटों के बीच मेरे शब्दों के माध्यम से मेरी दुःख की सिसकती आवाज सुन रही हो.

सुनो पटाखा तुम जलो और बजो पर अपने प्रेमी के लिए दमघोंटू माहौल बना कर किसी दूसरे की खुशियों के लिए अपने इस पागल प्रेमी की ख़ुशी को तो कम न करो. मेरे प्रेम की सारी आक्सीजन सोंख ली तुम्हारे पटाखे के धुएं ने. अपना उल्लास इतना महत्वपूर्ण है कि दूसरों की शांति में खलल डालते हुए तुम्हे ज़रा भी संकोच नहीं होता है ? मेरी पटाखा आखिर तुम इतनी ज़्यादा सेल्फ सेंटर्ड क्यों हो ?

तुम तो मेरे ह्रदय की मासूम पटाखा थी, दुःख की बात है तुम मुझे धोखा दे कर किसी की छाती पर चढ़ कर बज गयी. तुमने मुझे प्रेम में धोखा दिया है, याद रखना तुम्हे पता भी नहीं चलेगा कि तुम कब आखरी बार बज गयी हो और कब आखरी बार फट के अपने ग्राहकों के दिमाग में बारूदहीन कचरा बन गयी. अब तुम्हारी सल्फर, कोयला और पोटेशियम नाइट्रेट से भरी देह से प्रेम करने में कोई गौरव, सम्मान या आध्यात्मिक इनाम नहीं है. जाओ पटाखा, अपने प्रेमी के रौशनी से पवित्र प्रेम की आतिशबाजी को छल कर जिनके फेफड़े में क्षणिक सुख के लिए तुम सल्फर डाइऑक्साइड भर रही हो तुम्हारे वो ग्राहक तुम्हारे सौंदर्य के फॉस्फोरस के राख होते ही तुम्हे सड़क पर अंधेरे में छोड़ देंगे. प्यार से भरे मेरे दिल से निकल कर अपने कामुक ग्राहकों के पर्स में ज्यादा दिन तक रह पाओ अब तुम जैसी जलती पटाखा के लिए धोखा खाए मुझ जैसा बुझता प्रेमी यही कामना कर सकता है. पंछी और जानवरों के साथ साथ तुमने मुझमे भी भ्रम, चिंता, और भय भर दिया है. मुझे तुमसे अब एलर्जी है. एग्जॉस्ट फैन और वैक्यूम पंप चला कर मैं अपने दिल से ही नहीं तुम्हे फेफड़े से भी हमेशा के लिए निकाल रहा हूं. गुडबाय पटाखा.


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