Submit your post

रोजाना लल्लनटॉप न्यूज चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं !

Follow Us

इजराइल की किलिंग मशीन मोसाद के 3 खूंखार कारनामे

18.42 K
शेयर्स

मोसाद. दुनिया की सबसे खूंखार खुफिया एजेंसी. जिसके नाम पर कहानियां चलती हैं. मोसाद को इजराइल की किलिंग मशीन कहा जाता है. ये लोग इजराइल के दुश्मनों को पूरी दुनिया में खोज के मारते हैं. मारने का मकसद सिर्फ मारना ही नहीं होता. बल्कि डर पैदा करना होता है कि इजराइल से पंगा ना लो. चारों ओर से अपने दुश्मनों से घिरे इस नन्हें से देश को बड़ा क्रूर बनना पड़ता है जिंदा रहने के लिये. आइये पढ़ते हैं मोसाद के कारनामों के बारे में जिन्होंने कभी डर पैदा किया कभी बेइज्जती भी कराई:

1. ऑपरेशन रैथ ऑफ गॉड (खुदा का कहर)

Slide5210

1972 में म्यूनिख ओलंपिक के लिये दुनिया भर से खिलाड़ी इकट्ठा हुये थे. इसी दौरान एक खतरनाक घटना हुई. इजराइल ओलंपिक टीम के 11 खिलाड़ियों को उनके होटल में मार दिया गया. इसका आरोप लगा दो आतंकवादी संगठनों पर- Black September और Palestine Liberation Organization.

इसके बाद इजराइली सरकार भड़क गई. बदले के लिये प्लान किया जाने लगा. 11 लोग हिट लिस्ट में थे. फिर मोसाद ने जो काम किया वो सीधा फिल्मों की तरह था. फोन बम, नकली पासपोर्ट, उड़ती हुई कारें, जहर की सुई सब इस्तेमाल हुआ. जैसे जेम्स बांड किसी भी देश की परवाह नहीं करता मारते वक्त, उसी अंदाज में मोसाद एजेंटों ने कई देशों का प्रोटोकॉल तोड़ा. एजेंट मिडिल ईस्ट के कई देशों की सुरक्षा एजेंसियों में घुस गये थे. चुन-चुन के मारा गया अपराधियों को.

अपने टारगेट को निपटाने के पहले मोसाद टारगेट की फेमिली को बुके भेजता था. जिस पर लिखा होता था- ये याद दिलाने के लिये कि हम ना तो भूलते हैं, ना ही माफ करते हैं. मोसाद के एजेंटों ने हर टारगेट को 11 बार गोली मारी. मरे हुये 11 इजराइली खिलाड़ियों में से हर एक की तरफ से.

ये ऑपरेशन बीस साल तक चला. पूरे यूरोप में घूम-घूमकर मारा गया. इसी क्रम में नॉर्वे में एक वेटर गलती से मार दिया गया. इंटरनेशनल मीडिया में इसकी कड़ी निंदा हुई. मोसाद ने निंदा के बाद कई और मर्डर किये.

2. दुबई में छुपे महमूद अल मबूह की हत्या

CCTV Footage
एजेंटों की CCTV Footage

दुबई. जहां दुनिया भर के रईसों का होता है जमावड़ा. कहते हैं कि यहीं से दुनिया भर के आतंकवादियों को भी पैसा जाता है. जनवरी में दुबई का मौसम सुहाना हो जाता है. रोज एक लाख लोग दुबई एयरपोर्ट पर आते हैं इस मौसम में. 19 जनवरी 2010 को इसी शहर के होटल अल बुस्तान रोताना में एक मर्डर हुआ जिसने इंटरनेशनल मीडिया में सनसनी फैला दिया. क्योंकि दस दिन लग गये थे दुबई पुलिस को ये निश्चित करने में कि ये मर्डर ही है. तब तक यही लग रहा था कि ये नैचुरल डेथ है. मरने वाले आदमी का नाम था महमूद अल मबूह. जो हमास के लिये हथियार की खरीद-बिक्री करता था. और ऐसे लोग ब्रेन हैमरेज से नहीं मरते जो कि पोस्टमार्टम में आया था.

फिर पता चला कि अल मबूह के पैर में सक्सिनीकोलीन का इंजेक्शन दिया गया था. जिससे पैरालाइसिस हो जाता है. फिर उसके मुंह पर तकिया रखकर सफोकेट कर दिया गया था.

हिट स्क्वॉड ने अल मबूह के कमरे के सामने ही अपना कमरा बुक किया था. जब वो अपने कमरे से बाहर गया तो स्क्वॉड ने इलेक्ट्रॉनिक डोर की सेटिंग चेंज कर दी. और जब वो वापस आया तो मार के निकल गये.

सबसे खतरनाक बात थी कि अल मबूह से 21 साल पुराना बदला लिया गया था. अल मबूह फिलिस्तीनी ग्रुप हमास के मिलिट्री विंग का फाउंडर था. 1989 में दो इजराइली सैनिकों को मारने का आरोप था उस पर. अल मबूह को अंदाजा जरूर था कि मरना तो है. पर ये अंदाजा नहीं था कि ऐसी जगह पर मारा जायेगा जो उसके लिये सेफ है और मारने वालों के लिये खतरनाक.

इस काम में मोसाद के 33 एजेंट लगे थे. स्क्वॉड का कोड नाम था सीजेरिया. फिलिस्तीन के एक पुराने शहर के नाम पर. जहां पर कुछ यहूदी शहीद हुये थे. एजेंटों ने इंग्लैंड, फ्रांस, आयरलैंड से लेकर सीरिया, अरब का पासपोर्ट बनवा रखा था. ये एजेंट अलग-अलग जगहों से दुबई आये और मार के चलते बने. जब तक दुबई पुलिस ये तय कर पाई कि ये हत्या ही है, ये लोग इजराइल पहुंच चुके थे.

3. सत्तर गोलियां

फिलिस्तीन के नेता यासिर अराफात का दाहिना हाथ खलील अल वजीर ट्यूनीशिया में रह रहा था. उसे अबू जिहाद कहा जाता था. इसको मारना मोसाद की लिस्ट में था. इसके लिये 30 एजेंट काम में लगे. धीरे-धीरे कर टूरिस्ट बनकर पहुंचे ट्यूनीशिया. कुछ ने तो बाकायदा वहां की आर्मी की यूनिफॉर्म पहन रखी थी. फिर सारे एजेंट अबू जिहाद के घर की तरफ पहुंचे. उस वक्त इजराइल का जहाज बोइंग 707 शहर के ऊपर मंडरा रहा था. यूं ही नहीं. उसने वहां के कम्युनिकेशन सिस्टम को ब्लॉक कर दिया था. हिट स्क्वॉड उसके घर में घुस गया. पहले तो नौकरों को मारा. फिर अबू के परिवार के सामने उसे 70 गोलियां मारीं.

4. एक ऐसा ऑपरेशन जिसमें मोसाद की बड़ी बेइज्जती हुई 

1997 में मोसाद का एक ऑपरेशन फेल हुआ था. जॉर्डन में. मोसाद के दो एजेंट कनाडियन टूरिस्ट बनकर आये हमास के लीडर खालिद मशाल को मारने. हथियार था एक जहर जो स्किन से होकर शरीर के अंदर चला जाता है. अटैक फेल हो गया और मशाल के बॉडीगार्डों ने एजेंटों को दौड़ा कर पकड़ लिया. फिर पता चला कि चार एजेंट अपने बारे में सब कुछ बताकर जॉर्डन में ही इजराइली दूतावास में छुपे हुये थे. इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतान्याहू को ये बात माननी पड़ी. उनको तुरंत आना पड़ा ज़ॉर्डन. भड़के जॉर्डन किंग ने मिलने से मना कर दिया. फिर बहुत मनुहार के बाद माने. इजराइल ने जहर का एंटिडोट भी दिया मशाल को. इसके अलावा अपनी कस्टडी से हमास के शेख अहमद यसीन और उसके साथियों को छोड़ना भी पड़ा.

इस घटना के बाद मोसाद कुछ दिन तक शांत रहा था. क्योंकि बड़ी बेइज्जती हुई थी.


ये भी पढ़ें:

विश्व की सबसे फौलादी टीचर जिसने म्यूनिख़ के क़ातिलों को चुन-चुन कर मारा

क्या सच में इजराइल पूरी दुनिया से इस्लाम को मिटाना चाहता है?

क्या करता है इजराइल, जिससे तुलना की PM मोदी ने सेना की?

लल्लनटॉप न्यूज चिट्ठी पाने के लिए अपना ईमेल आईडी बताएं !

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें
major operations of mossad in hindi

गंदी बात

औरत अपनी उम्र बताए तो शर्म से समाज झेंपता है वो औरत नहीं

किसी औरत से उसकी उम्र पूछना उसका अपमान नहीं होता है.

#MeToo मूवमेंट इतिहास की सबसे बढ़िया चीज है, मगर इसके कानूनी मायने क्या हैं?

अपने साथ हुए यौन शोषण के बारे में समाज की आंखों में आंखें डालकर कहा जा रहा है, ये देखना सुखद है.

इंटरनेट ऐड्स में 'प्लस साइज़' मॉडल्स को देखने से फूहड़ नजारा कोई नहीं होता

ये नजारा इसलिए भद्दा नहीं है क्योंकि मॉडल्स मोटी होती हैं...

लेस्बियन पॉर्न देख जो आनंद लेते हैं, उन्हें 377 पर कोर्ट के फैसले से ऐतराज है

म्याऊं: संस्कृति के रखवालों के नाम संदेश.

कोर्ट के फैसले को हमें ऑपरा सुनते एंड्र्यू के कमरे तक ले जाना है

साढ़े 4 मिनट का ये सीक्वेंस आपके अंदर बसे होमोफ़ोबिया को मार सकता है.

राधिका आप्टे से प्रोड्यसूर ने पूछा 'हीरो के साथ सो लेंगी' और उन्होंने घुमाके दिया ये जवाब!

'बर्थडे गर्ल' राधिका अपनी पीढ़ी की सबसे ब्रेव एक्ट्रेसेज़ में से हैं.

'स्त्री': एक आकर्षक वेश्या जो पुरुषों को नग्न तो करती थी मगर उनका रेप नहीं करती

म्याऊं: क्यों 'स्त्री' एक ज़रूरी फिल्म है.

भारत के LGBTQ समुदाय को धारा 377 से नहीं, इसके सिर्फ़ एक शब्द से दिक्कत होनी चाहिए

सबकी फिंगर क्रॉस्ड हैं, सुप्रीमकोर्ट का एक फैसला शायद सब-कुछ बदल दे!

सौरभ से सवाल

बॉलीवुड में सबसे बड़ा खान कौन है?

सबसे बड़े खान का नाम सुनकर आपका फिल्मी ज्ञान जमीन पर लोटने लगेगा. और जो झटका लगेगा तो हमेशा के लिए बुद्धि खुल जाएगी आपकी.

'कसौटी ज़िंदगी की' वाली प्रेरणा, जो अनुराग और मिस्टर बजाज से बार-बार शादी करती रही

कहां है टेलीविज़न का वो आइकॉनिक किरदार निभाने वाली ऐक्ट्रेस श्वेता तिवारी?

एक्ट्रेस मंदाकिनी आज की डेट में कहां हैं?

मंदाकिनी जिन्हें 99 फीसदी भारतीय सिर्फ दो वजहों से याद करते हैं

दिव्या भारती की मौत कैसे हुई?

खिड़की पर बैठी दिव्या ने लिविंग रूम की तरफ मुड़कर देखा. और अपना एक हाथ खिड़की की चौखट को मजबूती से पकड़ने के लिए बढ़ाया.

सर, मेरा सवाल है कि एक्ट्रेस मीनाक्षी शेषाद्री आजकल कहां हैं. काफी सालों से उनका कोई पता नहीं.

‘दामिनी’ के जरिए नई ऊंचाई तक पहुंचा मीनाक्षी का करियर . फिर घातक के बाद 1996 में उन्होंने मुंबई फिल्म इंडस्ट्री को बाय बोल दिया.

ये KRK कौन है. हमेशा सुर्खियों में क्यों रहता है?

केआरके इंटरनेट एज का ऐसा प्रॉडक्ट हैं, जो हर दिन कुछ ऐसा नया गंधाता करना रचना चाहता है.

एक्ट्रेस किमी काटकर अब कहां हैं?

एडवेंचर ऑफ टॉर्जन की हिरोइन किमी काटकर अब ऑस्ट्रेलिया में हैं. सीधी सादी लाइफ बिना किसी एडवेंचर के

चाय बनाने को 'जैसे पापात्माओं को नर्क में उबाला जा रहा हो' कौन सी कहानी में कहा है?

बहुत समय पहले से बहुत समय बाद की बात है. इलाहाबाद में थे. जेब में थे रुपये 20. खरीदी हंस...

सर आजकल मुझे अजीब सा फील होता है क्या करूं?

खुड्डी पर बैठा था. ऊपर से हेलिकॉप्टर निकला. मुझे लगा. बाबा ने बांस गहरे बोए होते तो ऊंचे उगते.