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पंजाब की जमींदार किरण ठाकर सिंह और कश्मीरी पंडित अनुपम खेर की प्रेम कहानी

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बॉलीवुड में मां का जिक्र होने पर हमेशा निरूपा रॉय, रीमा लागू, ललिता पवार, सुहासिनी मुले और अरुणा ईरानी जैसी एक्ट्रेसेस का नाम लिया जाता है. इन सभी ने गंभीर, दुखियारी और इमोशनल मां के किरदार यादगार तरह से निभाए. लेकिन मां कूल भी हो सकती है. ऐसी मां का जिक्र होने पर एक ही चेहरा याद आता है- किरण खेर.

बिगड़े हुए ‘मां दे लाडले’ की मां, जो बहू की जगह दामाद मिलने का शॉक भी आसानी से हैंडल करती है. किरण खेर असल जिंदगी में भी इतनी ही बिंदास हैं. थिएटर और एक्टिंग में अपनी छाप छोड़ते हुए अब उन्होंने राजनीति में भी अपनी जगह बना ली है. उनका करियर जितना इंट्रेस्टिंग रहा, उतनी ही इंट्रेस्टिंग उनकी लव लाइफ भी है.

इतना तो हम मानकर चल रहे हैं कि आपने ‘कुछ-कुछ होता है’ जरूर देखी होगी. उस फिल्म में जैसी लव-स्टोरी राज और अंजलि की थी, किरण और अनुपम खेर की लव स्टोरी भी वैसी ही है.

कश्मीरी पंडित अनुपम और पंजाब की जमींदार किरण मिले कहां?

अनुपम खेर मूलत: कश्मीर से हैं. इनके पिता शिमला फॉरेस्ट डिपॉर्टमेंट में क्लर्क थे. दूसरी तरफ किरण पंजाब की एक जमींदार फैमिली से ताल्लुक रखती हैं. दोनों की मुलाकात किरण के शहर चंडीगढ़ में हुई थी, जहां दोनों चंडीगढ़ थियेटर ग्रुप का हिस्सा थे. वहीं दोनों की दोस्ती हुई और ऐसी हुई कि दोनों बेस्ट फ्रेंड बन गए.

एक इंटरव्यू में किरण ने बताया था, ‘मेरे बारे में ऐसा कुछ भी नहीं था, जो अनुपम नहीं जानते थे और मैं भी उसके बारे में सब कुछ जानती थी. जैसे वो किस लड़की को पटाने की कोशिश कर रहा है. हम दोनों एक-दूसरे के बारे में सब कुछ जानते थे, लेकिन तब हमारे बीच दोस्ती के अलावा कुछ भी नहीं था.’

anupam or kirron
पुराने दिनों में अनुपम और किरण.

और अगली मुलाकात तक दोनों शादीशुदा थे… अलग-अलग

1980 में किरण ने चंडीगढ़ से मुंबई का रुख किया. वहां वो बिजनेसमैन गौतम बेरी से मिलीं. कुछ दिनों की मुलाकात के बाद किरण और गौतम ने शादी कर ली और शादी के सालभर बाद ही किरण एक बेटे की मां बन गईं. सिंकदर खेर किरण और गौतम के बेटे हैं. सिकंदर के चार-पांच साल के होने पर किरण और गौतम को महसूस हुआ कि उनकी शादी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है.

दूसरी तरफ अनुपम थे, जिनकी अरेंज मैरिज की फील्डिंग सेट हो चुकी थी. मधुमालती नाम की जिस लड़की से उन्हें मिलाया गया, अगली मीटिंग तक वो उनके पति बन चुके थे. लेकिन ये दोनों भी अपनी शादीशुदा जिंदगी से खुश नहीं थे.

अच्छी बात ये थी कि अपनी जिंदगी में रिलेशनशिप से जूझते हुए भी दोनों ने थिएटर करना नहीं छोड़ा था. जब नादिरा बब्बर के प्ले के लिए दोनों कलकत्ता गए, तो वहां इनकी फिर मुलाकात हुई. उस मुलाकात के बारे में किरण बताती हैं,

‘जब मैं दोबारा अनुपम से मिली, तो वो बिल्कुल अलग लग रहा था. उसने अपने सिर मुंडवा लिया था.’

प्ले खत्म होने के बाद अनुपम किरण को उनके कमरे में बाय बोलने गए. वापस आते समय जब अनुपम ने किरण को मुड़कर देखा, उसी पल  दोनों को अहसास हुआ कि उनके बीच कुछ तो जरूर है.

पहले पति गौतम और बेटे सिंकदर के साथ किरण खेर
अपने पहले पति गौतम और बेटे सिंकदर के साथ किरण खेर

दूसरी मुलाकात और अनुपम ने किरण को प्रपोज कर दिया

कलकत्ता की मुलाकात के बाद किरण और अनुपम, दोनों एक-दूसरे के प्यार में डूबे हुए थे. इस फीलिंग को नाम देने की पहल अनुपम ने ही की. अनुपम एक दिन किरण के घर गए और बोले, ‘मुझे तुमसे कुछ बात करनी है. मुझे ऐसा लग रहा है कि मुझे तुुमसे प्यार हो गया है.’

उस दिन को याद करते हुए किरण ने एक इंटरव्यू में बताया था कि पहले तो उन्हें ये सब मजाक लगा. उन्हें लगा कि अनुपम उनके साथ भी वैसे ही हंसी-मजाक कर रहे हैं, जैसे वो दूसरी लड़कियों के साथ करते थे, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें अहसास हुआ कि अनुपम सीरियस थे.

फिर दोनों अक्सर मिलने लगे और ऐसे उन्हें एक-दूसरे की लाइफ में चल रहीं प्रॉब्लम्स के बारे में पता चला. कुछ वक्त बाद दोनों ने अपने पार्टनर्स से तलाक ले लिया और 1985 में शादी कर ली. अनुपम ने किरण खेर बेटे सिंकदर को अपनाकर उसे अपना सरनेम दिया.

अनुपम खेर और किरण शादी के मंडप में
शादी के मंडप में किरण और अनुपम

पर जिंदगी एक-दूसरे से मिलने के बाद भी आसान नहीं थी

शादी के बाद 10-15 सालों तक इनकी जिंदगी में सब कुछ अच्छा चलता रहा. अनुपम जहां कहीं भी शूटिंग के लिए जाते, किरण और सिंकदर हमेशा उनके साथ होते. तब सिकंदर बहुत छोटे थे और यही वजह थी कि किरण ने थिएटर से दूरी बना ली थी. परिवार के साथ रहते हुए सब सही जा रहा था, लेकिन अपने करियर में इन दोनों एक्टर्स को बहुत उतार-चढ़ाव देखने पड़े. एक समय था, जब अनुपम पैसों की तंगी से जूझ रहे थे. उन्होंने टीवी इंडस्ट्री में बतौर प्रोड्यूसर काम शुरू किया था, लेकिन उसमें कुछ खास नहीं कर पाए.

किरण के बेटे सिकंदर, जो 'तेरे बिन लादेन', 'औरंगजेब' और 'खेलें हम जी जान से' जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं
किरण के बेटे सिकंदर, जो ‘तेरे बिन लादेन’, ‘औरंगजेब’ और ‘खेलें हम जी जान से’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं.

अनुपम ने अपनी एंटरटेनमेंट कंपनी खोलने के बारे किरण को बताया था. किरण को ये फैसला ठीक नहीं लगा. वो इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं थीं. जब अनुपम को किरण से सपोर्ट मिलना बंद हुआ, तो उन्होंने कंपनी से जुड़ी बातें भी किरण से बतानी बंद कर दीं. यहां तक कि पैसों की दिक्कतों के बारे में भी नहीं बताया. बाद में जब किरण को ये बातें पता चलीं, तो उन्होंने अनुपम के सपोर्ट के लिए फिर से काम करना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे दोनों की लाइफ दोबारा पटरी पर आ गई.

बेटे सिकंदर और अनुपम के साथ किरण खेर
बेटे सिकंदर और अनुपम के साथ एक इवेंट में किरण खेर.

जब किरण काम कर रहीं थीं और अनुपम खाली बैठे थे

दोनों के फिल्मी करियर का एक वक्त ऐसा भी था, जब किरण के पास ढेर सारी फिल्मों के ऑफर थे और अनुपम बिल्कुल खाली थे. किरण अनुपम से ज्यादा कमाने लगी थीं. अनुपम को ये स्वीकार करने में दिक्कत हुई. किरण भी काम में इतना बिजी हो गईं कि उन्हें इसका अहसास ही नहीं हुआ कि अनुपम के दिमाग में क्या चल रहा है.

काम न मिलने की वजह से अनुपम किरण के काम का मज़ाक बनाने लगे. वो किरण से पूछते थे कि इंडस्ट्री के लोग किरण को कितने पैसे देते हैं. अनुपम और किरण के रिश्ते के ये तीन-चार साल बेहद खराब रहे. फिर भी, किरण ने समझदारी से वो हालात संभाले. आज इन दोनों को एक-दूसरे का साथ निभाते 32 साल हो चुके हैं.

kirron anupam or sikandar (1)


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