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बेटी को सर्दी से बचाने के लिए जला डाले 13 करोड़ रुपये!

इसी दुनिया में एक ऐसा कोकीन स्मगलर था, जो चालाकी और धूर्तता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दुनिया का सातवां सबसे अमीर आदमी बन गया था. उसने ऐसी तरकीबों से सरकारों को गच्चा दिया कि मौत के 22 साल बाद तक उसके ‘कमीनेपन’ की मिसालें दी जाती हैं.

इतना अमीर कि उसे नोटों के बंडल गड्ढे खोदकर गाड़ने पड़ते थे. खतरनाक इतना कि उसे 4 से 5 हजार मौतों का जिम्मेदार माना जाता है. बताते हैं आपको वर्ल्ड हिस्ट्री के सबसे कामयाब और सबसे अमीर क्रिमिनल पाब्लो एस्कोबार के बारे में.

कोलंबिया का रियोनेग्रो शहर. 1949 में एक गरीब किसान के घर तीसरी संतान पैदा हुई. बच्चा बड़ा हुआ, कॉलेज पहुंचा लेकिन परिवार फीस नहीं भर सका तो कॉलेज से नाम काट दिया गया. लड़का जुझारू था. कब्र से पत्थर चुराकर उन्हें स्मगलरों को बेचने लगा. और यहीं से लड़कपने की उम्र में पाब्लो एस्कोबार का ‘क्रिमिनल करियर’ शुरू हुआ.

सड़कछाप अपराधों से शुरुआत

टीनएज के आखिरी दौर में उसके अपराध गंभीर होने लगे. जैसे गांजे की सप्लाई, बैन सिगरेट और फर्जी लॉटरी टिकट की बिक्री और कारों की चोरी. 1970 के दशक के शुरुआती सालों में उसकी पहचान एक चोर और बॉडीगार्ड की थी.


20-21 की उम्र में उसने किडनैपिंग में हाथ डाला. अपने होम टाउन मेडिलीन से उसने एक मालदार एग्जीक्यूटिव को अगवा किया और उससे एक लाख डॉलर की फिरौती हासिल की. आज के जमाने में यह रकम 6 लाख डॉलर यानी करीब 4 करोड़ रुपये के बराबर है. 22 की उम्र में ही वह मिलियन डॉलर का मालिक हो गया था.


गैंगस्टर्स तो बदनाम ही होते हैं हिंसा और धोखाधड़ी के लिए. पर एस्कोबार ने अति कर दी. साल था 1975. उम्र थी 26 साल. उसने मेडिलीन के सबसे बड़े ड्रग माफिया के साथ 14 किलो कोकीन की डील करनी चाही. लेकिन इसी मुलाकात में उसने ड्रग माफिया का मर्डर मार दिया और नशे के कारोबार में घुस गया. फिर पर्सनल लाइफ भी थोड़ी पटरी पर आई. एक साल बाद, मार्च 1976 में 27 की उम्र में उसने 15 साल की मारिया विक्टोरिया से शादी की. दो बच्चे हुए जुआन और मैनुएला.

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सिविल वॉर के हालात में उभरा पाब्लो का साम्राज्य

ये वो दौर था जब कोलंबिया में सरकार-पैरामिलिट्री फोर्स और लेफ्ट विंग गुरिल्लाओं के बीच संघर्ष चल रहा था. सिविल वॉर से कोलंबिया की छवि दुनिया में खराब हो रही थी. इसी दौर में पाब्लो एस्कोबार- जो क्राइम की दुनिया का ‘नो नॉनसेंस शिट’ हो चुका था- अपने सपने देख रहा था. यह उसकी अपनी खूनी लड़ाई थी, यह दिखाने की कि वह पूरे कोलंबिया से ज्यादा कद्दावर है.


उसके क्राइम का अपना अंदाज था. सरकारी अफसरों के लिए पॉलिसी साफ थी. ‘मेरी रिश्वत खाओ या मेरी गोली’. उसके लोग अफसरों से पूछते थे- ‘प्लाता ऑर प्लोमो?’ यानी सिल्वर या सीसा? इसका छिपा हुआ मतलब था रिश्वत या मौत? पूरे कोलंबिया में यह सवाल एक खौफनाक जुमले में बदल गया था.


लोग कहते थे कि अगर वह आपको रिश्वत नहीं खिला पाया तो यकीनन आपको मार देगा. हजारों अफसर मारे गए. हजारों मालामाल हो गए. एस्कोबार को कुल मिलाकर करीब 4 से 5 हजार मौतों का जिम्मेदार माना जाता है.

प्लेन के टायरों में छिपाई जाती थी कोकीन

पाब्लो के भाई रॉबर्टो एस्कोबार ने किताब ‘इन द अकाउंटेंट्स स्टोरी’ में लिखा है कि कैसे पाब्लो मध्यवर्गीय सादगी और धुंधलके से उठकर दुनिया के सबसे रईस लोगों में शामिल हुआ. उसका धंधे का तरीका इतना ढीठ था कि कोकीन प्लेन के टायरों में छिपाकर ले जाई जाती थी. इसके लिए वह पायलटों को 5 लाख डॉलर प्रति फ्लाइट तक देता था. उन्होंने ही उसके लिए कई टन कोकीन स्मगल की. अंदाजा नहीं लगा रहे. कई टन मतलब कई टन.


एक फ्लाइट में 5 से 11 टन कोकीन स्मगल की जाती थी. एक उड़ान पर वह 5 लाख डॉलर से ज्यादा कमाता था. जाहिर है उसके गुर्गे खुश और मालामाल रहते थे.


 

Pablo Escobar 4

और इतना अमीर था, इतना अमीर था कि..

आप सोच रहे होंगे कि फिर तो एस्कोबार बहुत अमीर होगा. लेकिन नहीं. ‘बहुत अमीर’ बहुत छोटा विशेषण है. उसके पास बेहिसाब-बेशुमार दौलत थी. फोर्ब्स मैगजीन ने उसे दुनिया का 7वां सबसे अमीर आदमी माना था.


एस्कोबार के भाई के मुताबिक, वे लोग हर हफ्ते 1 हजार डॉलर (आज के समय में 65 हजार रुपये) सिर्फ वे रबर बैंड खरीदने में लगा देते थे, जिससे नोटों की गड्डियां बांधी जाती थीं.


 

उसके गोदाम हमेशा कैश से भरे रहते थे. कई बार उसे जमीन खुदवाकर कैश गड़वाना पड़ा. उसका अपना चिड़ियाघर था, जिसमें वे सारे जानवर भी थे जो कोलंबिया में होते ही नहीं.


एक समय अमेरिका की 80 फीसदी कोकीन उसी के यहां से सप्लाई होती थी. किवदंती तो यह भी है कि एक बार सफर में काफी सर्दी हो गई तो अपने परिवार को गर्म रखने के लिए उसने दो मिलियन डॉलर के नोट जला दिए थे. मतलब करीब 13 करोड़ रुपये का तो तपता ताप गया था भाई.


धंधे के चरम पर उसने एक-एक दिन में 60-60 मिलियन डॉलर बनाए थे. आज के दौर के हिसाब से एक दिन में करीब 400 करोड़ रुपये. जीरो काउंट करते रह जाओगे भाई.


 

स्पेनिश PM के शपथ ग्रहण में बना सरकारी प्रतिनिधि

बाद के दिनों में अमेरिकी एजेंसिया उसके पीछे पड़ गईं. वह जानता था कि अमेरिकियों को रिश्वत खिलाकर काबू करना आसान नहीं है. इसलिए प्रत्यर्पण से बचने के लिए उसने पॉलिटिक्स का सहारा लिया. वह कोलंबिया की लिबरल पार्टी में शामिल हो गया. यहां भी वह कच्चा खिलाड़ी नहीं साबित हुआ. 1982 में वह कोलंबियाई संसद के निचले सदन के ऑल्टरनेट मेंबर के तौर पर चुना गया. कोलंबिया की लेबर पार्टी में था. स्पेन में जब इस वक्त उसका ड्रग साम्राज्य भी चरम पर था.

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इसी साल जब फिलिप गोंजालेज ने स्पेन के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तो ‘ड्रग लॉर्ड’ पाब्लो एस्कोबार कोलंबियाई प्रतिनिधि के तौर पर उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए. अब उसे ऑफिशियली इज्जत मिलने लगी थी.


 

जेल थी या आरामगाह!

अब उसका लंबे समय तक हिंसक बने रहना संभव नहीं था. हिंसक गतिविधियों को छोड़ने का ऐलान कर उसने 1991 में सरेंडर कर दिया. उसे लग्जूरियस प्राइवेट जेल ‘ला कैथीड्रल’ में रखा गया, जिसके ऐशो-आराम के चर्चे थे. उसके सरेंडर से पहले ही कोलंबिया के नए संविधान में कोलंबियाई नागरिकों के प्रत्यर्पण पर रोक की व्यवस्था कर दी गई थी. जाहिर है, इसने विवाद पैदा किए. आरोप लगा कि एस्कोबार ने संविधान बनाने वालों को प्रभावित किया है.


जेल में होने के बावजूद एस्कोबार का धंधा भी उसके राजनीतिक करियर के समांतर चलता था. कोलंबिया में घरेलू हालात खराब थे. यह दुनिया की मर्डर कैपिटल कही जाने लगी. लोग पड़ोस में निकलने से भी डरते थे. कोई किसी को कभी भी मार सकता था. कुछ गृह युद्ध का नतीजा था, कुछ एस्कोबार का असर, एक पूरे देश का चरित्र बदल गया था. 1992 में कोलंबिया में 27 हजार मौतें हुईं. यानी रोज करीब 74 मौतें.


 

मरा कैसे…?

वह आसानी से मार दिया गया, यह कहना बहुत अंडर स्टेटमेंट होगा. 1992 में उसे ठिकाने लगाने के लिए कोलंबियाई पुलिस की एक नई ब्रांच बनाई गई- ‘सर्च ब्लॉक’. 2 दिसंबर 1993 को ‘सर्च ब्लॉक’ ने एस्कोबार को मार गिराया. रेडियो ट्राएंगुलेशन टेक्नॉलजी से पता लगा कि वह मेडिलीन में मिडल क्लास इलाके में छिपा है. दोनों पक्षों में शूटआउट हुआ. एस्कोबार और उसके बॉडी गार्ड ने छत पर चढ़कर भाग निकलने की कोशिश की, पर वे मार गिराए गए.


अब भी नहीं पता कि वह जिस गोली से मारा गया वह उसने खुद चलाई थी, या पुलिस ने उसे मारा. एस्कोबार के परिवार के कुछ लोग उसके सुसाइड की संभावना से इनकार नहीं करते.


 

Pablo Escobar 7


कई किताबों, फिल्मों, टीवी सीरीज में एस्कोबार की कहानी या उसके कुछ संदर्भों का इस्तेमाल किया गया है. मशहूर कोलंबियाई लेखक गैब्रियल गार्सिया मार्केज की किताब ‘न्यूज ऑफ अ किडनैपिंग’ (1998) में एस्कोबार का संदर्भ मिलता है.


 

गरीबों का रॉबिनहुड था

pablo escobar1एस्कोबार गरीबों से प्यार करता था और बड़ी बात कि गरीब भी उससे प्यार करते थे. उसने गरीबों के लिए घर बनाने और दूसरी नागरिक गतिविधियों के लिए खूब पैसे बांटे. गरीब उसे अच्छा आदमी मानते थे. वह भयंकर फुटबॉल प्रेमी था. उसने लोकल फुटबॉल टीमें स्पॉन्सर कीं, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्कूल, अस्पताल और चर्च बनवाए.


यह कैसा खलनायक था, जिसके उभार के मूल में हिंसा थी. फिर भी वह गरीबों का प्यार पाने में कामयाब रहा. यह उसकी रॉबिनहुड छवि का ही नतीजा था कि 1993 में जब वह मरा, 25 हजार से ज्यादा लोग उसके आखिरी सफर में पहुंचे.


 

विश्व इतिहास में दो पाब्लो याद रखे गए. दोनों साउथ अमेरिका के. एक ने कोलंबिया में दशकों तक खूनी खेल रचा, बेशुमार दौलत बनाई, सरकारी प्रतिनिधि बना और फिर सरकारी ऑपरेशन में ही मार गिराया गया. दूसरा पाब्लो चिली में जन्मा और पूरी दुनिया में अपनी कलम से जाना गया.

कोई चाहे तो पाब्लो नेरुदा की एक कविता के इस हिस्से में पाब्लो एस्कोबार को याद कर सकते है. बशर्ते जहां जहां स्पेन लिखा है, उसे कोलंबिया पढ़ लिया जाए.

धोखेबाजों
मेरे मरे हुए घर को देखो
टूटे हुए स्पेन को देखो
हर घर से जलता लोहा बहता है
फूलों की बजाय
स्पेन के हर कोने से
स्पेन उभरता है
और हर मृत बच्चे से एक राइफल जिसकी आंखें हैं
और हर अपराध से गोलियां पैदा होती हैं
जो एक दिन ढूंढ लेंगी
तुम्हारे दिल का निशाना

और तुम पूछोगे: इसकी कविता क्यों नहीं बात करती
सपनों और पत्तों की
और इसके अपने देश के ज्वालामुखियों की

आओ और देखो खून को जो गलियों में बह रहा है
आओ और देखो
खून को जो गलियों में बह रहा है
आओ और देखो खून को
जो गलियों में बह रहा है!

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