Submit your post

Follow Us

कर्नाटक चुनाव: मोदी कैबिनेट में अनंत कुमार सबसे काम के, सदानंद गौड़ा फ्लॉप मंत्री

देश होता है. देश में सरकार होती है. सरकार में मंत्री होते हैं. मंत्री बनने के लिए सांसद बनना पड़ता है. सांसद बनने के लिए चुनाव लड़ना पड़ता है. तो लोकसभा चुनाव जीतकर जो नेता संसद पहुंचते हैं, उनमें से कुछ को मंत्री बनाया जाता है. इस सेलेक्शन में ध्यान रखा जाता है कि देश के हर राज्य का प्रतिनिधित्व हो. पर इससे भी ज़्यादा ध्यान इस बात का रखा जाता है कि मंत्री बनने वाले नेताओं का अपने राज्यों, अपने इलाकों में प्रभाव हो. ताकि जब विधानसभा चुनाव हो, तो वो पार्टी को ज़्यादा से ज़्यादा सीटें दिला सकें.

अभी कर्नाटक में चुनाव हुए हैं. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में कर्नाटक से चार मंत्री हैं- सदानंद गौड़ा, अनंत कुमार, अनंत हेगड़े और रमेश जिगाजिनगी. ये सभी 2014 के लोकसभा चुनाव में अपनी-अपनी सीटों पर जीत चुके हैं. पर विधानसभा चुनाव में पार्टी का क्या भला कर पाए? कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं. आइए, जानते हैं मोदी कैबिनेट के इन चार मंत्रियों का रिपोर्टकार्ड.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

#A. सदानंद गौड़ा

क्या है इन नेताजी की प्रोफाइल

4 अगस्त 2011 से 12 जुलाई 2012 तक कर्नाटक के सीएम रहे हैं. सीएम तब बनाए गए थे, जब अवैध खनन केस में नाम आने पर बीएस येदियुरप्पा को कुर्सी छोड़नी पड़ी थी. तब कर्नाटक बीजेपी की अंदरूनी कलह इतनी बढ़ गई थी कि दिल्ली के नेताओं को भी पसीने आ गए थे. आखिरकार येदि की सहमति से गौड़ा सीएम बने. वजह थी गौड़ा का वोक्कालिंगा समुदाय से आना, क्योंकि येदि ‘लिंगायतों के मसीहा’ के अपने ओहदे पर कोई आंच नहीं चाहते थे.

सदानंद गौड़ा
सदानंद गौड़ा

फिर पार्टी की कलह की वजह से कुर्सी छोड़नी भी पड़ी. इनके बाद लिंगायत नेता जगदीश शेट्टार सीएम बनाए गए. सीएम रहने के अलावा गौड़ा 2006 और 2007 में कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं. 1994 और 1999 में दक्षिण कन्नड़ा जिले की पुत्तूर विधानसभा सीट से विधायक बने. 2004 में मेंगलोर लोकसभा सीट पर वीरप्पा मोइली को हराया. 2009 में उडुपी-चिकमंगलूर और 2014 में बेंगलुरु नॉर्थ से सांसद बने.

मोदी कैबिनेट में क्या कर रहे हैं

2014 में मोदी की पहली कैबिनेट में रेलमंत्री बनाए गए. फैसला चौंकाने वाला था, क्योंकि एक साल तक स्थिर और ईमानदार सरकार देने के बावजूद इन्हें सीएम की कुर्सी से उतार दिया गया था, लेकिन केंद्र सरकार में सीधे रेल मंत्रालय दिया गया. खैर, दिया तो दिया, लेकिन गौड़ा कोई फायदा नहीं उठा पाए. रेल मंत्री लोगों से सीधा कनेक्ट स्टैबलिश कर सकते हैं, लेकिन गौड़ा नहीं कर पाए. बतौर रेलमंत्री फ्लॉप रहे, तो नवंबर 2014 में लॉ ऐंड जस्टिस मिनिस्टर बनाए गए. वहां डेढ़ साल रहने के बाद जुलाई 2016 में स्टेटिस्टिक्स ऐंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन मिनिस्टर बनाए गए. समर्थक कहते हैं कि सूबे की पॉलिटिक्स से दूर रखने के लिए दिल्ली में रखे जा रहे हैं.

अपने पद की शसपथ लेते सदानंद गौड़ा.
पद की शपथ लेने के दौरान सदानंद गौड़ा

2014 के इनके चुनाव का हाल यूं है

– कहां से जीते थे- बेंगलुरु नॉर्थ लोकसभा सीट से
– हराया किसे था– कांग्रेस के सी. नारायण स्वामी को
– कितने वोटों से- 2,29,764 वोटों से. गौड़ा को 7,18,326 वोट मिले, स्वामी को 4,88,562 वोट मिले.
– 2009 में कौन जीता था- बीजेपी के डीबी चंद्रेगौड़ा (4,52,920) ने कांग्रेस के सीके जफर शरीफ (3,93,255) को 59,665 वोटों से हराया था.

बेंगलुरु नॉर्थ लोकसभा सीट का विधानसभा सीटों के हिसाब से नक्शा.
बेंगलुरु नॉर्थ लोकसभा सीट का विधानसभा सीटों के हिसाब से नक्शा.

बेंगलुरु नॉर्थ में कितनी विधानसभाएं आती हैं?

8 आती हैं. नाम हैं- ब्यातरायनापुरा, दसराहल्ली, हेब्बल, केआर पुरा, महालक्ष्मी लेआउट, मल्लेश्वरम, पुलकेशीनगर और यशवंतपुरा. 2013 में इन 8 में कांग्रेस-बीजेपी ने 3-3 और जेडी(एस) ने 2 सीटें जीती थीं. आइए, इस बार का इनका हाल जानते हैं.

#1. ब्यातरायनापुरा – 152 (Byatarayanapura)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से ए. रवि, कांग्रेस से कृष्णा बीरेगौड़ा, जेडी(एस) से चंद्रा टीजी
कौन जीता, कौन हारा- कांग्रेस के कृष्णा बीरेगौड़ा (1,14,964) ने बीजेपी के ए. रवि (1,09,293) को 5,671 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के कृष्णा बीरेगौड़ा (96,125) ने बीजेपी के ए. रवि (63,725) को 32,400 वोटों से हराया था.

#2. दसराहल्ली – 155 (Dasarahalli)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से एस. मुनिराजू, कांग्रेस से पीएन कृष्णमूर्ति, जेडी(एस) से मंजूनाथ आर
कौन जीता, कौन हारा- जेडी(एस) के आर मंजूनाथ (94,044) ने बीजेपी के एस मुनिराजू (83,369) को 10,675 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- बीजेपी के एस. मुनिराजू (57,562) ने कांग्रेस के बीएल शंकर (46,734) को 10,828 वोटों से हराया था.

#3. हेब्बल – 158 (Hebbal)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से वायए नारायणस्वामी, कांग्रेस से बीएस सुरेश, जेडी(एस) से हनुमंत गौड़ा
कौन जीता, कौन हारा- कांग्रेस के बीएस सुरेश (74,453) ने बीजेपी के नारायणस्वामी (53,313) को 21,140 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- बीजेपी के आर जगदीश कुमार (38,162) ने कांग्रेस के सीके अब्दुल रहमान (33,026) को 5,136 वोटों से हराया था.

#4. केआर पुरा – 151 (K.R.Pura) / कृष्णराजपुरम

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से एनएस नंदीश रेड्डी, कांग्रेस से बीए बसवराजा, जेडी(एस) से डीए गोपाला
कौन जीता, कौन हारा- कांग्रेस के बसवराजा (1,35,404) ने बीजेपी के नंदीश रेड्डी (1,02,675) को 32,729 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के बसवराजा (1,06,299) ने बीजेपी के नंदीश रेड्डी (82,298) को 24,001 वोटों से हराया था.

#5. महालक्ष्मी लेआउट – 156 (Mahalakshmi Layout)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से एनएल नरेंद्र बाबू, कांग्रेस से एचएस मंजूनाथ, जेडी(एस) से गोपालिया के
कौन जीता, कौन हारा- जेडी(एस) के गोपालिया (88,218) ने बीजेपी के नरेंद्र बाबू (47,118) को 41,100 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- जेडी(एस) के गोपालिया के (66,127) ने कांग्रेस के एनएल नरेंद्र बाबू को (50,757) को 15,370 वोटों से हराया था.

#6. मल्लेश्वरम – 157 (Malleshwaram)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से सीएन अश्वतनारायण, कांग्रेस से केंगल श्रीपद रेनु, जेडी(एस) से मधुसूदन
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के अश्वतनारायण (83,130) ने कांग्रेस के श्रीपद रेनु (29,130) को 54,000 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- बीजेपी के अश्वतनारायण (57,609) ने कांग्रेस के बीके शिवराम (36,543) को 21,066 वोटों से हराया था.

#7. पुलकेशीनगर – 159 (Pulakeshinagar) SC रिज़र्व्ड

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से सुशीला देवराज, कांग्रेस से अखंड श्रीनिवासमूर्ति, जेडी(एस) से प्रसन्ना कुमार
कौन जीता, कौन हारा- कांग्रेस के अखंड (97,574) ने जेडी(एस) के प्रसन्ना (15,948) को 81,626 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- जेडी(एस) के अखंड श्रीनिवासमूर्ति (48,995) ने कांग्रेस के बी. प्रसन्ना कुमार (38,796) को 10,199 वोटों से हराया था.

#8. यशवंतपुरा – 153 (Yeshvanthapura)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से जग्गेश, कांग्रेस से एसटी सोमशेखर, जेडी(एस) से जवाराई गौड़ा
कौन जीता, कौन हारा- कांग्रेस के सोमशेखर (1,15,273) ने जेडी(एस) के गौड़ा (1,04,562) को 10,711 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के एसटी सोमशेखर (1,20,380) ने जेडी(एस) के टीएन जवाराई गौड़ा (91,280) को 29,100 वोटों से हराया था.

नतीजा: 8 में से 5 सीटें कांग्रेस ने, 2 जेडी(एस) ने और 1 सीट बीजेपी ने जीती.


#B. अनंत कुमार

क्या है इन नेताजी की प्रोफाइल

बीजेपी के पुराने और बड़े नेता हैं. RSS कोटे से आते हैं. बेंगलुरु साउथ लोकसभा सीट से 6 बार सांसदी का चुनाव जीत चुके हैं. 1996 से 2014 तक लगातार अनंत कुमार ही जीते हैं. RSS से निकलने के बाद ABVP में शामिल हुए थे. इमरजेंसी के दिनों में जेल गए. 1985 में ABVP का नेशनल सेक्रेटरी बनने के बाद बीजेपी जॉइन की. फिर भाजयुमो के कर्नाटक प्रेसिडेंट बनाए गए. 1996 में बीजेपी के नेशनल सेक्रेटरी बनाए गए और इसी साल लोकसभा चुनाव का पहला टिकट मिला. जीते. 1998 में फिर जीते, तो अटल कैबिनेट में सिविल एविएशन मंत्री बनाए गए. ये उस सरकार के सबसे युवा मंत्री थे.

anant kumar
माला पहने अनंत कुमार

सरकार गिरी, तो 1999 में दोबारा चुनाव हुए. ये फिर जीते और NDA सरकार में केंद्रीय मंत्री बनाए गए. इस पारी में टूरिज़्म से लेकर स्पोर्ट्स ऐंड यूथ अफेयर्स, कल्चर, अर्बन डेवलपमेंट और पॉवर्टी एलिविएशन जैसे मंत्रालय संभाले. 2003 में कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष बनाए गए. नतीजा भी दिया. 2003 के विधानसभा और 2004 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने सबसे ज़्यादा सीटें जीतीं. 2004 में बीजेपी के नेशनल सेक्रेटरी बने. ये बीजेपी के उन चुनिंदा नेताओं में से हैं, जो अटल सरकार में मंत्री थे और अब मोदी सरकार में भी मंत्री हैं.

मोदी कैबिनेट में क्या कर रहे हैं

2014 में मोदी कैबिनेट में केमिकल्स ऐंड फर्टिलाइज़र मिनिस्टर बनाए गए. जुलाई 2016 में पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर भी बनाए गए. मोदी कैबिनेट में 2014 से अब तक मंत्री ताश के पत्तों की तरह फेंटे गए हैं. जो नतीजा नहीं दे पाए, उन्हें तो हटाया ही गया. पर अनंत कुमार शुरुआत से अब तक एक ही मिनिस्ट्री में टिके हुए हैं. 2014 की जीत भी तगड़ी थी, क्योंकि कांग्रेस के टिकट पर लड़ रहे नंदन नीलेकणि को हराया था, जो उस वक्त के सबसे अमीर कैंडिडेट थे.

एक चुनावी रैली में नरेंद्र मोदी को कुछ बताते अनंत कुमार
एक चुनावी रैली में नरेंद्र मोदी को कुछ बताते अनंत कुमार

2014 के इनके चुनाव का हाल यूं है

– कहां से जीते थे- बेंगलुरु साउथ लोकसभा सीट से
– हराया किसे था- कांग्रेस के नंदन नीलेकणि को, जो इन्फोसिस के को-फाउंडर और ‘आधार’ के कर्ता-धर्ता हैं.
– कितने वोटों से- 2,28,575 वोटों से. अनंत को 6,33,816 वोट मिले और नंदन को 4,05,241 वोट.
– 2009 में कौन जीता था- बीजेपी के अनंत कुमार (4,37,953) ने कांग्रेस के केबी गौड़ा (4,00,341) को 37,612 वोटों से हराया था.

बेंगलुरु साउथ लोकसभा सीट का विधानसभा सीटों के हिसाब से नक्शा
बेंगलुरु साउथ लोकसभा सीट का विधानसभा सीटों के हिसाब से नक्शा

बेंगलुरु साउथ लोकसभा सीट में कितनी विधानसभाएं आती हैं

8 आती हैं. इनके नाम हैं- बीटीएम लेआउट, बसवनागुडी, बोम्मनाहल्ली, चिकपेट, गोविंदराज नगर, जयानगर, पद्मनाभ नगर और विजय नगर. 2013 के विधानसभा चुनाव में इन 8 में से बीजेपी और कांग्रेस ने 4-4 सीटें जीती थीं. आइए, इस बार का हाल जानते हैं.

#1. बीटीएम लेआउट – 172 (B.T.M. Layout)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से लल्लेश रेड्डी, कांग्रेस से रामलिंगा रेड्डी, जेडी(एस) से के. देवदास
कौन जीता, कौन हारा- कांग्रेस के रामलिंगा (67,085) ने बीजेपी के लल्लेश (46,607) को 20,478 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के रामलिंगा रेड्डी (69,712) ने बीजेपी के एन. सुधाकर (20,664) को 49,048 वोटों से हराया था.

#2. बसवनागुडी – 170 (Basavanagudi)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से रवि सुब्रमण्या, कांग्रेस एम. बोरेगौड़ा, जेडी(एस) से बागे गौड़ा
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के रवि (76,018) ने जेडी(एस) के बागेगौड़ा (38,009) को 38,009 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- बीजेपी के रवि सुब्रमण्या (43,876) ने जेडी(एस) के के. बागेगौड़ा (24,163) को 19,713 वोटों से हराया था.

#3. बोम्मनाहल्ली – 175 (Bommanahalli)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से सतीश रेड्डी, कांग्रेस से सुषमा राजगोपाल रेड्डी, जेडी(एस) से टीआर प्रसाद
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के सतीश (1,11,863) ने कांग्रेस की सुषमा (64,701) को 47,162 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- बीजेपी के सतीश रेड्डी (86,552) ने कांग्रेस के नागभूषण सी. (60700) को 25,852 वोटों से हराया था.

#4. चिकपेट – 169 (Chickpet)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से उदय गरुदचर, कांग्रेस से आरवी देवराज, जेडी(एस) से डॉ. हेमचंद्र सागर
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के उदय (57,312) ने कांग्रेस के देवराज (49,378) को 7,934 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के आरवी देवराज (44,714) ने बीजेपी के उदय बी. गरुदचर (31,655) को 13,059 वोटों से हराया था.

#5. गोविंदराज नगर – 166 (Govindraj Nagar)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से वी. सोमन्ना, कांग्रेस से प्रियकृष्ण, जेडी(एस) से ए. नागेंद्र प्रसाद
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के सोमन्ना (79,135) ने कांग्रेस के प्रियकृष्ण (67,760) को 11,375 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के प्रियकृष्ण (72,654) ने बीजेपी के एच. रवींद्र (30,194) को 42,460 वोटों से हराया था.

#6. जयानगर – 173 (Jayanagar)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी कैंडिडेट बीएन जयकुमार के निधन की वजह से इस सीट का चुनाव पोस्टपोन कर दिया गया.
2013 में कौन जीता था- बीजेपी के बीएन विजयकुमार (43,990) ने कांग्रेस के एमसी वेणुगोपाल (31,678) को 12,312 वोटों से हराया था.

#7. पद्मनाभ नगर – 171 (Padmanaba Nagar)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से आर. अशोक, कांग्रेस से एम. श्रीनिवास, जेडी(एस) से वीके गोपाल
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के अशोक (77,868) ने जेडी(एस) के वीके गोपाल (45,702) को 32,166 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- बीजेपी के आर. अशोक (53,680) ने कांग्रेस के एलएस चेतन गौड़ा (33,557) को 20,123 वोटों से हराया था.

#8. विजय नगर – 167 (Vijay Nagar)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से एच. रवींद्र, कांग्रेस से एम. कृष्णप्पा, जेडी(एस) से परमशिवा एनई
कौन जीता, कौन हारा- कांग्रेस के कृष्णप्पा (73,353) ने बीजेपी के रवींद्र (70,578) को 2,775 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के एम. कृष्णप्पा (76,891) ने बीजेपी के वी. सोमन्ना (44,249) को 32,642 वोटों से हराया था.

नतीजा: 8 में से 7 सीटों पर चुनाव हुआ. इन 7 में से 5 सीटें बीजेपी ने और 2 सीटें कांग्रेस ने जीतीं.


#C. अनंत कुमार हेगड़े

क्या है इन नेताजी की प्रोफाइल

जिस ऊल-जुलूल बयानबाजी को फायरब्रांड पॉलिटिक्स कहा जाता है, ये उसी धारा के नेता हैं. कॉलेज के दिनों में RSS से जुड़ गए थे. फिर ABVP के सदस्य बने. बीजेपी पहुंचे, जहां 1996 में पहली बार उत्तर कन्नड़ा से सांसद बने. तब से अब तक कुल पांच बार इस सीट से सांसद रह चुके हैं. दिसंबर 2017 में बयान दिया था, ‘अगर कोई खुद को मुस्लिम, ईसाई, ब्राह्मण, लिंगायत या हिंदू बताता है, तो मुझे खुशी है. लेकिन दिक्कत वहां शुरू होती है, जब लोग खुद को सेक्युलर कहना शुरू कर देते हैं.’

अनंत हेगड़े
अनंत हेगड़े

फिर जनवरी 2018 में बयान दिया, ‘हम जिद्दी लोग हैं. जब कुत्ते सड़क पर भौंकते हैं, तो हम उनकी परवाह नहीं करते.’ ये बयान उन दलित प्रदर्शनकारियों पर था, जिन्होंने हेगड़े के खिलाफ नारेबाजी की थी. संविधान में बदलाव करने की बात भी कह चुके हैं. इनका मानना है कि अगर किसी सही काम के लिए लोगों को पोलराइज़ किया जाता है, तो उसमें कुछ गलत नहीं है.

मोदी कैबिनेट में क्या कर रहे हैं

सितंबर 2017 में इन्हें मोदी कैबिनेट में स्किल डेवलपमेंट ऐंड एन्टरप्रेन्योरशिप का राज्यमंत्री बनाया गया था. 2014 में सरकार बनने के बाद से ये मोदी कैबिनेट में तीसरा रीशफल था.

anant kumar hegde
शपथ लेते अनंत हेगड़े

2014 के इनके चुनाव का हाल यूं है

– कहां से जीते थे- उत्तर कन्नड़ा लोकसभा सीट से
– हराया किसे था- कांग्रेस के प्रशांत आर. देशपांडे को
– कितने वोटों से- 1,40,700 वोटों से. हेगड़े को 5,46,939 वोट मिले थे और देशपांडे को 4,06,239 वोट मिले थे.
– 2009 में कौन जीता था- बीजेपी के अनंत हेगड़े (3,39,300) ने कांग्रेस की मार्गरेट अल्वा (3,16,531) को 22,769 वोटों से हराया था.

उत्तर कन्नड़ा लोकसभा सीट का विधानसभा चुनाव के हिसाब से नक्शा
उत्तर कन्नड़ा लोकसभा सीट का विधानसभा चुनाव के हिसाब से नक्शा

उत्तर कन्नड़ा लोकसभा सीट में कितनी विधानसभाएं आती हैं

8 आती हैं. इनके नाम हैं- खानपुर, किट्टूर, हलियल, करवर, कुमटा, भटकल, सिरसी और येल्लापुर. 2013 के विधानसभा चुनाव में इन 8 में से 4 सीटें कांग्रेस, 3 सीटें निर्दलीय कैंडिडेट्स और दो सीटें बीजेपी ने जीती थीं. आइए, इस बार का हाल जानते हैं.

#1. खानपुर – 14 (Khanapur)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से विट्ठल हलागेकर, कांग्रेस से अंजलि निंबलकर, जेडी(एस) से नासिर भगवान पपुलसब
कौन जीता, कौन हारा- कांग्रेस की अंजलि (36,649) ने बीजेपी के विट्ठल (31,516) को 5,133 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- निर्दलीय अरविंद चंद्रकांत पाटिल (37,055) ने कांग्रेस के रफीक खाटलसब खानपुरी (20,903) को 16,152 वोटों से हराया था.

#2. किट्टूर – 15 (Kittur)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से महन्तेश दोद्दागौदर, कांग्रेस से डॉ. इनामदार दनप्पागौड़ा बसन्नागौड़ा, जेडी(एस) से सुरेश शिवरुद्रप्पा मरिहल
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के महन्तेश (73,155) ने कांग्रेस के इनामदार (40,293) को 32,862 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के इनामदार (53,924) ने बीजेपी के सुरेश शिवरुद्रप्पा (35,634) को 18,290 वोटों से हराया था.

#3. हलियल – 76 (Haliyal)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से सुनील हेगड़े, कांग्रेस से आरवी देशपांडे, जेडी(एस) से केआर रमेश
कौन जीता, कौन हारा- कांग्रेस के देशपांडे (61,577) ने बीजेपी के सुनील हेगड़े (56,437) को 5,140 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के आरवी देशपांडे (55,005) ने जेडी(एस) के सुनील हेगड़े (49,066) को 5,939 वोटों से हराया था.

#4. करवर – 77 (Karwar)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से रूपाली नाइक, कांग्रेस से सतीश कृष्ण सैल, जेडी(एस) से आनंद असनोतिकर
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी की रूपाली (60,339) ने जेडी(एस) के आनंद (46,275) को 14,064 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- निर्दलीय सतीश कृष्ण सैल (80,727) ने बीजेपी के आनंद असनोतिकर वसंत (44,847) को 35,880 वोटों से हराया था.

#5. कुमटा – 78 (Kumta)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से दिनकर शेट्टी, कांग्रेस से शारदा मोहन शेट्टी, जेडी(एस) से प्रदीप नाइक
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के दिनकर (59,392) ने कांग्रेस की शारदा (26,642) को 32,750 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस की शारदा मोहन (36,756) ने जेडी(एस) के दिनकर शेट्टी (36,336) को 420 वोटों से हराया था.

#6. भटकल – 79 (Bhatkal)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से सुनील नाइक, कांग्रेस से मनकल सुब्बा वैद्य, जेडी(एस) से इनायतुल्लाह
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के सुनील (83,172) ने कांग्रेस के मनकल (77,242) को 5,930 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- निर्दलीय मनकला सुब्बा वैद्य (37,319) ने जेडी(एस) के इनायतुल्लाह (27,435) को 9,884 वोटों से हराया था.

#7. सिरसी – 80 (Sirsi)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से कगेरी विश्वनेत्र हेगड़े, कांग्रेस से भीमन्ना नाइक, जेडी(एस) से शशिभूषण हेगड़े
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के कगेरी (70,595) ने कांग्रेस के भीमन्ना (53,134) को 17,461 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- बीजेपी के कगेरी विश्वनेत्र (42,854) ने कांग्रेस के दीपक होन्नावर (39,795) को 3,059 वोटों से हराया था.

#8. येल्लापुर – 81 (Yellapur)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से वीएस पाटिल, कांग्रेस से अरबैल शिवराम हेब्बर, जेडी(एस) से रवींद्र नाइक
कौन जीता, कौन हारा- कांग्रेस के अरबैल (66,290) ने बीजेपी के वीएस पाटिल (64,807) को 1,483 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के अरबैल शिवराम (58,025) ने बीजेपी के वीएस पाटिल (33,533) को 24,492 वोटों से हराया था.

नतीजा: 8 सीटों में से 5 बीजेपी ने जीतीं और 3 कांग्रेस के हिस्से में आईं.


#D. रमेश जिगाजिनगी

क्या है इन नेताजी की प्रोफाइल

शेड्यूल कास्ट से आने वाले रमेश वो नेता हैं, जो कई बार पार्टी के बदलने के बावजूद इलाके में असर बनाए रखने में कामयाब रहे. शुरुआत में ये जनता दल में थे, जहां रामकृष्ण हेगड़े इनके मेंटर थे. जब हेगड़े राष्ट्रीय नवनिर्माण वेदिके के पास गए, तो रमेश ने बिना दूसरी बार सोचे अपना राज्य का मंत्री पद छोड़ दिया और उनके साथ हो लिए. फिर उन्हीं के साथ लोक शक्ति का हिस्सा बने. जब लोक शक्ति का जनता दल में विलय हुआ, तो ये वापस आ गए. हेगड़े के निधन के बाद इन्होंने बीजेपी जॉइन कर ली.

Ramesh-Jigajinagi
भाजपा सांसद रमेश जिगाजिनगी

ये तीन बार विधायकी का चुनाव जीत चुके हैं और पांच बार के सांसद हैं. 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव इन्होंने बीजापुर लोकसभा सीट से जीते. कर्नाटक सरकार में ये गृह मंत्रालय के राज्यमंत्री (1983), एक्साइज़ डिपार्टमेंट के राज्यमंत्री (1984-1985) और समाज कल्याण मंत्री (1996-1998) रह चुके हैं. पहला लोकसभा चुनाव 1998 में जीता था. तब से 2014 तक लगातार सांसद रहे.

मोदी कैबिनेट में क्या कर रहे हैं

नरेंद्र मोदी कैबिनेट के 2016 के रीशफल में रमेश जिगाजिनगी को कैबिनेट में शामिल किया गया. इन्हें कैबिनेट में तब लिया गया, जब इसी रीशफल में जीएम सिद्धेश्वरा से हैवी इंडस्ट्रीज़ ऐंड पब्लिक एंटरप्राइसेस मिनिस्ट्री वापस ले ली गई थी. सिद्धेश्वरा भी कर्नाटक से आते हैं. उन्हें हटाकर रमेश को कैबिनेट में लिया गया. पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के यूनियन मिनिस्टर ऑफ स्टेट बनाए गए.

शपथ लेने के दौरान रमेश
शपथ लेने के दौरान रमेश

2014 के इनके चुनाव का हाल यूं है

– कहां से जीते थे- बीजापुर लोकसभा सीट से
– हराया किसे था- कांग्रेस के प्रकाश राठौड़ को
– कितने वोटों से- 69,819 वोटों से. रमेश को 4,71,757 वोट मिले और प्रकाश राठौड़ को 4,01,938 वोट मिले थे.
– 2009 में कौन जीता था- बीजेपी के रमेश (3,08,939) ने प्रकाश राठौड़ (2,66,535) को 42,404 वोटों से हराया था.

बीजापुर लोकसभा सीट का विधानसभा सीटों के हिसाब से नक्शा
बीजापुर लोकसभा सीट का विधानसभा सीटों के हिसाब से नक्शा

बीजापुर लोकसभा सीट में कितनी विधानसभाएं आती हैं

आठ आती हैं. इनके नाम हैं- मुद्देबिहल, देवर हिप्पारगी, बासवना बागेवदी, बबलेश्वर, बीजापुर सिटी, नगथान, इंदी और सिंदगी. 2013 के विधानसभा चुनाव में इन 8 में से… आइए, एक-एक करके इनका हाल जानते हैं.

#1. मुद्देबिहल – 26 (Muddebihal)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से एएस पाटिल नदाहल्ली, कांग्रेस से अप्पाजी चन्नासवराज नादगौड़, जेडी(एस) से मंगलदेवी बिरादर
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के नदाहल्ली (63,512) ने कांग्रेस नादगौड़ (54,879) को 8,633 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के अप्पाजी (34,747) ने KJP की विमलबाई जगदेवराव (22,545) को 12,202 वोटों से हराया था.

#2. देवर हिप्पारगी – 27 (Devar Hippargi)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से सोमनगौड़ा पाटिल, कांग्रेस से बापूगौड़ एस. पाटिल, जेडी(एस) से राजूगौड़ा पाटिल
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के सोमनगौड़ा (48,245) ने जेडी(एस) के राजूगौड़ा (44,892) को 3,353 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के अमीनप्पागौड़ा (36,231) ने बीजेपी के सोमनगौड़ा (28,135) को 8,096 वोटों से हराया था.

#3. बासवना बागेवदी – 28 (Basavana Bagevadi)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से संगाराजा देसाई, कांग्रेस से शिवानंद पाटिल, जेडी(एस) से अप्पूगौड़ा पाटिल
कौन जीता, कौन हारा- कांग्रेस के शिवानंद (58,647) ने जेडी(एस) के अप्पूदगौड़ा (55,461) को 3,186 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के शिवानंद पाटिल (56,329) ने बीजेपी के बेल्लुब्बी संगप्पा (36,653) को 19,676 वोटों से हराया था.

#4. बबलेश्वर – 29 (Babaleshwar)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से विजुगौड़ा पाटिल, कांग्रेस से मलन्नागौड़ पाटिल
कौन जीता, कौन हारा- कांग्रेस के मलन्नागौड़ (98,339) ने बीजेपी के विजुगौड़ा (68,624) को 29,715 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के एमबी पाटिल (62,061) ने जेडी(एस) के विजूगौड़ा पाटिल (57,706) को 4,355 वोटों से हराया था.

#5. बीजापुर सिटी – 30 (Bijapur City)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से बासवन्ना गौड़ा पाटिल, कांग्रेस से अब्दुल हमीद मुशर्रफ, जेडी(एस) से बेल्लुब्बी संगप्पा कल्लपा
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के बासवन्ना (76,308) ने कांग्रेस के अब्दुल हमीद (69,895) को 6,413 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के मकबूल एस. भगवान (48,615) ने जेडी(एस) के बसनागौड़ा आर. पाटिल (39,235) को 9,380 वोटों से हराया था.

#6. नगथान – 31 (Nagthan)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से गोपाल करजोल, कांग्रेस से विट्ठल धोंधीबा कटकधोंड, जेडी(एस) से देवानंद चौहान
कौन जीता, कौन हारा- जेडी(एस) के देवानंद (59,709) ने कांग्रेस के विट्ठल (54,108) को 5,601 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के राजू अलागुर (45,570) ने देवानंद फुल्सिंह चह्वान (44,903) को 667 वोटों से हराया था.

#7. इंदी – 32 (Indi)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से दयासागर पाटिल, कांग्रेस से यशवंत रे गौड़ वी. पाटिल, जेडी(एस) से बीडी पाटिल
कौन जीता, कौन हारा- कांग्रेस के यशवंत (50,401) ने जेडी(एस) के बीडी पाटिल (40,463) को 9,938 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के यशवंत रे गौड़ा (58,562) ने KJP के रविकांत शंकरेप्पा पाटिल (25,260) को 33,302 वोटों से हराया था.

#8. सिंदगी – 33 (Sindgi)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से रमेश भुसनूर, कांग्रेस से मल्लना निगप्पा सलि, जेडी(एस) से मंगूली मलप्पा चन्नावीरप्पा
कौन जीता, कौन हारा- जेडी(एस) के मंगूली (70,865) ने बीजेपी के रमेश (61,560) को 9,305 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- बीजेपी के रमेश भुसनूर (37,834) ने जेडी(एस) के मंगूली मलप्पा (37,082) को 752 वोटों से हराया था.

नतीजा: 8 सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी-कांग्रेस ने 3-3 और जेडी(एस) ने दो सीटों पर जीत दर्ज की.


इन चार नेताओं के अलावा एक सज्जन ऐसे भी हैं, जो कर्नाटक से ही आते हैं, 2014 से नरेंद्र मोदी कैबिनेट का हिस्सा भी थे, लेकिन अब नहीं हैं. ये हैं गौदरा मल्लिकार्जुनप्पा सिद्धेश्वरा यानी जीएम सिद्धेश्वरा. ये 2016 में कैबिनेट से बाहर हुए. तो आइए, इनकी लोकसभा सीट का भी हाल जान लेते हैं कि इनकी वदह से बीजेपी का क्या और कितना फायदा हुआ.

#E. गौदरा मल्लिकार्जुनप्पा सिद्धेश्वरा

क्या है इन नेताजी की प्रोफाइल

ये संघ की नर्सरी से निकले बीजेपी नेता हैं. 2009-10 में कर्नाटक बीजेपी के उपाध्यक्ष और 2004 से 2014 तक बीजेपी के नेशनल पार्लियामेंटरी पार्टी ट्रेज़रर रहे. इनका चुनावी क्षेत्र दावनगिरि है, जहां से ये 2004 में पहली बार सांसद बने थे. फिर 2009 और 2014 में भी इसी सीट से जीते. इनसे पहले इनके पिता जी. मल्लिकार्जुनप्पा इसी सीट से सांसद थे. वो 1996 और 1999 के लोकसभा चुनाव में जीते थे. अप्रैल 2015 में कर्नाटक लोकायुक्त की SIT ने इनके भाई को गिरफ्तार किया था. मई 2017 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सिद्धेश्वरा के घर और दफ्तरों पर छापा मारा था.

gm siddheshwara (1)

मोदी कैबिनेट में क्या कर रहे थे

2014 में सिद्धेश्वरा को मोदी कैबिनेट में बतौर सिविल एविएशन मिनिस्टर शामिल किया गया था. इनके सेलेक्शन पर सियासी पंडितों को हैरानी भी हुई थी, क्योंकि इससे पहले सिद्धेश्वरा को सरकार में रहने का बिल्कुल अनुभव नहीं था. येदियुरप्पा के करीबी सिद्धेश्वरा ने संगठन का काम ज़्यादा देखा था. हालांकि, नवंबर 2014 में हुए कैबिनेट रीशफल में इन्हें सिविल एविएशन से हटाकर हैवी इंडस्ट्रीज़ ऐंड पब्लिक एंटरप्राइसेस मिनिस्ट्री दी गई. फिर 2016 में हुए कैबिनेट रीशफल में इनसे पद छोड़ने के लिए कहा गया. तब इन्होंने 5 जुलाई तक की मोहलत मांगी थी, क्योंकि 5 जुलाई इनके जन्मदिन पर समर्थकों ने कोई समारोह रखा हुआ था.

2014 के इनके चुनाव का हाल यूं है

– कहां से जीते थे- दावनगिरि लोकसभा सीट से
– हराया किसे था- कांग्रेस के एसएस मल्लिकार्जुन को
– कितने वोटों से- 17,607 वोटों से. सिद्धेश्वरा को 5,18,894 वोट मिले और मल्लिकार्जुन को 5,01,287 वोट मिले थे.
– 2009 में कौन जीता था- 2009 में भी बीजेपी के सिद्धेश्वरा (4,23,447) ने कांग्रेस के एसएस मल्लिकार्जुन (4,21,423) को 2,024 वोटों से हराया था.

दावनगिरि लोकसभा सीट का विधानसभा सीटों के हिसाब से नक्शा.
दावनगिरि लोकसभा सीट का विधानसभा सीटों के हिसाब से नक्शा.

दावनगिरि लोकसभा सीट में कितनी विधानसभाएं आती हैं

आठ आती हैं. इनके नाम हैं- चन्नागिरि, दावनगिरि नॉर्थ, दावनगिरि साउथ, हरपनाहल्ली, हरिहर, होन्नली, जगालुर और मायाकोंडा. 2013 के विधानसभा चुनाव में इन 8 में से 7 सीटें कांग्रेस और एक सीट जेडी(एस) ने जीती थी. आइए, इस बार का हाल जानते हैं.

#1. चन्नागिरि – 109 (Channagiri)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से मदलु विरुपक्षप्पा, कांग्रेस से वडनल राजन्ना, जेडी(एस) से हुडिगेरे रमेश
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के मदलु (73,794) ने कांग्रेस के वडनल (48,014) को 25,780 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के वडनल राजन्ना (53,355) ने KJP के मदलु विरुपक्षप्पा (51,582) को 1,773 वोटों से हराया था.

#2. दावनगिरि नॉर्थ – 106 (Davanagere North)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से एसए रवींद्रनाथ, कांग्रेस से एसएस मल्लिकार्जुन, जेडी(एस) से आनंद एम.
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के रवींद्रनाथ (76,540) ने कांग्रेस के मल्लिकार्जुन (72,469) को 4,071 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के एसएस मल्लिकार्जुन (88,101) ने बीजेपी के एसए रवींद्रनाथ (30,821) को 57,280 वोटों से हराया था.

#3. दावनगिरि साउथ – 107 (Davanagere South)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से यशवंतराव जाधव, कांग्रेस से एस. शिवशंकरप्पा, जेडी(एस) से अमानुल्ला खान
कौन जीता, कौन हारा- कांग्रेस के शिवशंकरप्पा (71,369) ने बीजेपी के जाधव (55,485) को 15,884 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के शिवशंकरप्पा (66,320) ने जेडी(एस) के सैय्यद सैफुल्ला (26,162) को 40,158 वोटों से हराया था.

#4. हरपनाहल्ली – 104 (Harapanahalli)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से करुणाकर रेड्डी, कांग्रेस से एमपी रवींद्र, जेडी(एस) से एन. कोटर्षि अरसाइकेरे
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के करुणाकर (67,603) ने कांग्रेस के रवींद्र (57,956) को 9,647 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के एमपी रवींद्र (56,954) ने बीजेपी के जी. करुणाकर रेड्डी (48,548) को 8,406 वोटों से हराया था.

#5. हरिहर – 105 (Harihar)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से बीपी हरीश, कांग्रेस से एस. रामप्पा, जेडी(एस) से एचएस शिवशंकर
कौन जीता, कौन हारा- कांग्रेस के रामप्पा (64,801) ने बीजेपी के हरीश (57,541) को 7,260 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- जेडी(एस) के एचएस शिवशंकर (59,666) ने कांग्रेस के एस. रामप्पा (40,613) को 19,053 वोटों से हराया था.

#6. होन्नली – 110 (Honnali)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से एमपी रेणुकाचार्या, कांग्रेस से डीजी शांतनगौड़ा, जेडी(एस) से सत्यनारायण राव
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के रेणुकाचार्या (80,624) ने कांग्रेस के शांतनगौड़ा (76,391) को 4,233 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के शांतनगौड़ा (78,789) ने KJP के एमपी रेणुकाचार्या (60,051) को 18,738 वोटों से हराया था.

#7. जगालुर – 103 (Jagalur (ST))

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से एसवी रामचंद्रा, कांग्रेस से एचपी राजेश, जेडी(एस) से देवेंद्रप्पा
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के रामचंद्र (78,948) ने कांग्रेस के राजेश (49,727) को 29,221 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के एचपी राजेश (77,805) ने KJP के एसवी रामचंद्रा (40,915) को 36,890 वोटों से हराया था.

#8. मायाकोंडा – 108 (Mayakonda)

कौन थे कैंडिडेट- बीजेपी से प्रो. लिंगन्ना, कांग्रेस से केएस बासवाराजा, जेडी(एस) से शीला नाइक
कौन जीता, कौन हारा- बीजेपी के लिंगन्ना (50,556) ने कांग्रेस के बासवाराजा (44,098) को 6,458 वोटों से हरा दिया.
2013 में कौन जीता था- कांग्रेस के के. शिवमूर्ति (32,435) ने KJP के एन. लिंगन्ना (31,741) को 694 वोटों से हराया था.

नतीजा: 8 सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी ने 6 और कांग्रेस ने 2 सीटों पर जीत दर्ज की.


कर्नाटक चुनाव से जुड़ी और बातें:

जब एक रहस्यमयी ज्योतिषी ने कुमारस्वामी से कहा – ‘तुम्हारे मुख्यमंत्री बनने का ये सबसे सही समय है’

कर्नाटक के मुख्यमंत्री: एच डी देवेगौड़ा – जिन्हें एक नाटकीय घटनाक्रम ने देश का प्रधानमंत्री बनाया

18वीं सदी का राजा टीपू सुल्तान क्यों 2018 के चुनाव में बन गया मुद्दा?

वो छह सीटें जहां कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे चार नेताओं की इज़्ज़त दांव पर लगी है

कांग्रेस के इस दलित नेता की मुख्यमंत्री बनने की हसरत फिर अधूरी रह गई!

कर्नाटक के मुख्यमंत्री: धरम सिंह – जिनको इंदिरा गांधी ने 1 लाख वोटों से जीती सीट छोड़ने को कहा

इस केस में इंदिरा गांधी जीत जातीं, तो शायद भारत पर हमेशा के लिए कांग्रेस का राज हो जाता!

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

गंदी बात

अपने गांव की बोली बोलने में शर्म क्यों आती है आपको?

अपने गांव की बोली बोलने में शर्म क्यों आती है आपको?

ये पोस्ट दूर-दराज गांव से आए स्टूडेंट्स जो डीयू या दूसरी यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं, उनके लिए है.

बहू-ससुर, भाभी-देवर, पड़ोसन: सिंगल स्क्रीन से फोन की स्क्रीन तक कैसे पहुंचीं एडल्ट फ़िल्में

बहू-ससुर, भाभी-देवर, पड़ोसन: सिंगल स्क्रीन से फोन की स्क्रीन तक कैसे पहुंचीं एडल्ट फ़िल्में

जिन फिल्मों को परिवार के साथ नहीं देख सकते, वो हमारे बारे में क्या बताती हैं?

चरमसुख, चरमोत्कर्ष, ऑर्गैज़म: तेजस्वी सूर्या की बात पर हंगामा है क्यों बरपा?

चरमसुख, चरमोत्कर्ष, ऑर्गैज़म: तेजस्वी सूर्या की बात पर हंगामा है क्यों बरपा?

या इलाही ये माजरा क्या है?

राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहे शख्स से बच्चे ने पूछा- मैं सबको कैसे बताऊं कि मैं गे हूं?

राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहे शख्स से बच्चे ने पूछा- मैं सबको कैसे बताऊं कि मैं गे हूं?

जवाब दिल जीत लेगा.

'इस्मत आपा वाला हफ्ता' शुरू हो गया, पहली कहानी पढ़िए लिहाफ

'इस्मत आपा वाला हफ्ता' शुरू हो गया, पहली कहानी पढ़िए लिहाफ

उस अंधेरे में बेगम जान का लिहाफ ऐसे हिलता था, जैसे उसमें हाथी बंद हो.

PubG वाले हैं क्या?

PubG वाले हैं क्या?

जबसे वीडियो गेम्स आए हैं, तबसे ही वे पॉपुलर कल्चर का हिस्सा रहे हैं. ये सोचते हुए डर लगता है कि जो पीढ़ी आज बड़ी हो रही है, उसके नास्टैल्जिया का हिस्सा पबजी होगा.

Lefthanders Day: बायां हाथ 'उल्टा' ही क्यों हैं, 'सीधा' क्यों नहीं?

Lefthanders Day: बायां हाथ 'उल्टा' ही क्यों हैं, 'सीधा' क्यों नहीं?

मेरा बाएं-हत्था होना लोगों को चौंकाता है. और उनका सवाल मुझे चौंकाता है.

फेसबुक पर हनीमून की तस्वीरें लगाने वाली लड़की और घर के नाम से पुकारने वाली आंटियां

फेसबुक पर हनीमून की तस्वीरें लगाने वाली लड़की और घर के नाम से पुकारने वाली आंटियां

और बिना बैकग्राउंड देखे सेल्फी खींचकर लगाने वाली अन्य औरतें.

'अगर लड़की शराब पी सकती है, तो किसी भी लड़के के साथ सो सकती है'

'अगर लड़की शराब पी सकती है, तो किसी भी लड़के के साथ सो सकती है'

पढ़िए फिल्म 'पिंक' से दर्जन भर धांसू डायलॉग.

मुनासिर ने प्रीति को छह बार चाकू भोंककर क्यों मारा?

मुनासिर ने प्रीति को छह बार चाकू भोंककर क्यों मारा?

ऐसा क्या हुआ, कि सरे राह दौड़ा-दौड़ाकर उसकी हत्या की?

सौरभ से सवाल

दिव्या भारती की मौत कैसे हुई?

दिव्या भारती की मौत कैसे हुई?

खिड़की पर बैठी दिव्या ने लिविंग रूम की तरफ मुड़कर देखा. और अपना एक हाथ खिड़की की चौखट को मजबूती से पकड़ने के लिए बढ़ाया.

कहां है 'सिर्फ तुम' की हीरोइन प्रिया गिल, जिसने स्वेटर पर दीपक बनाकर संजय कपूर को भेजा था?

कहां है 'सिर्फ तुम' की हीरोइन प्रिया गिल, जिसने स्वेटर पर दीपक बनाकर संजय कपूर को भेजा था?

'सिर्फ तुम' के बाद क्या-क्या किया उन्होंने?

बॉलीवुड में सबसे बड़ा खान कौन है?

बॉलीवुड में सबसे बड़ा खान कौन है?

सबसे बड़े खान का नाम सुनकर आपका फिल्मी ज्ञान जमीन पर लोटने लगेगा. और जो झटका लगेगा तो हमेशा के लिए बुद्धि खुल जाएगी आपकी.

'कसौटी ज़िंदगी की' वाली प्रेरणा, जो अनुराग और मिस्टर बजाज से बार-बार शादी करती रही

'कसौटी ज़िंदगी की' वाली प्रेरणा, जो अनुराग और मिस्टर बजाज से बार-बार शादी करती रही

कहां है टेलीविज़न का वो आइकॉनिक किरदार निभाने वाली ऐक्ट्रेस श्वेता तिवारी?

एक्ट्रेस मंदाकिनी आज की डेट में कहां हैं?

एक्ट्रेस मंदाकिनी आज की डेट में कहां हैं?

मंदाकिनी जिन्हें 99 फीसदी भारतीय सिर्फ दो वजहों से याद करते हैं

सर, मेरा सवाल है कि एक्ट्रेस मीनाक्षी शेषाद्री आजकल कहां हैं. काफी सालों से उनका कोई पता नहीं.

सर, मेरा सवाल है कि एक्ट्रेस मीनाक्षी शेषाद्री आजकल कहां हैं. काफी सालों से उनका कोई पता नहीं.

‘दामिनी’ के जरिए नई ऊंचाई तक पहुंचा मीनाक्षी का करियर . फिर घातक के बाद 1996 में उन्होंने मुंबई फिल्म इंडस्ट्री को बाय बोल दिया.

ये KRK कौन है. हमेशा सुर्खियों में क्यों रहता है?

ये KRK कौन है. हमेशा सुर्खियों में क्यों रहता है?

केआरके इंटरनेट एज का ऐसा प्रॉडक्ट हैं, जो हर दिन कुछ ऐसा नया गंधाता करना रचना चाहता है.

एक्ट्रेस किमी काटकर अब कहां हैं?

एक्ट्रेस किमी काटकर अब कहां हैं?

एडवेंचर ऑफ टॉर्जन की हिरोइन किमी काटकर अब ऑस्ट्रेलिया में हैं. सीधी सादी लाइफ बिना किसी एडवेंचर के

चाय बनाने को 'जैसे पापात्माओं को नर्क में उबाला जा रहा हो' कौन सी कहानी में कहा है?

चाय बनाने को 'जैसे पापात्माओं को नर्क में उबाला जा रहा हो' कौन सी कहानी में कहा है?

बहुत समय पहले से बहुत समय बाद की बात है. इलाहाबाद में थे. जेब में थे रुपये 20. खरीदी हंस...

सर आजकल मुझे अजीब सा फील होता है क्या करूं?

सर आजकल मुझे अजीब सा फील होता है क्या करूं?

खुड्डी पर बैठा था. ऊपर से हेलिकॉप्टर निकला. मुझे लगा. बाबा ने बांस गहरे बोए होते तो ऊंचे उगते.