Submit your post

Follow Us

जो काम मोदी 3 साल से कर रहे हैं, वही कर दें तो कश्मीर का टंटा ही खत्म हो जाएगा

प्रधानमंत्री अपने विकास कार्यों का जबरदस्त प्रचार करने में माहिर हैं. कश्मीर में वो ऐसा क्यों नहीं कर पाते?

क्या पीएम मोदी अपने दम पर कश्मीर के नाराज लोगों को खुद के साथ जोड़ सकते हैं? क्या देश के बाकी राज्यों के मुख्यमंत्री भी अपने तरीके से कश्मीर को बचा सकते हैं?

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने नीति आयोग की मीटिंग में देश के बाकी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से गुजारिश की कि अपने-अपने राज्यों में वो लोग कश्मीरी स्टूडेंट्स के लिए खड़े हों. क्योंकि हाल में राजस्थान और उत्तर प्रदेश में कश्मीर के बच्चों पर कई हमले हुए हैं. बिट्स पिलानी में भी एक रिसर्च स्कॉलर को धमकी दी गई.

बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद स्थिति कुछ ऐसी बनी है कि कश्मीर का हर बच्चा लोगों की नजर में पत्थरबाज बन गया है. पर इसके ठीक पहले एक और अप्रत्याशित घटना हुई थी. भाजपा के साथ मिलकर महबूबा मुफ्ती ने वहां सरकार बना ली थी. तो लोगों को लगा कि कुछ बड़े बदलाव होंगे.

MEHBOOBA-875
महबूबा मुफ्ती

क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी ने 2013-14 में जबर्दस्त तरीके से लोगों तक अपनी बात पहुंचाई थी. उन पर आरोप लगे कि उन्होंने प्रधानमंत्री चुनाव को अमेरिका के प्रेसिडेंशियल चुनाव की तरह बना दिया. जो भी हो, नरेंद्र मोदी हर मुद्दे को अपनी तरफ घुमा के रखने में सक्षम रहते हैं. दिल्ली में विधानसभा चुनाव में भाजपा हार गई, पर उपचुनाव होते-होते बाजी पलटने लगी है. इसी तरह बिहार चुनाव में हारने के बाद पीएम मोदी ने यूपी और उत्तराखंड में अपनी ताकत दिखाई. इसी तरह नॉर्थ-ईस्ट में जीते. यहां तक कि पश्चिम बंगाल में भी इनका वोट परसेंटेज बढ़ा है. उपचुनावों से पता चलता है. नरेंद्र मोदी ने बसपा, सपा और अन्य दलों की सोशल इंजीनियरिंग तोड़ दी है.

हमें याद रखना चाहिए कि लड़ाई के दौरान जो शत्रु पक्ष में कहा जाता है, वो हमेशा प्रोपेगैंडा होता है. जो हमारी साइड में कहा जाता है, वो सच होता है, इंसानियत के नाम पर होता है और शांति की राह में होता है.
-वॉल्टर लिपमैन

पर अपनी इन्हीं ताकतों का इस्तेमाल कर वो कश्मीर के लोगों से क्यों नहीं बात कर पाते हैं? जिस तरीके से उन्होंने अपने विकास के मॉडल को सबके दिमाग में डाल दिया, उसी तरीके से कश्मीर में क्यों नहीं कर पा रहे.


जबकि कश्मीर के अलगाववादी तत्व इसी मशीनरी का इस्तेमाल कर ये बातें कश्मीरियों के दिमाग में डालने में कामयाब रहे हैं:

1. ओपन मैगजीन में राहुल पंडिता ने साउथ कश्मीर के एक 16 साल के लड़के का जिक्र किया है. वो लड़का 2009 में हुए कथित शोपियान बलात्कार मामले के बारे में बोल रहा है. वो कहता है कि पोस्टमॉर्टम के दौरान पता चला कि रेप पीड़िता नीलोफर के शरीर में 5 लीटर वीर्य है. ये कहानी वहां पर चल रही है, जबकि किसी औरत के यूट्रस में इतनी जगह ही नहीं कि 5 लीटर लिक्विड आ सके. पर वहां यही थ्योरी चलती है कि नीलोफर की मौत के बाद भी उसका इतने लोगों ने बलात्कार किया कि इतना लिक्विड जमा हो गया. किसी के दिल में नफरत फैलाने के लिए ये बहुत बड़ी बात हो सकती है.

kashmir
कश्मीर की औरतें

2. सितंबर 2014 में कश्मीर बाढ़ राहत के दौरान अचानक अलगाववादी नेता यासीन मलिक और उनके सपोर्टर्स का नाम उछलने लगा. लाल चौक एरिया में यासीन मलिक और उनके लोगों ने राहत दल के लोगों से कथित रूप से नाव छीन ली और खुद सामान बांटने लगे. आर्मी वहां पर ऑपरेशन मेघ राहत चला रही थी. यासीन के इस कदम का उद्देश्य कश्मीर के लोगों में अलगाववादी लोगों के लिए सहानुभूति पैदा करना था. वो ये भी दिखाना चाह रहे थे कि वो मदद करना चाहते हैं और आर्मी उनको मदद नहीं करने दे रही.

yasin
यासीन मलिक

3. बुरहान वानी का मामला कुछ ऐसा बना कि एक आतंकवादी कश्मीर के लोगों के लिए आदर्श पुरुष बन गया. जबकि कश्मीर से आनेवाले आईएस अफसर शाह फैजल ने कई बार अखबारों में लिखा कि बुरहान कश्मीर को रिप्रजेंट नहीं करता है. बुरहान वानी मामले में ये भी हो गया कि चाहे कश्मीर के लोग माने या ना माने, देश के बाकी राज्यों में दूर से ही ये इमेज बन गई कि कश्मीरी बच्चे बुरहान वानी को अपना आदर्श मानते हैं. दोनों ही स्थितियों में भारत का ही घाटा हो रहा है. अलगाववादी दोनों ही तरीकों से फायदा कमा रहे हैं.

बुरहान वानी
बुरहान वानी

4. अभी हाल में एक वीडियो आया जिसमें पाया गया कि कश्मीर के नौजवान सीआरपीएफ के जवानों से धक्कामुक्की कर रहे हैं और जवान हंसकर टाल रहे हैं. इसके बाद देश में सनसनी मच गई. अचानक लोगों को लगने लगा कि सारे सेना के जवान कश्मीर में इसी तरह से धमकाए जाते हैं. कश्मीर के बच्चों के लिए नए किस्म की नफरत पैदा होने लगी. फिल्म शौर्य के केके मेनन की भड़काऊ स्पीच व्हॉट्सऐप पर भेजी जाने लगी. फिक्शन और फैक्ट में कोई अंतर ही नहीं रह गया. फिर एक वीडियो आया जिसमें सेना के जवान कश्मीर के एक लड़के को जीप में बांधकर घुमा रही थी ताकि कोई उनपर पत्थर ना फेंके. इससे ये इमेज बनी कि सेना के जवान कुछ भी कर देते हैं कश्मीर के लोगों के साथ. दोनों ही अलग-अलग घटनाएं हैं. सिंगल घटनाएं हैं. लेकिन इमेज ऐसी बनती है कि ये रोज-रोज होता है. अलगाववादी लोगों के लिए ये प्रोपेगैंडा बहुत काम करता है. वहीं भारत के लिए ये बहुत दिक्कत पैदा करता है.

Farooq-Ahmed-Dar_150417-032000
फारूख अहमद डार जिनको जीप पर बांधकर घुमाया गया

सबसे बड़ी बात ये है कि कश्मीर की वास्तविक स्थिति आतंकवाद से हटकर है. वहां अर्थव्यवस्था बहुत कमजोर है. ऐसे में इमोशनल बातें करना कोई बहुत ज्यादा फायदा नहीं देगा. पर वहीं पर ये भी है कि कश्मीर के खर्चों का ज्यादातर हिस्सा केंद्र सरकार देती है. तो महबूबा मुफ्ती की गुजारिश को ध्यान में रखते हुए क्यों नहीं अपने कामों को अपने शब्दों के माध्यम से सरकार लोगों तक पहुंचा रही है. इधर-उधर ये बयान देना कि कश्मीर भारत का हिस्सा है, हम उसे नहीं छोड़ेंगे, से कोई फायदा नहीं नजर आया है. अभी नरेंद्र मोदी अपनी चुनावी मशीनरी का इस्तेमाल कश्मीर के हालात सुधारने के लिए कर सकते हैं. जिस तरीके से उन्होंने बाकी पार्टियों की विरासत को धीरे-धीरे सबसे जोड़ दिया है, वो राजनीतिक रूप से बेहत तेज चाल है. चाहे वो भीमराव अंबेडकर हों या लाल बहादुर शास्त्री या फिर सुभाषचंद्र बोस सबको उन्होंने भाजपा के साथ जोड़ दिया है. इस बात के लिए उनकी आलोचना होती है, पर ये स्किल भी तो है. जिसका इस्तेमाल कश्मीर में भी किया जा सकता है.

जितना पैसा कश्मीर में जा रहा है और जितनी योजनाएं चल रही हैं, उनको सही से करवाने के लिए केंद्र सरकार को तत्पर होना चाहिए. इसके बाद जिस तरह से पीएम ने यूपी में खुद के लिए सपोर्ट बटोरा, उसी तरह वहां भी बटोर सकते हैं. साथ ही बाकी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को वाकई में कश्मीरी स्टूडेंट्स के लिए खड़ा होना पड़ेगा. क्योंकि बाकी जगहों के लोग विक्षिप्तों की तरह व्यवहार कर रहे हैं. वॉट्सऐप पर खबर पढ़कर कश्मीर के बच्चों से मार-पीट कर रहे हैं. ये मुख्यमंत्रियों के लिए शर्म की बात है. यहीं पर तो सत्ता पक्ष को भरोसा जीतना होता है. अगर पीएम मोदी और मुख्यमंत्री यही काम करने में कामयाब रहे तो कश्मीर की स्थिति नॉर्मल तो हो ही सकती है जिसके लिए बार-बार डेडलाइन दी जा रही है.

Also Read:

‘सिर काटने वाले मुस्लिम आतंकियों से 50 गुना क्रूर हूं, नमक लगाकर कलेजा खा जाऊंगा’

जिनको ‘क्रूरता’ के लिए याद रखा गया, उन्होंने लता मंगेशकर को सोने का कुंडल इनाम दिया

क्या न्यूक्लियर युद्ध में सब मारे जाएंगे? पढ़िए एटम बम से जुड़े दस बड़े झूठ

उस इंसान की कहानी, जिसके आगे पूरी भाजपा हाथ जोड़ के सजदा करती है

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

गंदी बात

बहू-ससुर, भाभी-देवर, पड़ोसन: सिंगल स्क्रीन से फोन की स्क्रीन तक कैसे पहुंचीं एडल्ट फ़िल्में

जिन फिल्मों को परिवार के साथ नहीं देख सकते, वो हमारे बारे में क्या बताती हैं?

चरमसुख, चरमोत्कर्ष, ऑर्गैज़म: तेजस्वी सूर्या की बात पर हंगामा है क्यों बरपा?

या इलाही ये माजरा क्या है?

राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहे शख्स से बच्चे ने पूछा- मैं सबको कैसे बताऊं कि मैं गे हूं?

जवाब दिल जीत लेगा.

'इस्मत आपा वाला हफ्ता' शुरू हो गया, पहली कहानी पढ़िए लिहाफ

उस अंधेरे में बेगम जान का लिहाफ ऐसे हिलता था, जैसे उसमें हाथी बंद हो.

PubG वाले हैं क्या?

जबसे वीडियो गेम्स आए हैं, तबसे ही वे पॉपुलर कल्चर का हिस्सा रहे हैं. ये सोचते हुए डर लगता है कि जो पीढ़ी आज बड़ी हो रही है, उसके नास्टैल्जिया का हिस्सा पबजी होगा.

बायां हाथ 'उल्टा' ही क्यों हैं, 'सीधा' क्यों नहीं?

मां-बाप और टीचर बच्चों को पीट-पीट दाहिने हाथ से काम लेने के लिए मजबूर करते हैं. क्यों?

फेसबुक पर हनीमून की तस्वीरें लगाने वाली लड़की और घर के नाम से पुकारने वाली आंटियां

और बिना बैकग्राउंड देखे सेल्फी खींचकर लगाने वाली अन्य औरतें.

'अगर लड़की शराब पी सकती है, तो किसी भी लड़के के साथ सो सकती है'

पढ़िए फिल्म 'पिंक' से दर्जन भर धांसू डायलॉग.

मुनासिर ने प्रीति को छह बार चाकू भोंककर क्यों मारा?

ऐसा क्या हुआ, कि सरे राह दौड़ा-दौड़ाकर उसकी हत्या की?

हिमा दास, आदि

खचाखच भरे स्टेडियम में भागने वाली लड़कियां जो जीवित हैं और जो मर गईं.

सौरभ से सवाल

दिव्या भारती की मौत कैसे हुई?

खिड़की पर बैठी दिव्या ने लिविंग रूम की तरफ मुड़कर देखा. और अपना एक हाथ खिड़की की चौखट को मजबूती से पकड़ने के लिए बढ़ाया.

कहां है 'सिर्फ तुम' की हीरोइन प्रिया गिल, जिसने स्वेटर पर दीपक बनाकर संजय कपूर को भेजा था?

'सिर्फ तुम' के बाद क्या-क्या किया उन्होंने?

बॉलीवुड में सबसे बड़ा खान कौन है?

सबसे बड़े खान का नाम सुनकर आपका फिल्मी ज्ञान जमीन पर लोटने लगेगा. और जो झटका लगेगा तो हमेशा के लिए बुद्धि खुल जाएगी आपकी.

'कसौटी ज़िंदगी की' वाली प्रेरणा, जो अनुराग और मिस्टर बजाज से बार-बार शादी करती रही

कहां है टेलीविज़न का वो आइकॉनिक किरदार निभाने वाली ऐक्ट्रेस श्वेता तिवारी?

एक्ट्रेस मंदाकिनी आज की डेट में कहां हैं?

मंदाकिनी जिन्हें 99 फीसदी भारतीय सिर्फ दो वजहों से याद करते हैं

सर, मेरा सवाल है कि एक्ट्रेस मीनाक्षी शेषाद्री आजकल कहां हैं. काफी सालों से उनका कोई पता नहीं.

‘दामिनी’ के जरिए नई ऊंचाई तक पहुंचा मीनाक्षी का करियर . फिर घातक के बाद 1996 में उन्होंने मुंबई फिल्म इंडस्ट्री को बाय बोल दिया.

ये KRK कौन है. हमेशा सुर्खियों में क्यों रहता है?

केआरके इंटरनेट एज का ऐसा प्रॉडक्ट हैं, जो हर दिन कुछ ऐसा नया गंधाता करना रचना चाहता है.

एक्ट्रेस किमी काटकर अब कहां हैं?

एडवेंचर ऑफ टॉर्जन की हिरोइन किमी काटकर अब ऑस्ट्रेलिया में हैं. सीधी सादी लाइफ बिना किसी एडवेंचर के

चाय बनाने को 'जैसे पापात्माओं को नर्क में उबाला जा रहा हो' कौन सी कहानी में कहा है?

बहुत समय पहले से बहुत समय बाद की बात है. इलाहाबाद में थे. जेब में थे रुपये 20. खरीदी हंस...

सर आजकल मुझे अजीब सा फील होता है क्या करूं?

खुड्डी पर बैठा था. ऊपर से हेलिकॉप्टर निकला. मुझे लगा. बाबा ने बांस गहरे बोए होते तो ऊंचे उगते.