Submit your post

Follow Us

आसाराम ने जो किया था वो रेप था या नहीं, जानिए हर एक बारीक बात

कोर्ट से रेप का दोषी करार दिए जाने के बावजूद आसाराम के समर्थक ये मानने को तैयार नहीं हैं कि उसने रेप किया है. खुद को आसाराम का शिष्य बताने वाले गुजरात के पूर्व IPS डीजी वंजारा ने फैसला आने के बाद कहा,

‘हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन ये रेप का मामला नहीं है. केस की FIR में आप पाएंगे कि रेप का कोई ज़िक्र नहीं है. केस के दौरान भी पीड़िता ने कभी आसाराम पर रेप का आरोप नहीं लगाया. मेडिकल जांच में पाया गया कि लड़की का कौमार्य भंग नहीं हुआ. पूरा मामला गलत तरह से छूने का है. ऐसे मामलों से हिंदू संतों और धर्म को बदनाम करने की साज़िश की जा रही है. मुझे भरोसा है कि हाईकोर्ट में आसाराम बरी हो जाएंगे.’

बयान देते समय डीजी वंजारा. ये गुजरात के सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में लंबे वक्त तक जेल में रहे और हाल ही में बरी हुए हैं.
बयान देते समय डीजी वंजारा. ये गुजरात के सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में लंबे वक्त तक जेल में रहे और हाल ही में बरी हुए हैं.

आसाराम के पक्ष में और भी कई (कु)तर्क रखे जा रहे हैं. मसलन, आरोप लगाने वाली लड़की नाबालिग नहीं है, वो आसाराम के कमरे में गई ही नहीं, FIR को बदलकर संगीन बना दिया गया. पर ज़्यादा ज़ोर इसी बात पर है कि आसाराम ने रेप नहीं किया, क्योंकि वो ऐसा मानते हैं कि रेप तभी होता है, जब कोई पुरुष किसी महिला की योनि में जबरन लिंग डाल दे. समर्थकों के मुताबिक आसाराम ने ऐसा नहीं किया.

आसाराम के समर्थन में लिखी गई एक फेसबुक पोस्ट, जिसमें लिखा गया कि लड़की आसाराम के कमरे में गई ही नहीं थी.
आसाराम के समर्थन में लिखी गई एक फेसबुक पोस्ट, जिसमें लिखा गया कि लड़की आसाराम के कमरे में गई ही नहीं थी.

ये तर्क देने वाले दो तरह के लोग हैं. पहले, जो आसाराम के अंध-समर्थक हैं. दूसरे, जिन्हें भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code- IPC) में दी रेप की परिभाषा और सज़ा की पूरी जानकारी नहीं है. दी लल्लनटॉप आपको बताएगा कि IPC के तहत कौन सी हरकतें रेप की श्रेणी में आती हैं और उनके लिए कितनी सज़ा मिलती है.

सबसे पहले धारा 375 जानते हैं

ज़्यादातर लोगों को लगता है कि रेप के मामलों में IPC की धारा 376 लगती है. असल में धारा 375 में रेप की परिभाषा बताई गई है, जबकि 376 में सज़ा के बारे में बताया गया है. धारा 375 में चार हिस्सों में बताया गया है कि कौन सी हरकतें रेप की श्रेणी में आती हैं:-

#1. अगर कोई पुरुष जबरन किसी महिला की योनि, गुदा या मुंह में किसी भी सीमा तक लिंग डालता है
#2. अगर कोई पुरुष जबरन किसी महिला के इन्हीं अंगों में अपने लिंग के अलावा शरीर का कोई अंग या कोई दूसरी चीज़ किसी भी सीमा तक डालता है
#3. अगर कोई पुरुष किसी महिला के शरीर के किसी अंग को जबरन उसकी योनि, गुदा या मुंह में डालता है
#4. अगर कोई पुरुष जबरन किसी महिला की योनि या गुदा पर अपना मुंह लगाता है

तो इसे बलात्कार माना जाएगा.

धारा 375 में 7 ऐसे हालात का ज़िक्र भी है, जिनके तहत इन हरकतों को रेप माना जाएगा:-

#1. अगर ऐसा महिला की इच्छा के खिलाफ किया गया हो
#2. अगर ऐसा महिला की सहमति के बिना किया गया हो
#3. अगर ऐसा महिला को डरा-धमकाकर उसे सहमत कराके किया गया हो
#4. अगर पुरुष को पता हो कि वो महिला का पति नहीं है, जबकि महिला को ये भरोसा हो कि पुरुष उससे कानूनन शादी करेगा
#5. अगर ऐसा मानसिक अस्वस्थ महिला को बहला-फुसलाकर किया गया हो. या बेहोशी की हालत में किसी महिला से सहमति ली गई हो, जब वो पुरुष की हरकतों का नतीजा समझने की हालत में न हो
#6. अगर ऐसा 16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ किया गया हो, फिर भले ही उसने सहमति दी हो या न दी हो
#7. अगर कोई महिला सहमति देने या विरोध करने की स्थिति में न हो और उसके साथ ये सब किया गया हो

तो इसे बलात्कार माना जाएगा.

आसान भाषा में: किसी महिला की सहमति के बिना उसके शरीर के किसी भी अंग में अपने शरीर का कोई भी अंग या कोई और चीज़ डालना रेप होता है.

ipc

अब धारा 376 जानते हैं

धारा 375 में रेप डिस्क्राइब होने के बाद आती है धारा 376, जिसमें सज़ा का ज़िक्र किया गया है. इसके कई हिस्से हैं, जिनमें अलग-अलग हालात में या अलग-अलग तरह से रेप होने पर सज़ा का ज़िक्र किया गया है. पहले धारा 376 के दो हिस्सों के बारे में जानेंगे, जो किसी आम व्यक्ति और किसी पदाधिकारी को मिलने वाली सज़ा में फर्क बताते हैं. फिर बाकी हिस्सों के बारे में जानेंगे.

376(i). जिन लोगों का 376(ii) में जिक्र नहीं किया गया है, उनमें से कोई अगर रेप करता है, तो उसे कम से कम 7 साल जेल और अधिकतम उम्रकैद की सज़ा हो सकती है. साथ में जुर्माना भी लगाया जाएगा. उम्रकैद में बची सारी उम्र जेल में रहना होगा. अगर 7 साल से ऊपर किसी मियाद के लिए सज़ा दी जाती है, तो जज उसका ज़िक्र फैसले में साफ करेंगे कि सज़ा कितने साल की होगी.

376(ii). अगर किसी

पुलिस अधिकारी ने रेप किया है (अपने थाने, किसी और थाने या अपनी कस्टडी में किसी महिला के साथ)
सरकारी अधिकारी ने अपने पद का फायदा उठाते हुए किसी महिला या अपने अंडर काम करने वाली किसी महिला से रेप किया है
केंद्र या राज्य सरकार के अंडर आने वाली किसी आर्म्ड फोर्स के सैनिक ने रेप किया है
अगर कोई जेल, रिमांड रूम, कस्टडी रूम या अनाथालय में रेप करता है
अस्पताल के किसी कर्मचारी ने अस्पताल में किसी महिला से रेप किया है
महिला के किसी रिश्तेदार, गार्जियन, टीचर या अधिकारी की हैसियत वाले शख्स ने उसके साथ रेप किया है
किसी ने रेप करते समय महिला को चोट पहुंचाई हो या उसे विकलांग बना दिया हो
कुछ लोगों ने मिलकर महिला के साथ गैंगरेप किया हो

तो कम से कम 10 साल जेल और अधिकतम उम्रकैद की सज़ा हो सकती है. साथ में जुर्माना भी लगाया जाएगा. उम्रकैद में बची सारी उम्र जेल में रहना होगा.  अगर 10 साल से ऊपर किसी मियाद के लिए सज़ा दी जाती है, तो जज उसका ज़िक्र फैसले में साफ करेंगे कि सज़ा कितने साल की होगी.

376A:- अगर कोई 376(i) और 376(ii) के तहत सज़ा मिलने वाला क्राइम करता है और क्राइम की वजह से महिला की मौत हो जाती है, तो क्रिमिनल को कम से कम 20 साल जेल या उम्रकैद या मृत्युदंड की सज़ा हो सकती है.

376B:- अगर कोई महिला अपने पति से कानूनन या आपसी सहमति से अलग रह रही है और पति उसकी सहमति के बिना उसके साथ सेक्शुअल इंटरकोर्स करता है, तो पति को कम से कम दो साल और अधिकतम सात साल की जेल होगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा.

376C:- अगर किसी महिला से गैंगरेप होता है, तो रेप करने वाले हर शख्स को कम से कम 20 साल जेल और अधिकतम उम्रकैद की सज़ा हो सकती है. साथ ही, जुर्माना भी लगाया जाएगा.

ipc

ये तो हो गईं 375 और 376. अब पॉक्सो समझिए

Pocso यानी Protection of Children from Sexual Offences Act यानी बच्चों को यौन अपराधों से बचाने का अधिनियम. 2012 में ये ऐक्ट इसलिए बनाया गया था, ताकि बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों का ट्रायल आसान हो सके और अपराधियों को जल्द सजा मिल सके. इस ऐक्ट में 18 साल से कम उम्र वाले को बच्चे की कैटेगरी में रखा जाता है. 2012 से पहले बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों को लेकर कोई खास नियम-कानून नहीं था.

पॉक्सो में किन चीज़ों को यौन अपराध माना जाएगा

बच्चों के शरीर के किसी भी अंग में लिंग या कोई और चीज़ डालना यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आएगा. इसके अलावा उनके साथ किसी भी तरह का सेक्शुअल इंटरकोर्स, यौन शोषण और पोर्नोग्राफी यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आएगा. अगर बच्चा मानसिक रूप से बीमार है या बच्चे से यौन अपराध करने वाला सैनिक, सरकारी अधिकारी या कोई ऐसा व्यक्ति है, जिस पर बच्चा भरोसा करता है, जैसे रिश्तेदार, पुलिस अफसर, टीचर या डॉक्टर, तो इसे और संगीन अपराध माना जाएगा.

ऐक्ट की एक मज़बूत बात

इस ऐक्ट ने यौन अपराध को रिपोर्ट करना अनिवार्य कर दिया है. यानी अगर आपको किसी बच्चे के साथ होने वाले यौन अपराध की जानकारी है, तो ये आपकी कानूनी ज़िम्मेदारी है कि आप इसे रिपोर्ट करें. ऐसा न करने पर आपको 6 महीने की जेल और जुर्माना हो सकता है.

pocso

कैसे होगा ट्रायल

ऐक्ट के मुताबिक किसी केस के स्पेशल कोर्ट के संज्ञान में आने के 30 दिनों के अंदर क्राइम के सबूत इकट्ठे कर लिए जाने चाहिए और स्पेशल कोर्ट को ज़्यादा से ज़्यादा से एक साल के अंदर ट्रायल पूरा कर लेना चाहिए. बच्चे का मेडिकल 24 घंटे के भीतर हो जाना चाहिए. ऐक्ट के मुताबिक स्पेशल कोर्ट को सुनवाई कैमरे के सामने करने की कोशिश करनी चाहिए. साथ ही, कोर्ट में बच्चे के पेरेंट्स या कोई ऐसा व्यक्ति मौजूद होना चाहिए, जिस पर बच्चा भरोसा करता हो.

सज़ा क्या मिलेगी

ये ऐक्ट कहता है कि केस जितना गंभीर हो, सज़ा उतनी ही कड़ी होनी चाहिए. बाकी कम से कम 10 साल जेल की सज़ा तो होगी ही, जो उम्रकैद तक बढ़ सकती है और जुर्माना भी लग सकता है. बच्चों के पॉर्नॉग्राफिक मटीरियल रखने पर तीन साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है. अप्रैल 2018 में ही केंद्र सरकार ने पॉक्सो में एक अहम बदलाव किया है, जिसके तहत 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप करने पर मौत की सज़ा दी जाएगी.

आसाराम पर आरोप लगाने लड़की ने क्या बयान दिया था

आसाराम के पक्ष में तर्क दिया जा रहा है कि उसने लड़की को सिर्फ छुआ था. वहीं लड़की के बयान का एक हिस्सा कहता है,

‘उसने मुझे किस किया. मुझे गलत तरह छुआ. मेरे पूरे शरीर पर हाथ फेरा. फिर जबरन उसने मुझे हर जगह किस किया और अपना लिंग चूसने को कहा. वो बगैर कपड़ों के था. वो जबरन मेरे कपड़े उतारने लगा. मैं रोने लगी. चिल्लाने लगी, तो उसने मेरा मुंह दबाकर बंद कर दिया. करीब एक से डेढ़ घंटे तक उसने मेरे साथ छेड़छाड़ की. कमरे के बाहर उसके दो-तीन सेवक भी थे. जैसे ही मैं बाहर आई, तो उसने मुझे फिर धमकी दी कि इस बारे में किसी से कुछ मत कहना.’

लड़की का पूरा बयान आप यहां क्लिक करके पढ़ सकते हैं

asaram

आसाराम को मिली सज़ा की डीटेल

1) धारा 370(4)- ये मर्ज़ी के खिलाफ जबर्दस्ती करने पर लगाई जाती है. इसके तहत आसाराम पर 10 साल की जेल और एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है.
2) धारा 342- ये रास्ता रोककर जबरन छेड़खानी करने पर लगाई जाती है. इसके तहत आसाराम पर एक साल की जेल और एक हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया गया है.
3) धारा 506- ये आपराधिक रूप से डराने-धमकाने पर लगाई जाती है. इसके तहत आसाराम पर एक साल की जेल और एक हज़ार रुपए जुर्माना लगाया गया है.
4) धारा 376 (2) (एफ)- गार्जियन, टीचर या पेरेंट्स के रेप करने पर इस धारा के तहत सज़ा मिलती है. इसके तहत आसाराम को उम्रकैद, जो ज़िंदगी भर के लिए होगी और एक लाख रुपए जुर्माना लगाया गया है.
5) धारा 376 (डी)- किसी संस्था में रह रही महिला से रेप करने पर इस धारा के तहत सज़ा मिलती है. इसके तहत आसाराम को ज़िंदगी भर की उम्रकैद और एक लाख रुपए जुर्माना लगाया गया है.


ये भी पढ़ें:

ये है आसाराम का फिदायीन कार्तिक हलदर, जिसने ‘बापू’ को बचाने के लिए 3 गवाह मार डाले

पार्थिव पटेल को क्यों मरवाना चाहता था रेपिस्ट आसाराम

आसाराम को सज़ा सुनाते हुए जज बोले- इस आदमी को कभी जेल के बाहर नहीं आना चाहिए

मोदी और आसाराम का वीडियो रीट्वीट करके ICC पछताई

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

गंदी बात

बहू-ससुर, भाभी-देवर, पड़ोसन: सिंगल स्क्रीन से फोन की स्क्रीन तक कैसे पहुंचीं एडल्ट फ़िल्में

जिन फिल्मों को परिवार के साथ नहीं देख सकते, वो हमारे बारे में क्या बताती हैं?

चरमसुख, चरमोत्कर्ष, ऑर्गैज़म: तेजस्वी सूर्या की बात पर हंगामा है क्यों बरपा?

या इलाही ये माजरा क्या है?

राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहे शख्स से बच्चे ने पूछा- मैं सबको कैसे बताऊं कि मैं गे हूं?

जवाब दिल जीत लेगा.

'इस्मत आपा वाला हफ्ता' शुरू हो गया, पहली कहानी पढ़िए लिहाफ

उस अंधेरे में बेगम जान का लिहाफ ऐसे हिलता था, जैसे उसमें हाथी बंद हो.

PubG वाले हैं क्या?

जबसे वीडियो गेम्स आए हैं, तबसे ही वे पॉपुलर कल्चर का हिस्सा रहे हैं. ये सोचते हुए डर लगता है कि जो पीढ़ी आज बड़ी हो रही है, उसके नास्टैल्जिया का हिस्सा पबजी होगा.

बायां हाथ 'उल्टा' ही क्यों हैं, 'सीधा' क्यों नहीं?

मां-बाप और टीचर बच्चों को पीट-पीट दाहिने हाथ से काम लेने के लिए मजबूर करते हैं. क्यों?

फेसबुक पर हनीमून की तस्वीरें लगाने वाली लड़की और घर के नाम से पुकारने वाली आंटियां

और बिना बैकग्राउंड देखे सेल्फी खींचकर लगाने वाली अन्य औरतें.

'अगर लड़की शराब पी सकती है, तो किसी भी लड़के के साथ सो सकती है'

पढ़िए फिल्म 'पिंक' से दर्जन भर धांसू डायलॉग.

मुनासिर ने प्रीति को छह बार चाकू भोंककर क्यों मारा?

ऐसा क्या हुआ, कि सरे राह दौड़ा-दौड़ाकर उसकी हत्या की?

हिमा दास, आदि

खचाखच भरे स्टेडियम में भागने वाली लड़कियां जो जीवित हैं और जो मर गईं.

सौरभ से सवाल

दिव्या भारती की मौत कैसे हुई?

खिड़की पर बैठी दिव्या ने लिविंग रूम की तरफ मुड़कर देखा. और अपना एक हाथ खिड़की की चौखट को मजबूती से पकड़ने के लिए बढ़ाया.

कहां है 'सिर्फ तुम' की हीरोइन प्रिया गिल, जिसने स्वेटर पर दीपक बनाकर संजय कपूर को भेजा था?

'सिर्फ तुम' के बाद क्या-क्या किया उन्होंने?

बॉलीवुड में सबसे बड़ा खान कौन है?

सबसे बड़े खान का नाम सुनकर आपका फिल्मी ज्ञान जमीन पर लोटने लगेगा. और जो झटका लगेगा तो हमेशा के लिए बुद्धि खुल जाएगी आपकी.

'कसौटी ज़िंदगी की' वाली प्रेरणा, जो अनुराग और मिस्टर बजाज से बार-बार शादी करती रही

कहां है टेलीविज़न का वो आइकॉनिक किरदार निभाने वाली ऐक्ट्रेस श्वेता तिवारी?

एक्ट्रेस मंदाकिनी आज की डेट में कहां हैं?

मंदाकिनी जिन्हें 99 फीसदी भारतीय सिर्फ दो वजहों से याद करते हैं

सर, मेरा सवाल है कि एक्ट्रेस मीनाक्षी शेषाद्री आजकल कहां हैं. काफी सालों से उनका कोई पता नहीं.

‘दामिनी’ के जरिए नई ऊंचाई तक पहुंचा मीनाक्षी का करियर . फिर घातक के बाद 1996 में उन्होंने मुंबई फिल्म इंडस्ट्री को बाय बोल दिया.

ये KRK कौन है. हमेशा सुर्खियों में क्यों रहता है?

केआरके इंटरनेट एज का ऐसा प्रॉडक्ट हैं, जो हर दिन कुछ ऐसा नया गंधाता करना रचना चाहता है.

एक्ट्रेस किमी काटकर अब कहां हैं?

एडवेंचर ऑफ टॉर्जन की हिरोइन किमी काटकर अब ऑस्ट्रेलिया में हैं. सीधी सादी लाइफ बिना किसी एडवेंचर के

चाय बनाने को 'जैसे पापात्माओं को नर्क में उबाला जा रहा हो' कौन सी कहानी में कहा है?

बहुत समय पहले से बहुत समय बाद की बात है. इलाहाबाद में थे. जेब में थे रुपये 20. खरीदी हंस...

सर आजकल मुझे अजीब सा फील होता है क्या करूं?

खुड्डी पर बैठा था. ऊपर से हेलिकॉप्टर निकला. मुझे लगा. बाबा ने बांस गहरे बोए होते तो ऊंचे उगते.