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दिनेश कार्तिक के शराबी बनने, आत्महत्या के बारे में सोचने के दावे का पूरा सच ये है!

फेसबुक कमाल की चीज है. साल 2004 के फरवरी महीने में कैम्ब्रिज़ नाम के अमेरिकी शहर में इसकी शुरुआत हुई थी. और इसी साल सितंबर में दिनेश कार्तिक नामक युवा विकेटकीपर ने भारतीय क्रिकेट टीम ने अपना डेब्यू किया. फिर आया इसी साल का दिसंबर. महेंद्र सिंह धोनी ने वनडे डेब्यू किया. और अपने पांचवें मैच में ही सालों की खोज पूरी कर दी. अब ना राहुल द्रविड़ ग्लव्स पहने दिखते और ना हर रोज़ विकेट के पीछे नया चेहरा. अब बचे हुए भारतीय विकेटकीपर्स की तरह कार्तिक भी डोमेस्टिक क्रिकेट तक ही रह गए.

इस बात को 18 साल पूरे होने वाले हैं. इन सालों में कार्तिक कई बार टीम इंडिया से बाहर हुए. और तक़रीबन हर बार बाहर होने के कुछ वक्त के बाद उन्होंने बेहतरीन वापसी की. आजकल कार्तिक IPL में गदर काटे हुए हैं. उन्होंने अपने बल्ले से ऐसा धमाल मचाया है कि लोग सीधे बोल रहे हैं- भले रोहित-विराट को बिठा दो, लेकिन कार्तिक जरूर इस साल का T20 वर्ल्ड कप खेलेंगे. ये तो हुआ कार्तिक के करियर और अब की फॉर्म का छोटा सा ब्रीफ़.

लेकिन मेरे कई क़ाबिल दोस्त सोच रहे होंगे कि मैंने कार्तिक के क़िस्से की शुरुआत फेसबुक से क्यों की? तो इसका जवाब ये है कि सबको आती नहीं, मेरी जाती नहीं. फेक न्यूज़ बस्ट करने की आदत. कई दिन से कार्तिक के बारे में ये वाला क़िस्सा फेसबुक पर दिख रहा था. और मैं उसे मार्च-अप्रैल के मैनेजर की तरह इग्नोर कर रहा था. लेकिन अति तब हुई जब ये हर दूसरे व्यक्ति की वॉल पर दिखने लगा. और फिर पढ़े-लिखे लोगों ने इसे ट्विटर थ्रेड के रूप में भी बांटना शुरू कर दिया. फिर मुझसे रहा नहीं गया.

वैसे तो मामला विस्तार से बताने की जरूरत है नहीं. क्योंकि ये पूरी चरस फेसबुक से शुरू हुई थी. और खलिहरई का आलम ये है कि ज्यादातर लोग फेसबुक-वॉट्सऐप-ट्विटर जैसे समय के दुश्मन ऐप्स पर जम ही गए हैं. इसलिए सबको पता है कि कैसे देवदास बन चुके दिनेश कार्तिक को उनकी पत्नी दीपिका पल्लीकल ने सुधारा. ट्रैक पर लौटाया और ऐसा आत्मविश्वास भरा कि आज डीके 200 की स्ट्राइक रेट से खेल रहे हैं. ये क़िस्सा पढ़ने में बड़ा भावुक है. और जैसा कि मरहूम साहिबजादे इरफ़ान की पिच्चर मदारी का एक डायलॉग है,

‘बाज़ चूजे पर झपटा, उठा ले गया. कहानी सच्ची लगती है लेकिन अच्छी नहीं लगती. बाज़ पर पलटवार हुआ. कहानी सच्ची नहीं लगती लेकिन खुदा कसम, बहुत अच्छी लगती है.’

ये भावुक क़िस्सा सबको अच्छा लगा. और इसी एक खासियत ये रही कि लोग इसे सच्चा भी मान बैठे. किसी ने ना टाइमलाइन की चिंता की. ना फैक्ट्स का लोड लिया. बस लगे धकाधक शेयर करने. और शेयर करना जाने क्यों आज तक फ्री भी है. ख़ैर, अपने इस शोकगीत से आगे बढ़ता हूं.. सॉरी पीछे निकलता हूं और आपको ले चलता हूं साल 2007 में.

इंडियन क्रिकेट टीम से अंदर- बाहर होते हुए कार्तिक ने तक़रीबन 22 साल की उम्र में अपनी बचपन की दोस्त निकिता वंजारा से शादी कर ली. कहते हैं कि ये अरेंज मैरिज थी. दोनों के पिता अच्छे दोस्त थे और उन्होंने पुरानी हिंदी फ़िल्मों की तरह इस दोस्ती को रिश्तेदारी में बदल दिया.

दिनेश और निकिता की शादी हो गई. सब सही चल रहा था. क्रिकइंफो के मुताबिक़ दिनेश को पहली बार साल 2009 में लिस्ट ए में तमिलनाडु की कप्तानी मिली. लिस्ट ए माने पचास ओवर वाले मैच, रणजी ट्रॉफ़ी नहीं. तमिलनाडु टीम में ओपनर मुरली विजय और दिनेश कार्तिक अच्छे दोस्त थे. और इसी दोस्ती में कार्तिक ने निकिता और विजय की मुलाक़ात करा दी.

दोनों मिलने लगे, फिर प्रेम में पड़ गए. दिनेश को साल 2012 में इस बारे में पता चला तो उन्होंने अपने स्वभाव के मुताबिक़ बिना हंगामा किये निकिता को तलाक़ दे दिया. तलाक़ के वक्त निकिता प्रेगनेंट थीं. इस धोखे से कार्तिक को बुरा लगा, क्योंकि वह भी इंसान ही हैं. हालांकि इसके बाद भी वह शराबी नहीं बने. जैसा कि आजकल सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है. ना ही उन्हें इसके चलते टीम इंडिया से बाहर किया गया. टीम इंडिया में तो सालों से दूसरे विकेटकीपर की जगह नहीं थी. साल 2007 के वनडे वर्ल्ड कप से ठीक पहले चीफ़ सेलेक्टर अजित वाडेकर ने चिल्ला चिल्लाकर कहा था,

‘धोनी है. हमें दूसरा विकेटकीपर नहीं चाहिए. ज़रूरत पड़ी तो द्रविड़ संभाल लेंगे. प्योर बैट्समैन के रूप में भी हमें कार्तिक नहीं चाहिए. हमारे पास बहुत बल्लेबाज़ हैं.’

अब बात कार्तिक से तमिलनाडु की कप्तानी छिनने पर. वायरल पोस्ट को एक व्यवस्थित टाइमलाइन, जिसे डॉक्टर स्ट्रेंज ने ना छेड़ा हो, उसमें रखें तो कार्तिक से ये कप्तानी छिननी चाहिए 2012 में. और ये छिनकर जानी चाहिए थी मुरली विजय के पास. लेकिन MCU से बाहर की दुनिया में ये कप्तानी मिली थी लक्ष्मीपति बालाजी को. जी हां, वही बालाजी जो मुस्कुराकर छक्के मारने के लिए पूरे पाकिस्तान में फेमस थे.

रही बात कप्तान विजय की. तो क्रिकइंफो के मुताबिक़ विजय ने कुल चार लिस्ट ए मैच में तमिलनाडु की कप्तानी की है. यहां तक कि जब साल 2016 में किंग्स XI पंजाब ने उन्हें अपना कप्तान चुना तो वह ऐसे लिस्टिकल का हिस्सा बने जिनकी शुरुआत कुछ ऐसे होती है,

‘पांच अप्रत्याशित प्लेयर्स जिन्होंने IPL टीम्स की कप्तानी की’

यानी साल 2016 में भी विजय को कप्तान बनाना लोगों के लिए चौंकाने वाली बात थी.

अब बात दिनेश कार्तिक के IPL से बाहर होने की. जाकर देख लीजिए पेपर में… दिनेश कार्तिक साल 2008 से लगातार IPL खेल रहे हैं. हर सीजन खेल रहे हैं. हां एक बार जरूर उन्हें लगा था कि शायद अब उनका करियर खत्म हो जाएगा. लेकिन तभी उनके शुरुआती दिनों के दोस्त अभिषेक नायर सीन में आए. इस बारे में नायर ने साल 2018 में इकॉनमिक टाइम्स से कहा था,

‘एक ऐसा पल जिसने मुझे और दिनेश को एकसाथ किया वह दो-तीन साल पुराना IPL ऑक्शन था. वह खुश नहीं था क्योंकि उसे बहुत कम दाम में खरीदा गया. अपने पूरे करियर में वह इतने कम पैसों में कभी नहीं बिका था. (हालांकि वह इससे भी कम में बिक चुके थे लेकिन वो करियर की शुरुआत थी) वह इससे हिल गया था और उसे लगा कि शायद यह उसके करियर का अंत है.’

इसके बाद नायर बने कार्तिक की दूसरी पत्नी. जी हां, ये उनके ही शब्द हैं. नायर ने कार्तिक के साथ हजारों किलोमीटर तक सफर किया. देश भर के अलग-अलग मैदानों में गए. सैकड़ों युवा क्रिकेटर्स के साथ मिलकर प्रैक्टिस की. और फिर कार्तिक वो कार्तिक बने, जिसके आज हम सब फैन हैं.

अब बात उस कार्तिक की, जिसे लोग कह रहे कि वह फिटनेस से काफी दूर हो चुके थे. बर्बाद हो रहे थे, आत्महत्या की बात सोच रहे थे. तो गुरु इसका सच ये है कि कार्तिक शुरू से अब तब इंडियन क्रिकेट के सबसे फ़िट प्लेयर्स में से एक हैं. इस बारे में क्रिकइंफो के सिद्धार्थ वैद्यनाथन ने साल 2004 में अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान कार्तिक और टीम इंडिया के कोच रहे रोबिन सिंह के हवाले से लिखा था,

‘दिनेश शायद पूरी तमिलनाडु क्रिकेट टीम में सबसे फिट प्लेयर है. वह बहुत ज्यादा कड़ी मेहनत करता है. और यही चीज उसे लंबे वक्त तक फोकस्ड रहने में मदद करती है.’

कार्तिक अपने करियर की शुरुआत से अब तक कभी भी निकले पेट या थुलथुल शरीर के साथ नहीं दिखे. ऐसे में उनका ट्रेनिंग छोड़कर देवदास बनना. और उनके ट्रेनर द्वारा कार्तिक को खींचकर जिम में लाना. उनके अंदर से आत्महत्या का विचार निकलवाना… किसी फिल्म की स्क्रिप्ट के लिए तो ये ठीक है. लेकिन क्या कार्तिक की बायोपिक बनेगी?

ख़ैर असलियत ये है कि ऐसी अफवाह फेसबुक से शुरू होकर कुछ दो कौड़ी की वेबसाइट्स तक और कई स्वनामधन्य टीवी चैनल्स तक पहुंच चुकी है. लेकिन ये टोटल फ़र्ज़ी है. किसी क्रेडिबल सोर्स ने कभी भी ऐसा दावा नहीं किया.

अब बात इसी जिम में हुई दीपिका और कार्तिक की पहली मुलाकात पर. अपने रिश्ते की शुरुआत के बारे में दीपिका ने मिस फील्ड सीजन वन, एपिसोड टू में कहा था,

‘मेरा परिवार, खासतौर से मेरी मां दिनेश और उनके परिवार को जानती थीं. क्योंकि मेरी मां की एक ट्रैवल एजेंसी थी जहां दिनेश और उनकी मां अक्सर टिकट कराया करते थे. इसलिए मैं हमेशा ही उसे जानती थी. मुझे पता था कि वह कौन है.

और फिर एक दिन ऐसे ही उसने मुझे मैसेज किया, ‘चलो डिनर पर मिलते हैं.’ इस मैसेज में कोई हाय-हैलो नहीं थी. दिनेश एकदम टू द पॉइंट है. और फिर मैंने मना कर दिया. ऐसा पांच-छह बार हुआ. वह मुझे बुलाता और मैं मना करती रहती.

मैं कभी कहती कि जिम में हूं तो कभी कहती कि ट्रेवल कर रही. फिर उसने मुझे मैसेज किया कि जब चेन्नई वापस आना तब मिलेंगे. तब मैंने कहा कि मैं अभी तो यहीं हूं लेकिन कल ऑस्ट्रेलिया निकल रही. इसलिए नहीं मिल सकती. हम दोनों एक ही जिम में ट्रेन करते थे.

और मैंने असल में कभी भी दिनेश को जिम में नहीं देखा. क्योंकि मैं सुबह छह बजे ही जिम जाती थी. फिर जब मैं अगले दिन सुबह छह बजे जिम पहुंची तो वहां घुसते ही मुझे दिनेश दिख गया. वह मुझे सिर्फ वहां देखने आया था. और उसने वहां पूछा- अरे तुम्हारी फ्लाइट का क्या हुआ? जवाब में मैंने बोला कि मैंने अपनी ट्रिप कैंसल कर दी.’

फिर तमाम बहाने बनाने के बाद आखिरकार दीपिका, कार्तिक से मिलने को तैयार ही हो गईं. दीपिका ने इस आस में कार्तिक को अगले दिन सुबह सात बजे का वक्त दिया कि डीके मना कर देंगे. लेकिन डीके सुबह सात बजे उनसे मिलने पहुंच ही गए. और फिर देखते ही देखते एक घंटे की ये मुलाकात चार घंटे और फिर जीवनभर के साथ में बदल गई. कार्तिक ने दीपिका को बहुत लंबे वक्त तक चेज किया था. तब कहीं जाकर वह उनके साथ थोड़ा वक्त बिता पाए थे. और फिर डिवोर्स के तीन साल बाद साल 2015 में दोनों ने शादी कर ली.

इसलिए सॉरी गाइज एंड गर्ल्स, नो आरजे उर्फ़ राहुल जयकर स्टोरी हियर. दीपिका ना तो आरोही थी ना ही कार्तिक आरजे. कार्तिक को किसी काउंसलिंग की ज़रूरत ना पड़ी. बल्कि कार्तिक ने अपने पूरे होशो-हवास में दीपिका के साथ रिश्ते की शुरुआत की. चेन्नई से इंग्लैंड फिर दुबई तक भाग-भागकर उनका दिल जीता और फिर शादी की.

अब बात कुदरत के न्याय उर्फ मुरली विजय को मिली तथाकथित सजा की. विराट और रोहित को देखकर मूढ़मति भी समझ सकता है कि वक़्त के साथ सबकी फ़ॉर्म ऊपर नीचे होती है. मुरली विजय की भी हुई. वह इंडियन टीम और चेन्नई दोनों से बाहर हुए. लेकिन ये प्राकृतिक न्याय जैसा कुछ नहीं है बंधु. इन दो कहानियों का आपस में कोई संबंध नहीं है.

और रही बात नेट पर जोरदार अभ्यास की, तो उसका पूरा क्रेडिट अभिषेक नायर को जाता है. नायर ने कार्तिक के साथ मिलकर बहुत मेहनत की. वह महीनों तक कार्तिक के साथ बैंगलोर, चेन्नई, देहरादून, सूरत और जाने कहां-कहां तक गए. और कड़ी मेहनत कर अपना करियर खत्म मान चुके कार्तिक को वापस ट्रैक पर लाए. दीपिका खुद स्क्वैश प्लेयर हैं और उनका रूटीन ऐसा है कि उन्हें सांस लेने की फुर्सत नहीं होती. अपने करियर के लिए सिर्फ 13 साल की उम्र में ही वह घर छोड़कर इजिप्ट चली गई थीं. बचपन से ही दीपिका का पूरा फोकस अपने करियर पर था, और इसमें कोई बुराई नहीं.

अब बात वापसी और कप्तानी की. दीपिका से शादी के तीन साल बाद, 2018 में कार्तिक KKR के कप्तान बने. और इससे पहले उनका जो हाल था वो हमने शुरू में बताया ही. कोलकाता से पहले कार्तिक गुजरात लायंस के साथ थे. और इस टीम ने उन्हें जितने में खरीदा था, वही बात उनको चुभी थी.

और फिर उन्होंने नायर के साथ मिलकर कमाल किया. बाद में कार्तिक ने क्रिकेट से ब्रेक लिया था, इंडिया के इंग्लैंड टूर पर स्काई स्पोर्ट्स के लिए कॉमेंट्री भी की. लेकिन… रिटायर नहीं हुए थे. दीपिका दुनिया की टॉप स्क्वैश प्लेयर्स में से एक हैं. कार्तिक सिर्फ़ IPL से अब तक 80 करोड़ से ज्यादा की रकम कमा चुके हैं.

ऐसे में सपनों के महल को खरीदने के फैसले पर चौंकने वाली बात बचकानी है. और द्वितीय फैक्ट यह है कि जिस सपनों के महल का ज़िक्र वायरल पोस्ट में है, उसका पूरा टुअर वीडियो साल 2017 से ही यूट्यूब पर लाइव है. यानी वो दावे के मुताबिक 2021 या 22 मे नहीं बल्कि 2017 या उससे पहले डीके और दीपिका का हो चुका था.

लास्ट बट नॉट द लीस्ट, डीके साल 2008 और साल 2022 में भी चाहते थे कि चेन्नई की टीम उन्हें ख़रीदे. लेकिन डीके को दोनों बार निराशा ही मिली. पहली बार धोनी को तरजीह देने वाली चेन्नई इस बार बैंगलोर से हार गई.

बाक़ी दीपिका ने सच में जुड़वां बच्चों के जन्म के छह महीने के भीतर वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड जीते थे. और इस बरस कार्तिक की फ़ॉर्म भी कमाल है. लेकिन वायरल पोस्ट लिखने वाले दिग्गज ये भूल गए कि पत्नी की सफलता वाली ऊर्जा 2015 से ही कार्तिक के साथ थी. क्योंकि दीपिका सालों से भारत की नंबर वन और दुनिया की टॉप स्क्वैश प्लेयर्स में से एक हैं.

और वह अपनी फील्ड में सबसे सफल प्लेयर्स में भी शामिल हैं. अब अंत में चंद लाइनों के साथ मंच छोड़ना चाहेंगे- संयम जरूर बनाए रखिए, परिस्थितियों से लड़ते भी रहिए, बस फेक न्यूज़ के जाल में मत फंसिए. और अगर फंसें तो हमारी पड़ताल टीम से जरूर संपर्क करें.


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