Submit your post

Follow Us

CM को हराकर कुर्सी से उतारने वाले राजा पीटर, जिन्हें NIA ने अरेस्ट किया है

पहले भूमिका समझिए, फिर पूरी बात बताते हैं. हुआ ये है कि 9 अक्टूबर को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने झारखंड के चर्चित नेता गोपाल कृष्ण पातर उर्फ राजा पीटर को अरेस्ट कर लिया. राजा पर आरोप है कि उन्होंने नक्सलियों से 2008 में तमाड़ के विधायक रमेश सिंह मुंडा की हत्या कराई थी. मुंडा की हत्या के बाद उनकी सीट पर जो उपचुनाव हुआ था, उसने झारखंड की राजनीति में गजब का रायता फैलाया था. पीटर जीत गए थे, शिबू सोरेन हार गए थे और उन्हें सीएम पद छोड़ना पड़ा.

रांची कोर्ट में पेशी के दौरान राजा पीटर
रांची कोर्ट में पेशी के दौरान राजा पीटर

ये तो हुई अभी की खबर. लेकिन जैसा कि आप जानते हैं कि भारत वीरों की धरती है. यहां का आदमी हैंडपंप माफिक होता है. जितना ज़मीन के ऊपर दिखता है, उससे ज़्यादा ज़मीन के अंदर होता है. राजा पीटर की कहानी भी ऐसी ही है. आओ, क्रमबद्ध तरीके से जानते हैं.

पापा टाटा स्टील में थे, लौंडा भी उन्हीं के पीछे चला

पीटर के पप्पा केएम पातर आदिवासी समाज से हैं. वो टाटा स्टील में सुपरवाइज़र का काम करते थे. 1979 में पीटर ने टाटा स्टील में ट्रेड अप्रेंटिस का एग्ज़ाम दिया. आदिवासी और मूल-निवासी कैटेगरी के रिजल्ट में वो आगे रहे. नौकरी मिली, तो मनीषा उर्फ बेला खेस से शादी हो गई. छोटा परिवार-सुखी परिवार टाइप मामला चल रहा था, तभी बवाल हो गया. इलाके के बदनाम डकैत यूनुस के साथी शेखर शर्मा ने पीटर की पत्नी बेला को छेड़ दिया. जवाब में पीटर ने शेखर को हौंका. अब शेखर पहले से क्रिमिनल्स के साथ था, तो उनसे बचने के लिए पीटर भी क्राइम की तरफ बढ़ गया.

एक सभा में बोलते हुए राजा पीटर
एक सभा में बोलते हुए राजा पीटर

एक केस हटा, तो दूसरा लद गया. सिलसिला जारी है

जब शेखर की हत्या हुई, तो सबकी निगाह पीटर पर गई. केस चला, लेकिन पीटर बरी हो गए. बरी तो हुए, लेकिन अब तक पैर क्राइम में धंस चुके थे और इसकी कीमत परिवार चुका रहा था. इसी बीच हुआ हादसा. एक दिन स्टोव पर खाना पकाते हुए बेला की जलने से मौत हो गई. पीटर की नौकरी भी चली गई. इसके बाद पीटर खुल्ला सांड हो गए. एक केस उतरता था, तो दो नए लद जाते थे. बाकी क्राइम से जेल के रास्ते में पॉलिटिक्स का रेस्टोरेंट तो पड़ता ही है.

राजा पीटर
राजा पीटर

जिला-बदर हुए, तो सोशल वर्कर की इमेज बनाने लगे

1995 में पीटर चढ़ गए जमशेदपुर के एसपी अजय कुमार के हत्थे. तब तक पीटर पर मर्डर, आर्म्स ऐक्ट, धमकाने और मारपीट के केस चढ़ चुके थे. पीटर की हिस्ट्री जानने के बाद एसपी ने उन्हें जिलाबदर कर दिया. कहीं से भगाया गया आदमी घर ही पहुंचता है. पीटर भी तमाड़ के अपने पैतृक गांव दबईकुंडी पहुंच गए. वहां के आदिवासियों की मदद करने लगे. सोशल वर्कर की इमेज बनानी थी. दिखाना था कि गरीबों के लिए अच्छा करना चाहते हैं. करने लगे. धीरे-धीरे कुछ और मुकदमे भी कम हो गए.

पॉलिटिकल इवेंट में राजा पीटर
पॉलिटिकल इवेंट में राजा पीटर

इमेज साफ हुई, तो दूसरी बार साफा बांधा

पीटर ने 2006 में दूसरी शादी की आरती जायसवाल से, जो तमाड़ में पहले से समाजसेवा कर रही थीं. इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में आरती बताती हैं, ‘मैं सोशल वर्क कर रही थी और पीटर ज़मीन पर ईमानदारी से बहुत मेहनत कर रहे थे. इसी काम में हम मिले थे, फिर हमने शादी का फैसला किया. तब उनके बाल थोड़े कर्ली थे, अब स्ट्रेट और लंबे हैं. वो बहुत पढ़ते हैं और फर्राटेदार अंग्रेज़ी बोलते हैं. मुझे राजा पीटर नाम पता था. मुझे नहीं पता कि उन्हें ये नाम किसने दिया.’ अभी पीटर को चार दिन रिमांड पर भेजा गया है और आरती को उनसे मिलने की इजाज़त है.

राजा पीटर
राजा पीटर

एक निर्दलीय नेता की वजह से सीएम को इस्तीफा देना पड़ा

2005 के विधानसभा चुनाव में पीटर तमाड़ सीट पर रमेश सिंह मुंडा के खिलाफ निर्दलीय खड़े हुए. हार गए. फिर 9 जुलाई, 2008 को मुंडा की हत्या हो गई. वो जेडीयू में थे और दो बार चुनाव जीत चुके थे. उनकी मौत के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन ने तमाड़ सीट से चुनाव लड़ने का प्लान बनाया. मधु कोड़ा के इस्तीफे के बाद 27 अगस्त, 2008 को सोरेन को सीएम पद की शपथ दिलाई गई थी, लेकिन तब वो विधायक नहीं थे. संविधान के मुताबिक उन्हें 6 महीने के भीतर MLA या MLC बनना था.

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन

सोरेन तमाड़ से उतरे. पीटर फिर खड़े हो गए और इस बार सबकी उम्मीदों के उलट चुनाव निकाल ले गए. ऐसे में 18 जनवरी, 2009 को सोरेन को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ गया. 19 जनवरी, 2009 को झारखंड में पहली बार राष्ट्रपति शासन लगाया गया. इस चुनाव के बारे में झारखंड पार्टी के जनरल सेक्रेटरी अशोक भगत इंडियन एक्सप्रेस को बताते हैं,

‘पीटर के वोटों और कांग्रेस की भितरघात ने सोरेन को कमज़ोर किया और पीटर को माहौल बनाने का मौका दिया. हमारी पार्टी का अपना बेस भी था उस इलाके में, जिसमें पीटर का अपना सपोर्ट जुड़ गया. यहां तक कि आज भी उस इलाके में पीटर की पकड़ है. चुनाव लड़ते समय पीटर को सिर्फ पांच लाख रुपए दिए गए थे और जीतते समय उसके पास एक सेकेंड हैंड स्कॉर्पियो थी. चुनाव जीतने पर उसने पार्टी अध्यक्ष इनोस एक्का से नई गाड़ी खरीदने के लिए कहा था. एक्का सोरेन कैबिनेट में मंत्री थे, लेकिन जब उन्होंने पीटर से सोरेन के खिलाफ चुनाव न लड़ने की बात करने से इनकार किया, तो उन्हें निकाल दिया गया था.’

इनोस एक्का, जो खुद भी कम विवादास्पद नहीं हैं, हत्या का आरोप है
इनोस एक्का, जो खुद भी कम विवादास्पद नहीं हैं, हत्या का आरोप है

पार्टी-पार्टी खेलते रहे हैं पीटर

2010 में पीटर ने जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ा था और रमेश सिंह मुंडा के बेटे विकास को हराकर जीते थे. विकास ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (AJSU) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे. इस जीत के बाद पीटर को उत्पाद और मद्य निषेध मंत्री बनाया गया. कैबिनेट में रहते हुए उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा. 2010 से 2013 तक पीटर अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन वाली सरकार में थे. 2014 में जलेश्वर महतो के कमान संभालने से पहले पीटर एक बार जेडीयू के राज्य अध्यक्ष भी बने.

रमेश सिंह मुंडा, जिनकी हत्या करवाने का इल्ज़ाम पीटर पर है
रमेश सिंह मुंडा, जिनकी हत्या करवाने का इल्ज़ाम पीटर पर है

बीजेपी ने टिकट दे दिया होता, तो कहानी कुछ और होती

पीटर 2014 का विधानसभा चुनाव बीजेपी से लड़ना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने पार्टी जॉइन भी कर ली थी. लेकिन टिकट न मिलने पर पार्टी छोड़ दी. ऐसा इसलिए, क्योंकि चुनाव से ठीक पहले बीजेपी और AJSU का गठबंधन हो गया. पीटर की आजसू नेता और पूर्व डिप्टी सीएम सुदेश महतो के साथ पुरानी अदावत थी. महतो जितना ध्यान अपनी सीट सिल्ली पर देते थे, उससे ज्यादा पीटर की सीट तमाड़ पर देते थे. महतो ने पीटर को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी. पीटर के जेडीयू राज्य अध्यक्ष बनने पर पार्टी के महतो नेताओं ने मोर्चा खोल रखा था.

आजसू नेता सुदेश महतो
आजसू नेता सुदेश महतो

आजसू ने जिद दिखाते हुए तमाड़ सीट पर दावा नहीं छोड़ा और बीजेपी ने ये सीट उन्हें दे दी. ऐसे में पीटर ने निर्दलीय लड़ने का फैसला लिया. हालांकि, वो विकास मुंडा से हार गए. अपने पिता की मौत के बारे में विकास मुंडा बताते हैं, ‘ये साफ है कि मेरे पिता को राजनीतिक षड़यंत्र में मारा गया था, लेकिन मेरे पास ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है कि मैं किसी का नाम ले सकूं.’

रमेश सिंह मुंडा के बेटे और 2014 में राजा पीटर को हराने वाले विकास मुंडा
रमेश सिंह मुंडा के बेटे और 2014 में राजा पीटर को हराने वाले विकास मुंडा

नक्सलियों के साथ पीटर के कनेक्शन पर पेच है

NIA ने पीटर को इस आरोप में अरेस्ट किया है कि उन्होंने नक्सलियों से रमेश मुंडा की हत्या कराई. नक्सलियों से पीटर के कनेक्शन पर एक पुलिस अधिकारी इंडियन एक्सप्रेस से कहते हैं, ‘जिन दिनों ये घटना हुई थी, उन दिनों किसी नेता का नक्सलियों के साथ कनेक्शन चौंकाने वाली चीज नहीं थी. अगर आप तमाड़ जैसे इलाके में राजनीति करते हैं, तो आपको नक्सलियों के साथ किसी न किसी तरह की समझ, पहचान और अंडरस्टैंडिंग रखनी ही पड़ेगी.’


ये भी पढ़ें:

पहले एयरफोर्स मार्शल अर्जन सिंह के 4 किस्से, जो शरीर में खून की गर्मी बढ़ा देंगे

मुलायम ने अपने सबसे करीबी आदमी की भयंकर बेइज्जती की है

पहले ये आदमी बना था मायावती का उत्तराधिकारी, अब दो नए नाम सामने आए हैं

‘गुप्त रोगों’ के इलाज के नाम पर की गई वो क्रूरता, जिसे हमेशा छिपाया गया

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

गंदी बात

राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहे शख्स से बच्चे ने पूछा- मैं सबको कैसे बताऊं कि मैं गे हूं?

जवाब दिल जीत लेगा.

'इस्मत आपा वाला हफ्ता' शुरू हो गया, पहली कहानी पढ़िए लिहाफ

उस अंधेरे में बेगम जान का लिहाफ ऐसे हिलता था, जैसे उसमें हाथी बंद हो.

PubG वाले हैं क्या?

जबसे वीडियो गेम्स आए हैं, तबसे ही वे पॉपुलर कल्चर का हिस्सा रहे हैं. ये सोचते हुए डर लगता है कि जो पीढ़ी आज बड़ी हो रही है, उसके नास्टैल्जिया का हिस्सा पबजी होगा.

बायां हाथ 'उल्टा' ही क्यों हैं, 'सीधा' क्यों नहीं?

मां-बाप और टीचर बच्चों को पीट-पीट दाहिने हाथ से काम लेने के लिए मजबूर करते हैं. क्यों?

फेसबुक पर हनीमून की तस्वीरें लगाने वाली लड़की और घर के नाम से पुकारने वाली आंटियां

और बिना बैकग्राउंड देखे सेल्फी खींचकर लगाने वाली अन्य औरतें.

'अगर लड़की शराब पी सकती है, तो किसी भी लड़के के साथ सो सकती है'

पढ़िए फिल्म 'पिंक' से दर्जन भर धांसू डायलॉग.

मुनासिर ने प्रीति को छह बार चाकू भोंककर क्यों मारा?

ऐसा क्या हुआ, कि सरे राह दौड़ा-दौड़ाकर उसकी हत्या की?

हिमा दास, आदि

खचाखच भरे स्टेडियम में भागने वाली लड़कियां जो जीवित हैं और जो मर गईं.

अलग हाव-भाव के चलते हिजड़ा कहते थे लोग, समलैंगिक लड़के ने फेसबुक पोस्ट लिखकर सुसाइड कर लिया

'मैं लड़का हूं. सब जानते हैं ये. बस मेरा चलना और सोचना, भावनाएं, मेरा बोलना, सब लड़कियों जैसा है.'

ब्लॉग: शराब पीकर 'टाइट' लड़कियां

यानी आउट ऑफ़ कंट्रोल, यौन शोषण के लिए आमंत्रित करते शरीर.

सौरभ से सवाल

दिव्या भारती की मौत कैसे हुई?

खिड़की पर बैठी दिव्या ने लिविंग रूम की तरफ मुड़कर देखा. और अपना एक हाथ खिड़की की चौखट को मजबूती से पकड़ने के लिए बढ़ाया.

कहां है 'सिर्फ तुम' की हीरोइन प्रिया गिल, जिसने स्वेटर पर दीपक बनाकर संजय कपूर को भेजा था?

'सिर्फ तुम' के बाद क्या-क्या किया उन्होंने?

बॉलीवुड में सबसे बड़ा खान कौन है?

सबसे बड़े खान का नाम सुनकर आपका फिल्मी ज्ञान जमीन पर लोटने लगेगा. और जो झटका लगेगा तो हमेशा के लिए बुद्धि खुल जाएगी आपकी.

'कसौटी ज़िंदगी की' वाली प्रेरणा, जो अनुराग और मिस्टर बजाज से बार-बार शादी करती रही

कहां है टेलीविज़न का वो आइकॉनिक किरदार निभाने वाली ऐक्ट्रेस श्वेता तिवारी?

एक्ट्रेस मंदाकिनी आज की डेट में कहां हैं?

मंदाकिनी जिन्हें 99 फीसदी भारतीय सिर्फ दो वजहों से याद करते हैं

सर, मेरा सवाल है कि एक्ट्रेस मीनाक्षी शेषाद्री आजकल कहां हैं. काफी सालों से उनका कोई पता नहीं.

‘दामिनी’ के जरिए नई ऊंचाई तक पहुंचा मीनाक्षी का करियर . फिर घातक के बाद 1996 में उन्होंने मुंबई फिल्म इंडस्ट्री को बाय बोल दिया.

ये KRK कौन है. हमेशा सुर्खियों में क्यों रहता है?

केआरके इंटरनेट एज का ऐसा प्रॉडक्ट हैं, जो हर दिन कुछ ऐसा नया गंधाता करना रचना चाहता है.

एक्ट्रेस किमी काटकर अब कहां हैं?

एडवेंचर ऑफ टॉर्जन की हिरोइन किमी काटकर अब ऑस्ट्रेलिया में हैं. सीधी सादी लाइफ बिना किसी एडवेंचर के

चाय बनाने को 'जैसे पापात्माओं को नर्क में उबाला जा रहा हो' कौन सी कहानी में कहा है?

बहुत समय पहले से बहुत समय बाद की बात है. इलाहाबाद में थे. जेब में थे रुपये 20. खरीदी हंस...

सर आजकल मुझे अजीब सा फील होता है क्या करूं?

खुड्डी पर बैठा था. ऊपर से हेलिकॉप्टर निकला. मुझे लगा. बाबा ने बांस गहरे बोए होते तो ऊंचे उगते.