Submit your post

Follow Us

जब बैन किताबें बेचने और छापने के लिए रामप्रसाद बिस्मिल पर केस चला और वो जेल गए

स्कूल के दिनों में 15 अगस्त और 26 जनवरी को स्कूल जाते हैं. सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, गाना उस दिन जरूर गाया जाता है. तब नहीं पता होता था ये गाना किसने लिखा है? फिर भगत सिंह के ऊपर फिल्म द लीजेंड ऑफ भगत सिंह बनी. जिसमें ये गाना था. हिस्ट्री की किताबों में काकोरी की घटना पढ़ने के बाद धीरे-धीरे राम प्रसाद बिस्मिल को जानने लगे.

बिस्मिल ने मशहूर क्रांतिकारी संगठन हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन की शुरुआत की थी. चंद्रशेखर आजाद और अशफाक उल्ला खां भी उनके साथ जुड़े हुए थे. बाद में जब भगत सिंह का इस संगठन में दखल बढ़ा तब इसका नाम बदलकर हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन हो गया.

बिस्मिल अच्छे कवि और शायर थे. उनकी रचनाएं लोकप्रिय थीं. बिस्मिल को साल 1918 में बैन किताबें छापने और बेचने के लिए पकड़ लिए गया. इसमें उनपर केस चला. बिस्मिल मैनपुरी षड़यंत्र केस में जेल गए. फिर 1925 में काकोरी षड़यंत्र के दौरान लखनऊ के पास ट्रेन से उन्होंने जर्मन पिस्तौलें लूट लीं. ये अंग्रेजी सेना के लिए ले जाई जा रही थीं. इसके लिए उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई.

बहुत कम लोग जानते हैं कि बिस्मिल ने गोरखपुर जेल में बंद रहने के दौरान एक आत्मकथा लिखी थी. इस आत्मकथा को उन्होंने अपनी फांसी से 2 दिन पहले पूरा किया था. 19 दिसंबर, 1927 को उन्हें फांसी दे दी गई. बाद में मशहूर पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी ने बिस्मिल की आत्मकथा को साल 1928 में प्रकाशित कराया.

बिस्मिल के क्रांतिकारी किस्से बड़े होने के साथ खूब पढ़े और सुने थे. उनके लिए मन में बहुत इज्जत थी. फिर 2009 में अनुराग कश्यप की फिल्म आई. नाम था गुलाल. इसमें पीयूष मिश्रा हारमोनियम लेकर सरफरोशी की तमन्ना गाते हैं. इस गीत में बोल पीयूष के ही होते हैं. अंतिम पंक्तियों में पीयूष मिश्रा गाते हैं-

ओ रे बिस्मिल काश आते आज तुम हिंदोस्तां
देखते की मुल्क सारा क्या टशन, क्या थ्रिल में है

मतलब ये निकलता है कि आजाद हिन्दुस्तान में भी बिस्मिल को प्रतिरोध का, विद्रोह का, बदलाव का प्रतीक माना जाता है. बिस्मिल का लिखा गीत सरफरोशी कि तमन्ना आज भी बच्चे-बच्चे की जबान पर रहता है.

आइए बताते है आपको बिस्मिल की जिंदगी की कुछ रोचक बातें-

बिस्मिल के जन्म से एक साल पहले उनकी मां ने एक और बेटे को जन्म दिया था. पर उसकी मौत हो गई. बिस्मिल भी जन्म के कुछ दिन बाद बहुत बीमार पड़ गए. उनके बाबा ने बहुत झाड-फूंक करवाई. हालांकि कुछ दिन बाद बिस्मिल खुद अच्छे हो गए.


बिस्मिल के पिता ने उन्हें हिंदी पढ़ाई. उर्दू उन्होंने एक मौलवी से सीखी.


बिस्मिल के बाद उनकी मां ने पांच लड़कियों और तीन लड़कों को जन्म दिया. बिस्मिल की दादी का कहना था कि लड़कियों को मार देना चाहिए. बिस्मिल के घर की यही परंपरा थी. इस बात का बिस्मिल की मां ने कड़ा विरोध किया. इसके बाद पहली बार बिस्मिल के घर में लड़कियों को बड़ा होने दिया गया.


14 साल की उम्र में बिस्मिल घर से पैसे चुराने और नशा करने लगे. पर बिस्मिल को तब भी पढ़ना बहुत पसंद था. और वो अक्सर चुराए हुए पैसों से किताबें और उपन्यास खरीद कर लाया करते थे.


बिस्मिल बड़े हुए तो एक दिन में 50-60 सिगरेट पी जाया करते थे. जब वो मुंशी इंद्रजीत और आर्य समाज के संपर्क में आए तो उन्होंने ये आदत छोड़ दी.


बिस्मिल कांग्रेस ज्वाइन करना चाहते थे. पर उन्हें क्रांतिकारी संगठनों का काम-काज भा गया. और वो इधर चले आए. उन्होंने संगठन बनाया और पैसे जुटाना, हथियार खरीदना शुरू कर दिया.


कुछ दिन बाद बिस्मिल ने घर छोड़ दिया. और पूरी तरह से आज़ादी कि लड़ाई में कूद पड़े. बिस्मिल ने एक ऐसा ग्रुप बनाने की सोची जो पूरी आजादी के लिए डेडिकेटेड हो. पूरी आजादी बोले तो सेल्फ रूल.


काकोरी केस में पुलिस उनको पकड़ने के लिए पागलों की तरह ढूंढ रही थी. रात के 4 बजे पुलिस उनके घर पहुंची. जहां बिना किसी विरोध के बिस्मिल ने खुद को गिरफ्तार करने दिया.


बिस्मिल को जिला कलेक्टर से पता चला कि उन्हें मौत की सजा हुई है. अंग्रेजों ने उन्हें सरकारी गवाह बनने का लालच दिया. और कहा कि उनकी सजा बहुत कम कर दी जाएगी. छूटने के बाद उन्हें इंग्लैंड भेज दिया जाएगा. लेकिन बिस्मिल अंग्रेजों के झांसे में नहीं आए.


अपनी आत्मकथा में बिस्मिल ने पूरा का पूरा एक चैप्टर अशफाकुल्लाह खां को डेडीकेट किया है. इसमें उन्होंने अशफाक की तारीफ करते हुए लिखा है कि अपने परिवार और समाज के दबावों के बावजूद भी वो मेरा दोस्त बना रहा. ये इसलिए कि अशफाक मुस्लिम थे.


अपनी आत्मकथा के अंतिम में बिस्मिल ने एक किस्से का जिक्र किया है. सजा के बाद एक दिन एक पुलिस वाले ने उनपर विश्वास कर उन्हें हथकड़ी लगाए बिना बैठा दिया. और मज़े में अखाड़ा देखने चला गया. उस वक्त बिस्मिल के पास मौका था कि वो भाग निकलें और खुद को मौत की सजा से बचा लें. लेकिन बिस्मिल ने तय किया कि वो उस पुलिस वाले का विश्वास नहीं तोड़ेंगे.


ये भी पढ़ें:

परमवीर जोगिंदर सिंह की कहानीः जिन्हें युद्धबंदी बनाने वाली चीनी फौज भी सम्मान से भर गई

वो स्वदेशी के लिए आंदोलन कर रहा था, उस पर ट्रक चढ़ाकर मार डाला गया

‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ किस डब्बी पर लिखा गया था जान लिया तो खोपड़ी भन्ना जाएगी

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

गंदी बात

अपने गांव की बोली बोलने में शर्म क्यों आती है आपको?

अपने गांव की बोली बोलने में शर्म क्यों आती है आपको?

ये पोस्ट दूर-दराज गांव से आए स्टूडेंट्स जो डीयू या दूसरी यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं, उनके लिए है.

बहू-ससुर, भाभी-देवर, पड़ोसन: सिंगल स्क्रीन से फोन की स्क्रीन तक कैसे पहुंचीं एडल्ट फ़िल्में

बहू-ससुर, भाभी-देवर, पड़ोसन: सिंगल स्क्रीन से फोन की स्क्रीन तक कैसे पहुंचीं एडल्ट फ़िल्में

जिन फिल्मों को परिवार के साथ नहीं देख सकते, वो हमारे बारे में क्या बताती हैं?

चरमसुख, चरमोत्कर्ष, ऑर्गैज़म: तेजस्वी सूर्या की बात पर हंगामा है क्यों बरपा?

चरमसुख, चरमोत्कर्ष, ऑर्गैज़म: तेजस्वी सूर्या की बात पर हंगामा है क्यों बरपा?

या इलाही ये माजरा क्या है?

राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहे शख्स से बच्चे ने पूछा- मैं सबको कैसे बताऊं कि मैं गे हूं?

राष्ट्रपति का चुनाव लड़ रहे शख्स से बच्चे ने पूछा- मैं सबको कैसे बताऊं कि मैं गे हूं?

जवाब दिल जीत लेगा.

'इस्मत आपा वाला हफ्ता' शुरू हो गया, पहली कहानी पढ़िए लिहाफ

'इस्मत आपा वाला हफ्ता' शुरू हो गया, पहली कहानी पढ़िए लिहाफ

उस अंधेरे में बेगम जान का लिहाफ ऐसे हिलता था, जैसे उसमें हाथी बंद हो.

PubG वाले हैं क्या?

PubG वाले हैं क्या?

जबसे वीडियो गेम्स आए हैं, तबसे ही वे पॉपुलर कल्चर का हिस्सा रहे हैं. ये सोचते हुए डर लगता है कि जो पीढ़ी आज बड़ी हो रही है, उसके नास्टैल्जिया का हिस्सा पबजी होगा.

बायां हाथ 'उल्टा' ही क्यों हैं, 'सीधा' क्यों नहीं?

बायां हाथ 'उल्टा' ही क्यों हैं, 'सीधा' क्यों नहीं?

मां-बाप और टीचर बच्चों को पीट-पीट दाहिने हाथ से काम लेने के लिए मजबूर करते हैं. क्यों?

फेसबुक पर हनीमून की तस्वीरें लगाने वाली लड़की और घर के नाम से पुकारने वाली आंटियां

फेसबुक पर हनीमून की तस्वीरें लगाने वाली लड़की और घर के नाम से पुकारने वाली आंटियां

और बिना बैकग्राउंड देखे सेल्फी खींचकर लगाने वाली अन्य औरतें.

'अगर लड़की शराब पी सकती है, तो किसी भी लड़के के साथ सो सकती है'

'अगर लड़की शराब पी सकती है, तो किसी भी लड़के के साथ सो सकती है'

पढ़िए फिल्म 'पिंक' से दर्जन भर धांसू डायलॉग.

मुनासिर ने प्रीति को छह बार चाकू भोंककर क्यों मारा?

मुनासिर ने प्रीति को छह बार चाकू भोंककर क्यों मारा?

ऐसा क्या हुआ, कि सरे राह दौड़ा-दौड़ाकर उसकी हत्या की?

सौरभ से सवाल

दिव्या भारती की मौत कैसे हुई?

दिव्या भारती की मौत कैसे हुई?

खिड़की पर बैठी दिव्या ने लिविंग रूम की तरफ मुड़कर देखा. और अपना एक हाथ खिड़की की चौखट को मजबूती से पकड़ने के लिए बढ़ाया.

कहां है 'सिर्फ तुम' की हीरोइन प्रिया गिल, जिसने स्वेटर पर दीपक बनाकर संजय कपूर को भेजा था?

कहां है 'सिर्फ तुम' की हीरोइन प्रिया गिल, जिसने स्वेटर पर दीपक बनाकर संजय कपूर को भेजा था?

'सिर्फ तुम' के बाद क्या-क्या किया उन्होंने?

बॉलीवुड में सबसे बड़ा खान कौन है?

बॉलीवुड में सबसे बड़ा खान कौन है?

सबसे बड़े खान का नाम सुनकर आपका फिल्मी ज्ञान जमीन पर लोटने लगेगा. और जो झटका लगेगा तो हमेशा के लिए बुद्धि खुल जाएगी आपकी.

'कसौटी ज़िंदगी की' वाली प्रेरणा, जो अनुराग और मिस्टर बजाज से बार-बार शादी करती रही

'कसौटी ज़िंदगी की' वाली प्रेरणा, जो अनुराग और मिस्टर बजाज से बार-बार शादी करती रही

कहां है टेलीविज़न का वो आइकॉनिक किरदार निभाने वाली ऐक्ट्रेस श्वेता तिवारी?

एक्ट्रेस मंदाकिनी आज की डेट में कहां हैं?

एक्ट्रेस मंदाकिनी आज की डेट में कहां हैं?

मंदाकिनी जिन्हें 99 फीसदी भारतीय सिर्फ दो वजहों से याद करते हैं

सर, मेरा सवाल है कि एक्ट्रेस मीनाक्षी शेषाद्री आजकल कहां हैं. काफी सालों से उनका कोई पता नहीं.

सर, मेरा सवाल है कि एक्ट्रेस मीनाक्षी शेषाद्री आजकल कहां हैं. काफी सालों से उनका कोई पता नहीं.

‘दामिनी’ के जरिए नई ऊंचाई तक पहुंचा मीनाक्षी का करियर . फिर घातक के बाद 1996 में उन्होंने मुंबई फिल्म इंडस्ट्री को बाय बोल दिया.

ये KRK कौन है. हमेशा सुर्खियों में क्यों रहता है?

ये KRK कौन है. हमेशा सुर्खियों में क्यों रहता है?

केआरके इंटरनेट एज का ऐसा प्रॉडक्ट हैं, जो हर दिन कुछ ऐसा नया गंधाता करना रचना चाहता है.

एक्ट्रेस किमी काटकर अब कहां हैं?

एक्ट्रेस किमी काटकर अब कहां हैं?

एडवेंचर ऑफ टॉर्जन की हिरोइन किमी काटकर अब ऑस्ट्रेलिया में हैं. सीधी सादी लाइफ बिना किसी एडवेंचर के

चाय बनाने को 'जैसे पापात्माओं को नर्क में उबाला जा रहा हो' कौन सी कहानी में कहा है?

चाय बनाने को 'जैसे पापात्माओं को नर्क में उबाला जा रहा हो' कौन सी कहानी में कहा है?

बहुत समय पहले से बहुत समय बाद की बात है. इलाहाबाद में थे. जेब में थे रुपये 20. खरीदी हंस...

सर आजकल मुझे अजीब सा फील होता है क्या करूं?

सर आजकल मुझे अजीब सा फील होता है क्या करूं?

खुड्डी पर बैठा था. ऊपर से हेलिकॉप्टर निकला. मुझे लगा. बाबा ने बांस गहरे बोए होते तो ऊंचे उगते.