Submit your post

Follow Us

अम्मी को नमाज याद है, आयतें नहीं. उन्हें भी मार दोगे क्या?

3.87 K
शेयर्स

छोटे-छोटे भांजी-भांजा हैं. स्कूल से आने के बाद शाम को चार बजे मदरसे जाते हैं. मकसद सिर्फ इतना है इस्लाम का बेसिक सीख लें और कुरान पढ़ना आ जाए. बच्चे शरारती मन के हैं. जाना पसंद नहीं करते. अनाकानी करते हैं. जब से सुना बांग्लादेश में तारिषी को सिर्फ इसलिए मार दिया, क्योंकि उसे कुरान की आयतें याद नहीं थीं, तब से दिल बेचैन है. डर लगता है कि बच्चे कुरान पढ़ना सीख पाएंगे या नहीं.

अब तक बहलाकर पढ़ने के लिए भेज रहे थे. लगता है अब डराकर, धमकाकर भेजना पड़ेगा. आखिर जिंदा रहने का सवाल है. पता नहीं कल कहां, पढ़ने के लिए चल जाएं और कुछ बददिमाग लोग वहां जाकर उनसे आयतें सुनने लगें. कम से कम आयत सुनाकर जिंदा तो बच जाएंगे.

बच्चों के पास तो वक्त है. हो सकता है पढ़ लें, चिंता मुझे अपनी फैमिली के कुछ मेंबर्स की है. जिन्हें नमाज के अलावा कुरान पढ़ना नहीं आता. हो सकता है अगर कुरान पर कोई डिजायन न हो तो वो ये भी न बता पाएं कि किधर से सीधा है और किधर से उल्टा. क्योंकि गरीबी ने उन्हें पढ़ने नहीं दिया. बड़ी फिक्र हो रही है. कहीं उनका सामना ऐसे जाहिलों से न हो जाए.

ये कौन सा पैमाना है. जो सिर्फ अल्लाह ने इन बददिमागों के कान में ही बताया कि अगर कोई कुरान की आयत न सुना पाए, उसको मार डालना. अल्लाह ने ये बात मुहम्मद (स.) को क्यों नहीं बताई. सबसे खासमखास नबी बनाकर भेजा था. कम से कम उन्हें तो बता दिया होता, जो ये मान लेते कि जब नबी ने आयतें न सुनाने पर मारा तो हम भी ऐसा कर रहे हैं. मुझे तो कहीं पढ़ने के लिए ये नहीं मिला कि मुहम्मद साहब ने किसी को इसलिए मार डाला हो, क्योंकि उसे कुरान की आयतें याद नहीं थीं. तो फिर कौन से इस्लाम की बात कर रहे हैं.

खबरदार ! इनकी तरफदारी न करना. ये यजीद हैं. शैतान हैं. ये इस्लाम वाले नहीं हैं. जब इस्लाम आया तो उसको खत्म करने वाले भी आए. ये शैतान कभी फिरऔन की शक्ल में आया. कभी अबूजहल की शक्ल में आया, कभी यजीद की शक्ल में आया. वही यजीद जिसने कर्बला (इराक) में मुहम्मद (स.) के नवासे हुसैन समेत 72 लोगों को भूखा प्यासा शहीद कर दिया, इनमें छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे. सिर्फ इसलिए मार दिया, ताकि उसके मुताबिक इस्लाम चले.
दुनिया से मिट गया, अपने आपको अफजल और सही मानता था, कोई आज आपने बेटे का नाम भी रखना नहीं चाहता. मुझे आज ये आतंकी उसी दौर के यजीद लगते हैं. जिसमें शैतानियत इतनी कूटकर भरी हुई है कि शैतान को भी अपनी हरकतों पर शर्म महसूस हो. उस दौर में भी कुछ लोग तमाशाबीन बने रहे. जबान तालवे से चिपकी रही. किसी ने विरोध नहीं जताया. आज भी कुछ की जबान को लकवा मार गया है. इस्लाम को खत्म किया जा रहा. ये आतंकी इस्लाम का दुश्मन बन बैठे हैं.

मौलवी लोग बहुत बिजी हैं, क्योंकि उन्हें अभी अखिलेश यादव की इफ्तार पार्टी में जाना है. फिर ईद के चांद पर भी बहस करनी है कि चांद दिखा या नहीं. अरे हां! अभी तो इरफान खान के बयान को विवादित बताकर उसपर प्रेस कांफ्रेंस करनी है. या फिर किसी हिंदू के बयान का इंतजार करेंगे ताकि चिल्ला सकें. नबी की शान में गुस्ताखी की सजा मौत है… मौत है…!

हे मौलवी साहिबान! ये जो अल्लाह हो अकबर चिल्लाकर बेगुनाहों को मार दे रहे हैं. क्या ये अल्लाह की बेअदबी नहीं कर रहे ? अगर ये बेअदबी है तो आपकी खामोशी आपकी रजामंदी है. कोई सुन्नी बहुल देश है तो कोई शिया, लेकिन सब अपने अपने धंधों के लिए चुप्पी साध लेते हैं. इंडिया और पाकिस्तान का इस्लाम तब खतरे में आता है जब यहा कोई फिल्म बन जाती है.

जब कोई अभिव्यक्ति की आजादी का इस्तेमाल कर लेता है. लोग सड़कों पर उतर आते हैं. मुर्दाबाद के नारे बुलंद करते हैं, लेकिन जब बेगुनाहों को इसलिए मार दिया जाता है क्योंकि उन्हें कुरान की आयतें याद नहीं, तब ये गुस्सा आपका कहां गायब हो जाता है. ये इस्लाम को बदनाम किया जा रहा है.

ISIS, तालिबान, अलकायदा की वजह से इस्लाम पर आरोप लग रहे हैं कि तलवार से फैला और आप खामोश हैं. क्यों उन युवाओं को नहीं रोक पा रहे हैं, जो इन शैतानों से प्रेरित होकर उनमें शामिल हो जा रहे हैं. अब भी वक्त है इस्लाम को बचाओ, इन शैतानों से.

इतिहास गवाह है, इस्लाम को अपनों ने ही नुकसान पहुंचाया है. अगर ऐसा न होता तो न तो शियाओं पर हमले हो रहे होते, न सुन्नी खतरे में होते. न देवबंदी-बरेलवी झगड़ रहे होते.

अभी आप मस्जिद के बारे में, रोजे के बारे में या फिर किसी और त्योहार के बारे में कुछ बोल दीजिए. चाहें आपका तर्क कितना भी मजबूत क्यों न हो, लेकिन आप उसका प्रोटेस्ट देखिए चूल से चूल हिला देंगे. बड़ी जबरदस्त तकरीरें होंगी. अल्लाह हो अकबर के नारे बुलंद होंगे.

ऐ मौलवी साहिबान! अगर तुम्हें अपनी तकरीरों में अल्लाह हो अकबर नारा लगवाना है तो इस नारे को बचा लो. नहीं तो आतंकियों की वजह से खूनी नारा बन जाएगा. फिर जब कहीं ये नारा गूंजेगा, तो सबके जहन में ये ही आएगा कि अब किसी की गर्दन कटेगी.


आयतें न पढ़ने वालों का आतंकियों ने रेत दिया गला

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें
After Dhaka attack Muslim boy fears for life as family might not be able to recite quaran aayat

गंदी बात

हम रेप की कहानियां किस तरह सुनना चाहते हैं?

मसाला छिड़ककर या मलाई मारकर?

मलाइका अरोड़ा की कांख पर कुछ लोगों की आंख क्यों चढ़ गई?

कुछ ने तारीफ़ की. मगर कई लोग मुंह भी बना रहे हैं. लिख रहे हैं, वैक्स क्यों नहीं करवाया.

साइकल, पौरुष और स्त्रीत्व

एक तस्वीर बड़े दिनों से वायरल है. जिसमें साइकल दिख रही है. इस साइकल का इतिहास और भूगोल क्या है?

महिलाओं का सम्मान न करने वाली पार्टियों में आखिर हम किसको चुनें?

बीजेपी हो या कांग्रेस, कैंडिडेट लिस्ट में 15 फीसद महिलाएं भी नहीं दिख रहीं.

लोकसभा चुनाव 2019: पॉलिटिक्स बाद में, पहले महिला नेताओं की 'इज्जत' का तमाशा बनाते हैं!

चुनाव एक युद्ध है. जिसकी कैजुअल्टी औरतें हैं.

सर्फ एक्सेल के ऐड में रंग फेंक रहे बच्चे हमारे हैं, इन्हें बचा लीजिए

इन्हें दूसरों की कद्र न करने वाले हिंसक लोगों में तब्दील न होने दीजिए.

अपने गांव की बोली बोलने में शर्म क्यों आती है आपको?

ये पोस्ट दूर-दराज गांव से आए स्टूडेंट्स जो डीयू या दूसरी यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं, उनके लिए है.

बच्चे के ट्रांसजेंडर होने का पता चलने पर मां ने खुशी क्यों मनाई?

आप में से तमाम लोग सोच सकते हैं कि इसमें खुश होने की क्या बात है.

'मैं तुम्हारे भद्दे मैसेज लीक कर रही हूं, तुम्हें रेपिस्ट बनने से बचा रही हूं'

तुमने सोच कैसे लिया तुम पकड़े नहीं जाओगे?

औरत अपनी उम्र बताए तो शर्म से समाज झेंपता है वो औरत नहीं

किसी औरत से उसकी उम्र पूछना उसका अपमान नहीं होता है.

सौरभ से सवाल

दिव्या भारती की मौत कैसे हुई?

खिड़की पर बैठी दिव्या ने लिविंग रूम की तरफ मुड़कर देखा. और अपना एक हाथ खिड़की की चौखट को मजबूती से पकड़ने के लिए बढ़ाया.

कहां है 'सिर्फ तुम' की हीरोइन प्रिया गिल, जिसने स्वेटर पर दीपक बनाकर संजय कपूर को भेजा था?

'सिर्फ तुम' के बाद क्या-क्या किया उन्होंने?

बॉलीवुड में सबसे बड़ा खान कौन है?

सबसे बड़े खान का नाम सुनकर आपका फिल्मी ज्ञान जमीन पर लोटने लगेगा. और जो झटका लगेगा तो हमेशा के लिए बुद्धि खुल जाएगी आपकी.

'कसौटी ज़िंदगी की' वाली प्रेरणा, जो अनुराग और मिस्टर बजाज से बार-बार शादी करती रही

कहां है टेलीविज़न का वो आइकॉनिक किरदार निभाने वाली ऐक्ट्रेस श्वेता तिवारी?

एक्ट्रेस मंदाकिनी आज की डेट में कहां हैं?

मंदाकिनी जिन्हें 99 फीसदी भारतीय सिर्फ दो वजहों से याद करते हैं

सर, मेरा सवाल है कि एक्ट्रेस मीनाक्षी शेषाद्री आजकल कहां हैं. काफी सालों से उनका कोई पता नहीं.

‘दामिनी’ के जरिए नई ऊंचाई तक पहुंचा मीनाक्षी का करियर . फिर घातक के बाद 1996 में उन्होंने मुंबई फिल्म इंडस्ट्री को बाय बोल दिया.

ये KRK कौन है. हमेशा सुर्खियों में क्यों रहता है?

केआरके इंटरनेट एज का ऐसा प्रॉडक्ट हैं, जो हर दिन कुछ ऐसा नया गंधाता करना रचना चाहता है.

एक्ट्रेस किमी काटकर अब कहां हैं?

एडवेंचर ऑफ टॉर्जन की हिरोइन किमी काटकर अब ऑस्ट्रेलिया में हैं. सीधी सादी लाइफ बिना किसी एडवेंचर के

चाय बनाने को 'जैसे पापात्माओं को नर्क में उबाला जा रहा हो' कौन सी कहानी में कहा है?

बहुत समय पहले से बहुत समय बाद की बात है. इलाहाबाद में थे. जेब में थे रुपये 20. खरीदी हंस...

सर आजकल मुझे अजीब सा फील होता है क्या करूं?

खुड्डी पर बैठा था. ऊपर से हेलिकॉप्टर निकला. मुझे लगा. बाबा ने बांस गहरे बोए होते तो ऊंचे उगते.