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मर जाने के बाद बगदादी की लाश के साथ क्या हुआ?

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अबू बकर अल-बगदादी. दुनिया के सबसे बड़े आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट, यानी ISIS का सरगना. 26 अक्टूबर की शाम हुए एक अमेरिकी ऑपरेशन में बगदादी मारा गया. 27 अक्टूबर को उसकी मौत का ऐलान किया अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने. ट्रंप ने बताया कि उत्तर-पश्चिमी सीरिया के इदलिब प्रांत में बसे ‘बारिशा’ नाम के गांव की बात है. ये तुर्की की सीमा के पास पड़ता है. यहीं एक ठिकाने पर छुपा था बगदादी. अमेरिका ने यहां एक सीक्रेट ऑपरेशन किया. इसी मिशन के दौरान बगदादी पहले एक सुरंग में भागा. ये डेड-ऐंड वाली सुरंग थी. मतलब आप भागकर कहीं नहीं पहुंच सकते. बगदादी के मारे जाने की बात बताते हुए ट्रंप ने कहा-

बगदादी ने अपनी ज़िंदगी के आख़िरी पल बेहद डर में बिताए. वो कायर की तरह मरा. वो कुत्ते की मौत मरा. उसके मरने के बाद दुनिया अब पहले से ज़्यादा सुरक्षित है.

ये भी पढ़िए: कौन था बगदादी? कैसे खड़ा किया उसने अपना स्टेट? जानिए शुरुआत से अंत तक की उसकी पूरी कहानी.

ऑपरेशन का एक हीरो…
जिन ट्रंप ने ‘वो कुत्ते की तरह मरा’ वाली लाइन कही, उन्होंने ही बताया. कि बगदादी जब रोता-चीखता सुरंग में घुसा, तब अमेरिकी सेना का एक डॉग स्क्वैड उसके पीछे था. सुरंग के अंदर ही बगदादी ने शरीर में बंधे बम वाले जैकिट को डेटोनेट किया और उसके चीथड़े उड़ गए. इस धमाके में उसके तीन बच्चे भी मारे गए. धमाके के कारण वो सुरंग भी ढह गई. आयरनी देखिए. अमेरिकी टीम का एकमात्र सदस्य जो इस मिशन में जख़्मी हुआ, वो एक कुत्ता है. ‘बगदादी कुत्ते की मौत मरा’ कहने वाले ट्रंप ने उस कुत्ते की तस्वीर ट्वीट की. लिखा कि इस जाबांज कुत्ते की तस्वीर डिक्लासीफाई की गई है. ताकि लोग उसे देख सकें, उसकी बहादुरी के बारे में जान सकें.

आर्मी के कुत्ते भी आर्मी पर्सनेल होते हैं. वो ऑफिसर माने जाते हैं. सहकर्मी और सहयोगी माने जाते हैं. वो भी जान दांव पर लगाकर देश की सेवा करते हैं. अच्छा हुआ कुत्तों को अंग्रेजी नहीं आती. वरना उन्होंने अगर ‘बगदादी कुत्ते की मौत मरा’ वाली ट्रंप की बात सुनी होती, तो उनका दिल टूट गया होता.

अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने भी इस कुत्ते पर एक ट्वीट किया है. इसमें लिखा है-

हमारी K-9 ‘डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस’ के अपने सहकर्मी की बहादुरी को सलाम करती है, जो कि ISIS लीडर अबू बकर अल-बगदादी पर हुए रेड के दौरान घायल हो गया था. हमें खुशी हुई ये जानकर कि हमारा सहयोगी कुत्ता वापस ड्यूटी पर लौट आया है. 

DNA टेस्टिंग से क्या पता चला?
वाइट हाउस द्वारा जारी ट्रंप के बयान के मुताबिक-

कंपाउंड साफ़ किया जा चुका था. बगदादी के लोग या तो आत्मसमर्पण कर रहे थे या मारे जा रहे थे. उस घर से 11 बच्चों को बाहर निकाला गया, बिल्कुल सुरक्षित. जो बाकी बच्चे बचे थे, वो बगदादी के साथ सुरंग में थे. बगदादी तीन बच्चों को अपने साथ खींचकर वहां ले गया था, ताकि वो भी मारे जाएं. वो सुरंग के आख़िर में पहुंच गया. हमारे स्क्वैड के कुत्ते उसका पीछा कर रहे थे. उसने अपना बारूदी जैकिट डेटोनेट किया. अपने साथ तीन बच्चों को भी मार डाला उसने.

ट्रंप ने बताया कि इस ब्लास्ट में बगदादी का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया. पहचान की पुष्टि के लिए वहीं उसकी लाश की DNA जांच की गई. रिज़ल्ट पॉजिटिव निकला. पुष्टि हुई कि जो मरा वो बगदादी ही था. स्पेशल फोर्सेज़ ने दो घंटे बिताए वहां. उनके हाथ कुछ बेहद संवेदनशील चीजें लगी हैं. इस लोकेशन से बगदादी के कुछ आतंकी ज़िंदा गिरफ़्तार भी किए गए हैं. कुछ बच्चे भी थे यहां. उन्हें बचा लिया गया है.

वाइट हाउस ने राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का बयान जारी किया. इसमें ऑपरेशन का सीमित घटनाक्रम बताया गया है. ये उसी बयान का स्क्रीनशॉट है (फोटो: White House)
वाइट हाउस ने राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का बयान जारी किया. इसमें ऑपरेशन का सीमित घटनाक्रम बताया गया है. ये उसी बयान का स्क्रीनशॉट है (फोटो: White House)

हेलिकॉप्टर्स से लोकेशन पर लैंड हुए कमांडोज़
ऑपरेशन की डीटेल बताते हुए ट्रंप ने कहा कि कुछ हफ़्तों से बगदादी पर नज़र थी. उसे पकड़ने के लिए तीन योजनाएं बनाई गईं. मगर वो लगातार मूवमेंट कर रहा था. इस वजह से कुछ प्लान ड्रॉप करने पड़े. फिर जाकर ये मिशन हुआ. इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी विमान रूसी हवाई क्षेत्र से होकर गुजरे. US स्पेशल ऑपरेशन्स फोर्सेस की एक टीम ने बगदादी के ठिकाने पर हमला किया. टीम में कितने लोग थे, ये नहीं पता. मगर ये ज़रूर बताया गया है कि टीम ने कुल आठ हेलिकॉप्टर्स का इस्तेमाल किया. कमांडो पूरी एहतियात से लैंड हुए. उन्होंने मुख्य दरवाज़े का इस्तेमाल नहीं किया. ये सोचकर कि वहां बम लगे हो सकते हैं. अंदर घुसने के लिए कमांडोज़ ने बम लगाकर दीवार में छेद किया.

कितनी देर चला ऑपरेशन?
ये पूरा ऑपरेशन शाम के पांच बजे शुरू होकर करीब दो घंटे चला. वाइट हाउस के सिचुएशन रूम में बैठकर इसका लाइव फीड देखा ट्रंप, वाइस प्रेजिडेंट माइक पेन्स, NSA रॉबर्ट ओ ब्रेन, सेक्रटरी ऑफ डिफेंस मार्क इस्पर, US आर्मी के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन और डेप्युटी डायरेक्टर फॉर स्पेशल ऑपरेशन्स ने. वाइट हाउस ने इन लोगों की कुछ तस्वीरें भी जारी की हैं. बताया गया है कि ये ऑपरेशन का लाइव फीड देखने के समय की फोटो हैं. ट्रंप का कहना है कि बगदादी इदलिब में अपना संगठन को फिर से खड़ा करने में जुटा था. ट्रंप ने रूस, तुर्की, इराक और सीरिया के कुर्दों को इस मिशन में साथ देने के लिए शुक्रिया कहा. हालांकि ये भी बताया गया कि रूस को ये नहीं बताया गया था कि ऑपरेशन किस बात से जुड़ा है. कुर्दों की सीरियन डेमोक्रैटिक फोर्सेज़ (SDF) का कहना है कि उन्होंने इस लोकशन की जानकारी दी थी.

बगदादी के मारे जाने की ख़बरें रेगुलर आती थीं
बगदादी को पकड़ने के लिए काफी समय से कोशिशें हो रही थीं. मगर वो लगातार बचता रहा. कुछ-कुछ समय बाद बगदादी के विडियो आते. अप्रैल 2019 में श्रीलंका के अंदर हुए सीरियल ब्लास्ट के बाद भी उसका विडियो आया था. उसने इन धमाकों की जिम्मेदारी ली थी. दावा किया था कि ISIS से जुड़े लोगों ने दुनिया के आठ अलग-अलग देशों में कुल 92 आतंकी हमले किए हैं. ओसामा की मौत के बाद ग्लोबल आतंकवाद का सबसे बड़ा चेहरा था बगदादी- World’s Most-wanted Terrorist Chief. उसके सिर पर 25 मिलियन डॉलर का इनाम रखा था अमेरिका ने. दुनिया के कई देश उसकी तलाश में थे. कई बार उसके मारे जाने की ख़बरें आईं. जैसे- जुलाई 2017 में सीरियन ऑर्ब्जवेट्री फॉर ह्युमन राइट्स ने कहा कि उसके पास बगदादी के मारे जाने की पक्की ख़बर है. मगर अमेरिका ने इसकी पुष्टि नहीं की. फिर ऐसा होता रहा. कभी ख़बर आती, बगदादी मारा गया. फिर ख़बर आती, वो ज़िंदा है.

अपनी जान का बहुत डर था बगदादी को
बगदादी ख़ुद को लेकर बेहद सतर्कता बरतता. न्यू यॉर्क टाइम्स ने इराक की एक जेल में बंद बगदादी के एक टॉप सहयोगी इस्माइल से बात की. उसने बताया कि बगदादी अपनी सुरक्षा को लेकर किस कदर एहतियात बरतता था. उससे मिलने जाने वालों की घड़ी तक उतरवा ली जाती थी. आंखों पर पट्टी बांधकर बस में घंटों की यात्रा के बाद उन्हें बगदादी की सीक्रेट लोकेशन पर पहुंचाया जाता. मुलाकात के बाद पहले बगदादी वहां से निकलता. फिर घंटों बाद उससे मिलने आए शख्स को निकलने दिया जाता. उसी तरह. आंखों पर पट्टी बांधकर घंटों की यात्रा कराए जाने के बाद. बगदादी नहीं जानता था, उसे कौन धोखा दे सकता है. वो किसी पर भरोसा नहीं करता था.

कौन होगा बगदादी का उत्तराधिकारी?
27 अक्टूबर को ISIS के अबुल-हसन अल-मुहाजिर नाम के एक ISIS प्रवक्ता के मारे जाने की ख़बर आई. ख़बरों के मुताबिक, बगदादी के बाद उसे मिल सकती थी ISIS की बागडोर. एक और नाम आ रहा है, जो बगदादी की जगह ले सकता है. इसका नाम है- अब्दुल्ला क़रदाश. अमेरिकी सेना इसे आमिर मुहम्मद सईद अब्दल रहमान अल-मावला नाम से जानती है. माना जाता है कि क़रदाश करीब 15 सालों से बगदादी का सहयोगी रहा है. कैंप बक्का में वो भी कैद था बगदादी के साथ. ख़बरों के मुताबिक, क़रदाश बाथ का अफसर रहा है. जो कि 2003 में इराक पर हुए अमेरिकी हमले के बाद अंडरग्राउंड होकर इनसर्जेंट ग्रुप में शामिल हो गया था. US स्टेट डिपार्टमेंट के मुताबिक, क़रदाश याजिदी समुदाय के बच्चों और औरतों केअपहरण, उनकी हत्या और तस्करी की जिम्मेदारी देखता था.

एक बगदादी के मरने से क्या असर पड़ेगा?
कई लोग कह रहे हैं कि बगदादी के माने जाने से ISIS ख़त्म हो जाएगा. मगर क्या ओसामा के मारे जाने के बाद अल-क़ायदा खत्म हुआ क्या? बगदादी ने अब तक का सबसे बड़ा आतंकी संगठन बनाया. उसने अपने फॉलोअर्स को आतंक का एक भीषण क्रूर मॉडल दिखाया. छोटे-छोटे बच्चों तक का ब्रेनवॉश करके उन्हें आतंकी बना दिया. ISIS के तौर-तरीके इतने नृशंस थे कि अल-क़ायदा तक उसे लानतें देता था. वो सैकड़ों-हज़ारों आतंकी, जिन्हें ISIS ने अपने आतंकी नेटवर्क से जोड़ा, प्रशिक्षित किया, वो बचे हैं. ये लोग नए गुट बनाएंगे. नए संगठन खड़े करेंगे. नए नाम रखेंगे. आतंकवाद को अलग-अलग हिस्सों में ले जाएंगे. ऐसे में एक बगदादी को मारने से बहुत कुछ हासिल होने वाला नहीं है.

चैलेंज बहुत हैं
इराक और सीरिया के हालात ने, वहां की अराजकता ने ISIS को फैलने के लिए उपजाऊ ज़मीन दी. ऐसी और भी ज़मीनें हैं दुनिया में. गृह युद्ध है. सांप्रदायिक नफ़रत है. गुमराह और बेरोज़गार युवा हैं. सोशल मीडिया और इंटरनेट ने भी बहुत मदद की ISIS को. अभी भी सोशल मीडिया कंपनियां ऐसा कोई फुल-प्रूफ तरीका नहीं खोज सकी हैं, जिससे इस तरह के तत्वों को पूरी तरह बैन किया जा सके. दुनिया को अभी इन सारी चुनौतियों से जूझना है.

बगदादी की लाश के साथ क्या हुआ?
कुछ सवाल भी उठ रहे हैं. कि क्या अगले साल होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में ब्राउनी पॉइंट्स का कोई ऐंगल है? या महाभियोग जांच का जवाब है ये? या उत्तरी सीरिया के अमेरिकी सेना को हटाने के अपने फैसले की आलोचना झेल रहे ट्रंप का डैमेज कंट्रोल है ये? ये सवाल भी उठ रहा है कि इतने आनन-फानन में DNA टेस्ट कैसे हुआ? एक सवाल ये भी पूछा जा रहा था कि बगदादी के शव का क्या हुआ. इसके जवाब में अमेरिका के NSA रॉबर्ट ओ ब्रायन ने बताया कि ओसामा की ही तरह बगदादी के अवशेषों को भी समंदर के किसी हिस्से में दफ़ना दिया जाएगा.

बगदादी मारा गया. मगर…
बगदादी अपनी 48 बरस लंबी ज़िंदगी में वो दुनिया का हद नुकसान कर गया. उसकी क्रूरता, उसके नृशंस तौर-तरीके उसके जैसी मानसिकता रखने वालों के लिए मिसाल का काम करेंगे. ये भीषण है कि कोई बगदादी में भी प्रेरणा खोज सकता है. मगर क्या करें, हैं ऐसे भी लोग धरती पर. बगदादी और उसके आतंकियों ने मुसलमानों का भी बेहद नुकसान किया. हज़ारों लोग मारे गए. इनमें सबसे ज़्यादा संख्या मुसलमानों की ही है. लाखों लोग बेघर हुए. सैकड़ों औरतें, सैकड़ों बच्चों को सेक्स के लिए गुलाम बनाया गया. बार-बार खरीदा बेचा गया उन्हें. इतना बुरा सलूक किया उनके साथ कि कोई हद ही नहीं. औरों ने भी सहा है. मगर याजिदी और कुर्द समुदाय ने ख़ासतौर पर काफी यातनाएं झेली हैं ISIS के हाथों. बगदादी और उसके लोग इन्हें मुसलमान ही नहीं मानते. कोई भी सज़ा बगदादी के लिए ऐप्ट नहीं हो सकती थी. क्योंकि शायद कोई भी सज़ा उसकी नृशंसता का मुकाबला नहीं कर सकती थी.


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