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तहखाना

कुंडी न खड़काएं राजन, सीधा अंदर आएं राजन

आरामकुर्सी

'अगर उनके पास दाउद इब्राहिम है, तो हमारे पास अरुण गवली है'

क्या हुआ जब बाल ठाकरे के हाथ में मुंबई का रिमोट आया?

आरामकुर्सी

बाल ठाकरे का वो वादा, जो मुंबई को लील गया

बाल ठाकरे ने एक इंटरव्यू में कहा: आर्मी मेरे हवाले कर दो, मैं देश को एक महीने में ठीक कर दूंगा.

आरामकुर्सी

मुंबई के वो किस्से, जिनमें यही आदमी बाघ की तरह बैठ सकता था

छा गया था बाल ठाकरे का बिना देखे भाषण देना. फिल्मों के डायलॉग यूज कर के. सबको एक सुर से गाली देना.

आरामकुर्सी

क्या था इस आदमी में कि लोग उसकी मौत पर भरोसा नहीं कर पा रहे थे?

17 नवम्बर 2012, शिवाजी पार्क, मुंबई. एक आवाज उठती है, 'बाला साहेब....' लाखों चिल्लाते हैं, 'अमर रहें'. अब फ्लैशबैक की कहानी.

आरामकुर्सी

ये मुसलमान राजा न होता, तो आज बनारसी साड़ी इतनी मशहूर न होती

एक बनारसी साड़ी में सदियों की कहानी छुपी होती है.

आरामकुर्सी

अगर ये किस्से समझ लें, तो दंगे कभी नहीं होंगे

शिवसेना की कहानी. आज के दिन बाल ठाकरे ने आखिरी सांस ली थी.

आरामकुर्सी

जब 1971 के भारत-पाक युद्ध की आंच राजस्थान तक जा पहुंची

'रेडियो ज़ुबानी' में इस बार उस वक़्त की बात, जब चारों तरफ जंग का आलम था.

आरामकुर्सी

'कुंवर नारायण को पढ़ते हुए अक्सर कवाफ़िस और लुई बोर्खेस की याद आती है'

कवि और साहित्यकार असद़ ज़ैदी की कुंवर नारायण पर की एक महत्वपूर्ण टिप्पणी पढ़ें.

आरामकुर्सी

गुजरात का वो मुख्यमंत्री जिसे बहुमत होने के बावजूद कुर्सी गंवानी पड़ी

केशुभाई के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद काशीराम राणा की दावेदारी काफी मजबूत मानी जा रही थी.

आरामकुर्सी

वो लेखक जिसके आगे फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज हाथ जोड़े खड़े रहते थे

चेतन भगत जैसी शानदार मार्केटिंग के बिना भी जिसकी किताबें धुआंधार बिकती थीं.

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सर, मेरा सवाल है कि एक्ट्रेस मीनाक्षी शेषाद्री आजकल कहां हैं. काफी सालों से उनका कोई पता नहीं.

‘दामिनी’ के जरिए नई ऊंचाई तक पहुंचा मीनाक्षी का करियर . फिर घातक के बाद 1996 में उन्होंने मुंबई फिल्म इंडस्ट्री को बाय बोल दिया.

दिव्या भारती की मौत कैसे हुई?

खिड़की पर बैठी दिव्या ने लिविंग रूम की तरफ मुड़कर देखा. और अपना एक हाथ खिड़की की चौखट को मजबूती से पकड़ने के लिए बढ़ाया.

ये KRK कौन है. हमेशा सुर्खियों में क्यों रहता है?

केआरके इंटरनेट एज का ऐसा प्रॉडक्ट हैं, जो हर दिन कुछ ऐसा नया गंधाता करना रचना चाहता है.

चाय बनाने को 'जैसे पापात्माओं को नर्क में उबाला जा रहा हो' कौन सी कहानी में कहा है?

बहुत समय पहले से बहुत समय बाद की बात है. इलाहाबाद में थे. जेब में थे रुपये 20. खरीदी हंस...

सर आजकल मुझे अजीब सा फील होता है क्या करूं?

खुड्डी पर बैठा था. ऊपर से हेलिकॉप्टर निकला. मुझे लगा. बाबा ने बांस गहरे बोए होते तो ऊंचे उगते.

ऑफिस के ड्युअल फेस लोगों के साथ कैसे मैनेज करें?

पर ध्यान रहे. आप इस केस को कैसे हैंडल कर रहे हैं, ये दफ्तर में किसी को पता न चले.

ललिता ने पूछा सौरभ से सवाल. मगर अधूरा. अब क्या करें

कुछ तो करना ही होगा गुरु. अधूरा भी तो एक तरह से पूरा है. जानो माजरा भीतर.

ऐसा क्या करें कि हम भी जेएनयू के कन्हैया लाल की तरह फेमस हो जाएं?

कोई भी जो किसी की तरह बना, कभी फेमस नहीं हो पाया. फेमस वही हुआ, जो अपनी तरह बना. सचिन गावस्कर नहीं बने. विराट सचिन नहीं बने. मोदी अटल नहीं बने और केजरीवाल अन्ना नहीं बने.

एक राइटर होने की शर्तें?

शर्तें तो रेंट एंग्रीमेंट में होती हैं. जिन्हें तीन बार पढ़ते हैं. या फिर किसी ऐप या सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करने में, जिसकी शर्तों को सुरसुराता छोड़कर हम बस आई एग्री वाले खांचे पर क्लिक मार देते हैं.

रूसी लड़की के साथ दारा सिंह का डांस और उनकी पत्नी की जलन

जानिए, दारा सिंह को कैसे मिला हनुमान का रोल.

16 साल की उम्र में इंदिरा गांधी ने फिरोज़ का पहला प्रपोज़ल ठुकरा दिया था

इंदिरा से अलग होकर उनके पति फिरोज़ लखनऊ के मशहूर-जमींदार मुस्लिम परिवार की एक महिला के प्रेम में पड़ गए थे.

इमरजेंसी के ऐलान के दिन क्या-क्या हुआ था, अंदर की कहानी

इंदिरा गांधी ने तड़के मीटिंग बुलाई थी, नेताओं को लगा इस्तीफा देंगी पर ऐलान इमरजेंसी का हुआ.

खुद को 'बदसूरत' समझती थीं इंदिरा गांधी

और इसकी वजह थी उनकी अपनी बुआ के ताने. इंदिरा ने बुआ को उनके जहरीले शब्दों के लिए कभी माफ नहीं किया.

पहली बार विधायक बना यह शख्स सीधा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर पहुंच गया

जब शंकर सिंह वाघेला अपने ही ईजाद किए दांव में उलझकर रह गए.

माफ़ करिए, मुझे मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर पर गर्व नहीं है

न ही 'देश के लिए' ब्यूटी कॉन्टेस्ट जीतने वाली किसी और लड़की पर.

राधिका आप्टे से जब पूछा गया आप उस हीरो के साथ सो लेंगी?

उन्होंने जो जवाब दिया, सराहनीय है. हैप्पी बर्थडे है इनका.

प्रियंका तनेजा उर्फ़ हनीप्रीत: गुरमीत की 'गुड्डी', जिसके बिना उसका एक मिनट भी नहीं कटता

मुंहबोली बेटी के लिए राम रहीम ने कोर्ट से चौंकाने वाली अपील की है.

जिसे हमने पॉर्न कचरा समझा वो फिल्म कल्ट क्लासिक थी

अठारह वर्ष से ऊपर वाले दर्शकों/पाठकों के लिए.

17 साल की लड़की ने सड़क पर बच्चा डिलीवर किया, इसका जिम्मेदार कौन है?

विचलित करने वाला ये वीडियो हमारे समाज की नंगई दिखाता है.