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मोबाइल में गेम खेलते-खेलते आपका लाल आपको कंगाल बना सकता है, बचाव जान लीजिए

बच्चे बड़े चंचल स्वभाव के होते हैं. कभी रिश्तेदारों के सामने कुछ ऐसा बोल देते हैं कि भरी महफ़िल में भज्जी हो जाती है, कभी बस ऐसे ही खेलते-खेलते आपके पेट में घूंसा दे मारते हैं, और कुछ ऐसे भी होते हैं, जो कभी-कभी आपका मोबाइल चलाते हुए सेकंडों में आपके लाखों रुपए उड़ा देते हैं. इस लास्ट वाली चीज़ का चलन अब बढ़ रहा है. बच्चे गेम के अंदर जाने-अनजाने में खरीदारी कर डालते हैं, और मिनटों में आपकी जेब खाली हो जाती है. देखिये ये वीडियो -

मोबाइल में गेम खेलते-खेलते आपका लाल आपको कंगाल बना सकता है, बचाव जान लीजिए

बच्चे बड़े चंचल स्वभाव के होते हैं. कभी रिश्तेदारों के सामने कुछ ऐसा बोल देते हैं कि भरी महफ़िल में भज्जी हो जाती है, कभी बस ऐसे ही खेलते-खेलते आपके पेट में घूंसा दे मारते हैं, और कुछ ऐसे भी होते हैं, जो कभी-कभी आपका मोबाइल चलाते हुए सेकंडों में आपके लाखों रुपए उड़ा देते हैं. इस लास्ट वाली चीज़ का चलन अब बढ़ रहा है. बच्चे गेम के अंदर जाने-अनजाने में खरीदारी कर डालते हैं, और मिनटों में आपकी जेब खाली हो जाती है. देखिये ये वीडियो -
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इस जुगाड़ से एंड्रॉयड फ़ोन के ढीठ से ढीठ ऐप्स भी डिलीट हो जाएंगे

एंड्रॉयड फ़ोन आजकल इतने सारे कचरे के साथ आते हैं कि क्या बताएं. और कचरे से हमारा मतलब ब्लोटवेयर से है, यानी कि वो ऐप्स जो आपके स्मार्टफ़ोन में पहले से पड़े हुए आते हैं. आप कभी इनका इस्तेमाल नहीं करते मगर आप इनको अनइंस्टॉल या डिलीट भी नहीं कर सकते. ये रक्त पिपासु बनकर आपके फ़ोन की रैम और स्टोरेज तो चूसते ही हैं, साथ में प्रोसेसर की जान भी छका लेते हैं. और तो और कभी-कभी डेटा प्राइवेसी और सिक्योरिटी के भी परखच्चे उड़ा देते हैं. इसी से छुटकारा पाने के लिए कुछ लोग अपने डिवाइस को रूट कर इन ऐप्स को डिलीट मार देते हैं. मगर रूट करने से फ़ोन की वॉरन्टी गुस्सा हो जाती है और टाटा बाय-बाय बोल देती है. फ़िर हम करें तो करें क्या, बोलें तो बोलें क्या? असल में एक और तरीका है जिससे आप इन ब्लोटवेयर को हटा भी सकते हैं और आपके फ़ोन की वॉरन्टी भी चिपकी रहेगी. देखिये वीडियो -

इस जुगाड़ से एंड्रॉयड फ़ोन के ढीठ से ढीठ ऐप्स भी डिलीट हो जाएंगे

एंड्रॉयड फ़ोन आजकल इतने सारे कचरे के साथ आते हैं कि क्या बताएं. और कचरे से हमारा मतलब ब्लोटवेयर से है, यानी कि वो ऐप्स जो आपके स्मार्टफ़ोन में पहले से पड़े हुए आते हैं. आप कभी इनका इस्तेमाल नहीं करते मगर आप इनको अनइंस्टॉल या डिलीट भी नहीं कर सकते. ये रक्त पिपासु बनकर आपके फ़ोन की रैम और स्टोरेज तो चूसते ही हैं, साथ में प्रोसेसर की जान भी छका लेते हैं. और तो और कभी-कभी डेटा प्राइवेसी और सिक्योरिटी के भी परखच्चे उड़ा देते हैं. इसी से छुटकारा पाने के लिए कुछ लोग अपने डिवाइस को रूट कर इन ऐप्स को डिलीट मार देते हैं. मगर रूट करने से फ़ोन की वॉरन्टी गुस्सा हो जाती है और टाटा बाय-बाय बोल देती है. फ़िर हम करें तो करें क्या, बोलें तो बोलें क्या? असल में एक और तरीका है जिससे आप इन ब्लोटवेयर को हटा भी सकते हैं और आपके फ़ोन की वॉरन्टी भी चिपकी रहेगी. देखिये वीडियो -
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ऐसे स्मार्टफोन, जिनकी बैटरी कपैसिटी 3000mAh नहीं, बल्कि 6000 से भी ज़्यादा है

स्मार्टफ़ोन को लेकर हर किसी की ज़रूरत अलग है. किसी को कैमरा बढ़िया चाहिए, तो किसी के लिए परफॉरमेंस सबसे ज़्यादा मैटर करती है. ऐसे ही कुछ लोगों को अपने फ़ोन में बड़ी बैटरी की ज़रूरत पड़ती है. करीब तीन चार साल पहले हर फ़ोन में बस 3000mAh कपैसिटी वाली बैटरी लग कर आ रही थी, जो मुश्किल से 8-10 घंटे चला करती थी. वो तो अच्छा हुआ कि फ़ोन बनाने वाली कंपनियों ने बैटरी पर ध्यान देना शुरू कर दिया. और कुछ इस तरह आज के टाइम पर हमारे पास लगभग हर बजट में 6,000mAh की बैटरी और फास्ट चार्जिंग वाले फ़ोन मौजूद हैं. वीडियो देखिए.

ऐसे स्मार्टफोन, जिनकी बैटरी कपैसिटी 3000mAh नहीं, बल्कि 6000 से भी ज़्यादा है

स्मार्टफ़ोन को लेकर हर किसी की ज़रूरत अलग है. किसी को कैमरा बढ़िया चाहिए, तो किसी के लिए परफॉरमेंस सबसे ज़्यादा मैटर करती है. ऐसे ही कुछ लोगों को अपने फ़ोन में बड़ी बैटरी की ज़रूरत पड़ती है. करीब तीन चार साल पहले हर फ़ोन में बस 3000mAh कपैसिटी वाली बैटरी लग कर आ रही थी, जो मुश्किल से 8-10 घंटे चला करती थी. वो तो अच्छा हुआ कि फ़ोन बनाने वाली कंपनियों ने बैटरी पर ध्यान देना शुरू कर दिया. और कुछ इस तरह आज के टाइम पर हमारे पास लगभग हर बजट में 6,000mAh की बैटरी और फास्ट चार्जिंग वाले फ़ोन मौजूद हैं. वीडियो देखिए.

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यूट्यूब पर फ़ेक फ़ोन बेचने वाली वेबसाइट का ऐड चला रहा है गूगल?

इस डिजिटल दुनिया में इतने स्कैम बिजिर-बिजिर कर रहे हैं कि पूछो मत. एक बंद होता है तो उसकी जगह 10 और पैदा हो जाते हैं. मगर बात एक्स्ट्रा दिक्कत वाली तब हो जाती है जब गूगल जैसी कंपनी इन स्कैम को प्रमोट करने लग जाए. अभी हाल ही कि बात है कि यूट्यूब पर हमें एक ऐड नज़र आया. Elite X2 Pro (एलीट X2 प्रो) स्मार्टफ़ोन का. चार कैमरा वाले इस फ़ोन का 8GB रैम और 128GB स्टोरेज वाला मॉडल 4,399 रुपए में मिल रहा था. ऐड पर क्लिक करने पर ये हमें upgradeyourmobile.in नाम की वेबसाइट पर ले गया जहां ये इसी क़ीमत पर मिला. देखिए वीडियो.

यूट्यूब पर फ़ेक फ़ोन बेचने वाली वेबसाइट का ऐड चला रहा है गूगल?

इस डिजिटल दुनिया में इतने स्कैम बिजिर-बिजिर कर रहे हैं कि पूछो मत. एक बंद होता है तो उसकी जगह 10 और पैदा हो जाते हैं. मगर बात एक्स्ट्रा दिक्कत वाली तब हो जाती है जब गूगल जैसी कंपनी इन स्कैम को प्रमोट करने लग जाए. अभी हाल ही कि बात है कि यूट्यूब पर हमें एक ऐड नज़र आया. Elite X2 Pro (एलीट X2 प्रो) स्मार्टफ़ोन का. चार कैमरा वाले इस फ़ोन का 8GB रैम और 128GB स्टोरेज वाला मॉडल 4,399 रुपए में मिल रहा था. ऐड पर क्लिक करने पर ये हमें upgradeyourmobile.in नाम की वेबसाइट पर ले गया जहां ये इसी क़ीमत पर मिला. देखिए वीडियो.

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वनप्लस नॉर्ड लॉन्ग-टर्म रिव्यू: महीने भर की घिसाई के बाद इस फोन में कितना दम बचा?

ज्यादातर फ़ोन जब नए-नवेले आते हैं, तो बड़े बढ़िया लगते हैं. मस्त चमचमा रहे होते हैं. मक्खन जैसे स्मूद भागते हैं. मगर जब इसमें आप अपने काम के सारे ऐप्स डाल लेते हैं, तो एक हफ़्ता तो ये बढ़िया चलते हैं, मगर महीने भर में ही फिसड्डी हो जाते हैं. मतलब कि परफॉरमेंस काफ़ी बदल जाती है. बढ़िया डिवाइस वो होती हैं, जो लॉन्ग टर्म में भी वैसी ही परफॉर्मेंस दें, जैसी पहले हफ़्ते में देती हैं. देखिए वीडियो.

 

वनप्लस नॉर्ड लॉन्ग-टर्म रिव्यू: महीने भर की घिसाई के बाद इस फोन में कितना दम बचा?

ज्यादातर फ़ोन जब नए-नवेले आते हैं, तो बड़े बढ़िया लगते हैं. मस्त चमचमा रहे होते हैं. मक्खन जैसे स्मूद भागते हैं. मगर जब इसमें आप अपने काम के सारे ऐप्स डाल लेते हैं, तो एक हफ़्ता तो ये बढ़िया चलते हैं, मगर महीने भर में ही फिसड्डी हो जाते हैं. मतलब कि परफॉरमेंस काफ़ी बदल जाती है. बढ़िया डिवाइस वो होती हैं, जो लॉन्ग टर्म में भी वैसी ही परफॉर्मेंस दें, जैसी पहले हफ़्ते में देती हैं. देखिए वीडियो.

 
झमाझम

ऐमब्रेन वेव नेक-बैंड इयरफ़ोन रिव्यू

कीमत 1,300 रुपए. जानिए, वनप्लस बुलेट इयरफ़ोन के सामने कैसे हैं ये?

ऐमब्रेन वेव नेक-बैंड इयरफ़ोन रिव्यू

ऐमब्रेन ने सितंबर में 1,999 रुपए की क़ीमत में नेक-बैंड स्टाइल वाला ऐमब्रेन वेव इयरफ़ोन लॉन्च किया. इस क़ीमत पर इसका सीधा-सीधा मुकाबला वनप्लस बुलेट्स वायरलेस Z से हो गया मगर फ़िर ऐमब्रेन ने वेव पर पैसे गिरा दिए. और कुछ इस तरह ये बोल्ट, रेडमी और नॉइस की टक्कर में आ गया. इस वक़्त ऐमब्रेन वेव … और पढ़ें ऐमब्रेन वेव नेक-बैंड इयरफ़ोन रिव्यू

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वनप्लस नॉर्ड लॉन्ग-टर्म रिव्यू: एक महीने के बाद नॉर्ड की परफॉर्मेंस कितने पानी में है?

हमने वनप्लस नॉर्ड को महीना भर चलाया और ये है हमारा एक्सपीरियंस!

वनप्लस नॉर्ड लॉन्ग-टर्म रिव्यू: एक महीने के बाद नॉर्ड की परफॉर्मेंस कितने पानी में है?

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