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भैरंट

कश्मीरी भाषा खो रही है, उसे बचा लेना चाहिए

कनफ्लिक्ट ने कश्मीर की ज़मीन से बहुत कुछ छीना है. उनकी भाषा उसमें से एक है.

कश्मीरी भाषा खो रही है, उसे बचा लेना चाहिए

प्रदीपिका सारस्वत फ्रीलांस राइटर हैं. मीडिया की नौकरी छोड़कर इन दिनों कश्मीर में डेरा जमाए हुई हैं. ये दी लल्लनटॉप के लिए पहले भी लिख चुकी हैं. और इस बार कश्मीर की खो रही भाषा पर लिखा है. पढ़िए प्रदीपिका की कश्मीर डायरी.   ‘ममा कल मैं स्कूल नहीं जाउंगा,’ पांच साल का फाइक बड़े लाड़ … और पढ़ें कश्मीरी भाषा खो रही है, उसे बचा लेना चाहिए

भैरंट

'महाबली सुशील कुमार को एक मौका मिलना ही चाहिए'

सुशील कुमार में बैल जैसी शक्ति है और बिल्ली सी फुर्ती. सुशील में कुश्ती के स्वर्णिम अतीत को फिर से हमें सौंप देने की आग है....

'महाबली सुशील कुमार को एक मौका मिलना ही चाहिए'

ये आर्टिकल देवांशु झा के कीबोर्ड से निकला है. पत्रकार हैं, सियासत पर खूब लिखते हैं. सुशील कुमार के रियो ओलंपिक में जाने को लेकर बवाल मचा हुआ है. कुछ कहते हैं सुशील कुमार को भेजा जाना चाहिए. कुछ कह रहे हैं बिलकुल नहीं भेजा जाना चाहिए. देवांशु झा सुशील को रियो ओलंपिक में भेजे … और पढ़ें ‘महाबली सुशील कुमार को एक मौका मिलना ही चाहिए’

भैरंट

"दुनिया के सबसे ताकतवर ब्रेन ने अब काम करना बंद कर दिया"

थॉमस श्‍टॉल्‍ट्ज़ हार्वे ने 1955 में आइंस्टीन की मृत्‍यु पर उसके दिमाग का परीक्षण किया था और उसे 240 विभिन्‍न टुकड़ों में बांट दिया था. क्या था आखिर आइंस्टीन के दिमाग से जुड़ा मिथ?

"दुनिया के सबसे ताकतवर ब्रेन ने अब काम करना बंद कर दिया"

क्या हुआ जब एक जीते जागते इंसान के दिमाग को चमत्कारी मान लिया गया? उसके पीछे कहानियां बनाई जाने लगीं, और मानवजाति उसके सहारे दुनिया के तमाम अनसुलझे रहस्य जान लेने के सपने देखने लगी. क्या सच था, क्या झूठ, और क्या सच और झूठ के पार.. वैज्ञानिक अलबर्ट आइंस्टीन के दिमाग और उससे जुड़ी … और पढ़ें “दुनिया के सबसे ताकतवर ब्रेन ने अब काम करना बंद कर दिया”

तहखाना

भारतीय राजनीति के शापित अश्वत्थामा हैं अमर सिंह!

अमर सिंह की मधुशाला के अच्छे दिन आ गए हैं. पढ़िए हर जगह टांग अड़ाए अमर सिंह की कहानी बयां करता ये पीस.

भारतीय राजनीति के शापित अश्वत्थामा हैं अमर सिंह!

ये ऋषभ हैं. दी लल्लनटॉप के नए साथी. अभी इस बरस यूपीएससी में सिविल सर्विसेस का इंटरव्यू देकर आए. नहीं हुआ. कह रहे हैं कि अब नहीं बनना कलेक्टर. हमने पूछा क्यों. अभी तो दो अटैंप्ट बाकी हैं. तो बोले. इंटरव्यू में अनुभव अच्छा नहीं रहा. अंट शंट पूछते रहे. मैकेनिकल में इंजीनियरिंग किया. पर … और पढ़ें भारतीय राजनीति के शापित अश्वत्थामा हैं अमर सिंह!

तहखाना

'मीस कौल मारातारू कीस देबू का हो'

भारत की एक विलुप्तप्राय परंपरा 'मिस्ड कॉल' के अस्तित्व पर बढ़ते संकट की तरफ ध्यान दिला रहे हैं पुंज प्रकाश.

'मीस कौल मारातारू कीस देबू का हो'

हर आम खास की पहुंच में मोबाइल फोन आए महज डेढ़ दशक हुए हैं. इतने ही वक्त में सोसाइटी में मेजर चेंजेज़ आए हैं. न जाने कितने ट्रेंड चले कितने टेक्नोलॉजी की सुनामी में बह गए. उन्हीं मे से एक परंपरा है मिस कॉल मारने की है. करने की नहीं, मारने की. अब ये विलुप्त … और पढ़ें ‘मीस कौल मारातारू कीस देबू का हो’