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तहखाना

कौन है ये 43 साल का एथलीट, जिसे G.O.A.T स्पोर्ट्स स्टार बोला जा रहा है?

टीम स्पोर्ट्स के शहंशाह माइकल जॉर्डन से आगे निकले टॉम ब्रैडी.

कौन है ये 43 साल का एथलीट, जिसे G.O.A.T स्पोर्ट्स स्टार बोला जा रहा है?

शशांक चतुर्वेदी. ‘लल्लनटॉप’ के दोस्त हैं. पढ़ने-लिखने में खूब इंट्रेस्ट रखते हैं. स्पोर्ट्स के समसामयिक और ऐतिहासिक विषयों पर लिखना और पढ़ना खूब पसंद है. नोवाक ज़ोकोविच, रॉजर फेडरर और राफा नडाल के जबरा फैन हैं. बास्केटबॉल से लेकर क्रिकेट तक पर बात करने के लिए कभी भी उपलब्ध रहते हैं. इस बार उन्होंने SuperBowl … और पढ़ें कौन है ये 43 साल का एथलीट, जिसे G.O.A.T स्पोर्ट्स स्टार बोला जा रहा है?

भैरंट

अगले जन्म में किस जाति में पैदा होने की इच्छा जताई थी गांधी ने?

छुआछूत के खिलाफ रहे गांधी की जाति पर क्या राय थी?

अगले जन्म में किस जाति में पैदा होने की इच्छा जताई थी गांधी ने?

हिमांशु दी लल्लनटॉप के दोस्त और रीडर हैं. जब भी इनको थोड़ी सी फुरसत मिलती है, अपने ज्ञान के खजाने से थोड़े मोती हमको दे देते हैं. हम आप तक पहुंचा देते हैं. आजाद भारत की एक बहुत बड़ी समस्या या कहिए शर्मिंदगी पर इन्होंने कुछ लिखा है. पढ़ा जाए. कभी आपकी चाभी या फोन … और पढ़ें अगले जन्म में किस जाति में पैदा होने की इच्छा जताई थी गांधी ने?

भैरंट

ऐसा खेल देखने मिले, तो सुबह साढ़े चार बजे का अलार्म लगाकर उठना खलता नहीं

अजिंक्य रहाणे के शतक ने भारतीय टीम को खोया आत्मविश्वास वापस दिलाया?

ऐसा खेल देखने मिले, तो सुबह साढ़े चार बजे का अलार्म लगाकर उठना खलता नहीं

इस लेख को लिखा है दिल्ली से विशी सिन्हा ने. संक्षिप्त परिचय:  ट्रिपल आई टी – इलाहाबाद से इनफॉर्मेशन सिक्योरिटी में एमएस करने के अलावा लॉ की पढ़ाई भी की है. खेल और इतिहास में विशेष रुचि है. दाल-रोटी का खर्च निकालने के लिए फिलहाल दिल्ली स्थित एक आईटी कंपनी में लीगल मैनेजर का काम करते … और पढ़ें ऐसा खेल देखने मिले, तो सुबह साढ़े चार बजे का अलार्म लगाकर उठना खलता नहीं

भैरंट

'कौन हैं ये दो औरतें जो बग़ल में कोई पोटली दबा बहुधा निर्वस्त्र भटकती हैं?'

एक कविता रोज़ः पढ़िए गीत चतुर्वेदी की वो कविता, जिसके लिए उनको साल 2007 का भारत भूषण सम्मान मिला था.

'कौन हैं ये दो औरतें जो बग़ल में कोई पोटली दबा बहुधा निर्वस्त्र भटकती हैं?'

हिंदी कवियों की मौजूदा पीढ़ी में गीत चतुर्वेदी का स्थान ऊंचा है. वो एक अच्छे कवि, बेहतरीन इंसान, पत्रकार और समीक्षक हैं. 27 नवम्बर 1977 को जन्मे गीत लोर्का, नेरूदा, यानिस रित्सोस, एडम ज़गायेव्स्की और दुन्या मिखाइल आदि की कविताओं के अनुवाद कर चुके हैं. पहल, तद्भव, उद्भावना कवितांक, वागर्थ, साक्षात्कार, पल-प्रतिपल, वसुधा, समकालीन भारतीय साहित्य, … और पढ़ें ‘कौन हैं ये दो औरतें जो बग़ल में कोई पोटली दबा बहुधा निर्वस्त्र भटकती हैं?’

भैरंट

'छठ पूजा का ज़िक्र आते ही मुझे मेरी दादी याद आ जाती है'

छठ पूजा पर इससे अच्छा कुछ मिले तो बताना.

'छठ पूजा का ज़िक्र आते ही मुझे मेरी दादी याद आ जाती है'

दादियां कभी उम्रदराज नहीं होतीं. मैंने अपने होशोहवास में पहली बार जब अपनी दादी को देखा था, तब से अब तक वो वैसी ही हैं. वही चेहरा. वही दुलार. वही ठसक. झुर्रियों में सिमटी कहानियां, अनुभव, आज भी अपनी जगह पर बरकरार हैं. चर्चा है कि दुनिया बदल रही है, दादियां कहां बदली हैं! दुनिया … और पढ़ें ‘छठ पूजा का ज़िक्र आते ही मुझे मेरी दादी याद आ जाती है’

तहखाना

मजबूरी का नहीं मज़बूती का नाम महात्मा गांधी

महात्मा गांधी पर दिए गए प्रोफ़ेसर पुरुषोत्तम अग्रवाल के व्याख्यान का अंश.

मजबूरी का नहीं मज़बूती का नाम महात्मा गांधी

पिछले कुछ साल से मुल्क में एक नया ट्रेंड सा चल पड़ा है. 2 अक्टूबर और 30 जनवरी आते ही बड़े पैमाने पर ‘गांधी कोसाई अभियान’ सा चल पड़ता है. ऐसे में प्रोफेसर पुरुषोत्तम अग्रवाल का ये लेख ना सिर्फ प्रासंगिक बन जाता है, बल्कि इस समय की सबसे बड़ी ज़रूरत के रूप में भी … और पढ़ें मजबूरी का नहीं मज़बूती का नाम महात्मा गांधी

भैरंट

'लेखक का दिमाग गंदा है, देखें पुस्तक की पृष्ठ संख्या 215'

भारत के बहुत बड़े इंग्लिश ऑथर मुल्कराज आनंद की आज बरसी है. उनके क्लासिक 'अनटचेबल' की एक और लैजेंड्री नॉवेलिस्ट ई. एम. फॉर्स्टर द्वारा लिखी प्रस्तावना पढ़वा रहे हैं.

'लेखक का दिमाग गंदा है, देखें पुस्तक की पृष्ठ संख्या 215'

मुल्कराज आनंद – ‘कुली’ और ‘अनटचेबल’ जैसे उपन्यासों के लेखक. मुल्कराज आनंद (12 दिसंबर, 1905- 28 सितंबर, 2004) का पहला निबंध उनकी चाची की आत्महत्या से प्रेरित था, उनकी चाची को एक मुस्लिम महिला के साथ भोजन साझा करने के लिए परिवार द्वारा बहिष्कृत कर दिया गया था. मुल्कराज का पहला मुख्य उपन्यास, ‘अनटचेबल’ (अछूत), … और पढ़ें ‘लेखक का दिमाग गंदा है, देखें पुस्तक की पृष्ठ संख्या 215’

भैरंट

आशीष विंस्टन ज़ैदी - क्रिकेट का बदनसीब अमर अकबर एंथनी

वो लड़का जिसके बारे में आगे चलकर कहावत बनी कि 'वह गेंद को ताड़ी पिला देता है.' आज जन्मदिन है.

आशीष विंस्टन ज़ैदी - क्रिकेट का बदनसीब अमर अकबर एंथनी

सत्य व्यास. गजब का आदमी. लेखक हैं और क्रिकेट प्रेमी भी. और ये बहुत घातक कॉम्बो रहता है. तिसपर ज़ुल्म ये कि बनारस से प्रेम है. क्या कहने! इन्हें क्रिकेट के किस्से सुनाने में भयानक मौज आती है. एक वक़्त था जब क्रिकेट सम्राट को गीता बना बैठे थे. जो कि कमोबेसी थी भी. आज … और पढ़ें आशीष विंस्टन ज़ैदी – क्रिकेट का बदनसीब अमर अकबर एंथनी

वीडियो

Alt News वाले मोहम्मद जुबैर के ट्वीट में ऐसा क्या था कि उनपर FIR हो गई?

ऑल्ट न्यूज़. फैक्ट चेकिंग वेबसाइट है. इसके को-फाउंडर मोहम्मद ज़ुबैर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. एक एफआईआर रायपुर में हुई है और एक दिल्ली पुलिस के साइबर क्राइम सेल ने दर्ज की है. जुबैर पर आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. जुबैर पर आरोप है कि उन्होंने ट्विटर पर एक नाबालिग बच्ची को धमकाया और प्रताड़ित किया. दिल्ली साइबर क्राइम के डीसीपी अन्येश रॉय और रायपुर एसएसपी अजय यादव ने इंडियन एक्सप्रेस से एफआईआर दर्ज किए जाने की पुष्टि की है. पूरी  खबर देखें वीडियो में.

 

Alt News वाले मोहम्मद जुबैर के ट्वीट में ऐसा क्या था कि उनपर FIR हो गई?

ऑल्ट न्यूज़. फैक्ट चेकिंग वेबसाइट है. इसके को-फाउंडर मोहम्मद ज़ुबैर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. एक एफआईआर रायपुर में हुई है और एक दिल्ली पुलिस के साइबर क्राइम सेल ने दर्ज की है. जुबैर पर आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. जुबैर पर आरोप है कि उन्होंने ट्विटर पर एक नाबालिग बच्ची को धमकाया और प्रताड़ित किया. दिल्ली साइबर क्राइम के डीसीपी अन्येश रॉय और रायपुर एसएसपी अजय यादव ने इंडियन एक्सप्रेस से एफआईआर दर्ज किए जाने की पुष्टि की है. पूरी  खबर देखें वीडियो में.

 
वीडियो

प्रणब मुखर्जी ने ऐसा भी क्या कर दिया था कि उन्हें कांग्रेस से ही निकाल दिया गया?

प्रणब मुखर्जी ने अपने संस्मरण The Turbulent Years: 1980-1996 में इस मामले पर विस्तार से लिखा है. उन्होंने लिखा है कि इंदिरा गांधी की हत्या के बाद जब फ्लाइट में राजीव गांधी ने जब जवाहर लाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री की मौत के बाद की स्थिति के बारे में पूछा तो मैंने उन्हें 1964 और 1966 का वाकया बताया. तब  नेहरू और शास्त्री के निधन के बाद कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री गुलजारी लाल नंदा को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई थी. बाद में, कांग्रेस संसदीय दल की औपचारिक बैठक बुलाकर नेता का चुनाव किया गया था. फ्लाइट में मौजूद सभी नेताओं से बातचीत के बाद ये तय किया गया कि राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बनना चाहिए. खुद प्रणब मुखर्जी ने जब राजीव से पीएम बनने को कहा तो उन्होंने पूछा, “क्या आपको लगता है कि मैं ये मैनेज कर पाऊंगा?’’ इस पर मैंने उनसे कहा, “हां, हम सब आपके साथ हैं.” पूरा किस्सा देखें वीडियो में.

 

प्रणब मुखर्जी ने ऐसा भी क्या कर दिया था कि उन्हें कांग्रेस से ही निकाल दिया गया?

प्रणब मुखर्जी ने अपने संस्मरण The Turbulent Years: 1980-1996 में इस मामले पर विस्तार से लिखा है. उन्होंने लिखा है कि इंदिरा गांधी की हत्या के बाद जब फ्लाइट में राजीव गांधी ने जब जवाहर लाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री की मौत के बाद की स्थिति के बारे में पूछा तो मैंने उन्हें 1964 और 1966 का वाकया बताया. तब  नेहरू और शास्त्री के निधन के बाद कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री गुलजारी लाल नंदा को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई थी. बाद में, कांग्रेस संसदीय दल की औपचारिक बैठक बुलाकर नेता का चुनाव किया गया था. फ्लाइट में मौजूद सभी नेताओं से बातचीत के बाद ये तय किया गया कि राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बनना चाहिए. खुद प्रणब मुखर्जी ने जब राजीव से पीएम बनने को कहा तो उन्होंने पूछा, “क्या आपको लगता है कि मैं ये मैनेज कर पाऊंगा?’’ इस पर मैंने उनसे कहा, “हां, हम सब आपके साथ हैं.” पूरा किस्सा देखें वीडियो में.