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भैरंट

'कौन हैं ये दो औरतें जो बग़ल में कोई पोटली दबा बहुधा निर्वस्त्र भटकती हैं?'

'कौन हैं ये दो औरतें जो बग़ल में कोई पोटली दबा बहुधा निर्वस्त्र भटकती हैं?'

हिंदी कवियों की मौजूदा पीढ़ी में गीत चतुर्वेदी का स्थान ऊंचा है. वो एक अच्छे कवि, बेहतरीन इंसान, पत्रकार और समीक्षक हैं. 27 नवम्बर 1977 को जन्मे गीत लोर्का, नेरूदा, यानिस रित्सोस, एडम ज़गायेव्स्की और दुन्या मिखाइल आदि की कविताओं के अनुवाद कर चुके हैं. पहल, तद्भव, उद्भावना कवितांक, वागर्थ, साक्षात्कार, पल-प्रतिपल, वसुधा, समकालीन भारतीय साहित्य, … और पढ़ें ‘कौन हैं ये दो औरतें जो बग़ल में कोई पोटली दबा बहुधा निर्वस्त्र भटकती हैं?’

भैरंट

'छठ पूजा का ज़िक्र आते ही मुझे मेरी दादी याद आ जाती है'

'छठ पूजा का ज़िक्र आते ही मुझे मेरी दादी याद आ जाती है'

दादियां कभी उम्रदराज नहीं होतीं. मैंने अपने होशोहवास में पहली बार जब अपनी दादी को देखा था, तब से अब तक वो वैसी ही हैं. वही चेहरा. वही दुलार. वही ठसक. झुर्रियों में सिमटी कहानियां, अनुभव, आज भी अपनी जगह पर बरकरार हैं. चर्चा है कि दुनिया बदल रही है, दादियां कहां बदली हैं! दुनिया … और पढ़ें ‘छठ पूजा का ज़िक्र आते ही मुझे मेरी दादी याद आ जाती है’

तहखाना

मजबूरी का नहीं मज़बूती का नाम महात्मा गांधी

मजबूरी का नहीं मज़बूती का नाम महात्मा गांधी

पिछले कुछ साल से मुल्क में एक नया ट्रेंड सा चल पड़ा है. 2 अक्टूबर और 30 जनवरी आते ही बड़े पैमाने पर ‘गांधी कोसाई अभियान’ सा चल पड़ता है. ऐसे में प्रोफेसर पुरुषोत्तम अग्रवाल का ये लेख ना सिर्फ प्रासंगिक बन जाता है, बल्कि इस समय की सबसे बड़ी ज़रूरत के रूप में भी … और पढ़ें मजबूरी का नहीं मज़बूती का नाम महात्मा गांधी

भैरंट

'लेखक का दिमाग गंदा है, देखें पुस्तक की पृष्ठ संख्या 215'

'लेखक का दिमाग गंदा है, देखें पुस्तक की पृष्ठ संख्या 215'

मुल्कराज आनंद – ‘कुली’ और ‘अनटचेबल’ जैसे उपन्यासों के लेखक. मुल्कराज आनंद (12 दिसंबर, 1905- 28 सितंबर, 2004) का पहला निबंध उनकी चाची की आत्महत्या से प्रेरित था, उनकी चाची को एक मुस्लिम महिला के साथ भोजन साझा करने के लिए परिवार द्वारा बहिष्कृत कर दिया गया था. मुल्कराज का पहला मुख्य उपन्यास, ‘अनटचेबल’ (अछूत), … और पढ़ें ‘लेखक का दिमाग गंदा है, देखें पुस्तक की पृष्ठ संख्या 215’

भैरंट

आशीष विंस्टन ज़ैदी - क्रिकेट का बदनसीब अमर अकबर एंथनी

आशीष विंस्टन ज़ैदी - क्रिकेट का बदनसीब अमर अकबर एंथनी

सत्य व्यास. गजब का आदमी. लेखक हैं और क्रिकेट प्रेमी भी. और ये बहुत घातक कॉम्बो रहता है. तिसपर ज़ुल्म ये कि बनारस से प्रेम है. क्या कहने! इन्हें क्रिकेट के किस्से सुनाने में भयानक मौज आती है. एक वक़्त था जब क्रिकेट सम्राट को गीता बना बैठे थे. जो कि कमोबेसी थी भी. आज … और पढ़ें आशीष विंस्टन ज़ैदी – क्रिकेट का बदनसीब अमर अकबर एंथनी

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Alt News वाले मोहम्मद जुबैर के ट्वीट में ऐसा क्या था कि उनपर FIR हो गई?

ऑल्ट न्यूज़. फैक्ट चेकिंग वेबसाइट है. इसके को-फाउंडर मोहम्मद ज़ुबैर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. एक एफआईआर रायपुर में हुई है और एक दिल्ली पुलिस के साइबर क्राइम सेल ने दर्ज की है. जुबैर पर आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. जुबैर पर आरोप है कि उन्होंने ट्विटर पर एक नाबालिग बच्ची को धमकाया और प्रताड़ित किया. दिल्ली साइबर क्राइम के डीसीपी अन्येश रॉय और रायपुर एसएसपी अजय यादव ने इंडियन एक्सप्रेस से एफआईआर दर्ज किए जाने की पुष्टि की है. पूरी  खबर देखें वीडियो में.

 

Alt News वाले मोहम्मद जुबैर के ट्वीट में ऐसा क्या था कि उनपर FIR हो गई?

ऑल्ट न्यूज़. फैक्ट चेकिंग वेबसाइट है. इसके को-फाउंडर मोहम्मद ज़ुबैर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. एक एफआईआर रायपुर में हुई है और एक दिल्ली पुलिस के साइबर क्राइम सेल ने दर्ज की है. जुबैर पर आईटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. जुबैर पर आरोप है कि उन्होंने ट्विटर पर एक नाबालिग बच्ची को धमकाया और प्रताड़ित किया. दिल्ली साइबर क्राइम के डीसीपी अन्येश रॉय और रायपुर एसएसपी अजय यादव ने इंडियन एक्सप्रेस से एफआईआर दर्ज किए जाने की पुष्टि की है. पूरी  खबर देखें वीडियो में.

 
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प्रणब मुखर्जी ने ऐसा भी क्या कर दिया था कि उन्हें कांग्रेस से ही निकाल दिया गया?

प्रणब मुखर्जी ने अपने संस्मरण The Turbulent Years: 1980-1996 में इस मामले पर विस्तार से लिखा है. उन्होंने लिखा है कि इंदिरा गांधी की हत्या के बाद जब फ्लाइट में राजीव गांधी ने जब जवाहर लाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री की मौत के बाद की स्थिति के बारे में पूछा तो मैंने उन्हें 1964 और 1966 का वाकया बताया. तब  नेहरू और शास्त्री के निधन के बाद कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री गुलजारी लाल नंदा को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई थी. बाद में, कांग्रेस संसदीय दल की औपचारिक बैठक बुलाकर नेता का चुनाव किया गया था. फ्लाइट में मौजूद सभी नेताओं से बातचीत के बाद ये तय किया गया कि राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बनना चाहिए. खुद प्रणब मुखर्जी ने जब राजीव से पीएम बनने को कहा तो उन्होंने पूछा, “क्या आपको लगता है कि मैं ये मैनेज कर पाऊंगा?’’ इस पर मैंने उनसे कहा, “हां, हम सब आपके साथ हैं.” पूरा किस्सा देखें वीडियो में.

 

प्रणब मुखर्जी ने ऐसा भी क्या कर दिया था कि उन्हें कांग्रेस से ही निकाल दिया गया?

प्रणब मुखर्जी ने अपने संस्मरण The Turbulent Years: 1980-1996 में इस मामले पर विस्तार से लिखा है. उन्होंने लिखा है कि इंदिरा गांधी की हत्या के बाद जब फ्लाइट में राजीव गांधी ने जब जवाहर लाल नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री की मौत के बाद की स्थिति के बारे में पूछा तो मैंने उन्हें 1964 और 1966 का वाकया बताया. तब  नेहरू और शास्त्री के निधन के बाद कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री गुलजारी लाल नंदा को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई थी. बाद में, कांग्रेस संसदीय दल की औपचारिक बैठक बुलाकर नेता का चुनाव किया गया था. फ्लाइट में मौजूद सभी नेताओं से बातचीत के बाद ये तय किया गया कि राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बनना चाहिए. खुद प्रणब मुखर्जी ने जब राजीव से पीएम बनने को कहा तो उन्होंने पूछा, “क्या आपको लगता है कि मैं ये मैनेज कर पाऊंगा?’’ इस पर मैंने उनसे कहा, “हां, हम सब आपके साथ हैं.” पूरा किस्सा देखें वीडियो में.

 
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कहानी उस दिन की, जब सचिन और अज़हर ने साउथ अफ्रीका की गेंदबाज़ी के उन्हीं के घर में बखिए उधेड़े

कहानी उस दिन की, जब सचिन और अज़हर ने साउथ अफ्रीका की गेंदबाज़ी के उन्हीं के घर में बखिए उधेड़े

सूरत, गुजरात के रहने वाले अजय शर्मा के जीवन में दो ही शौक हैं. एंटरमार कविताओं वाले कवियों के जीवन में चरस बोए रहना और क्रिकेट को जुनून की तरह जीना. क्रिकेट की दुनिया में ऐसा कुछ शायद ही रहा हो, जो इनकी निगाह से छूटा हो. क्रिकेट की अपनी इस दीवानगी को कभी-कभी फेसबुक … और पढ़ें कहानी उस दिन की, जब सचिन और अज़हर ने साउथ अफ्रीका की गेंदबाज़ी के उन्हीं के घर में बखिए उधेड़े

भैरंट

अमेरिकी ब्लू जीन्स का जवाब हिंदुस्तानी कुर्ता है?

अमेरिकी ब्लू जीन्स का जवाब हिंदुस्तानी कुर्ता है?

यह लेख दी लल्लनटॉप के लिये हिमांशु सिंह ने लिखा है. हिमांशु दिल्ली में रहते हैं और सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. हिन्दी साहित्य के विद्यार्थी हैं और प्रतिष्ठित करेंट अफेयर्स टुडे पत्रिका में वरिष्ठ संपादक रह चुके हैं. समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ विविध विषयों पर स्वतंत्र लेखन करते हैं. दूसरे विश्व युद्ध … और पढ़ें अमेरिकी ब्लू जीन्स का जवाब हिंदुस्तानी कुर्ता है?

भैरंट

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ऐसी छोटी सी पीठ क्यूं कहा जा सकता है, जिसमें बहुत सारे लोग सवार हैं?

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ऐसी छोटी सी पीठ क्यूं कहा जा सकता है, जिसमें बहुत सारे लोग सवार हैं?

7 अगस्त की RBI की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर दी लल्लनटॉप ने इंडिया टुडे हिंदी के संपादक अंशुमन तिवारी से विस्तारपूर्वक बात की. इन बातों को हम एक सीरीज़ के रूप में प्रकाशित कर रहे हैं. पहले भाग में हमने आपको बताया कि रेपो रेट क्या होता है और RBI के रेपो रेट में कोई बदलाव … और पढ़ें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को ऐसी छोटी सी पीठ क्यूं कहा जा सकता है, जिसमें बहुत सारे लोग सवार हैं?