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झमाझम

ऑनलाइन देखें वो 18 फ़िल्में जो अक्षय कुमार, अजय देवगन जैसे स्टार्स की फेवरेट हैं

ऑनलाइन देखें वो 18 फ़िल्में जो अक्षय कुमार, अजय देवगन जैसे स्टार्स की फेवरेट हैं

नब्बे का दौर. तब की फ़िल्में. बॉलीवुड. एक्टर लोग. हमारा भीषण नॉस्टेलजिया. उस नॉस्टेलजिया की बातें दर्शक और हम लोग तो हमेशा ही करते रहते हैं, क्या हो जब ख़ुद उसी दौर के स्टार लोग ऐसा करें. क्या हो जब वे उस दौर की अपनी फेवरेट फ़िल्में बताने लगें. कुछ ऐसा ही अभी हो रहा … और पढ़ें ऑनलाइन देखें वो 18 फ़िल्में जो अक्षय कुमार, अजय देवगन जैसे स्टार्स की फेवरेट हैं

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4 फील गुड फ़िल्में जो ऑनलाइन देखने के बाद दूसरों को भी दिखाते फिरेंगे

4 फील गुड फ़िल्में जो ऑनलाइन देखने के बाद दूसरों को भी दिखाते फिरेंगे

‘चाची 420’ में एक गाना है- दौड़ा दौड़ा भागा भागा सा, वक़्त ये वक़्त है थोड़ा थोड़ा सा. मगर, लॉकडाउन में बंद हमारी ज़िंदगी में फिलवक़्त कोई भागदौड़ नहीं. अभी वक़्त ही वक़्त है. जब हम छोटे थे, तो बड़े सिखाते थे. फिल्म देखना माने समय की बर्बादी. वो ग़लत थे. अच्छी फिल्में जीवन का … और पढ़ें 4 फील गुड फ़िल्में जो ऑनलाइन देखने के बाद दूसरों को भी दिखाते फिरेंगे

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मलयाली भाषा की पांच बढ़िया फिल्में आप कहां देख सकते हैं, जानिए

लॉकडाउन चल रहा है. जीवन रुक गया है. हम सब खाली हैं. और खुद को भरने का समय है. इस प्रोसेस में कुछ लोग किताबें पढ़ रहे, कुछ सिनेमा देख रहे. हम दूसरी वाली कैटेगरी में जैसे-तैसे फिट होते हैं. आमतौर पर हमारा फोकस हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों पर ज़्यादा रहता है. हिंदी वाली समझ आती हैं और अंग्रेज़ी से अपने फ्रेंड सर्किल में कूल साउंड करते हैं. अप्रूवल रेटिंग बढ़ जाती है. लेकिन अभी समय है. एक्सप्लोर करने का. इसलिए आज हम पांच मलयाली भाषा की फिल्मों की बात करेंगे. ये ऐसी फिल्में हैं, जिन्हें देखने के बाद आप खुद से बात करेंगे. रोमैंटिसाइजेशन छोड़, मेरी मूवी लिस्ट की ओर चलते हैं.

मलयाली भाषा की पांच बढ़िया फिल्में आप कहां देख सकते हैं, जानिए

लॉकडाउन चल रहा है. जीवन रुक गया है. हम सब खाली हैं. और खुद को भरने का समय है. इस प्रोसेस में कुछ लोग किताबें पढ़ रहे, कुछ सिनेमा देख रहे. हम दूसरी वाली कैटेगरी में जैसे-तैसे फिट होते हैं. आमतौर पर हमारा फोकस हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों पर ज़्यादा रहता है. हिंदी वाली समझ आती हैं और अंग्रेज़ी से अपने फ्रेंड सर्किल में कूल साउंड करते हैं. अप्रूवल रेटिंग बढ़ जाती है. लेकिन अभी समय है. एक्सप्लोर करने का. इसलिए आज हम पांच मलयाली भाषा की फिल्मों की बात करेंगे. ये ऐसी फिल्में हैं, जिन्हें देखने के बाद आप खुद से बात करेंगे. रोमैंटिसाइजेशन छोड़, मेरी मूवी लिस्ट की ओर चलते हैं.

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वो चार वॉर मूवीज़ जो बताती हैं कि फौजी जैसे होते हैं, वैसे क्यूं होते हैं

वो चार वॉर मूवीज़ जो बताती हैं कि फौजी जैसे होते हैं, वैसे क्यूं होते हैं

”फिल्म अच्छी है, लेकिन जैसा दिखाया है, वैसा होता नहीं है.” खुद पर बनी फिल्मों से फौजियों को ये सबसे बड़ी शिकायत होती है. क्यों? क्योंकि फौजियों पर बनी ज़्यादातर फिल्मों में नायक फौजी होते ही नहीं. उन फिल्मों का नायक युद्ध होता है. फौजियों से यही अपेक्षित होता है कि वो कुछ भावुक बातें … और पढ़ें वो चार वॉर मूवीज़ जो बताती हैं कि फौजी जैसे होते हैं, वैसे क्यूं होते हैं

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पंकज त्रिपाठी के हिसाब से ये 8 मूवीज़ और बुक ज़रूर आज़मानी चाहिए

पंकज त्रिपाठी के हिसाब से ये 8 मूवीज़ और बुक ज़रूर आज़मानी चाहिए

पंकज त्रिपाठी. बस नाम ही काफी है. इनका परिचय इनका काम देता है. गैंग्स ऑफ वासेपुर. मसान. निल बट्टे सन्नाटा. स्त्री. न्यूटन, जैसी फिल्में हों. या फिर सेक्रेड गेम्स. मिर्जापुर. क्रिमिनल जस्टिस जैसी वेब सीरीज. पंकज त्रिपाठी ने सबमें टिपटॉप परफॉर्मेंस दी है. वे जब भी स्क्रीन पर आते हैं तो छा जाते हैं. भले … और पढ़ें पंकज त्रिपाठी के हिसाब से ये 8 मूवीज़ और बुक ज़रूर आज़मानी चाहिए

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लॉकडाउन के दौरान आपको ये क्रिकेट की ये छह डॉक्यूमेंट्री जरूर देखनी चाहिए

लॉकडाउन ने जाने कितनी चाहतों पर ताला लगा रखा है! हम जैसे इंसानों का एक हिस्सा क्रिकेट के इर्द-गिर्द उमड़ता-घुमड़ता रहता है. हमने झुलसाती दुपहरी में रबर की गेंद और फट्टे पर सर्वस्व न्यौछावर किया है. दुकानों के बाहर घंटों खड़े होकर रोमांच जिया है. कमेंट्री की साफ़ आवाज़ के लिए रेडियो के साथ पेंडुलम हुए हैं. इस इश्क़ के लोगों के अपने-अपने किस्से हैं. इस दौर में पुरानी शो-रील ताज़ा होकर घूमती है. जिसे आंखों के ओसारे में हमेशा के लिए बिठाकर रख लेने का मन होता है.

 

लॉकडाउन के दौरान आपको ये क्रिकेट की ये छह डॉक्यूमेंट्री जरूर देखनी चाहिए

लॉकडाउन ने जाने कितनी चाहतों पर ताला लगा रखा है! हम जैसे इंसानों का एक हिस्सा क्रिकेट के इर्द-गिर्द उमड़ता-घुमड़ता रहता है. हमने झुलसाती दुपहरी में रबर की गेंद और फट्टे पर सर्वस्व न्यौछावर किया है. दुकानों के बाहर घंटों खड़े होकर रोमांच जिया है. कमेंट्री की साफ़ आवाज़ के लिए रेडियो के साथ पेंडुलम हुए हैं. इस इश्क़ के लोगों के अपने-अपने किस्से हैं. इस दौर में पुरानी शो-रील ताज़ा होकर घूमती है. जिसे आंखों के ओसारे में हमेशा के लिए बिठाकर रख लेने का मन होता है.

 
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वो 5 ठां मलयाली फिल्में, जो आपको सारी हिंदी फिल्में छोड़कर फुर्ती में देख डालनी चाहिए

वो 5 ठां मलयाली फिल्में, जो आपको सारी हिंदी फिल्में छोड़कर फुर्ती में देख डालनी चाहिए

लॉकडाउन चल रहा है. जीवन रुक गया है. हम सब खाली हैं. और खुद को भरने का समय है. इस प्रोसेस में कुछ लोग किताबें पढ़ रहे, कुछ सिनेमा देख रहे. हम दूसरी वाली कैटेगरी में जैसे-तैसे फिट होते हैं. आमतौर पर हमारा फोकस हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों पर ज़्यादा रहता है. हिंदी वाली समझ … और पढ़ें वो 5 ठां मलयाली फिल्में, जो आपको सारी हिंदी फिल्में छोड़कर फुर्ती में देख डालनी चाहिए

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मेरी मूवी लिस्ट: वो पांच फिल्में जो आपके दिमाग की गजब कसरत करा देंगी

मेरी मूवी लिस्ट: वो पांच फिल्में जो आपके दिमाग की गजब कसरत करा देंगी

कहते हैं कि दिमाग का जितना इस्तेमाल करो, उसकी धार उतनी ही तेज होती है. खाली छोड़ दो, तो शैतान का डेरा बन जाता उसमें. अब लॉकडाउन के दौरान अगर आपको भी लगता है, कि शरीर की वर्जिश के साथ दिमाग की भी वर्जिश हो, तो एक आसान उपाय है. इसमें आपको आर डी शर्मा … और पढ़ें मेरी मूवी लिस्ट: वो पांच फिल्में जो आपके दिमाग की गजब कसरत करा देंगी

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वो 5 वेब सीरीज़ जो फ़ैमिली के साथ बिना नर्वस हुए देख सकते हैं

वो 5 वेब सीरीज़ जो फ़ैमिली के साथ बिना नर्वस हुए देख सकते हैं

‘वेब सीरीज़’ कहते ही आपको क्या याद आता है? ‘सेक्रेड गेम्स’. ‘मिर्ज़ापुर’. ‘बार्ड ऑफ़ ब्लड’. ‘फ़ोर मोर शॉट्स प्लीज़’. देखा आपने? सेक्स और वायलेंस इंडियन वेब सीरीज़ में कॉमन है. एंटरटेनमेंट के लिहाज़ से ये सब भी बुरा नहीं है. लेकिन कई बार मुझसे कुलिग और दोस्त सवाल पूछते हैं- भई! लॉकडाउन के वक्त हम … और पढ़ें वो 5 वेब सीरीज़ जो फ़ैमिली के साथ बिना नर्वस हुए देख सकते हैं

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लॉकडाउन के दौरान देखें वो आठ फिल्में, जिनमें लोग कहीं न कहीं लॉक हो जाते हैं

हम लॉकडाउन की वजह से लॉक हैं. आप भी हैं. कहीं बंद होने की फीलिंग क्या होती है अभी से बेहतर कब समझा जा सकेगा. और इसी टाइम में ये फ़िल्में देखेंगे तो बहुत रिलेट कर पाएंगे. ये मेरी ओर से कुछ ऐसी मूवीज़ की रेकमेंडेशन है जिनमें मुख्य कैरेक्टर कहीं न कहीं बंद है, कैद है, फंसा हुआ है, घिरा हुआ है.  देखिए वीडियो कि आप उन आठ फिल्मों को कहां देख सकते हैं.

लॉकडाउन के दौरान देखें वो आठ फिल्में, जिनमें लोग कहीं न कहीं लॉक हो जाते हैं

हम लॉकडाउन की वजह से लॉक हैं. आप भी हैं. कहीं बंद होने की फीलिंग क्या होती है अभी से बेहतर कब समझा जा सकेगा. और इसी टाइम में ये फ़िल्में देखेंगे तो बहुत रिलेट कर पाएंगे. ये मेरी ओर से कुछ ऐसी मूवीज़ की रेकमेंडेशन है जिनमें मुख्य कैरेक्टर कहीं न कहीं बंद है, कैद है, फंसा हुआ है, घिरा हुआ है.  देखिए वीडियो कि आप उन आठ फिल्मों को कहां देख सकते हैं.