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फिल्म रिव्यू: मिलन टॉकीज़

पिछले कुछ सालों से हिंदी सिनेमा की कहानी का सेंटर दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों से निकलकर उत्तर प्रदेश जा बसा है. हर चौथी फिल्म में यूपी है. चाहे प्रेम कहानी हो, अंडरवर्ल्ड हो या डकैतों वाली फिल्म. तिग्मांशु धुलिया की ‘मिलन टॉकीज़’ भी इसी परंपरा की फिल्म है. तिग्मांशु धुलिया खुद इलाहाबाद से हैं. इस शहर से उनका प्यार उनकी पहली फिल्म ‘हासिल’ से ही नज़र आने लगा था. हासिल, यानी वो फिल्म जो उत्तर प्रदेश के नौजवानों के लिए कल्ट स्टेटस रखती है. ‘मिलन टॉकीज़’ काफी हद तक ‘हासिल’ वाला जादू फिर से क्रिएट करने का प्रयास है. यहां तक कि हीरो का नाम भी ‘हासिल’ की तरह अनिरुद्ध ही है. क्या ये प्रयास कामयाब हो पाया? आइए जानते हैं.  

फिल्म रिव्यू: मिलन टॉकीज़

पिछले कुछ सालों से हिंदी सिनेमा की कहानी का सेंटर दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों से निकलकर उत्तर प्रदेश जा बसा है. हर चौथी फिल्म में यूपी है. चाहे प्रेम कहानी हो, अंडरवर्ल्ड हो या डकैतों वाली फिल्म. तिग्मांशु धुलिया की ‘मिलन टॉकीज़’ भी इसी परंपरा की फिल्म है. तिग्मांशु धुलिया खुद इलाहाबाद से हैं. इस शहर से उनका प्यार उनकी पहली फिल्म ‘हासिल’ से ही नज़र आने लगा था. हासिल, यानी वो फिल्म जो उत्तर प्रदेश के नौजवानों के लिए कल्ट स्टेटस रखती है. ‘मिलन टॉकीज़’ काफी हद तक ‘हासिल’ वाला जादू फिर से क्रिएट करने का प्रयास है. यहां तक कि हीरो का नाम भी ‘हासिल’ की तरह अनिरुद्ध ही है. क्या ये प्रयास कामयाब हो पाया? आइए जानते हैं.  
झमाझम

फिल्म रिव्यू: मिलन टॉकीज़

पिछले कुछ सालों से हिंदी सिनेमा की कहानी का सेंटर दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों से निकलकर उत्तर प्रदेश जा बसा है. हर चौथी फिल्म में यूपी है. चाहे प्रेम कहानी हो, अंडरवर्ल्ड हो या डकैतों वाली फिल्म. तिग्मांशु धुलिया की ‘मिलन टॉकीज़’ भी इसी परंपरा की फिल्म है. तिग्मांशु धुलिया खुद इलाहाबाद से हैं. इस शहर … और पढ़ें Film Review: Milan Talkies

फिल्म रिव्यू: मिलन टॉकीज़

पिछले कुछ सालों से हिंदी सिनेमा की कहानी का सेंटर दिल्ली-मुंबई जैसे महानगरों से निकलकर उत्तर प्रदेश जा बसा है. हर चौथी फिल्म में यूपी है. चाहे प्रेम कहानी हो, अंडरवर्ल्ड हो या डकैतों वाली फिल्म. तिग्मांशु धुलिया की ‘मिलन टॉकीज़’ भी इसी परंपरा की फिल्म है. तिग्मांशु धुलिया खुद इलाहाबाद से हैं. इस शहर … और पढ़ें Film Review: Milan Talkies

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फिल्म रिव्यू फोटोग्राफ: इस फिल्म में आवाज से ज्यादा शांति है

‘फोटोग्राफ’ कहानी है मुंबई में रहने वाले दो लोगों की. ये लोग हैं- रफी (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) उत्तर प्रदेश से आया कर्ज में डूबा एक फोटोग्राफर, जो गेटवे ऑफ मुंबई पर लोगों की तस्वीरें खींचता है. मिलोनी (सान्या मल्होत्रा) मुंबई में रहने वाले एक मिडल क्साल गुजराती परिवार की पढ़ाकू लड़की, जो चार्टर्ड अकाउंटेंट की स्टूडेंट है. इन दोनों के बीच कुछ अनकहा-अनसुना सा होने लगता है. सब कुछ आराम से चल रहा है. और कमाल की बात ये कि आपको भी कोई जल्दी नहीं होती है. आप इन्हें थोड़ी देर और देख लेना चाहते हैं. बतियाते सुन लेना चाहते हैं. बस कुर्सी से उठना नहीं चाहते. लेकिन बाहर आने के बाद भी आप कुछ घंटे मिलोनी और रफी की दुनिया में ही रहते हैं.

फिल्म रिव्यू फोटोग्राफ: इस फिल्म में आवाज से ज्यादा शांति है

‘फोटोग्राफ’ कहानी है मुंबई में रहने वाले दो लोगों की. ये लोग हैं- रफी (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) उत्तर प्रदेश से आया कर्ज में डूबा एक फोटोग्राफर, जो गेटवे ऑफ मुंबई पर लोगों की तस्वीरें खींचता है. मिलोनी (सान्या मल्होत्रा) मुंबई में रहने वाले एक मिडल क्साल गुजराती परिवार की पढ़ाकू लड़की, जो चार्टर्ड अकाउंटेंट की स्टूडेंट है. इन दोनों के बीच कुछ अनकहा-अनसुना सा होने लगता है. सब कुछ आराम से चल रहा है. और कमाल की बात ये कि आपको भी कोई जल्दी नहीं होती है. आप इन्हें थोड़ी देर और देख लेना चाहते हैं. बतियाते सुन लेना चाहते हैं. बस कुर्सी से उठना नहीं चाहते. लेकिन बाहर आने के बाद भी आप कुछ घंटे मिलोनी और रफी की दुनिया में ही रहते हैं.
झमाझम

फिल्म रिव्यू: फोटोग्राफ

‘फोटोग्राफ’ कहानी है मुंबई में रहने वाले दो लोगों की. ये लोग हैं- रफी (नवाजुद्दीन सिद्दीकी)- उत्तर प्रदेश से आया कर्ज में डूबा एक फोटोग्राफर, जो गेटवे ऑफ मुंबई पर लोगों की तस्वीरें खींचता है. और बड़ी मुश्किल से अपना गुज़ारा करता है. मिलोनी (सान्या मल्होत्रा)- मुंबई में रहने वाले एक मिडल क्लास गुजराती परिवार … और पढ़ें Photograph Film Review starring Nawazuddin Siddiqui and Sanya Malhotra directed by Ritesh Batra

फिल्म रिव्यू: फोटोग्राफ

‘फोटोग्राफ’ कहानी है मुंबई में रहने वाले दो लोगों की. ये लोग हैं- रफी (नवाजुद्दीन सिद्दीकी)- उत्तर प्रदेश से आया कर्ज में डूबा एक फोटोग्राफर, जो गेटवे ऑफ मुंबई पर लोगों की तस्वीरें खींचता है. और बड़ी मुश्किल से अपना गुज़ारा करता है. मिलोनी (सान्या मल्होत्रा)- मुंबई में रहने वाले एक मिडल क्लास गुजराती परिवार … और पढ़ें Photograph Film Review starring Nawazuddin Siddiqui and Sanya Malhotra directed by Ritesh Batra

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फिल्म रिव्यू: मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर

पिछले दो एक सालों में हिंदी सिनेमा ने कुछेक फ़िल्में ऐसी दी हैं जो टैबू समझे जानी वाली समस्याओं पर बात करती हैं. ‘टॉयलेट-एक प्रेमकथा’, ‘हल्का’, ‘फुल्लू’, ‘पैड-मैन’ जैसी फिल्मों ने उन चीज़ों पर बात की जिनका ज़िक्र ओपनली करना हमारे यहां कभी चलन में नहीं रहा. चाहे माहवारी की समस्या हो या फिर देश के एक बड़े तबके के लिए शौचालय न उपलब्ध होना. ‘मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर’ इसी कड़ी की एक और फिल्म है. और बड़ी ही प्यारी फिल्म है. वीडियो में देखिए क्या खास है इस फिल्म में.  

फिल्म रिव्यू: मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर

पिछले दो एक सालों में हिंदी सिनेमा ने कुछेक फ़िल्में ऐसी दी हैं जो टैबू समझे जानी वाली समस्याओं पर बात करती हैं. ‘टॉयलेट-एक प्रेमकथा’, ‘हल्का’, ‘फुल्लू’, ‘पैड-मैन’ जैसी फिल्मों ने उन चीज़ों पर बात की जिनका ज़िक्र ओपनली करना हमारे यहां कभी चलन में नहीं रहा. चाहे माहवारी की समस्या हो या फिर देश के एक बड़े तबके के लिए शौचालय न उपलब्ध होना. ‘मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर’ इसी कड़ी की एक और फिल्म है. और बड़ी ही प्यारी फिल्म है. वीडियो में देखिए क्या खास है इस फिल्म में.  
झमाझम

फिल्म रिव्यू: मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर

पिछले दो एक सालों में हिंदी सिनेमा ने कुछेक फ़िल्में ऐसी दी हैं जो टैबू समझे जानी वाली समस्याओं पर बात करती हैं. ‘टॉयलेट-एक प्रेमकथा’, ‘हल्का’, ‘फुल्लू’, ‘पैड-मैन’ जैसी फिल्मों ने उन चीज़ों पर बात की जिनका ज़िक्र ओपनली करना हमारे यहां कभी चलन में नहीं रहा. चाहे माहवारी की समस्या हो या फिर देश … और पढ़ें Film Review: Mere Pyare Prime Minister

फिल्म रिव्यू: मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर

पिछले दो एक सालों में हिंदी सिनेमा ने कुछेक फ़िल्में ऐसी दी हैं जो टैबू समझे जानी वाली समस्याओं पर बात करती हैं. ‘टॉयलेट-एक प्रेमकथा’, ‘हल्का’, ‘फुल्लू’, ‘पैड-मैन’ जैसी फिल्मों ने उन चीज़ों पर बात की जिनका ज़िक्र ओपनली करना हमारे यहां कभी चलन में नहीं रहा. चाहे माहवारी की समस्या हो या फिर देश … और पढ़ें Film Review: Mere Pyare Prime Minister

झमाझम

फिल्म रिव्यू: बदला

‘बदला’ स्पैनिश फिल्म ‘कॉन्त्रातिएंपो’, जिसे अंग्रेजी में ‘दी इनविज़िबल गेस्ट’ नाम से जाना गया, उसकी रीमेक है. सुजॉय घोष डायरेक्टेड इस फिल्म में शाहरुख खान ने पैसा लगाया है. अमिताभ बच्चन और तापसी पन्नू ने लीड रोल्स किए हैं. इन्हें सपोर्ट करने के लिए अमृता सिंह, मानव कौल और टोनी ल्यूक जैसे एक्टर्स हैं. इन … और पढ़ें Badla Film Review starring Amitabh Bachchan and Taapsee Pannu directed by Sujoy Ghosh

फिल्म रिव्यू: बदला

‘बदला’ स्पैनिश फिल्म ‘कॉन्त्रातिएंपो’, जिसे अंग्रेजी में ‘दी इनविज़िबल गेस्ट’ नाम से जाना गया, उसकी रीमेक है. सुजॉय घोष डायरेक्टेड इस फिल्म में शाहरुख खान ने पैसा लगाया है. अमिताभ बच्चन और तापसी पन्नू ने लीड रोल्स किए हैं. इन्हें सपोर्ट करने के लिए अमृता सिंह, मानव कौल और टोनी ल्यूक जैसे एक्टर्स हैं. इन … और पढ़ें Badla Film Review starring Amitabh Bachchan and Taapsee Pannu directed by Sujoy Ghosh

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फिल्म रिव्यू: बदला

'बदला' स्पैनिश फिल्म 'कॉन्त्रातिएंपो', जिसे अंग्रेजी में 'दी इनविज़िबल गेस्ट' नाम से जाना गया, उसकी रीमेक है. सुजॉय घोष डायरेक्टेड इस फिल्म में शाहरुख खान ने पैसा लगाया है. अमिताभ बच्चन और तापसी पन्नू ने लीड रोल्स किए हैं. इन्हें सपोर्ट करने के लिए अमृता सिंह, मानव कौल और टोनी ल्यूक हैं. इन सभी एक्टर्स ऐसे किरदार को निभाए हैं, जिनके बिना ये फिल्म पूरी नहीं हो पाएगी. वीडियो में जानिए कैसी है बदला.
वीडियो देखें: फिल्म रिव्यू- लुका छुपी

फिल्म रिव्यू: बदला

'बदला' स्पैनिश फिल्म 'कॉन्त्रातिएंपो', जिसे अंग्रेजी में 'दी इनविज़िबल गेस्ट' नाम से जाना गया, उसकी रीमेक है. सुजॉय घोष डायरेक्टेड इस फिल्म में शाहरुख खान ने पैसा लगाया है. अमिताभ बच्चन और तापसी पन्नू ने लीड रोल्स किए हैं. इन्हें सपोर्ट करने के लिए अमृता सिंह, मानव कौल और टोनी ल्यूक हैं. इन सभी एक्टर्स ऐसे किरदार को निभाए हैं, जिनके बिना ये फिल्म पूरी नहीं हो पाएगी. वीडियो में जानिए कैसी है बदला.
वीडियो देखें: फिल्म रिव्यू- लुका छुपी
झमाझम

फिल्म रिव्यू: लुका छुपी

लुका छुपी. ये फिल्म उस नए वाले ट्रेंड में फिट होगी, जिसमें छोटा शहर, मिडल क्लास फैमिली और एक टैबू इशू होता है. पिछले दिनों कई ऐसी फिल्में बन चुकी हैं और आगे कई आने वाली भी हैं. अगर उन फिल्मों के नाम लेने पर आएं, तो ‘शुद्ध देसी रोमैंस’ (लिव इन और शादी का … और पढ़ें Film Review Luka Chuppi starring Kartik Aaryan, Kriti Sanon and Aparshakti Khurana directed by Laxman Utekar

फिल्म रिव्यू: लुका छुपी

लुका छुपी. ये फिल्म उस नए वाले ट्रेंड में फिट होगी, जिसमें छोटा शहर, मिडल क्लास फैमिली और एक टैबू इशू होता है. पिछले दिनों कई ऐसी फिल्में बन चुकी हैं और आगे कई आने वाली भी हैं. अगर उन फिल्मों के नाम लेने पर आएं, तो ‘शुद्ध देसी रोमैंस’ (लिव इन और शादी का … और पढ़ें Film Review Luka Chuppi starring Kartik Aaryan, Kriti Sanon and Aparshakti Khurana directed by Laxman Utekar

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लुका छुपी : मूवी रिव्यू

छोटा शहर, मिडिल क्लास फैमिली और एक टैबू इशू. एक फिल्म बनाने के लिए इतनी चीजें पर्याप्त हैं. पिछले दिनों कई ऐसी फिल्में बन चुकी हैं और आगे कई आने वाली भी हैं. 'लुका छुपी.' कार्तिक आर्यन और कृति सैनन की ये फिल्म भी उसी वाले ट्रेंड में फिट होगी. देखिए 'लुका छिपी' का फिल्म रिव्यू.

लुका छुपी : मूवी रिव्यू

छोटा शहर, मिडिल क्लास फैमिली और एक टैबू इशू. एक फिल्म बनाने के लिए इतनी चीजें पर्याप्त हैं. पिछले दिनों कई ऐसी फिल्में बन चुकी हैं और आगे कई आने वाली भी हैं. 'लुका छुपी.' कार्तिक आर्यन और कृति सैनन की ये फिल्म भी उसी वाले ट्रेंड में फिट होगी. देखिए 'लुका छिपी' का फिल्म रिव्यू.