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फिल्म रिव्यू- कार्गो

फिल्म रिव्यू- कार्गो

कभी भी कुछ भी हमेशा के लिए नहीं खत्म होता है कहीं न कहीं, कुछ न कुछ तो बच ही जाता है, हमेशा. फिल्म ‘कार्गो’ अपने इस कहे को सिनेमाई तरीके से साकार करती है. साल है 2027. मनुष्यों और राक्षसों की आपसी रंज़िश को कम करने के लिए एक समझौता हुआ है. अब ये … और पढ़ें फिल्म रिव्यू- कार्गो

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फिल्म रिव्यू: सी यू सून

फिल्म रिव्यू: सी यू सून

कोरोना काल में बहुत सारा नया कॉन्टेंट बनाया गया. लेकिन देखा नहीं गया. क्योंकि मेकर्स ने इस दौर की पाबंदियों का ताप अपने क्राफ्ट तक पहुंचने दिया. ये चर्चा छिड़ी 1 सितंबर को एमेज़ॉन प्राइम वीडियो पर रिलीज़ हुई मलयाली फिल्म ‘सी यू सून’ की वजह से. ये फिल्म लॉकडाउन के तीन महीनों में पूरी … और पढ़ें फिल्म रिव्यू: सी यू सून

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फिल्म रिव्यू- सड़क 2

फिल्म रिव्यू- सड़क 2

1991 में संजय दत्त, पूजा भट्ट और सदाशिव अमरापुरकर को लीड रोल्स में लेकर एक फिल्म बनी थी. महेश भट्ट डायरेक्टेड इस फिल्म का नाम था ‘सड़क’. इस फिल्म की रिलीज़ के 29 साल बाद इसका सीक्वल आया है. ‘सड़क 2’ को किसी फिल्म के सीक्वल की बजाय स्टैंड अलोन फिल्म के तौर पर देखा … और पढ़ें फिल्म रिव्यू- सड़क 2

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फिल्म रिव्यू: सड़क 2

‘सड़क-2’ फिल्म डिज़नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज़ हो चुकी है. डायरेक्टर महेश भट्ट हैं. उनके प्रोडक्शन हाउस विशेष फिल्म्स ने ही इसे प्रोड्यूस किया है. फिल्म में आलिया भट्ट, आदित्य रॉय कपूर, संजय दत्त और पूजा भट्ट अहम रोल में हैं. फिल्म रिलीज होने के बाद ट्विटर पर भी ट्रेंड हुई. अब फिल्म देखें या नहीं, अगर देखें तो क्यों देखें, कहानी क्या है? सभी जानकारी आप इस वीडियो में देखकर जानिए.

फिल्म रिव्यू: सड़क 2

‘सड़क-2’ फिल्म डिज़नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज़ हो चुकी है. डायरेक्टर महेश भट्ट हैं. उनके प्रोडक्शन हाउस विशेष फिल्म्स ने ही इसे प्रोड्यूस किया है. फिल्म में आलिया भट्ट, आदित्य रॉय कपूर, संजय दत्त और पूजा भट्ट अहम रोल में हैं. फिल्म रिलीज होने के बाद ट्विटर पर भी ट्रेंड हुई. अब फिल्म देखें या नहीं, अगर देखें तो क्यों देखें, कहानी क्या है? सभी जानकारी आप इस वीडियो में देखकर जानिए.

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वेब सीरीज़ रिव्यू- फ्लेश

वेब सीरीज़ रिव्यू- फ्लेश

स्वरा भास्कर की नई वेब सीरीज़ ‘फ्लेश’ ह्यूमन ट्रैफिकिंग यानी मानव तस्करी के बारे में बात करती है. अपनी बात मनवाने के लिए ये सीरीज़ किसी भी हद तक जाने को तैयार है. वो इस मामले की गंभीरता और गहराई में जाने की बजाय इसे सनसनीखेज़ बनाना चाहती है. इस सीरीज़ में कई ऐसे सीन्स … और पढ़ें वेब सीरीज़ रिव्यू- फ्लेश

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फिल्म रिव्यू- क्लास ऑफ 83

फिल्म रिव्यू- क्लास ऑफ 83

साल 1981. मुंबई पुलिस का एक ऑफिसर है विजय सिंह. उसे लगता है कि पुलिस फोर्स उसके टैलेंट के साथ न्याय नहीं कर पा रही है. इसलिए वो मुंबई को क्राइम मुक्त बनाने के लिए अपने हिसाब से काम करने लगता है. इसकी सज़ा के तौर पर उसे पुलिसिया सर्विस से हटाकर नासिक पुलिस अकैडमी … और पढ़ें फिल्म रिव्यू- क्लास ऑफ 83

वीडियो

फिल्म रिव्यू- क्लास ऑफ 83

साल 1981. मुंबई पुलिस का एक ऑफिसर है विजय सिंह. उसे लगता है कि पुलिस फोर्स उसके टैलेंट के साथ न्याय नहीं कर पा रही है. इसलिए वो मुंबई को क्राइम मुक्त बनाने के लिए अपने हिसाब से काम करने लगता है. इसकी सज़ा के तौर पर उसे पुलिसिया सर्विस से हटाकर नासिक पुलिस अकैडमी का डीन बना दिया जाता है. 1983 यानी अपने पहले बैच से वो पांच ऐसे स्टुडेंट्स को चुनता है, जिनके नंबर्स क्लास में सबसे कम हैं. ट्रेनिंग के बाद डीन विजय सिंह इन्हें एक मिशन के लिए चुनता है. कालसेकर गैंग को खत्म करने का मिशन, जिसने मुंबई में तबाही मचाई हुई है. लेकिन गुज़रते समय के साथ ये पांचों लड़के पुलिस फोर्स की ही सिरदर्दी बन जाते हैं. अब विजय उन्हें कैसे रास्ते पर लाता है, फिल्म ‘क्लास ऑफ 83’ इस बारे में बिलकुल नहीं है. अब आगे वीडियो में.

फिल्म रिव्यू- क्लास ऑफ 83

साल 1981. मुंबई पुलिस का एक ऑफिसर है विजय सिंह. उसे लगता है कि पुलिस फोर्स उसके टैलेंट के साथ न्याय नहीं कर पा रही है. इसलिए वो मुंबई को क्राइम मुक्त बनाने के लिए अपने हिसाब से काम करने लगता है. इसकी सज़ा के तौर पर उसे पुलिसिया सर्विस से हटाकर नासिक पुलिस अकैडमी का डीन बना दिया जाता है. 1983 यानी अपने पहले बैच से वो पांच ऐसे स्टुडेंट्स को चुनता है, जिनके नंबर्स क्लास में सबसे कम हैं. ट्रेनिंग के बाद डीन विजय सिंह इन्हें एक मिशन के लिए चुनता है. कालसेकर गैंग को खत्म करने का मिशन, जिसने मुंबई में तबाही मचाई हुई है. लेकिन गुज़रते समय के साथ ये पांचों लड़के पुलिस फोर्स की ही सिरदर्दी बन जाते हैं. अब विजय उन्हें कैसे रास्ते पर लाता है, फिल्म ‘क्लास ऑफ 83’ इस बारे में बिलकुल नहीं है. अब आगे वीडियो में.

भैरंट

गुलज़ार की एक फिल्म जो सब लड़कियों को ज़रूर देखनी चाहिए!

गुलज़ार की एक फिल्म जो सब लड़कियों को ज़रूर देखनी चाहिए!

मन में किसी की मूरत बसाकर, या अमूर्त को रखकर, सृष्टि बनाने वाले को भजते हुए, या अपने इस संसार में होने के कारण जानने की दिशा में हम मानव आगे बढ़ते हैं. इसमें कृष्ण, क्राइस्ट, मुहम्मद, राम, मोज़ेज़, मार्क्स, कबीर – किसी के भी वचनों को ज़रिया बना लें, वो ठीक है यदि वो … और पढ़ें गुलज़ार की एक फिल्म जो सब लड़कियों को ज़रूर देखनी चाहिए!

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फिल्म रिव्यू- खुदा हाफिज़

फिल्म रिव्यू- खुदा हाफिज़

विद्युत जामवाल की नई फिल्म ‘खुदा हाफिज़’ सरप्राइज़िंग तरीके से खुद को लियाम नीशन की ‘टेकेन’ और टाइगर श्रॉफ की ‘बागी 3’ के बीच जो बड़ी सी खाई बचती है, उसमें फिट कर लेती है. क्योंकि इन तीनों फिल्मों का बेसिक प्लॉट कमोबेश एक सा ही है. नायक के परिवार का एक अहम सदस्य घर … और पढ़ें फिल्म रिव्यू- खुदा हाफिज़

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फ़िल्म रिव्यू: गुंजन सक्सेना - द कारगिल गर्ल

फ़िल्म रिव्यू: गुंजन सक्सेना - द कारगिल गर्ल

फ़िल्म: गुंजन सक्सेना – द कारगिल गर्ल । डायरेक्टर: शरण शर्मा । कलाकार: जाह्नवी कपूर, पंकज त्रिपाठी, मानव विज, विनीत कुमार सिंह, आयेशा रज़ा मिश्रा, अंगद बेदी । अवधि: 1 घंटा 52 मिनट । प्लेटफॉर्मः नेटफ्लिक्स ये कहानी एक नन्ही सी लड़की से शुरू होती है. वो एक प्लेन में बैठी है. खिड़की का परदा ऊपर … और पढ़ें फ़िल्म रिव्यू: गुंजन सक्सेना – द कारगिल गर्ल