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ड्रीम गर्ल रिव्यू: प्यार, तकरार, जेंडर के फ्यूजन और तगड़े कन्फ्यूजन वाली मजेदार फिल्म

आयुष्मान खुराना को लेकर इन दो बातों में से एक बात पूरी तरह सच है. या तो ये बंदा ग़ज़ब का बहादुर है, जो कैसी भी स्क्रिप्ट को हां बोलने से नहीं कतराता. या फिर बॉलीवुड को अपनी तमाम विचित्र स्क्रिप्ट्स में फिट बैठने लायक एक यही आदमी नज़र आता है. बात चाहे जौन सी वाली सही हो एक चीज़ तो तय है. आयुष्मान खुराना एक ऐसा नाम बन चुके हैं जिनके बारे में आप निश्चिंत होते हैं कि यार इसकी फिल्म है तो अच्छी ही होगी. तो क्या उनकी नई फिल्म ‘ड्रीम गर्ल’ इस बात पर मुहर लगाती है?

ड्रीम गर्ल रिव्यू: प्यार, तकरार, जेंडर के फ्यूजन और तगड़े कन्फ्यूजन वाली मजेदार फिल्म

आयुष्मान खुराना को लेकर इन दो बातों में से एक बात पूरी तरह सच है. या तो ये बंदा ग़ज़ब का बहादुर है, जो कैसी भी स्क्रिप्ट को हां बोलने से नहीं कतराता. या फिर बॉलीवुड को अपनी तमाम विचित्र स्क्रिप्ट्स में फिट बैठने लायक एक यही आदमी नज़र आता है. बात चाहे जौन सी वाली सही हो एक चीज़ तो तय है. आयुष्मान खुराना एक ऐसा नाम बन चुके हैं जिनके बारे में आप निश्चिंत होते हैं कि यार इसकी फिल्म है तो अच्छी ही होगी. तो क्या उनकी नई फिल्म ‘ड्रीम गर्ल’ इस बात पर मुहर लगाती है?
झमाझम

फिल्म रिव्यू: सेक्शन 375

फिल्म रिव्यू: सेक्शन 375

13 सितंबर को फिल्म ‘सेक्शन 375’ थिएटर्स में लगी है. अभी पिछले दिनों आयुष्मान की ‘आर्टिकल 15’ आई थी. तब से इस सेक्शन और आर्टिकल का कंफ्यूज़न बना हुआ है. देखिए सेक्शन यानी कि धारा इंडियन पीनल कोड (IPC) में होती है. और आर्टिकल यानी कि अनुच्छेद संविधान में होते हैं. ट्रेलर देखकर ये फिल्म … और पढ़ें फिल्म रिव्यू: सेक्शन 375

झमाझम

फिल्म रिव्यू: ड्रीम गर्ल

फिल्म रिव्यू: ड्रीम गर्ल

आयुष्मान खुराना को लेकर इन दो बातों में से एक बात पूरी तरह सच है. या तो ये बंदा ग़ज़ब का बहादुर है, जो कैसी भी स्क्रिप्ट को हां बोलने से नहीं कतराता. या फिर बॉलीवुड को अपनी तमाम विचित्र स्क्रिप्ट्स में फिट बैठने लायक एक यही आदमी नज़र आता है. बात चाहे जौन सी … और पढ़ें फिल्म रिव्यू: ड्रीम गर्ल

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फिल्म रिव्यू: सेक्शन 375

फिल्म सेक्शन 375: इच्छा और सहमति जैसी बातों का ज़िक्र करके जहां पहुंचती हैवहां आपका दिमाग भन्ना जाता है. या यूं कहें ठिकाने आ जाता है. 

फिल्म रिव्यू: सेक्शन 375

फिल्म सेक्शन 375: इच्छा और सहमति जैसी बातों का ज़िक्र करके जहां पहुंचती हैवहां आपका दिमाग भन्ना जाता है. या यूं कहें ठिकाने आ जाता है. 
न्यूज़

'बरेली की बर्फी' फेम राज कुमार राव के पिता का लंबी बीमारी के बाद निधन

'बरेली की बर्फी' फेम राज कुमार राव के पिता का लंबी बीमारी के बाद निधन

‘न्यूटन’, ‘अलीगढ़’ और ‘शाहिद’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके एक्टर राज कुमार राव के पिता की डेथ हो गई. राज के पिता सत्यापाल दुबे एक सरकारी मुलाज़िम (रेवेन्यू डिपार्टमेंट) थे. एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक उनकी तबीयत पिछले काफी समय से खराब चल रही थी. वो गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में 17 दिनों से … और पढ़ें ‘बरेली की बर्फी’ फेम राज कुमार राव के पिता का लंबी बीमारी के बाद निधन

झमाझम

फिल्म रिव्यू: छिछोरे

फिल्म रिव्यू: छिछोरे

2016 की दिसंबर में आई थी ‘दंगल’. सुपर-डुपर से भी ऊपर वाली हिट. अब उसी के डायरेक्टर ‘नितेश तिवारी’ अपनी अगली फिल्म लेकर आए हैं. नाम है ‘छिछोरे’. फिल्म का कोई ख़ास प्रमोशन, कोई हो-हल्ला कम से कम मेरी निगाह से तो नहीं गुज़रा. इसलिए फिल्म देखने मैं सिर्फ इस उम्मीद पर गया था कि … और पढ़ें फिल्म रिव्यू: छिछोरे

झमाझम

फिल्म रिव्यू: साहो

फिल्म रिव्यू: साहो

‘साहो’. ऐसी फिल्म जिसका बहुत ज़्यादा हाइप था. एक्शन थ्रिलर फिल्म. बिग बजट फिल्म. बाहुबली प्रभास की फिल्म. क्या उम्मीदों पर खरी उतरी? नहीं. शॉर्ट में कहा जाए तो ‘साहो’ इस साल की शायद सबसे ज़्यादा निराश करने वाली फिल्म है. हमारे साथी सौरभ ने कभी एक बात कही थी. आजकल लोग फ़िल्में बनाते कहां … और पढ़ें फिल्म रिव्यू: साहो

झमाझम

सेक्रेड गेम्स 2: रिव्यू

सेक्रेड गेम्स 2: रिव्यू

महीनों लंबे इंतज़ार के बाद आख़िरकार सेक्रेड गेम्स का सीज़न 2 आ ही गया. आज़ादी के जश्न वाले दिन आए इस सीज़न से लोगों की ढेर सारी उम्मीदें थीं. कई सवाल थे जिनका जवाब दिया जाना था. ‘त्रिवेदी’ बन गया था ‘क्वेश्चन ऑफ़ दी नेशन’. त्रिवेदी बचा कि नहीं? हर कोई जानना चाहता था. जनता … और पढ़ें सेक्रेड गेम्स 2: रिव्यू

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फिल्म रिव्यू: मिशन मंगल

‘मिशन मंगल’ जैसा कि नाम से ज़ाहिर है इंडिया के मंगल मिशन पर आधारित फिल्म है. मिशन मंगलयान के तमाम सफर के इर्द-गिर्द बनी है डायरेक्टर जगन शक्ति की फिल्म ‘मिशन मंगल’. विद्या बालन, तापसी पन्नू, सोनाक्षी सिन्हा, कीर्ति कुलहरी, नित्या मेनन. इन पांचों महिला एक्ट्रेसेस ने अपना काम ईमानदारी से किया है. और काम कैसा किया अक्षय कुमार ने. ये बताएंगे रिव्यू में. देखें

फिल्म रिव्यू: मिशन मंगल

‘मिशन मंगल’ जैसा कि नाम से ज़ाहिर है इंडिया के मंगल मिशन पर आधारित फिल्म है. मिशन मंगलयान के तमाम सफर के इर्द-गिर्द बनी है डायरेक्टर जगन शक्ति की फिल्म ‘मिशन मंगल’. विद्या बालन, तापसी पन्नू, सोनाक्षी सिन्हा, कीर्ति कुलहरी, नित्या मेनन. इन पांचों महिला एक्ट्रेसेस ने अपना काम ईमानदारी से किया है. और काम कैसा किया अक्षय कुमार ने. ये बताएंगे रिव्यू में. देखें
झमाझम

फिल्म रिव्यू: बाटला हाउस

फिल्म रिव्यू: बाटला हाउस

19 सितंबर, 2008 को दिल्ली पुलिस की एक टीम ने बाटला हाउस में एनकाउंटर किया था. यहां से पकड़े और मारे गए लोगों को पुलिस ने आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन का हमलावर बताया था. हालांकि इस एनकाउंटर को फर्जी और मारे-पकड़े गए लोगों के बेकसूर स्टूडेंट होने की बात कही गई. घटना के 11 साल बाद इस … और पढ़ें फिल्म रिव्यू: बाटला हाउस