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गुजरात 2017: विजय रूपानी की सीट का क्या नतीजा रहा था?

पिछले 22 साल से गुजरात बीजेपी के सबसे मजबूत गढ़ों में से एक रहा है. 2002, 2007 और 2012 विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जीत दिलाने वाले नरेंद्र मोदी 2017 में प्रधानमंत्री की कुर्सी पर थे. ऐसे में गुजरात बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल था. इस विधानसभा में जिस सीट पर लोगों की सबसे ज्यादा नज़र रही थी, वो है राजकोट वेस्ट. यहां से मुख्यमंत्री विजय रूपानी चुनाव लड़ रहे थे. उनके सामने कांग्रेस ने इन्द्रनील राजगुरु को उतारा था. इस सीट पर कांटे की टक्कर की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन नतीजा एकतरफा तौर पर विजय रुपानी के पक्ष में गया. बीजेपी ने ये सीट 53,755 वोटों के अंतर से जीती थी.

गुजरात 2017: विजय रूपानी की सीट का क्या नतीजा रहा था?

पिछले 22 साल से गुजरात बीजेपी के सबसे मजबूत गढ़ों में से एक रहा है. 2002, 2007 और 2012 विधानसभा चुनाव में बीजेपी को जीत दिलाने वाले नरेंद्र मोदी 2017 में प्रधानमंत्री की कुर्सी पर थे. ऐसे में गुजरात बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल था. इस विधानसभा में जिस सीट पर लोगों की सबसे ज्यादा नज़र रही थी, वो है राजकोट वेस्ट. यहां से मुख्यमंत्री विजय रूपानी चुनाव लड़ रहे थे. उनके सामने कांग्रेस ने इन्द्रनील राजगुरु को उतारा था. इस सीट पर कांटे की टक्कर की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन नतीजा एकतरफा तौर पर विजय रुपानी के पक्ष में गया. बीजेपी ने ये सीट 53,755 वोटों के अंतर से जीती थी.
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गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में BJP की जीत की इकलौती वजह ये थी

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में 182 सीटों में से 99 सीट जीतकर एक बार फिर बीजेपी ने राज्य में सरकार बनाई. लल्लनटॉप ने गुजरात का चुनावी दौरा किया था. उस दौरे के अनुभव और शुरुआती रुझानों को देखते हुए सौरभ द्विवेदी ने चुनाव के नतीजों का हाल सुनाया था. पूरी जानकारी के लिए वीडियो देखें.

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में BJP की जीत की इकलौती वजह ये थी

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में 182 सीटों में से 99 सीट जीतकर एक बार फिर बीजेपी ने राज्य में सरकार बनाई. लल्लनटॉप ने गुजरात का चुनावी दौरा किया था. उस दौरे के अनुभव और शुरुआती रुझानों को देखते हुए सौरभ द्विवेदी ने चुनाव के नतीजों का हाल सुनाया था. पूरी जानकारी के लिए वीडियो देखें.
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गुजरात 2017: महुआ (भावनगर) सीट से किसको जीत मिली थी?

2017 गुजरात विधानसभा चुनाव में महुआ विधानसभा की सीट बीजेपी के बाग़ी नेता कनुभाई कलसरिया की वजह से चर्चा में रही थी. कनुभाई कलसरिया बीजेपी से तीन बार विधायक रहे हैं. मगर उन्होंने 2011 में निरमा सीमेंट प्लांट के मुद्दे पर गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया था. दावा किया था कि इस प्लांट की वजह से 30 हजार लोगों का विस्थापन हो रहा है, जो उन्हें किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं था. उन्होंने गुजरात में एक परमाणु प्लांट लगाने का भी विरोध किया था. 2017 का चुनाव उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ा. उनकी ये सारी तरकीबें चुनाव में नहीं चलीं और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. बीजेपी के राघवभाई मकवाना ये सीट 5,009 वोटों से जीत गए थे.

गुजरात 2017: महुआ (भावनगर) सीट से किसको जीत मिली थी?

2017 गुजरात विधानसभा चुनाव में महुआ विधानसभा की सीट बीजेपी के बाग़ी नेता कनुभाई कलसरिया की वजह से चर्चा में रही थी. कनुभाई कलसरिया बीजेपी से तीन बार विधायक रहे हैं. मगर उन्होंने 2011 में निरमा सीमेंट प्लांट के मुद्दे पर गुजरात के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया था. दावा किया था कि इस प्लांट की वजह से 30 हजार लोगों का विस्थापन हो रहा है, जो उन्हें किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं था. उन्होंने गुजरात में एक परमाणु प्लांट लगाने का भी विरोध किया था. 2017 का चुनाव उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़ा. उनकी ये सारी तरकीबें चुनाव में नहीं चलीं और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. बीजेपी के राघवभाई मकवाना ये सीट 5,009 वोटों से जीत गए थे.
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गुजरात चुनाव: 2017 में इनकी जीत ने गुजरात में भाजपा की सरकार बनना तय कर दिया था!

नरेंद्र मोदी हों या राहुल गांधी, गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में किसी के लिए भी कोई भी सीट कम ज़रूरी नहीं थी. लेकिन एक सीट थी जो भाजपा और कांग्रेस दोनों हर हाल में जीतना चाहते थे. पटेल-पाटीदार-दलित-आदिवासी तमाम फैक्टर दरकिनार कर के, वो सीट थी वलसाड. इसकी वजह ये कि यहां जीतने वाली पार्टी या तो सरकार बनाती है या सरकार बनाने में शामिल होती है. केंद्र के साथ ऐसा शुरू से है. राज्य सरकार के साथ 1975 से. इस सीट पर 2007 से लगातार भरतभाई पटेल को टिकट मिलता आया है. तब से वो जीतते रहे और भाजपा की सरकार बनती रही. इस हिसाब से 2017 में वलसाड जीत पर प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिष्ठा टिकी हुई थी. 2017 में भी ये सीट भाजपा ने जीती. भाजपा के भरतभाई पटेल ने कांग्रेस के नरेंद्र टंडेल को 43,092 वोट से हराया था.

गुजरात चुनाव: 2017 में इनकी जीत ने गुजरात में भाजपा की सरकार बनना तय कर दिया था!

नरेंद्र मोदी हों या राहुल गांधी, गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में किसी के लिए भी कोई भी सीट कम ज़रूरी नहीं थी. लेकिन एक सीट थी जो भाजपा और कांग्रेस दोनों हर हाल में जीतना चाहते थे. पटेल-पाटीदार-दलित-आदिवासी तमाम फैक्टर दरकिनार कर के, वो सीट थी वलसाड. इसकी वजह ये कि यहां जीतने वाली पार्टी या तो सरकार बनाती है या सरकार बनाने में शामिल होती है. केंद्र के साथ ऐसा शुरू से है. राज्य सरकार के साथ 1975 से. इस सीट पर 2007 से लगातार भरतभाई पटेल को टिकट मिलता आया है. तब से वो जीतते रहे और भाजपा की सरकार बनती रही. इस हिसाब से 2017 में वलसाड जीत पर प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिष्ठा टिकी हुई थी. 2017 में भी ये सीट भाजपा ने जीती. भाजपा के भरतभाई पटेल ने कांग्रेस के नरेंद्र टंडेल को 43,092 वोट से हराया था.
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गुजरात 2017: मुकेश अंबानी के जीजा बोटाद सीट से चुनाव जीते थे या हार गए थे?

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में बोटाद सीट से बीजेपी के नेता सौरभ पटेल लड़े थे. कांग्रेस की तरफ़ से चुनाव लड़ा था डीएम पटेल ने. ये सीट 906 वोटों से बीजेपी जीत गई थी. 2017 का चुनाव जीतकर सौरभ पटेल पांचवी बार विधायक बने और चौथी बार बोटाद सीट से विधायक बने. रिश्ते में वो मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के जीजा लगते हैं.

गुजरात 2017: मुकेश अंबानी के जीजा बोटाद सीट से चुनाव जीते थे या हार गए थे?

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में बोटाद सीट से बीजेपी के नेता सौरभ पटेल लड़े थे. कांग्रेस की तरफ़ से चुनाव लड़ा था डीएम पटेल ने. ये सीट 906 वोटों से बीजेपी जीत गई थी. 2017 का चुनाव जीतकर सौरभ पटेल पांचवी बार विधायक बने और चौथी बार बोटाद सीट से विधायक बने. रिश्ते में वो मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के जीजा लगते हैं.
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गुजरात चुनाव 2017: हार्दिक पटेल ने Congress की हार पर क्या कहा था?

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में बीजेपी को जीत मिली थी. गुजरात में लगातार छठी बार बीजेपी ने सरकार बनाई. ये बड़ी जीत तो नहीं थी, लेकिन जीत तो आखिर जीत होती है. चाहे एक सीट के मार्जिन से हो. कांग्रेस के साथ मिलकर बीजेपी को हराने में जी जान से जुटे हार्दिक पटेल ने नतीजों के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. उन्होंने काफी चौंकाने वाली बातें कही थीं. वीडियो से जानिए हार के बाद उन्होंने क्या बयान दिए.

गुजरात चुनाव 2017: हार्दिक पटेल ने Congress की हार पर क्या कहा था?

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में बीजेपी को जीत मिली थी. गुजरात में लगातार छठी बार बीजेपी ने सरकार बनाई. ये बड़ी जीत तो नहीं थी, लेकिन जीत तो आखिर जीत होती है. चाहे एक सीट के मार्जिन से हो. कांग्रेस के साथ मिलकर बीजेपी को हराने में जी जान से जुटे हार्दिक पटेल ने नतीजों के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. उन्होंने काफी चौंकाने वाली बातें कही थीं. वीडियो से जानिए हार के बाद उन्होंने क्या बयान दिए.
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गुजरात चुनाव 2017: गुजरात में 10 बार जीत चुका है कांग्रेस का ये विधायक

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में कांग्रेस को छोटा उदयपुर सीट पर 1,093 वोट से जीत मिली थी. ये इलाका गुजरात के आदिवासी बेल्ट में आता है. चुनाव में कांग्रेस को बड़ी उम्मीद आदिवासी बेल्ट से ही थी, जहां वो पारंपरिक रूप से मज़बूत रहती है. राहुल गांधी ने कसर पूरी करने के लिए छोटू वसावा से हाथ भी मिला लिया था. चुनाव से पहले अमित शाह ने आदिवासी घरों में खाना खाया था और यहां प्रधानमंत्री मोदी का ‘विकास’ का दावा भी था. लेकिन ये सब काम नहीं आया. कांग्रेस के मोहन सिंह राठवा ने बीजेपी के प्रत्याशी जशुभाई भीलूभाई राठवा को हरा दिया और 10वीं बार विधायकी जीतकर रकॉर्ड बना दिया.

गुजरात चुनाव 2017: गुजरात में 10 बार जीत चुका है कांग्रेस का ये विधायक

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में कांग्रेस को छोटा उदयपुर सीट पर 1,093 वोट से जीत मिली थी. ये इलाका गुजरात के आदिवासी बेल्ट में आता है. चुनाव में कांग्रेस को बड़ी उम्मीद आदिवासी बेल्ट से ही थी, जहां वो पारंपरिक रूप से मज़बूत रहती है. राहुल गांधी ने कसर पूरी करने के लिए छोटू वसावा से हाथ भी मिला लिया था. चुनाव से पहले अमित शाह ने आदिवासी घरों में खाना खाया था और यहां प्रधानमंत्री मोदी का ‘विकास’ का दावा भी था. लेकिन ये सब काम नहीं आया. कांग्रेस के मोहन सिंह राठवा ने बीजेपी के प्रत्याशी जशुभाई भीलूभाई राठवा को हरा दिया और 10वीं बार विधायकी जीतकर रकॉर्ड बना दिया.
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गुजरात चुनाव 2017 में शुरुआती रुझान एग्ज़िट पोल से उलटे आ रहे थे

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 के नतीजे वाले दिन शुरुआती रुझान एग्ज़िट पोल से कुछ उलट नज़र आ रहे थे. आज तक चैनल पर गुजरात की 182 सीटों में से 68 सीटों पर बात हो रही थी. जिसमें से 36 सीट बीजेपी के खाते में थी और 32 कांग्रेस के खाते में. यानी मुकाबला टक्कर का नज़र आ रहा था. लेकिन नतीजा बीजेपी के पक्ष में आया. 182 सीटों में से 99 सीट बीजेपी के खेमे में गई, 80 कांग्रेस और तीन अन्य के खाते में गई.

गुजरात चुनाव 2017 में शुरुआती रुझान एग्ज़िट पोल से उलटे आ रहे थे

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 के नतीजे वाले दिन शुरुआती रुझान एग्ज़िट पोल से कुछ उलट नज़र आ रहे थे. आज तक चैनल पर गुजरात की 182 सीटों में से 68 सीटों पर बात हो रही थी. जिसमें से 36 सीट बीजेपी के खाते में थी और 32 कांग्रेस के खाते में. यानी मुकाबला टक्कर का नज़र आ रहा था. लेकिन नतीजा बीजेपी के पक्ष में आया. 182 सीटों में से 99 सीट बीजेपी के खेमे में गई, 80 कांग्रेस और तीन अन्य के खाते में गई.
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सौराष्ट्र में मोदी के पाटीदार कमांडर के बेटे का गुजरात चुनाव 2017 में क्या हुआ था?

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में पाटीदार अनामत आंदोलन को काफी बड़े फैक्टर के तौर पर देखा जा रहा था. पाटीदारों का रुझान इस चुनाव में निर्णायक साबित हो सकता था. ऐसे में बीजेपी के बड़े पाटीदार नेताओं के लिए अपना गढ़ बचाना काफी बड़ी चुनौती साबित हो सकती थी. इसके चलते बीजेपी ने जेतपुर (राजकोट) से जयेश रादड़िया को उतारा था. जयेश सूबे के बड़े पाटीदार नेता विट्ठल रादड़िया के बेटे हैं. उनके खिलाफ कांग्रेस ने रवि आम्बलिया को मैदान में उतारा था. नतीजा बीजेपी के पक्ष में आया और जयेश रादड़िया ने कांग्रेस के रवि आम्बलिया को 25,581 वोटों से हरा दिया.

सौराष्ट्र में मोदी के पाटीदार कमांडर के बेटे का गुजरात चुनाव 2017 में क्या हुआ था?

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में पाटीदार अनामत आंदोलन को काफी बड़े फैक्टर के तौर पर देखा जा रहा था. पाटीदारों का रुझान इस चुनाव में निर्णायक साबित हो सकता था. ऐसे में बीजेपी के बड़े पाटीदार नेताओं के लिए अपना गढ़ बचाना काफी बड़ी चुनौती साबित हो सकती थी. इसके चलते बीजेपी ने जेतपुर (राजकोट) से जयेश रादड़िया को उतारा था. जयेश सूबे के बड़े पाटीदार नेता विट्ठल रादड़िया के बेटे हैं. उनके खिलाफ कांग्रेस ने रवि आम्बलिया को मैदान में उतारा था. नतीजा बीजेपी के पक्ष में आया और जयेश रादड़िया ने कांग्रेस के रवि आम्बलिया को 25,581 वोटों से हरा दिया.
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गुजरात 2017: हार्दिक पटेल के गृह जनपद की सीट वीरमगाम से शुरुआती रुजान में कौन आगे था?

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 के नतीजे आने से पहले पोस्टल बैलेट के रुझानों पर सबका ध्यान था. शुरुआती रुझानों में हार्दिक पटेल के गृह जनपद की सीट वीरमगाम से बीजेपी की तेजश्रीबेन पटेल आगे चल रही थीं और कांग्रेस के लाखाभाई भरवाड़ पीछे चल रहे थे. 2012 के चुनाव में ये सीट कांग्रेस की तेजश्रीबेन पटेल ने जीती थी. उन्होंने बीजेपी के प्रगजीभाई पटेल को करीब 17 हजार वोटों से हराया था. राज्यसभा चुनाव के ठीक पहले तेजश्री ने बलवंतसिंह राजपूत और पीआई पटेल के साथ कांग्रेस छोड़ दी थी और बीजेपी में शामिल हो गई थीं. लेकिन 2017 में इस सीट का नतीजा पोस्टल बैलेट के शुरुआती रुझान के उलट आया. कांग्रेस के लाखाभाई भरवाड़ ने वीरमगाम सीट 6,584 वोट से जीत ली थी.

गुजरात 2017: हार्दिक पटेल के गृह जनपद की सीट वीरमगाम से शुरुआती रुजान में कौन आगे था?

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 के नतीजे आने से पहले पोस्टल बैलेट के रुझानों पर सबका ध्यान था. शुरुआती रुझानों में हार्दिक पटेल के गृह जनपद की सीट वीरमगाम से बीजेपी की तेजश्रीबेन पटेल आगे चल रही थीं और कांग्रेस के लाखाभाई भरवाड़ पीछे चल रहे थे. 2012 के चुनाव में ये सीट कांग्रेस की तेजश्रीबेन पटेल ने जीती थी. उन्होंने बीजेपी के प्रगजीभाई पटेल को करीब 17 हजार वोटों से हराया था. राज्यसभा चुनाव के ठीक पहले तेजश्री ने बलवंतसिंह राजपूत और पीआई पटेल के साथ कांग्रेस छोड़ दी थी और बीजेपी में शामिल हो गई थीं. लेकिन 2017 में इस सीट का नतीजा पोस्टल बैलेट के शुरुआती रुझान के उलट आया. कांग्रेस के लाखाभाई भरवाड़ ने वीरमगाम सीट 6,584 वोट से जीत ली थी.