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तहखाना

नरेंद्र मोदी की अनसुनी कहानीः कैसे बीजेपी के हर दिग्गज का तख़्तापलट करके वो पीएम बने

नरेंद्र मोदी की अनसुनी कहानीः कैसे बीजेपी के हर दिग्गज का तख़्तापलट करके वो पीएम बने

1 अक्टूबर 2001. नरेंद्र मोदी किसी टीवी पत्रकार के दाह संस्कार में हिस्सा ले रहे थे. ठीक उसी समय उनके पास प्रधानमंत्री कार्यालय से फोन आया. दूसरी तरफ अटल बिहारी वाजपेयी थे. उन्होंने मोदी को शाम को आकर उनसे मिलने का फरमान सुनाया. शाम को तय समय पर मोदी उनसे मिलने पहुंचे. इस मुलाकात में … और पढ़ें नरेंद्र मोदी की अनसुनी कहानीः कैसे बीजेपी के हर दिग्गज का तख़्तापलट करके वो पीएम बने

चुनाव

गुजरात में मोदी की मुश्किलें बढ़ाने वाले हार्दिक पटेल को बड़ा झटका लगा है

गुजरात में मोदी की मुश्किलें बढ़ाने वाले हार्दिक पटेल को बड़ा झटका लगा है

हार्दिक पटेल. गुजरात में पटेलों के बड़े नेता. अभी कुछ दिन पहले ही धूमधाम से कांग्रेस का दामन थामा था. ऑफिशियली कांग्रेसी बने थे. कांग्रेस की टिकट पर जामनगर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने का प्लान था. लेकिन अदालत के एक फैसले के बाद प्लान धरा रह गया है. क्यों हुआ ऐसा? बताएंगे, लेकिन पहले … और पढ़ें गुजरात में मोदी की मुश्किलें बढ़ाने वाले हार्दिक पटेल को बड़ा झटका लगा है

तहखाना

गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो भारत-पाक युद्ध में शहीद हो गया

गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो भारत-पाक युद्ध में शहीद हो गया

13 अप्रैल 1919 की तारीख किसी भी हिन्दुस्तानी को भूलनी नहीं चाहिए. जगह थी अमृतसर का जलियांवाला बाग़. वैशाखी का दिन था. करीब 20 से 25,000 लोगों की भीड़ बाग़ में जुटी हुई थी. यहां 4.30 बजे से एक जलसा शुरू होने वाला था. जलसा शुरू होने के कुछ समय पहले कर्नल रेगीनाल्ड डायर, सिख, … और पढ़ें गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो भारत-पाक युद्ध में शहीद हो गया

तहखाना

गुजरात का वो नेता, जो दो बार मुख्यमंत्री बना और कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया

गुजरात का वो नेता, जो दो बार मुख्यमंत्री बना और कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया

काठियावाड़ के जूनागढ़ जिले के समतल मैदानों में अचानक से एक पहाड़ी उभर आई है. पुराणों में इसका जिक्र रेवतक पर्वत के तौर पर मिलता है. फिलहाल इसे गिरनार के नाम से जाना जाता है. उस दौर में जब शेर ही जंगल का असली राजा हुआ करता था, तब ‘बिल्ली परिवार’ की एक और आक्रामक … और पढ़ें गुजरात का वो नेता, जो दो बार मुख्यमंत्री बना और कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया

वीडियो

पोरबंदर में दो बड़े नेताओं के बीच थी कड़ी लड़ाई

गुजरात में 2017 का हुआ विधानसभा चुनाव पीएम मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा लोकल नेताओं के लिए भी उनकी साख का सवाल था. 22 सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस के नेताओं की जद्दोजहद तो और ज्यादा लाजमी है. ऐसे ही एक नेता हैं अर्जुन मोढ़वाडिया, जो गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं. गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे. मगर 2012 में हार का सामना करना पड़ा. हराया उनके पुराने प्रतिद्वंदी ने. नाम है बाबूभाई बोखीरिया. दोनों चार बार इसी सीट से आमने-सामने आ चुके हैं. दो बार मोढ़वाडिया और दो बार बोखीरिया जीते. इस बार जो बोखीरिया जीतकर आगे निकल गए हैं.

पोरबंदर में दो बड़े नेताओं के बीच थी कड़ी लड़ाई

गुजरात में 2017 का हुआ विधानसभा चुनाव पीएम मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा लोकल नेताओं के लिए भी उनकी साख का सवाल था. 22 सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस के नेताओं की जद्दोजहद तो और ज्यादा लाजमी है. ऐसे ही एक नेता हैं अर्जुन मोढ़वाडिया, जो गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं. गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे. मगर 2012 में हार का सामना करना पड़ा. हराया उनके पुराने प्रतिद्वंदी ने. नाम है बाबूभाई बोखीरिया. दोनों चार बार इसी सीट से आमने-सामने आ चुके हैं. दो बार मोढ़वाडिया और दो बार बोखीरिया जीते. इस बार जो बोखीरिया जीतकर आगे निकल गए हैं.
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गुजरात में कुतियाणा से लेडी डॉन संतोखबेन के बेटे थे कैंडीडेट

गुजरात के पोरबंदर की कुतियाणा सीट से विधायक बनने वाले कांधल जडेजा गिरफ्तार हो गए हैं. NCP के टिकट पर चुनाव जीते कांधल को विधायक बने 100 घंटे भी नहीं हुए थे और वो रानावाव पुलिस थाने पहुंच गए गर्मी दिखाने. 20 दिसंबर यानी बुधवार की सुबह इन्होंने थाने में तोड़फोड़ की, फिर देर रात पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया. कांधल का विधायक होने से भी बड़ा परिचय ये है कि ये संतोखबेन के बेटे हैं. संतोखबेन कुख्यात डॉन थीं, जिन्हें ‘गॉडमदर’ कहा जाता था. कांधल जडेजा अपने दो भाइयों करन जडेजा और काना जडेजा के अलावा करीब एक दर्जन लोगों के साथ बुधवार सुबह करीब पांच बजे रानावाव पुलिस थाने में घुसे. ये सभी कांधल के राजनीतिक प्रतिद्वंदी समत गोगन को पीटना चाहते थे, जो कांधल के डर से थाने में छिपे थे. पुलिस के मुताबिक समत ने कांधल की इच्छा के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने की कोशिश की थी. हालांकि, बाद में समत ने अपना नामांकन वापस ले लिया था, लेकिन बात वहां खत्म नहीं हुई. आगे क्या-क्या हुआ जानने के लिए देखिए ये वीडियो.

गुजरात में कुतियाणा से लेडी डॉन संतोखबेन के बेटे थे कैंडीडेट

गुजरात के पोरबंदर की कुतियाणा सीट से विधायक बनने वाले कांधल जडेजा गिरफ्तार हो गए हैं. NCP के टिकट पर चुनाव जीते कांधल को विधायक बने 100 घंटे भी नहीं हुए थे और वो रानावाव पुलिस थाने पहुंच गए गर्मी दिखाने. 20 दिसंबर यानी बुधवार की सुबह इन्होंने थाने में तोड़फोड़ की, फिर देर रात पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया. कांधल का विधायक होने से भी बड़ा परिचय ये है कि ये संतोखबेन के बेटे हैं. संतोखबेन कुख्यात डॉन थीं, जिन्हें ‘गॉडमदर’ कहा जाता था. कांधल जडेजा अपने दो भाइयों करन जडेजा और काना जडेजा के अलावा करीब एक दर्जन लोगों के साथ बुधवार सुबह करीब पांच बजे रानावाव पुलिस थाने में घुसे. ये सभी कांधल के राजनीतिक प्रतिद्वंदी समत गोगन को पीटना चाहते थे, जो कांधल के डर से थाने में छिपे थे. पुलिस के मुताबिक समत ने कांधल की इच्छा के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने की कोशिश की थी. हालांकि, बाद में समत ने अपना नामांकन वापस ले लिया था, लेकिन बात वहां खत्म नहीं हुई. आगे क्या-क्या हुआ जानने के लिए देखिए ये वीडियो.
वीडियो

गुजरात जीत के बाद पहली बार नरेंद्र मोदी ने क्या कहा

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में 182 सीटों में से 99 सीट जीतकर एक बार फिर बीजेपी ने राज्य में सरकार बनाई. लल्लनटॉप ने गुजरात का चुनावी दौरा किया था. उस दौरे के अनुभव और शुरुआती रुझानों को देखते हुए सौरभ द्विवेदी ने चुनाव के नतीजों का हाल सुनाया था. चुनाव जीतने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए जैसे ही बीजेपी अध्यक्ष मंच पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने शोर मचाना और हूटिंग करना शुरू कर दिया. ऐसा क्यों हुआ, कैसे हुए ये सब कुछ जानने के लिए वीडियो देखें.

गुजरात जीत के बाद पहली बार नरेंद्र मोदी ने क्या कहा

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में 182 सीटों में से 99 सीट जीतकर एक बार फिर बीजेपी ने राज्य में सरकार बनाई. लल्लनटॉप ने गुजरात का चुनावी दौरा किया था. उस दौरे के अनुभव और शुरुआती रुझानों को देखते हुए सौरभ द्विवेदी ने चुनाव के नतीजों का हाल सुनाया था. चुनाव जीतने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए जैसे ही बीजेपी अध्यक्ष मंच पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने शोर मचाना और हूटिंग करना शुरू कर दिया. ऐसा क्यों हुआ, कैसे हुए ये सब कुछ जानने के लिए वीडियो देखें.
तहखाना

गुजरात की CM जिसे हार्दिक पटेल के कारण इस्तीफ़ा देना पड़ा, अब यहां राज्यपाल बनेंगी

गुजरात की CM जिसे हार्दिक पटेल के कारण इस्तीफ़ा देना पड़ा, अब यहां राज्यपाल बनेंगी

तब लोकसभा चुनाव के नतीजे आ चुके थे और बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला था. डेट थी 16 मई 2014. इसके बाद 21 मई आई. गुजरात के चार बार के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र भाई मोदी ने राज्यपाल कमला बेनीवाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. वजह साफ थी. अब उन्हें देश का प्रधानमंत्री बनना था. 26 … और पढ़ें गुजरात की CM जिसे हार्दिक पटेल के कारण इस्तीफ़ा देना पड़ा, अब यहां राज्यपाल बनेंगी

न्यूज़

अमित शाह के फोन का कमाल, गुजरात में रायता फैलते-फैलते रह गया

अमित शाह के फोन का कमाल, गुजरात में रायता फैलते-फैलते रह गया

बगावत. गुजरात बीजेपी का इस शब्द से पुराना नाता रहा है. 1995 का वो साल कौन भूल सकता है जब बीजेपी ने गुजरात की 182 विधानसभा सीटों में से 121 पर विजय हासिल की. सरकार बनी. केशुभाई पटेल मुख्यमंत्री बने. और खेल भी शुरू हो गया. सत्ता मिलते ही केशुभाई पटेल ने पार्टी के भीतर … और पढ़ें अमित शाह के फोन का कमाल, गुजरात में रायता फैलते-फैलते रह गया

न्यूज़

गुजरात को न जाने किसकी नजर लगी है, अब शपथ ग्रहण से पहले हो गया हादसा

गुजरात को न जाने किसकी नजर लगी है, अब शपथ ग्रहण से पहले हो गया हादसा

गुजरात में बीजेपी की नैया लगातार 7वीं बार पार लग गई. 99 पर अटके थे, मगर एक निर्दलीय मिलने से सेंचुरी पूरी हो गई. विजय रूपाणी एक बार फिर सीएम चुन लिए गए. 26 दिसंबर शपथ ग्रहण की तारीख मुकर्रर हुई. 18 मुख्यमंत्रियों और स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आना है. सो तैयारियां जोरों पर … और पढ़ें गुजरात को न जाने किसकी नजर लगी है, अब शपथ ग्रहण से पहले हो गया हादसा