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तहखाना

गांधी जी का डॉक्टर कैसे बना गुजरात का पहला मुख्यमंत्री

गांधी जी का डॉक्टर कैसे बना गुजरात का पहला मुख्यमंत्री

2 अक्टूबर 1956, गांधी जयंती के मौके पर अहमदाबाद में प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की सभा थी. गांधी जी की याद में रखी गई यह सभा उम्मीद से उलट राजनीतिक चौसर में बदल गई. यह चाचा बनाम चाचा का दिलचस्प मुकाबला था. अहमदाबाद में जवाहर लाल नेहरू के समानांतर एक और सभा का आयोजन हो … और पढ़ें गांधी जी का डॉक्टर कैसे बना गुजरात का पहला मुख्यमंत्री

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दांवपेचों के जादूगर मोदी: पीएम की कुर्सी तक पहुंचने के लिए कैसे बीजेपी के हर दिग्गज का तख़्तापलटा

दांवपेचों के जादूगर मोदी: पीएम की कुर्सी तक पहुंचने के लिए कैसे बीजेपी के हर दिग्गज का तख़्तापलटा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. आज 17 सितंबर 2020 को उनका 71वां जन्मदिन है. राजनीति में मोदी का सफ़र तमाम उतार-चढ़ावों से गुजरा है. बहुत से लोगों को ये जिज्ञासा रहती है कि आखिर बीजेपी और संघ का एक आम कार्यकर्ता पहले गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी तक कैसे पहुंचा. इसके पीछे की कहानी … और पढ़ें दांवपेचों के जादूगर मोदी: पीएम की कुर्सी तक पहुंचने के लिए कैसे बीजेपी के हर दिग्गज का तख़्तापलटा

तहखाना

बर्मा में पैदा हुआ ये आदमी दो बार गुजरात का मुख्यमंत्री बन गया

बर्मा में पैदा हुआ ये आदमी दो बार गुजरात का मुख्यमंत्री बन गया

पाटीदार आंदोलन, निकाय चुनावों में बीजेपी का खराब प्रदर्शन और फिर गुजरात के ऊना से निकली दलित आंदोलन की चिंगारी ने आनंदीबेन पटेल की सरकार को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया था. बेटी-दामाद को राजनीतिक रसूख के जरिए मदद पहुंचाने के आरोप ने आनंदीबेन पटेल की मुसीबतों की आग में घी का … और पढ़ें बर्मा में पैदा हुआ ये आदमी दो बार गुजरात का मुख्यमंत्री बन गया

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गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो भारत-पाक युद्ध में शहीद हो गया

गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो भारत-पाक युद्ध में शहीद हो गया

13 अप्रैल 1919 की तारीख किसी भी हिन्दुस्तानी को भूलनी नहीं चाहिए. जगह थी अमृतसर का जलियांवाला बाग़. वैशाखी का दिन था. करीब 20 से 25,000 लोगों की भीड़ बाग़ में जुटी हुई थी. यहां 4.30 बजे से एक जलसा शुरू होने वाला था. जलसा शुरू होने के कुछ समय पहले कर्नल रेगीनाल्ड डायर, सिख, … और पढ़ें गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो भारत-पाक युद्ध में शहीद हो गया

चुनाव

गुजरात में मोदी की मुश्किलें बढ़ाने वाले हार्दिक पटेल को बड़ा झटका लगा है

गुजरात में मोदी की मुश्किलें बढ़ाने वाले हार्दिक पटेल को बड़ा झटका लगा है

हार्दिक पटेल. गुजरात में पटेलों के बड़े नेता. अभी कुछ दिन पहले ही धूमधाम से कांग्रेस का दामन थामा था. ऑफिशियली कांग्रेसी बने थे. कांग्रेस की टिकट पर जामनगर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने का प्लान था. लेकिन अदालत के एक फैसले के बाद प्लान धरा रह गया है. क्यों हुआ ऐसा? बताएंगे, लेकिन पहले … और पढ़ें गुजरात में मोदी की मुश्किलें बढ़ाने वाले हार्दिक पटेल को बड़ा झटका लगा है

तहखाना

गुजरात का वो नेता, जो दो बार मुख्यमंत्री बना और कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया

गुजरात का वो नेता, जो दो बार मुख्यमंत्री बना और कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया

काठियावाड़ के जूनागढ़ जिले के समतल मैदानों में अचानक से एक पहाड़ी उभर आई है. पुराणों में इसका जिक्र रेवतक पर्वत के तौर पर मिलता है. फिलहाल इसे गिरनार के नाम से जाना जाता है. उस दौर में जब शेर ही जंगल का असली राजा हुआ करता था, तब ‘बिल्ली परिवार’ की एक और आक्रामक … और पढ़ें गुजरात का वो नेता, जो दो बार मुख्यमंत्री बना और कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया

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पोरबंदर में दो बड़े नेताओं के बीच थी कड़ी लड़ाई

गुजरात में 2017 का हुआ विधानसभा चुनाव पीएम मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा लोकल नेताओं के लिए भी उनकी साख का सवाल था. 22 सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस के नेताओं की जद्दोजहद तो और ज्यादा लाजमी है. ऐसे ही एक नेता हैं अर्जुन मोढ़वाडिया, जो गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं. गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे. मगर 2012 में हार का सामना करना पड़ा. हराया उनके पुराने प्रतिद्वंदी ने. नाम है बाबूभाई बोखीरिया. दोनों चार बार इसी सीट से आमने-सामने आ चुके हैं. दो बार मोढ़वाडिया और दो बार बोखीरिया जीते. इस बार जो बोखीरिया जीतकर आगे निकल गए हैं.

पोरबंदर में दो बड़े नेताओं के बीच थी कड़ी लड़ाई

गुजरात में 2017 का हुआ विधानसभा चुनाव पीएम मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा लोकल नेताओं के लिए भी उनकी साख का सवाल था. 22 सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस के नेताओं की जद्दोजहद तो और ज्यादा लाजमी है. ऐसे ही एक नेता हैं अर्जुन मोढ़वाडिया, जो गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं. गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे. मगर 2012 में हार का सामना करना पड़ा. हराया उनके पुराने प्रतिद्वंदी ने. नाम है बाबूभाई बोखीरिया. दोनों चार बार इसी सीट से आमने-सामने आ चुके हैं. दो बार मोढ़वाडिया और दो बार बोखीरिया जीते. इस बार जो बोखीरिया जीतकर आगे निकल गए हैं.
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गुजरात में कुतियाणा से लेडी डॉन संतोखबेन के बेटे थे कैंडीडेट

गुजरात के पोरबंदर की कुतियाणा सीट से विधायक बनने वाले कांधल जडेजा गिरफ्तार हो गए हैं. NCP के टिकट पर चुनाव जीते कांधल को विधायक बने 100 घंटे भी नहीं हुए थे और वो रानावाव पुलिस थाने पहुंच गए गर्मी दिखाने. 20 दिसंबर यानी बुधवार की सुबह इन्होंने थाने में तोड़फोड़ की, फिर देर रात पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया. कांधल का विधायक होने से भी बड़ा परिचय ये है कि ये संतोखबेन के बेटे हैं. संतोखबेन कुख्यात डॉन थीं, जिन्हें ‘गॉडमदर’ कहा जाता था. कांधल जडेजा अपने दो भाइयों करन जडेजा और काना जडेजा के अलावा करीब एक दर्जन लोगों के साथ बुधवार सुबह करीब पांच बजे रानावाव पुलिस थाने में घुसे. ये सभी कांधल के राजनीतिक प्रतिद्वंदी समत गोगन को पीटना चाहते थे, जो कांधल के डर से थाने में छिपे थे. पुलिस के मुताबिक समत ने कांधल की इच्छा के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने की कोशिश की थी. हालांकि, बाद में समत ने अपना नामांकन वापस ले लिया था, लेकिन बात वहां खत्म नहीं हुई. आगे क्या-क्या हुआ जानने के लिए देखिए ये वीडियो.

गुजरात में कुतियाणा से लेडी डॉन संतोखबेन के बेटे थे कैंडीडेट

गुजरात के पोरबंदर की कुतियाणा सीट से विधायक बनने वाले कांधल जडेजा गिरफ्तार हो गए हैं. NCP के टिकट पर चुनाव जीते कांधल को विधायक बने 100 घंटे भी नहीं हुए थे और वो रानावाव पुलिस थाने पहुंच गए गर्मी दिखाने. 20 दिसंबर यानी बुधवार की सुबह इन्होंने थाने में तोड़फोड़ की, फिर देर रात पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया. कांधल का विधायक होने से भी बड़ा परिचय ये है कि ये संतोखबेन के बेटे हैं. संतोखबेन कुख्यात डॉन थीं, जिन्हें ‘गॉडमदर’ कहा जाता था. कांधल जडेजा अपने दो भाइयों करन जडेजा और काना जडेजा के अलावा करीब एक दर्जन लोगों के साथ बुधवार सुबह करीब पांच बजे रानावाव पुलिस थाने में घुसे. ये सभी कांधल के राजनीतिक प्रतिद्वंदी समत गोगन को पीटना चाहते थे, जो कांधल के डर से थाने में छिपे थे. पुलिस के मुताबिक समत ने कांधल की इच्छा के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने की कोशिश की थी. हालांकि, बाद में समत ने अपना नामांकन वापस ले लिया था, लेकिन बात वहां खत्म नहीं हुई. आगे क्या-क्या हुआ जानने के लिए देखिए ये वीडियो.
वीडियो

गुजरात जीत के बाद पहली बार नरेंद्र मोदी ने क्या कहा

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में 182 सीटों में से 99 सीट जीतकर एक बार फिर बीजेपी ने राज्य में सरकार बनाई. लल्लनटॉप ने गुजरात का चुनावी दौरा किया था. उस दौरे के अनुभव और शुरुआती रुझानों को देखते हुए सौरभ द्विवेदी ने चुनाव के नतीजों का हाल सुनाया था. चुनाव जीतने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए जैसे ही बीजेपी अध्यक्ष मंच पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने शोर मचाना और हूटिंग करना शुरू कर दिया. ऐसा क्यों हुआ, कैसे हुए ये सब कुछ जानने के लिए वीडियो देखें.

गुजरात जीत के बाद पहली बार नरेंद्र मोदी ने क्या कहा

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में 182 सीटों में से 99 सीट जीतकर एक बार फिर बीजेपी ने राज्य में सरकार बनाई. लल्लनटॉप ने गुजरात का चुनावी दौरा किया था. उस दौरे के अनुभव और शुरुआती रुझानों को देखते हुए सौरभ द्विवेदी ने चुनाव के नतीजों का हाल सुनाया था. चुनाव जीतने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए जैसे ही बीजेपी अध्यक्ष मंच पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने शोर मचाना और हूटिंग करना शुरू कर दिया. ऐसा क्यों हुआ, कैसे हुए ये सब कुछ जानने के लिए वीडियो देखें.
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गुजरात की CM जिसे हार्दिक पटेल के कारण इस्तीफ़ा देना पड़ा, अब यहां राज्यपाल बनेंगी

गुजरात की CM जिसे हार्दिक पटेल के कारण इस्तीफ़ा देना पड़ा, अब यहां राज्यपाल बनेंगी

तब लोकसभा चुनाव के नतीजे आ चुके थे और बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला था. डेट थी 16 मई 2014. इसके बाद 21 मई आई. गुजरात के चार बार के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र भाई मोदी ने राज्यपाल कमला बेनीवाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. वजह साफ थी. अब उन्हें देश का प्रधानमंत्री बनना था. 26 … और पढ़ें गुजरात की CM जिसे हार्दिक पटेल के कारण इस्तीफ़ा देना पड़ा, अब यहां राज्यपाल बनेंगी