Submit your post

Follow Us

चुनाव

गुजरात में मोदी की मुश्किलें बढ़ाने वाले हार्दिक पटेल को बड़ा झटका लगा है

हार्दिक पटेल. गुजरात में पटेलों के बड़े नेता. अभी कुछ दिन पहले ही धूमधाम से कांग्रेस का दामन थामा था. ऑफिशियली कांग्रेसी बने थे. कांग्रेस की टिकट पर जामनगर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने का प्लान था. लेकिन अदालत के एक फैसले के बाद प्लान धरा रह गया है. क्यों हुआ ऐसा? बताएंगे, लेकिन पहले … और पढ़ें Hardik Patel can’t fight 2019 election after High Court verdict on Visnagar vandalism case

गुजरात में मोदी की मुश्किलें बढ़ाने वाले हार्दिक पटेल को बड़ा झटका लगा है

हार्दिक पटेल. गुजरात में पटेलों के बड़े नेता. अभी कुछ दिन पहले ही धूमधाम से कांग्रेस का दामन थामा था. ऑफिशियली कांग्रेसी बने थे. कांग्रेस की टिकट पर जामनगर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने का प्लान था. लेकिन अदालत के एक फैसले के बाद प्लान धरा रह गया है. क्यों हुआ ऐसा? बताएंगे, लेकिन पहले … और पढ़ें Hardik Patel can’t fight 2019 election after High Court verdict on Visnagar vandalism case

तहखाना

गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो भारत-पाक युद्ध में शहीद हो गया

13 अप्रैल 1919 की तारीख किसी भी हिन्दुस्तानी को भूलनी नहीं चाहिए. जगह थी अमृतसर का जलियांवाला बाग़. वैशाखी का दिन था. करीब 20 से 25,000 लोगों की भीड़ बाग़ में जुटी हुई थी. यहां 4.30 बजे से एक जलसा शुरू होने वाला था. जलसा शुरू होने के कुछ समय पहले कर्नल रेगीनाल्ड डायर, सिख, … और पढ़ें Balvantray Mehta: Only Chief Minister who died in Indo-Pak War

गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो भारत-पाक युद्ध में शहीद हो गया

13 अप्रैल 1919 की तारीख किसी भी हिन्दुस्तानी को भूलनी नहीं चाहिए. जगह थी अमृतसर का जलियांवाला बाग़. वैशाखी का दिन था. करीब 20 से 25,000 लोगों की भीड़ बाग़ में जुटी हुई थी. यहां 4.30 बजे से एक जलसा शुरू होने वाला था. जलसा शुरू होने के कुछ समय पहले कर्नल रेगीनाल्ड डायर, सिख, … और पढ़ें Balvantray Mehta: Only Chief Minister who died in Indo-Pak War

तहखाना

नरेंद्र मोदी की अनसुनी कहानीः कैसे बीजेपी के हर दिग्गज का तख़्तापलट करके वो पीएम बने

1 अक्टूबर 2001. नरेंद्र मोदी किसी टीवी पत्रकार के दाह संस्कार में हिस्सा ले रहे थे. ठीक उसी समय उनके पास प्रधानमंत्री कार्यालय से फोन आया. दूसरी तरफ अटल बिहारी वाजपेयी थे. उन्होंने मोदी को शाम को आकर उनसे मिलने का फरमान सुनाया. शाम को तय समय पर मोदी उनसे मिलने पहुंचे. इस मुलाकात में … और पढ़ें The astonishing story of Narendra Modi – How he became chief minister of Gujarat and later how Atal Bihari Vajpayee and Lk Advani were compelled to make him the 2014 Prime Ministerial candidate of BJP

नरेंद्र मोदी की अनसुनी कहानीः कैसे बीजेपी के हर दिग्गज का तख़्तापलट करके वो पीएम बने

1 अक्टूबर 2001. नरेंद्र मोदी किसी टीवी पत्रकार के दाह संस्कार में हिस्सा ले रहे थे. ठीक उसी समय उनके पास प्रधानमंत्री कार्यालय से फोन आया. दूसरी तरफ अटल बिहारी वाजपेयी थे. उन्होंने मोदी को शाम को आकर उनसे मिलने का फरमान सुनाया. शाम को तय समय पर मोदी उनसे मिलने पहुंचे. इस मुलाकात में … और पढ़ें The astonishing story of Narendra Modi – How he became chief minister of Gujarat and later how Atal Bihari Vajpayee and Lk Advani were compelled to make him the 2014 Prime Ministerial candidate of BJP

तहखाना

गुजरात का वो नेता, जो दो बार मुख्यमंत्री बना और कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया

काठियावाड़ के जूनागढ़ जिले के समतल मैदानों में अचानक से एक पहाड़ी उभर आई है. पुराणों में इसका जिक्र रेवतक पर्वत के तौर पर मिलता है. फिलहाल इसे गिरनार के नाम से जाना जाता है. उस दौर में जब शेर ही जंगल का असली राजा हुआ करता था, तब ‘बिल्ली परिवार’ की एक और आक्रामक … और पढ़ें Keshubhai Patel: Chief Minister Of Gujrat who established BJP in Gujarat

गुजरात का वो नेता, जो दो बार मुख्यमंत्री बना और कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया

काठियावाड़ के जूनागढ़ जिले के समतल मैदानों में अचानक से एक पहाड़ी उभर आई है. पुराणों में इसका जिक्र रेवतक पर्वत के तौर पर मिलता है. फिलहाल इसे गिरनार के नाम से जाना जाता है. उस दौर में जब शेर ही जंगल का असली राजा हुआ करता था, तब ‘बिल्ली परिवार’ की एक और आक्रामक … और पढ़ें Keshubhai Patel: Chief Minister Of Gujrat who established BJP in Gujarat

वीडियो

पोरबंदर में दो बड़े नेताओं के बीच थी कड़ी लड़ाई

गुजरात में 2017 का हुआ विधानसभा चुनाव पीएम मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा लोकल नेताओं के लिए भी उनकी साख का सवाल था. 22 सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस के नेताओं की जद्दोजहद तो और ज्यादा लाजमी है. ऐसे ही एक नेता हैं अर्जुन मोढ़वाडिया, जो गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं. गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे. मगर 2012 में हार का सामना करना पड़ा. हराया उनके पुराने प्रतिद्वंदी ने. नाम है बाबूभाई बोखीरिया. दोनों चार बार इसी सीट से आमने-सामने आ चुके हैं. दो बार मोढ़वाडिया और दो बार बोखीरिया जीते. इस बार जो बोखीरिया जीतकर आगे निकल गए हैं.

पोरबंदर में दो बड़े नेताओं के बीच थी कड़ी लड़ाई

गुजरात में 2017 का हुआ विधानसभा चुनाव पीएम मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा लोकल नेताओं के लिए भी उनकी साख का सवाल था. 22 सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस के नेताओं की जद्दोजहद तो और ज्यादा लाजमी है. ऐसे ही एक नेता हैं अर्जुन मोढ़वाडिया, जो गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं. गुजरात विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे. मगर 2012 में हार का सामना करना पड़ा. हराया उनके पुराने प्रतिद्वंदी ने. नाम है बाबूभाई बोखीरिया. दोनों चार बार इसी सीट से आमने-सामने आ चुके हैं. दो बार मोढ़वाडिया और दो बार बोखीरिया जीते. इस बार जो बोखीरिया जीतकर आगे निकल गए हैं.
वीडियो

गुजरात में कुतियाणा से लेडी डॉन संतोखबेन के बेटे थे कैंडीडेट

गुजरात के पोरबंदर की कुतियाणा सीट से विधायक बनने वाले कांधल जडेजा गिरफ्तार हो गए हैं. NCP के टिकट पर चुनाव जीते कांधल को विधायक बने 100 घंटे भी नहीं हुए थे और वो रानावाव पुलिस थाने पहुंच गए गर्मी दिखाने. 20 दिसंबर यानी बुधवार की सुबह इन्होंने थाने में तोड़फोड़ की, फिर देर रात पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया. कांधल का विधायक होने से भी बड़ा परिचय ये है कि ये संतोखबेन के बेटे हैं. संतोखबेन कुख्यात डॉन थीं, जिन्हें ‘गॉडमदर’ कहा जाता था. कांधल जडेजा अपने दो भाइयों करन जडेजा और काना जडेजा के अलावा करीब एक दर्जन लोगों के साथ बुधवार सुबह करीब पांच बजे रानावाव पुलिस थाने में घुसे. ये सभी कांधल के राजनीतिक प्रतिद्वंदी समत गोगन को पीटना चाहते थे, जो कांधल के डर से थाने में छिपे थे. पुलिस के मुताबिक समत ने कांधल की इच्छा के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने की कोशिश की थी. हालांकि, बाद में समत ने अपना नामांकन वापस ले लिया था, लेकिन बात वहां खत्म नहीं हुई. आगे क्या-क्या हुआ जानने के लिए देखिए ये वीडियो.

गुजरात में कुतियाणा से लेडी डॉन संतोखबेन के बेटे थे कैंडीडेट

गुजरात के पोरबंदर की कुतियाणा सीट से विधायक बनने वाले कांधल जडेजा गिरफ्तार हो गए हैं. NCP के टिकट पर चुनाव जीते कांधल को विधायक बने 100 घंटे भी नहीं हुए थे और वो रानावाव पुलिस थाने पहुंच गए गर्मी दिखाने. 20 दिसंबर यानी बुधवार की सुबह इन्होंने थाने में तोड़फोड़ की, फिर देर रात पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया. कांधल का विधायक होने से भी बड़ा परिचय ये है कि ये संतोखबेन के बेटे हैं. संतोखबेन कुख्यात डॉन थीं, जिन्हें ‘गॉडमदर’ कहा जाता था. कांधल जडेजा अपने दो भाइयों करन जडेजा और काना जडेजा के अलावा करीब एक दर्जन लोगों के साथ बुधवार सुबह करीब पांच बजे रानावाव पुलिस थाने में घुसे. ये सभी कांधल के राजनीतिक प्रतिद्वंदी समत गोगन को पीटना चाहते थे, जो कांधल के डर से थाने में छिपे थे. पुलिस के मुताबिक समत ने कांधल की इच्छा के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने की कोशिश की थी. हालांकि, बाद में समत ने अपना नामांकन वापस ले लिया था, लेकिन बात वहां खत्म नहीं हुई. आगे क्या-क्या हुआ जानने के लिए देखिए ये वीडियो.
वीडियो

गुजरात जीत के बाद पहली बार नरेंद्र मोदी ने क्या कहा

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में 182 सीटों में से 99 सीट जीतकर एक बार फिर बीजेपी ने राज्य में सरकार बनाई. लल्लनटॉप ने गुजरात का चुनावी दौरा किया था. उस दौरे के अनुभव और शुरुआती रुझानों को देखते हुए सौरभ द्विवेदी ने चुनाव के नतीजों का हाल सुनाया था. चुनाव जीतने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए जैसे ही बीजेपी अध्यक्ष मंच पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने शोर मचाना और हूटिंग करना शुरू कर दिया. ऐसा क्यों हुआ, कैसे हुए ये सब कुछ जानने के लिए वीडियो देखें.

गुजरात जीत के बाद पहली बार नरेंद्र मोदी ने क्या कहा

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में 182 सीटों में से 99 सीट जीतकर एक बार फिर बीजेपी ने राज्य में सरकार बनाई. लल्लनटॉप ने गुजरात का चुनावी दौरा किया था. उस दौरे के अनुभव और शुरुआती रुझानों को देखते हुए सौरभ द्विवेदी ने चुनाव के नतीजों का हाल सुनाया था. चुनाव जीतने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए जैसे ही बीजेपी अध्यक्ष मंच पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने शोर मचाना और हूटिंग करना शुरू कर दिया. ऐसा क्यों हुआ, कैसे हुए ये सब कुछ जानने के लिए वीडियो देखें.
तहखाना

गुजरात की CM जिसे हार्दिक पटेल के कारण इस्तीफ़ा देना पड़ा, अब यहां राज्यपाल बनेंगी

तब लोकसभा चुनाव के नतीजे आ चुके थे और बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला था. डेट थी 16 मई 2014. इसके बाद 21 मई आई. गुजरात के चार बार के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र भाई मोदी ने राज्यपाल कमला बेनीवाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. वजह साफ थी. अब उन्हें देश का प्रधानमंत्री बनना था. 26 … और पढ़ें The Real Story of Anandi Ben Patel How a prominent face behind the gujarat vikas model of narendra modi lost her Chief Ministership to the Patidar andolan of Hardik Patel

गुजरात की CM जिसे हार्दिक पटेल के कारण इस्तीफ़ा देना पड़ा, अब यहां राज्यपाल बनेंगी

तब लोकसभा चुनाव के नतीजे आ चुके थे और बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिला था. डेट थी 16 मई 2014. इसके बाद 21 मई आई. गुजरात के चार बार के मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र भाई मोदी ने राज्यपाल कमला बेनीवाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. वजह साफ थी. अब उन्हें देश का प्रधानमंत्री बनना था. 26 … और पढ़ें The Real Story of Anandi Ben Patel How a prominent face behind the gujarat vikas model of narendra modi lost her Chief Ministership to the Patidar andolan of Hardik Patel

न्यूज़

अमित शाह के फोन का कमाल, गुजरात में रायता फैलते-फैलते रह गया

बगावत. गुजरात बीजेपी का इस शब्द से पुराना नाता रहा है. 1995 का वो साल कौन भूल सकता है जब बीजेपी ने गुजरात की 182 विधानसभा सीटों में से 121 पर विजय हासिल की. सरकार बनी. केशुभाई पटेल मुख्यमंत्री बने. और खेल भी शुरू हो गया. सत्ता मिलते ही केशुभाई पटेल ने पार्टी के भीतर … और पढ़ें After Getting Assurance from BJP President Amit Shah Gujarat Deputy CM Nitin Patel to take charge of portfolios

अमित शाह के फोन का कमाल, गुजरात में रायता फैलते-फैलते रह गया

बगावत. गुजरात बीजेपी का इस शब्द से पुराना नाता रहा है. 1995 का वो साल कौन भूल सकता है जब बीजेपी ने गुजरात की 182 विधानसभा सीटों में से 121 पर विजय हासिल की. सरकार बनी. केशुभाई पटेल मुख्यमंत्री बने. और खेल भी शुरू हो गया. सत्ता मिलते ही केशुभाई पटेल ने पार्टी के भीतर … और पढ़ें After Getting Assurance from BJP President Amit Shah Gujarat Deputy CM Nitin Patel to take charge of portfolios

न्यूज़

गुजरात को न जाने किसकी नजर लगी है, अब शपथ ग्रहण से पहले हो गया हादसा

गुजरात में बीजेपी की नैया लगातार 7वीं बार पार लग गई. 99 पर अटके थे, मगर एक निर्दलीय मिलने से सेंचुरी पूरी हो गई. विजय रूपाणी एक बार फिर सीएम चुन लिए गए. 26 दिसंबर शपथ ग्रहण की तारीख मुकर्रर हुई. 18 मुख्यमंत्रियों और स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आना है. सो तैयारियां जोरों पर … और पढ़ें One labor dead in preparation of Oath taking ceremony in Gujarat after Gujarat Elections

गुजरात को न जाने किसकी नजर लगी है, अब शपथ ग्रहण से पहले हो गया हादसा

गुजरात में बीजेपी की नैया लगातार 7वीं बार पार लग गई. 99 पर अटके थे, मगर एक निर्दलीय मिलने से सेंचुरी पूरी हो गई. विजय रूपाणी एक बार फिर सीएम चुन लिए गए. 26 दिसंबर शपथ ग्रहण की तारीख मुकर्रर हुई. 18 मुख्यमंत्रियों और स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आना है. सो तैयारियां जोरों पर … और पढ़ें One labor dead in preparation of Oath taking ceremony in Gujarat after Gujarat Elections