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टैक्स रिटर्न फ़ाइल करने की बढ़ी डेट पर भरोसा किया तो बुरा झेलेंगे

टैक्स रिटर्न फ़ाइल करने की बढ़ी डेट पर भरोसा किया तो बुरा झेलेंगे

इनकम टैक्स रिटर्न भरने की नयी तारीख आपके पास आई होगी. लेटर चला कि इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल करने की डेट बढ़ गयी है. पहले 31 अगस्त थी. बढ़कर 30 सितम्बर हो गयी. लोग खुश हो गए. महीना ख़त्म करने के पहले झाम नहीं फैलाना पड़ेगा. सुस्ताकर-हरे होकर आराम से फ़ाइल कर सकते हैं. लोग … और पढ़ें टैक्स रिटर्न फ़ाइल करने की बढ़ी डेट पर भरोसा किया तो बुरा झेलेंगे

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ग्राउंड रिपोर्ट: आज़म खान, रामपुर और जौहर यूनिवर्सिटी की पूरी कहानी

साल 1994-95. रामपुर के एक सरकारी कर्मचारी ने अपने पैसे पर एक छोटी सी लाइब्रेरी खोली. नाम रखा जौहर लाइब्रेरी. आज़म खान उस समय सूबे में मंत्री थे. इस लाइब्रेरी के उद्घाटन के लिए उन्हें बुलाया गया. आज़म खान को इस छोटी सी लाइब्रेरी में अपने काम की बड़ी चीज मिल गई. उस चीज का नाम था मौलाना जौहर. कौन थे मोहम्मद अली जौहर? और रामपुर से उनका ताल्लुक क्या था? आजम खान को उनमें ऐसा क्या मिला कि उनके नाम पर यूनिवर्सिटी खड़ी कर दी. उन पर किसानों की जमीन कब्जाने का आरोप लगा और भूमाफिया घोषित कर दिया गया. देखिए आजम खान, रामपुर के नवाब मिकी मियां,  मौलाना अली जौहर और रामपुर के राजनीति की पूरी कहानी.

ग्राउंड रिपोर्ट: आज़म खान, रामपुर और जौहर यूनिवर्सिटी की पूरी कहानी

साल 1994-95. रामपुर के एक सरकारी कर्मचारी ने अपने पैसे पर एक छोटी सी लाइब्रेरी खोली. नाम रखा जौहर लाइब्रेरी. आज़म खान उस समय सूबे में मंत्री थे. इस लाइब्रेरी के उद्घाटन के लिए उन्हें बुलाया गया. आज़म खान को इस छोटी सी लाइब्रेरी में अपने काम की बड़ी चीज मिल गई. उस चीज का नाम था मौलाना जौहर. कौन थे मोहम्मद अली जौहर? और रामपुर से उनका ताल्लुक क्या था? आजम खान को उनमें ऐसा क्या मिला कि उनके नाम पर यूनिवर्सिटी खड़ी कर दी. उन पर किसानों की जमीन कब्जाने का आरोप लगा और भूमाफिया घोषित कर दिया गया. देखिए आजम खान, रामपुर के नवाब मिकी मियां,  मौलाना अली जौहर और रामपुर के राजनीति की पूरी कहानी.
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ग्राउंड रिपोर्ट : क्या खत्म होने को है आजम खान का सियासी खेल?

ग्राउंड रिपोर्ट : क्या खत्म होने को है आजम खान का सियासी खेल?

कहते हैं कि रामपुर के नवाब खुद को विपरीत से विपरीत परिस्थिति में बचाए रखने में माहिर थे. 1857 के गदर में जब कुछ अंग्रेज अपनी जान बचाने के लिए भागे तो रामपुर के नवाब युसूफ अली खान ने उन्हें ख़ुशी-ख़ुशी पनाह दी. 1857 के ग़दर की धूल जब छंटी तो रामपुर के नवाब ने … और पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट : क्या खत्म होने को है आजम खान का सियासी खेल?

भैरंट

न योगी न प्रियंका, ये है सोनभद्र में 10 आदिवासियों की हत्या का पूरा सच

न योगी न प्रियंका, ये है सोनभद्र में 10 आदिवासियों की हत्या का पूरा सच

राजेश कुमार गोंड. उम्र लगभग 30 साल. घर सोनभद्र के उम्भा गांव में. लेकिन राजेश का ज़्यादातर काम था मुंबई में. मुंबई में राजेश ट्रक और ट्रेलर टाइप की बड़ी गाड़ियां चलाते थे. हर दस महीने पर ही घर आना होता था. और घर आना होता था जून और जुलाई में. साल का वो समय, … और पढ़ें न योगी न प्रियंका, ये है सोनभद्र में 10 आदिवासियों की हत्या का पूरा सच

भैरंट

ज़मीनी हकीकत (पार्ट-10): मोदी सरकार की इस योजना से बैंकों को क्यों नुकसान हो रहा है?

ज़मीनी हकीकत (पार्ट-10): मोदी सरकार की इस योजना से बैंकों को क्यों नुकसान हो रहा है?

इसरावती देवी और नंदलाल विश्वकर्मा देवरिया के बिशुनपुर कलां गांव में रहते हैं. गांव देवरिया शहर से 12 किलोमीटर दूर है. घर में धान पीसने की मशीन है. नंदलाल लकड़ी का काम करते हैं. लकड़ियां लाकर फर्नीचर बनाते हैं. धान पीसने का भी काम करते हैं. बच्चों को मिलाकर कुल सात लोगों का परिवार है. … और पढ़ें ज़मीनी हकीकत (पार्ट-10): मोदी सरकार की इस योजना से बैंकों को क्यों नुकसान हो रहा है?

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ज़मीनी हकीकत (पार्ट-9): पीएम मोदी की इस योजना का पता केंद्रीय मंत्री के गांव वालों को भी नहीं!

ज़मीनी हकीकत (पार्ट-9): पीएम मोदी की इस योजना का पता केंद्रीय मंत्री के गांव वालों को भी नहीं!

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की ज़मीनी हकीकत जानने के लिए हमने चुना बिहार के पूर्वी चंपारण जिले को. ये जगह इसलिए क्योंकि केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह पूर्वी चंपारण से सांसद हैं. 26 मई 2014 को उन्हें केंद्रीय कृषि मंत्री बनाया गया था. क्षेत्र में इस योजना की स्थिति पर बात करने से पहले जानते हैं … और पढ़ें ज़मीनी हकीकत (पार्ट-9): पीएम मोदी की इस योजना का पता केंद्रीय मंत्री के गांव वालों को भी नहीं!

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ज़मीनी हकीकत (पार्ट-8): मोदी के सबसे एक्टिव मंत्री माने जाने वाले गडकरी ने 5 साल में कितना काम किया?

ज़मीनी हकीकत (पार्ट-8): मोदी के सबसे एक्टिव मंत्री माने जाने वाले गडकरी ने 5 साल में कितना काम किया?

पहले आबादी हुई. फिर सड़क बनी. बाज़ार सजा. और शहर बढ़ा. लेकिन जिन बाज़ारों से सड़क रोशन होती है, धीरे-धीरे उनमें खोने लगती है. और फिर एक दिन सड़क झिझककर पीछे हट जाती है. हमारे यहां शहरों और उनकी सड़कों की कहानी ऐसे ही आगे बढ़ती हैं. हमने नेशनल हाइवे देखे हैं दो शहरों के बीच. … और पढ़ें ज़मीनी हकीकत (पार्ट-8): मोदी के सबसे एक्टिव मंत्री माने जाने वाले गडकरी ने 5 साल में कितना काम किया?

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ज़मीनी हकीकत (पार्ट-7) : पीएम मोदी की आवास योजना में किस्ताें के जरिए कैसे घुसा भ्रष्टाचार?

ज़मीनी हकीकत (पार्ट-7) : पीएम मोदी की आवास योजना में किस्ताें के जरिए कैसे घुसा भ्रष्टाचार?

ग्वालियर के घाटीगांव ब्लॉक की पंचायत आरोन. यहां रहने वाली रोना बाई ने जिंदगी में बेहद बुरे दिन देखे हैं. उनकी शादी को लगभग 40 साल होने को हैं. उनके पति उनका साथ तब छोड़ गए थे जब उनका बेटा टिंकू महज 3 साल का था. सहरिया आदिवासी समुदाय से आने वाली रोना के पति … और पढ़ें ज़मीनी हकीकत (पार्ट-7) : पीएम मोदी की आवास योजना में किस्ताें के जरिए कैसे घुसा भ्रष्टाचार?

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ज़मीनी हकीकत (पार्ट-4) : घरों में सिलेंडर पहुंचाकर भी कैसे फेल हुई पीएम मोदी की उज्ज्वला योजना?

ज़मीनी हकीकत (पार्ट-4) : घरों में सिलेंडर पहुंचाकर भी कैसे फेल हुई पीएम मोदी की उज्ज्वला योजना?

बैंगनी साड़ी, एड़ी से दो-तीन बित्ते ऊपर तक पहने, कादे-कीचड़ में नंगे पांव, एक महिला जा रही हैं. मैं आवाज़ लगाती हूं. वे रुकती हैं. बातें होती हैं. “अम्मां…आपका नाम क्या है?”  “सुलोचना!” (सरनेम का उच्चारण कुछ गुछैती या गुइछैती जैसा) “आपका घर कहां हैं?”  “हमरा घर ओइटा.” (एक तरफ इशारा करते हुए) “उज्ज्वला के … और पढ़ें ज़मीनी हकीकत (पार्ट-4) : घरों में सिलेंडर पहुंचाकर भी कैसे फेल हुई पीएम मोदी की उज्ज्वला योजना?

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ज़मीनी हकीकत (पार्ट-3) : 5 लाख का मुफ्त बीमा करने वाली आयुष्मान भारत योजना में झोल कहां मिला?

ज़मीनी हकीकत (पार्ट-3) : 5 लाख का मुफ्त बीमा करने वाली आयुष्मान भारत योजना में झोल कहां मिला?

23 सितंबर 2018. झारखंड की राजधानी रांची. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक भव्य कार्यक्रम में आयुष्मान भारत योजना लॉन्च कर रहे हैं. भाषण शुरू होता है. पीएम कहते हैं, आयुष्मान भारत योजना से स्वस्थ भारत-सशक्त भारत बनेगा. फिर इसके फायदे गिनाते हुए एक व्यक्ति की जानकारी देते हैं. व्यक्ति का नाम प्रधानमंत्री आरोग्य मित्र या आयुष्मान … और पढ़ें ज़मीनी हकीकत (पार्ट-3) : 5 लाख का मुफ्त बीमा करने वाली आयुष्मान भारत योजना में झोल कहां मिला?