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कोरोना सफ़र: राजस्थान के भरतपुर में मिले इन मजदूरों ने बताया, 42 दिन बिना काम के कैसे कटा?

‘दी लल्लनटॉप’ की एक नई सीरीज़ ‘कोरोना सफ़र’. इसमें लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मज़दूरों, स्थानीय लोगों और प्रशासन, सभी की बात आप तक पहुंचाएंगे. इस एपिसोड में टीम पहुंची राजस्थान के भरतपुर. यहां टीम ने कुछ प्रवासी मजदूरों से बात की. वो इस कोरोना लॉकडाउन के दौरान किस तरह रह रहे हैं, लॉकडाउन का उनपर कैसा प्रभाव हुआ है, सरकार की तरफ से उन्हें किस तरह की सुविधा मिल रही है, इन सब के बारे में उन्होंने क्या बताया, देखिए वीडियो.  

कोरोना सफ़र: राजस्थान के भरतपुर में मिले इन मजदूरों ने बताया, 42 दिन बिना काम के कैसे कटा?

‘दी लल्लनटॉप’ की एक नई सीरीज़ ‘कोरोना सफ़र’. इसमें लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मज़दूरों, स्थानीय लोगों और प्रशासन, सभी की बात आप तक पहुंचाएंगे. इस एपिसोड में टीम पहुंची राजस्थान के भरतपुर. यहां टीम ने कुछ प्रवासी मजदूरों से बात की. वो इस कोरोना लॉकडाउन के दौरान किस तरह रह रहे हैं, लॉकडाउन का उनपर कैसा प्रभाव हुआ है, सरकार की तरफ से उन्हें किस तरह की सुविधा मिल रही है, इन सब के बारे में उन्होंने क्या बताया, देखिए वीडियो.  
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कोरोना सफ़र: मध्य प्रदेश के इन मजदूरों ने अपने काम और लॉकडाउन के राज खोल दिए

‘दी लल्लनटॉप’ की एक नई सीरीज़ ‘कोरोना सफ़र’. इसमें लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मज़दूरों, स्थानीय लोगों और प्रशासन, सभी की बात आप तक पहुंचाएंगे. इस एपिसोड में टीम पहुंची मध्यप्रदेश के मोरेना. यहां टीम ने कुछ प्रवासी मजदूरों से बात की. वो इस कोरोना लॉकडाउन के दौरान किस तरह रह रहे हैं, लॉकडाउन का उनपर कैसा प्रभाव हुआ है, सरकार की तरफ से उन्हें किस तरह की सुविधा मिल रही है, इन सब के बारे में उन्होंने क्या बताया, देखिए वीडियो.  

कोरोना सफ़र: मध्य प्रदेश के इन मजदूरों ने अपने काम और लॉकडाउन के राज खोल दिए

‘दी लल्लनटॉप’ की एक नई सीरीज़ ‘कोरोना सफ़र’. इसमें लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मज़दूरों, स्थानीय लोगों और प्रशासन, सभी की बात आप तक पहुंचाएंगे. इस एपिसोड में टीम पहुंची मध्यप्रदेश के मोरेना. यहां टीम ने कुछ प्रवासी मजदूरों से बात की. वो इस कोरोना लॉकडाउन के दौरान किस तरह रह रहे हैं, लॉकडाउन का उनपर कैसा प्रभाव हुआ है, सरकार की तरफ से उन्हें किस तरह की सुविधा मिल रही है, इन सब के बारे में उन्होंने क्या बताया, देखिए वीडियो.  
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कोरोना सफ़र: मथुरा-वृंदावन के इस गांव में सोशल डिस्टेंसिंग का कहां तक पालन हो रहा है?

‘दी लल्लनटॉप’ की एक नई सीरीज़ ‘कोरोना सफ़र’. इसमें लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मज़दूरों, स्थानीय लोगों और प्रशासन, सभी की बात आप तक पहुंचाएंगे. इस एपिसोड में टीम पहुंची मथुरा के एक गांव में. वहां एक गोलगप्पे की दुकान दिखी. बड़े-छोटे सभी दोना लेकर गोलगप्पे खाने के लिए थड़े थे. टीम ने उनसे बात की. लॉकडाउन, सोशल डिस्टेंसिंग, कोरोना वायरस के बारे में सवाल पूछा. क्या कहा गांववालों ने, देखिए वीडियो.

 

कोरोना सफ़र: मथुरा-वृंदावन के इस गांव में सोशल डिस्टेंसिंग का कहां तक पालन हो रहा है?

‘दी लल्लनटॉप’ की एक नई सीरीज़ ‘कोरोना सफ़र’. इसमें लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मज़दूरों, स्थानीय लोगों और प्रशासन, सभी की बात आप तक पहुंचाएंगे. इस एपिसोड में टीम पहुंची मथुरा के एक गांव में. वहां एक गोलगप्पे की दुकान दिखी. बड़े-छोटे सभी दोना लेकर गोलगप्पे खाने के लिए थड़े थे. टीम ने उनसे बात की. लॉकडाउन, सोशल डिस्टेंसिंग, कोरोना वायरस के बारे में सवाल पूछा. क्या कहा गांववालों ने, देखिए वीडियो.

 
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कोरोना सफ़र: बंगला साहिब गुरुद्वारा में प्रवासी मज़दूरों का खाना कैसे बनता है?

‘दी लल्लनटॉप’ की एक नई सीरीज़ ‘कोरोना सफ़र’. इसमें लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मज़दूरों, स्थानीय लोगों और प्रशासन, सभी की बात आप तक पहुंचाएंगे. इस एपिसोड में टीम पहुंची दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे में. यहां लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद लोगों के लिए लंगर तैयार किया जाता है औऱ रोज़ उन तक पहुंचाया जाता है. सरकार की तरफ से भी डिमांड आती है, और उस हिसाब से रोज़ लंगर की सप्लाई की जाती है. देखिए वीडियो.

 

कोरोना सफ़र: बंगला साहिब गुरुद्वारा में प्रवासी मज़दूरों का खाना कैसे बनता है?

‘दी लल्लनटॉप’ की एक नई सीरीज़ ‘कोरोना सफ़र’. इसमें लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मज़दूरों, स्थानीय लोगों और प्रशासन, सभी की बात आप तक पहुंचाएंगे. इस एपिसोड में टीम पहुंची दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे में. यहां लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद लोगों के लिए लंगर तैयार किया जाता है औऱ रोज़ उन तक पहुंचाया जाता है. सरकार की तरफ से भी डिमांड आती है, और उस हिसाब से रोज़ लंगर की सप्लाई की जाती है. देखिए वीडियो.

 
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कोरोना सफ़र: राशन की दुकान पर सोशल डिस्टेंसिंग के लिए UP पुलिस ने क्या किया?

'दी लल्लनटॉप' की एक नई सीरीज़ 'कोरोना सफ़र'. इसमें लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मज़दूरों, स्थानीय लोगों और प्रशासन, सभी की बात आप तक पहुंचाएंगे. इस एपिसोड में जानिए और समझिए, उन प्रवासी मज़दूरों का हाल, जो नोएडा सेक्टर 19 स्थित राशन की दुकान पर राशन के लिए खड़े थे. और सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो न करने पर उनके साथ UP पुलिस ने किस तरह का बर्ताव किया, मज़दूरों ने हमें क्या बताया, वीडियो देखिए.

कोरोना सफ़र: राशन की दुकान पर सोशल डिस्टेंसिंग के लिए UP पुलिस ने क्या किया?

'दी लल्लनटॉप' की एक नई सीरीज़ 'कोरोना सफ़र'. इसमें लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मज़दूरों, स्थानीय लोगों और प्रशासन, सभी की बात आप तक पहुंचाएंगे. इस एपिसोड में जानिए और समझिए, उन प्रवासी मज़दूरों का हाल, जो नोएडा सेक्टर 19 स्थित राशन की दुकान पर राशन के लिए खड़े थे. और सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो न करने पर उनके साथ UP पुलिस ने किस तरह का बर्ताव किया, मज़दूरों ने हमें क्या बताया, वीडियो देखिए.

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क्या दिल्ली की सभी महिलाएं केजरीवाल की 'फ्री बस' सुविधा का लाभ ले पा रही हैं?

ज़मीनी हक़ीकत. 2020 की हमारी ख़ास सीरीज़. ज़मीनी हक़ीक़त. यहां हम बात कर रहे हैं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पांच सबसे चर्चित और प्रमुख योजनाओं की. इस सीरीज़ में हम ज़मीन पर जाकर, लोगों के बीच जान रहे हैं इन योजनाओं की हक़ीक़त. आज बात दिल्ली की महिलाओं को दी गई सुविधा फ्री बस की. ज़मीनी हकीकत का पिछला एपिसोड देखने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं

क्या दिल्ली की सभी महिलाएं केजरीवाल की 'फ्री बस' सुविधा का लाभ ले पा रही हैं?

ज़मीनी हक़ीकत. 2020 की हमारी ख़ास सीरीज़. ज़मीनी हक़ीक़त. यहां हम बात कर रहे हैं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पांच सबसे चर्चित और प्रमुख योजनाओं की. इस सीरीज़ में हम ज़मीन पर जाकर, लोगों के बीच जान रहे हैं इन योजनाओं की हक़ीक़त. आज बात दिल्ली की महिलाओं को दी गई सुविधा फ्री बस की. ज़मीनी हकीकत का पिछला एपिसोड देखने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं
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ज़मीनी हक़ीक़त: केजरीवाल सरकार को 'आयुष्मान भारत' से क्या दिक्कत है?

ज़मीनी हक़ीकत. 2020 की हमारी ख़ास सीरीज़. ज़मीनी हक़ीक़त. यहां हम बात कर रहे हैं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पांच सबसे चर्चित और प्रमुख योजनाओं की. इस सीरीज़ में हम ज़मीन पर जाकर, लोगों के बीच जान रहे हैं इन योजनाओं की हक़ीक़त. आज बात दिल्ली के स्वास्थ्य की.

ज़मीनी हक़ीक़त: केजरीवाल सरकार को 'आयुष्मान भारत' से क्या दिक्कत है?

ज़मीनी हक़ीकत. 2020 की हमारी ख़ास सीरीज़. ज़मीनी हक़ीक़त. यहां हम बात कर रहे हैं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पांच सबसे चर्चित और प्रमुख योजनाओं की. इस सीरीज़ में हम ज़मीन पर जाकर, लोगों के बीच जान रहे हैं इन योजनाओं की हक़ीक़त. आज बात दिल्ली के स्वास्थ्य की.
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ग्राउंड रिपोर्ट: JNU में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी पर क्या है टीचर्स और स्टूडेंट्स की राय?

JNU के छात्र दो हफ्ते से प्रदर्शन कर रहे हैं. इन्हीं प्रदर्शनों के चलते 11 नवंबर को होने वाला JNU का दीक्षांत समारोह वाला कार्यक्रम कैंपस में नहीं रखा गया था.  कार्यक्रम में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के साथ-साथ उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को भी पहुंचना था. तो कार्यक्रम रखा गया AICTE के ऑडिटोरियम में. ये जेएनयू के पास ही है. उपराष्ट्रपति आए, कार्यक्रम में जेएनयू की तारीफ की और लौट गए. लेकिन निशंक तीन घंटे तक ऑडिटोरियम से बाहर नहीं निकल पाए. क्योंकि रास्ता रोके थे प्रदर्शनकारी छात्र जिन्हें पुलिस किसी तरह साध रही थी. छात्र क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं? क्या है उनकी मांगें? खुद जानिए छात्रों से.

ग्राउंड रिपोर्ट: JNU में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी पर क्या है टीचर्स और स्टूडेंट्स की राय?

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ज़मीनी हकीकत: असम से ग्राउंड रिपोर्ट में जानिए NRC 1951 के पीछे क्या पॉलिटिक्स थी?

एनआरसी की फाइनल लिस्ट सामने आने के बाद से असम सवाल पूछ रहा है कि जिनके नाम एनआरसी की लिस्ट में शामिल हैं, उन्हें अब डरने की तो ज़रूरत नहीं. या फिर जिनके नाम एनआरसी में शामिल नहीं किए गए हैं उनका क्या होगा. इनके अलावे भी कई सवाल हैं जिनका जवाब इन दिनों असम वासी और बाकी का पूरा देश ढूंढ रहा है. सभी सवालों के साथ हम पहुंचे असम यहां हमने तमाम लोगों से मिलकर पूरी प्रकिया समझने की कोशिश की. साथ ही उन लोगों की भी सुनने की कोशिश की जिनके नाम एनआरसी की लिस्ट से बाहर कर दिए गए हैं. ज़मीनी हकीकत के तीन एपिसोड का ये पहला पार्ट है जिसे आपको ज़रूर देखना चाहिए.

ज़मीनी हकीकत: असम से ग्राउंड रिपोर्ट में जानिए NRC 1951 के पीछे क्या पॉलिटिक्स थी?

एनआरसी की फाइनल लिस्ट सामने आने के बाद से असम सवाल पूछ रहा है कि जिनके नाम एनआरसी की लिस्ट में शामिल हैं, उन्हें अब डरने की तो ज़रूरत नहीं. या फिर जिनके नाम एनआरसी में शामिल नहीं किए गए हैं उनका क्या होगा. इनके अलावे भी कई सवाल हैं जिनका जवाब इन दिनों असम वासी और बाकी का पूरा देश ढूंढ रहा है. सभी सवालों के साथ हम पहुंचे असम यहां हमने तमाम लोगों से मिलकर पूरी प्रकिया समझने की कोशिश की. साथ ही उन लोगों की भी सुनने की कोशिश की जिनके नाम एनआरसी की लिस्ट से बाहर कर दिए गए हैं. ज़मीनी हकीकत के तीन एपिसोड का ये पहला पार्ट है जिसे आपको ज़रूर देखना चाहिए.
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टैक्स रिटर्न फ़ाइल करने की बढ़ी डेट पर भरोसा किया तो बुरा झेलेंगे

टैक्स रिटर्न फ़ाइल करने की बढ़ी डेट पर भरोसा किया तो बुरा झेलेंगे

इनकम टैक्स रिटर्न भरने की नयी तारीख आपके पास आई होगी. लेटर चला कि इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल करने की डेट बढ़ गयी है. पहले 31 अगस्त थी. बढ़कर 30 सितम्बर हो गयी. लोग खुश हो गए. महीना ख़त्म करने के पहले झाम नहीं फैलाना पड़ेगा. सुस्ताकर-हरे होकर आराम से फ़ाइल कर सकते हैं. लोग … और पढ़ें टैक्स रिटर्न फ़ाइल करने की बढ़ी डेट पर भरोसा किया तो बुरा झेलेंगे