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पड़ताल: मोहन भागवत की असदुद्दीन ओवैसी के साथ वायरल तस्वीर का सच

सोशल मीडिया पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की तस्वीर वायरल हो रही है. वायरल तस्वीर में ओवैसी, मोहन भागवत के साथ सोफे पर बैठे नज़र आ रहे हैं. साथ ही मोहन भागवत, केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से हाथ मिलाते हुए भी दिख रहे हैं. ‘दी लल्लनटॉप’ ने शेयर किए जा रहे दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक निकला. दरअसल शेयर की जा रही तस्वीर को फ़ोटोशॉप करके बनाया गया है. असल तस्वीर में मोहन भागवत के साथ मुलायम सिंह यादव बैठे नज़र आ रहे हैं. देखें वीडियो.

पड़ताल: मोहन भागवत की असदुद्दीन ओवैसी के साथ वायरल तस्वीर का सच

सोशल मीडिया पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की तस्वीर वायरल हो रही है. वायरल तस्वीर में ओवैसी, मोहन भागवत के साथ सोफे पर बैठे नज़र आ रहे हैं. साथ ही मोहन भागवत, केंद्रीय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से हाथ मिलाते हुए भी दिख रहे हैं. ‘दी लल्लनटॉप’ ने शेयर किए जा रहे दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक निकला. दरअसल शेयर की जा रही तस्वीर को फ़ोटोशॉप करके बनाया गया है. असल तस्वीर में मोहन भागवत के साथ मुलायम सिंह यादव बैठे नज़र आ रहे हैं. देखें वीडियो.

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पड़ताल: कार में भजन सुनते हुए व्यक्ति को सीएम योगी आदित्यनाथ बताया, सच जानिए

उत्तर प्रदेश में इन दिनों विधानसभा चुनाव का प्रचार जोरों पर है. कोविड के कारण चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक रैली, जनसभा और रोड शो आदि पर रोक लगा दी है. ऐसे में यूपी में हर पार्टी डिजिटल माध्यम के जरिए कार्यकर्ता से जुड़ रही है. इस बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल दावे में एक वीडियो है, जिसमें एक आदमी के कार में भजन सुनते हुए दिखाई दे रहा है. भगवा वस्त्र पहने यह व्यक्ति कार की पैसेंजर सीट पर बैठा है. गाड़ी में ‘मेरे सरकार आये हैं’ भजन बज रहा है, जिस पर ये व्यक्ति ताली बजा रहा है. ‘दी लल्लनटॉप’ की पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. वीडियो में दिख रहा व्यक्ति यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ नहीं हैं. देखें वीडियो.

पड़ताल: कार में भजन सुनते हुए व्यक्ति को सीएम योगी आदित्यनाथ बताया, सच जानिए

उत्तर प्रदेश में इन दिनों विधानसभा चुनाव का प्रचार जोरों पर है. कोविड के कारण चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक रैली, जनसभा और रोड शो आदि पर रोक लगा दी है. ऐसे में यूपी में हर पार्टी डिजिटल माध्यम के जरिए कार्यकर्ता से जुड़ रही है. इस बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल दावे में एक वीडियो है, जिसमें एक आदमी के कार में भजन सुनते हुए दिखाई दे रहा है. भगवा वस्त्र पहने यह व्यक्ति कार की पैसेंजर सीट पर बैठा है. गाड़ी में ‘मेरे सरकार आये हैं’ भजन बज रहा है, जिस पर ये व्यक्ति ताली बजा रहा है. ‘दी लल्लनटॉप’ की पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. वीडियो में दिख रहा व्यक्ति यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ नहीं हैं. देखें वीडियो.

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पड़ताल: बांग्लादेश में धर्म परिवर्तन की तस्वीर को राजस्थान से जोड़कर किया वायरल

सोशल मीडिया पर एक हिन्दू परिवार के पांच सदस्यों द्वारा इस्लाम धर्म अपनाने का दावा वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि धर्म परिवर्तन की ये घटना राजस्थान की है. वायरल दावे के साथ परिवार के पांचों सदस्यों की तस्वीर शेयर की जा रही है. ‘दी लल्लनटॉप’ ने वायरल दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. असल में ये तस्वीर नरसिंगडी, बांग्लादेश के माधाबड़ी इलाके की है जहां एक ही परिवार के पांच सदस्यों ने अपनी मर्ज़ी से इस्लाम धर्म अपना लिया है. देखें वीडियो.

पड़ताल: बांग्लादेश में धर्म परिवर्तन की तस्वीर को राजस्थान से जोड़कर किया वायरल

सोशल मीडिया पर एक हिन्दू परिवार के पांच सदस्यों द्वारा इस्लाम धर्म अपनाने का दावा वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि धर्म परिवर्तन की ये घटना राजस्थान की है. वायरल दावे के साथ परिवार के पांचों सदस्यों की तस्वीर शेयर की जा रही है. ‘दी लल्लनटॉप’ ने वायरल दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. असल में ये तस्वीर नरसिंगडी, बांग्लादेश के माधाबड़ी इलाके की है जहां एक ही परिवार के पांच सदस्यों ने अपनी मर्ज़ी से इस्लाम धर्म अपना लिया है. देखें वीडियो.

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पड़ताल: स्क्रिप्टेड वीडियो को मुस्लिम महिला और बच्चा चोरी से जोड़कर शेयर किया

सोशल मीडिया पर एक बच्चे की किडनैपिंग बताते हुए वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में सड़क किनारे एक महिला बच्चे का हाथ पकड़कर उसे ज़बरदस्ती कहीं ले जा रही है. तभी बगल से गुज़रती कार में जा रहे कुछ लड़के उस महिला को रोकने की कोशिश करते हैं. कार में मौजूद लड़के महिला का वीडियो बनाते हैं और बच्चे के साथ-साथ एक छोटी लड़की को भी बचाते नज़र आते हैं. दावा है कि ये जिहादी महिला पार्क से बच्चों को किडनैप कर ले जाती है और बाद में उनसे भीख मंगवाती है. ‘दी लल्लनटॉप’ की पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ शेयर किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. शेयर किया जा रहा वीडियो स्क्रिप्टेड यानी सोच-समझकर बनाया है. वीडियो में दिख रहे लोग सिर्फ एक्टिंग कर रहे हैं. देखें वीडियो.

पड़ताल: स्क्रिप्टेड वीडियो को मुस्लिम महिला और बच्चा चोरी से जोड़कर शेयर किया

सोशल मीडिया पर एक बच्चे की किडनैपिंग बताते हुए वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में सड़क किनारे एक महिला बच्चे का हाथ पकड़कर उसे ज़बरदस्ती कहीं ले जा रही है. तभी बगल से गुज़रती कार में जा रहे कुछ लड़के उस महिला को रोकने की कोशिश करते हैं. कार में मौजूद लड़के महिला का वीडियो बनाते हैं और बच्चे के साथ-साथ एक छोटी लड़की को भी बचाते नज़र आते हैं. दावा है कि ये जिहादी महिला पार्क से बच्चों को किडनैप कर ले जाती है और बाद में उनसे भीख मंगवाती है. ‘दी लल्लनटॉप’ की पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ शेयर किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. शेयर किया जा रहा वीडियो स्क्रिप्टेड यानी सोच-समझकर बनाया है. वीडियो में दिख रहे लोग सिर्फ एक्टिंग कर रहे हैं. देखें वीडियो.

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पड़ताल: लव जिहाद के नाम पर वायरल वीडियो की सच्चाई

सोशल मीडिया पर लव जिहाद के दावे के साथ एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में एक लड़के के साथ लड़की है, जो किसी स्कूल की ड्रेस पहने हुए है. इसके अलावा वायरल वीडियो में कुछ लोगों का ग्रुप भी है, जो लड़के का कॉलर पकड़कर पूरी घटना को कैमरे में कैद करते हुए दिखाई दे रहा है. लोगों का आरोप है कि लड़का रोज स्कूल के बाहर से लड़की को अपने साथ भगाकर ले जाता है. बाद में वीडियो में एक महिला आती है जो पूरे मामले को सुलझाने की कोशिश करते हुए दिखाई देती है. ‘दी लल्लनटॉप’ ने वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक निकला. वायरल वीडियो का लव जिहाद की घटना से कोई संबंध नहीं है. देखें वीडियो.

 

पड़ताल: लव जिहाद के नाम पर वायरल वीडियो की सच्चाई

सोशल मीडिया पर लव जिहाद के दावे के साथ एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में एक लड़के के साथ लड़की है, जो किसी स्कूल की ड्रेस पहने हुए है. इसके अलावा वायरल वीडियो में कुछ लोगों का ग्रुप भी है, जो लड़के का कॉलर पकड़कर पूरी घटना को कैमरे में कैद करते हुए दिखाई दे रहा है. लोगों का आरोप है कि लड़का रोज स्कूल के बाहर से लड़की को अपने साथ भगाकर ले जाता है. बाद में वीडियो में एक महिला आती है जो पूरे मामले को सुलझाने की कोशिश करते हुए दिखाई देती है. ‘दी लल्लनटॉप’ ने वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक निकला. वायरल वीडियो का लव जिहाद की घटना से कोई संबंध नहीं है. देखें वीडियो.

 
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पड़ताल: क्या बीच सड़क पर SP विधायक ने UP पुलिस के दरोगा को पीटा, सच जानिए

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों के द्वारा एक पुलिसकर्मी को पीटने का वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में दिख रहे लोग पहले पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़ते हैं, फिर एक आदमी पुलिसकर्मी को दो थप्पड़ लगा देता है. इस पूरी घटना में पुलिसकर्मी पिटाई से बचता नज़र आ रहा है. ‘दी लल्लनटॉप’ ने वायरल दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. वायरल वीडियो मुख्तारगंज का नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के हसनगंज का है. वीडियो में पिटाई करता शख़्स समाजवादी पार्टी का विधायक नहीं है.

पड़ताल: क्या बीच सड़क पर SP विधायक ने UP पुलिस के दरोगा को पीटा, सच जानिए

सोशल मीडिया पर कुछ लोगों के द्वारा एक पुलिसकर्मी को पीटने का वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में दिख रहे लोग पहले पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़ते हैं, फिर एक आदमी पुलिसकर्मी को दो थप्पड़ लगा देता है. इस पूरी घटना में पुलिसकर्मी पिटाई से बचता नज़र आ रहा है. ‘दी लल्लनटॉप’ ने वायरल दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. वायरल वीडियो मुख्तारगंज का नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के हसनगंज का है. वीडियो में पिटाई करता शख़्स समाजवादी पार्टी का विधायक नहीं है.

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पड़ताल: क्या अखिलेश यादव ने केशव प्रसाद मौर्य पर जातिगत टिप्पणी की, जानिए सच

सोशल मीडिया पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से जुड़ा एक दावा वायरल हो रहा है. वायरल दावे में यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक वीडियो है. इस वीडियो में अखिलेश यादव कहते हैं कि ये डिप्टी सीएम किसने बना दिया इनको. इनको कूड़े का काम और नाली साफ का काम दोबारा दे देना चाहिए. अखिलेश यादव के इस बयान को बीजेपी नेता और सोशल मीडिया यूजर्स यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से जोड़कर शेयर कर रहे हैं.  ‘दी लल्लनटॉप’ ने वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक निकला. वायरल दावे में मौजूद बयान अखिलेश यादव ने डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के लिए दिया था, ना कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के लिए. देखें वीडियो.

पड़ताल: क्या अखिलेश यादव ने केशव प्रसाद मौर्य पर जातिगत टिप्पणी की, जानिए सच

सोशल मीडिया पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से जुड़ा एक दावा वायरल हो रहा है. वायरल दावे में यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का एक वीडियो है. इस वीडियो में अखिलेश यादव कहते हैं कि ये डिप्टी सीएम किसने बना दिया इनको. इनको कूड़े का काम और नाली साफ का काम दोबारा दे देना चाहिए. अखिलेश यादव के इस बयान को बीजेपी नेता और सोशल मीडिया यूजर्स यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से जोड़कर शेयर कर रहे हैं.  ‘दी लल्लनटॉप’ ने वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक निकला. वायरल दावे में मौजूद बयान अखिलेश यादव ने डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के लिए दिया था, ना कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के लिए. देखें वीडियो.

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पड़ताल: प्लेटफॉर्म टिकट से ट्रेन में यात्रा करने के वायरल दावे का सच

25 नवंबर 2021 को सेन्ट्रल रेलवे की मुंबई डिविजन ने प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत 50 रुपए से घटाकर 10 रुपए करने का ऐलान किया. इसके बाद देशभर में अलग-अलग रेलवे जोन ने प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत को 10 रुपए कर दिया. प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत बढ़ाने पर रेलवे का तर्क था कि इससे कोरोना संकट के दौरान प्लेटफॉर्म पर आने वाली अनावश्यक भीड़ को रोका जा सकता है. अब प्लेटफॉर्म टिकट को लेकर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें कहा गया है कि अगर आपके पास सिर्फ प्लेटफॉर्म टिकट है तो आप ट्रेन में यात्रा भी कर सकते हैं. ‘दी लल्लनटॉप’ ने वायरल दावे की पड़ताल की. हमारी जांच में ये वायरल दावा भ्रामक निकला. फिलहाल रेलवे ने ऐसा कोई भी नियम नहीं बनाया है, जिससे आप प्लेटफॉर्म टिकट के आधार पर ट्रेन में यात्रा कर सकें. देखें वीडियो.

पड़ताल: प्लेटफॉर्म टिकट से ट्रेन में यात्रा करने के वायरल दावे का सच

25 नवंबर 2021 को सेन्ट्रल रेलवे की मुंबई डिविजन ने प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत 50 रुपए से घटाकर 10 रुपए करने का ऐलान किया. इसके बाद देशभर में अलग-अलग रेलवे जोन ने प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत को 10 रुपए कर दिया. प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत बढ़ाने पर रेलवे का तर्क था कि इससे कोरोना संकट के दौरान प्लेटफॉर्म पर आने वाली अनावश्यक भीड़ को रोका जा सकता है. अब प्लेटफॉर्म टिकट को लेकर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें कहा गया है कि अगर आपके पास सिर्फ प्लेटफॉर्म टिकट है तो आप ट्रेन में यात्रा भी कर सकते हैं. ‘दी लल्लनटॉप’ ने वायरल दावे की पड़ताल की. हमारी जांच में ये वायरल दावा भ्रामक निकला. फिलहाल रेलवे ने ऐसा कोई भी नियम नहीं बनाया है, जिससे आप प्लेटफॉर्म टिकट के आधार पर ट्रेन में यात्रा कर सकें. देखें वीडियो.

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पड़ताल: क्या राम मंदिर का निर्माण रुकने की आशंका जताता गाना मुस्लिम समुदाय ने बनाया है?

आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य- उत्तर प्रदेश में 2022 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव के करीब आते ही सूबे में रोज़ सियासी घटनाक्रम बदल रहे हैं. सूबे की हर पार्टी जमीन से लेकर इंटरनेट तक प्रचार-प्रसार में जुटी है. अब समाजवादी पार्टी, मुस्लिम समुदाय और राम मंदिर को जोड़ता एक वीडियो वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में समाजवादी पार्टी से कथित तौर पर जुड़ा एक गाना सुनाई दे रहा है. गाने के लिरिक्स को वीडियो में लिखकर भी चलाया जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि वीडियो में सुनाई दे रहा गाना मुस्लिम समुदाय ने बनाया है. हमने इस दावे की पड़ताल की. नतीजा क्या निकला, जानने के लिए देखिए वीडियो.

पड़ताल: क्या राम मंदिर का निर्माण रुकने की आशंका जताता गाना मुस्लिम समुदाय ने बनाया है?

आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य- उत्तर प्रदेश में 2022 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव के करीब आते ही सूबे में रोज़ सियासी घटनाक्रम बदल रहे हैं. सूबे की हर पार्टी जमीन से लेकर इंटरनेट तक प्रचार-प्रसार में जुटी है. अब समाजवादी पार्टी, मुस्लिम समुदाय और राम मंदिर को जोड़ता एक वीडियो वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में समाजवादी पार्टी से कथित तौर पर जुड़ा एक गाना सुनाई दे रहा है. गाने के लिरिक्स को वीडियो में लिखकर भी चलाया जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि वीडियो में सुनाई दे रहा गाना मुस्लिम समुदाय ने बनाया है. हमने इस दावे की पड़ताल की. नतीजा क्या निकला, जानने के लिए देखिए वीडियो.

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पड़ताल: क्या सड़क पर नमाज़ पढ़ने का वीडियो भारत का है?

सड़क पर नमाज अदा करने की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. सोशल मीडिया यूजर्स इस तस्वीर को भारत का बता रहे हैं. इस तस्वीर के साथ तमाम दावे किए जा रहे हैं. ‘दी लल्लनटॉप’ ने वायरल दावे की पड़ताल की.  नतीजा क्या निकला, जानने के लिए देखिए ये वीडियो.

पड़ताल: क्या सड़क पर नमाज़ पढ़ने का वीडियो भारत का है?

सड़क पर नमाज अदा करने की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. सोशल मीडिया यूजर्स इस तस्वीर को भारत का बता रहे हैं. इस तस्वीर के साथ तमाम दावे किए जा रहे हैं. ‘दी लल्लनटॉप’ ने वायरल दावे की पड़ताल की.  नतीजा क्या निकला, जानने के लिए देखिए ये वीडियो.