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तहखाना

गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो दो मुख्यमंत्रियों के तख्ते पलटकर सत्ता पर काबिज हुआ

गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो दो मुख्यमंत्रियों के तख्ते पलटकर सत्ता पर काबिज हुआ

10 मई 1996, 11 वीं लोकसभा के चुनाव के नतीजे आने शुरू हुए. शाम होने तक दो बातें साफ़ हो चुकी थी. पहला कि इस बार की लोकसभा त्रिशंकु होने जा रही है. दूसरा कोई भी सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी. 161 सीट के साथ भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी … और पढ़ें गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो दो मुख्यमंत्रियों के तख्ते पलटकर सत्ता पर काबिज हुआ

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वीरभद्र सिंह हिमाचल की फीनिक्स चिड़िया हैं, अपनी राख से खड़े हो जाते हैं

जुनून का उदाहरण हैं वीरभद्र सिंह. वन मैन आर्मी जैसे. वीरभद्र ही संगठन है और संगठन ही वीरभद्र हैं. कैसे, ये जानने के लिए देखिए पूरा वीडियो.

वीरभद्र सिंह हिमाचल की फीनिक्स चिड़िया हैं, अपनी राख से खड़े हो जाते हैं

जुनून का उदाहरण हैं वीरभद्र सिंह. वन मैन आर्मी जैसे. वीरभद्र ही संगठन है और संगठन ही वीरभद्र हैं. कैसे, ये जानने के लिए देखिए पूरा वीडियो.
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हिमाचल में सेब लाने वाले की बेटी कैसे बनीं परमार की साथी?

सरपंच ने सुनी यशवंत सिंह परमार की लव स्टोरी. उनसे जिन्होंने परमार पर काफी रिसर्च की है. उन्होंने बताया कि कैसे परमार ने ओल्ड एज में दूसरी शादी की और ये शादी उनके बच्चों ने करवाई. पूरी कहानी आप भी सुनिए.

हिमाचल में सेब लाने वाले की बेटी कैसे बनीं परमार की साथी?

सरपंच ने सुनी यशवंत सिंह परमार की लव स्टोरी. उनसे जिन्होंने परमार पर काफी रिसर्च की है. उन्होंने बताया कि कैसे परमार ने ओल्ड एज में दूसरी शादी की और ये शादी उनके बच्चों ने करवाई. पूरी कहानी आप भी सुनिए.
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गुजरात का वो मुख्यमंत्री जिसने इस पद पर पहुंचने के लिए एक ज्योतिषी की मदद ली थी

गुजरात का वो मुख्यमंत्री जिसने इस पद पर पहुंचने के लिए एक ज्योतिषी की मदद ली थी

मुख्यमंत्री के तौर पर चिमनभाई पटेल अपने दूसरे कार्यकाल में अपनी छवि सुधारने में लगे हुए थे. उस समय तक ‘गुजरात मॉडल’ सियासत की शब्दवाली में नहीं जुड़ा था. चिमनभाई ‘नए गुजरात’ का सपना बेच रहे थे. सरदार सरोवर बांध उनके एजेंडे में पहले नंबर पर था. सरकार के काम-काज में वो कॉर्पोरेट तरीकों को … और पढ़ें गुजरात का वो मुख्यमंत्री जिसने इस पद पर पहुंचने के लिए एक ज्योतिषी की मदद ली थी

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गुजरात का वो आदिवासी मुख्यमंत्री जिसने आरक्षण को वापस ले लिया था

गुजरात का वो आदिवासी मुख्यमंत्री जिसने आरक्षण को वापस ले लिया था

4 जुलाई 1985. गुजरात के मुख्यमंत्री माधव सिंह सोलंकी विधानसभा सत्र के दौरान पिछले दो दिन से दिल्ली में थे. इससे पंद्रह दिन पहले ही कांग्रेस महासचिव जी.के. मूपनार के नेतृत्व में आई पांच ऑब्जर्वर वाली कमिटी तीन बनाम दो के बहुमत से माधव सिंह सोलंकी को हटाने की सिफारिश कर चुकी थी. इसके बाद सोलंकी की … और पढ़ें गुजरात का वो आदिवासी मुख्यमंत्री जिसने आरक्षण को वापस ले लिया था

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गुजरात के इस मुख्यमंत्री के बनाए रिकॉर्ड को नरेंद्र मोदी भी नहीं तोड़ पाए

गुजरात के इस मुख्यमंत्री के बनाए रिकॉर्ड को नरेंद्र मोदी भी नहीं तोड़ पाए

गुजरात के सातवें मुख्यमंत्री माधव सिंह सोलंकी पेशे से पत्रकार थे और वकालत की पढ़ाई कर रहे थे. सियासत से उनका कोई सीधा वास्ता नहीं था. कैसे वो एक सिफारिशी खत की वजह से पत्रकार बने? किस तरह से एक पोस्ट कार्ड के जरिए सियासत में उनकी एंट्री हुई, इसका ज़िक्र हमने पिछली कड़ी में किया … और पढ़ें गुजरात के इस मुख्यमंत्री के बनाए रिकॉर्ड को नरेंद्र मोदी भी नहीं तोड़ पाए

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एक पोस्टकार्ड की वजह से सियासत में आया यह नेता चार बार गुजरात का मुख्यमंत्री बना

एक पोस्टकार्ड की वजह से सियासत में आया यह नेता चार बार गुजरात का मुख्यमंत्री बना

गुजरात में पावागढ़ की पहाड़ी से एक नदी निकलती है, ढाढर. करीब सौ किलोमीटर से ज्यादा का सफ़र करके यह नदी भरूच जिले मेंपहुंचती है. यहां से यह अरब सागर की तरफ बढ़ जाती है. भरूच में इस नदी से लगभग एक मील दक्षिण में एक कस्बा बसा हुआ है, आमोद. यह 1940 के दशक की … और पढ़ें एक पोस्टकार्ड की वजह से सियासत में आया यह नेता चार बार गुजरात का मुख्यमंत्री बना

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गुजरात का वो मुख्यमंत्री जिसने आपातकाल में इंदिरा गांधी का डटकर मुकाबला किया

गुजरात का वो मुख्यमंत्री जिसने आपातकाल में इंदिरा गांधी का डटकर मुकाबला किया

अहमदाबाद के एलडी कॉलेज से शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन पूरे गुजरात में फ़ैल गया. यह पूरे भारत में भ्रष्ट्राचार के खिलाफ पहला आंदोलन था, जिसने किसी मुख्यमंत्री की कुर्सी लील ली. नौ फरवरी 1974 के रोज चिमनभाई पटेल को मजबूरी में अपना इस्तीफ़ा सौंपना पड़ा. सूबे में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया लेकिन चिमनभाई पटेल … और पढ़ें गुजरात का वो मुख्यमंत्री जिसने आपातकाल में इंदिरा गांधी का डटकर मुकाबला किया

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गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो हर सियासी तूफ़ान में अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहा

गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो हर सियासी तूफ़ान में अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहा

दिसम्बर का महीना, साल 1989. कुछ ही महीनों में गुजरात में विधानसभा चुनाव होने जा रहे थे. केंद्र में विश्वनाथ प्रताप सिंह सत्ता में थे. चिमनभाई पटेल गुजरात में जनता दल की कमान संभाल रहे थे. उन्हें पूरी उम्मीद थी कि केंद्र की तरफ गुजरात में भी कांग्रेस का जहाज डूबने वाला है. इसी बीच उनके पास … और पढ़ें गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो हर सियासी तूफ़ान में अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहा

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गुजरात का वो मुख्यमंत्री जिसने इंदिरा गांधी से बगावत करके कुर्सी पर कब्ज़ा कर लिया था

गुजरात का वो मुख्यमंत्री जिसने इंदिरा गांधी से बगावत करके कुर्सी पर कब्ज़ा कर लिया था

जून 1973 के दिन गुजरात के चौथे मुख्यमंत्री घनश्याम ओझा का इस्तीफ़ा स्वीकार हो गया. यह एक ऐसे गांधीवादी नेता की विदाई थी, जिसने उठापटक की सियासत के गुर नहीं सीखे थे. इधर चिमन भाई पटेल के पास महज़ 70 विधायक थे. वो 168 सीटों वाली विधानसभा में इतने विधायकों के दम पर सरकार नहीं बना … और पढ़ें गुजरात का वो मुख्यमंत्री जिसने इंदिरा गांधी से बगावत करके कुर्सी पर कब्ज़ा कर लिया था