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तहखाना

बलवंतराय मेहता: गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो भारत-पाक युद्ध में शहीद हो गया

जिन्होंने अंग्रेज सरकार से ग्रेजुएशन डिग्री लेने से इनकार कर दिया था.

बलवंतराय मेहता: गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो भारत-पाक युद्ध में शहीद हो गया

13 अप्रैल 1919 की तारीख किसी भी हिन्दुस्तानी को भूलनी नहीं चाहिए. जगह थी अमृतसर का जलियांवाला बाग़. बैसाखी का दिन था. करीब 20 से 25 हजार लोगों की भीड़ बाग़ में जुटी हुई थी. यहां 4.30 बजे से एक जलसा शुरू होने वाला था. जलसा शुरू होने के कुछ समय पहले कर्नल रेगीनाल्ड डायर, सिख, … और पढ़ें बलवंतराय मेहता: गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो भारत-पाक युद्ध में शहीद हो गया

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मुख्यमंत्री: पाकिस्तान के ल्यालपुर से आया शरणार्थी, जो दिल्ली का मुख्यमंत्री बना

एक छात्रसंघ का महामंत्री जो अध्यक्ष से भिड़ गया. क्योंकि वो नहीं चाहता था कि छात्रसंघ के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू आएं. वो चाहता था कि कार्यक्रम में बलरामपुर के युवा सांसद अटल बिहारी वाजपेयी आएं. उसी महामंत्री ने आगे चलकर इतिहास रचा. क्योंकि वो दिल्ली का पहला मुख्यमंत्री था. इतिहास, जो जुड़ा था पाकिस्तान के ल्यालपुर से. जो उसे बंटवारे के बाद अपने पिता के साथ छोड़ना पड़ा था. और आगे छोड़ना पड़ा, मुख्यमंत्री का पद, केंद्रीय मंत्री का पद और दो-दो बार अपनी पार्टी भी. दी लल्लनटॉप के पॉलिटिकल किस्सों के स्पेशल सीरीज 'मुख्यमंत्री' में देखिए कहानी, मदन लाल खुराना की.

मुख्यमंत्री: पाकिस्तान के ल्यालपुर से आया शरणार्थी, जो दिल्ली का मुख्यमंत्री बना

एक छात्रसंघ का महामंत्री जो अध्यक्ष से भिड़ गया. क्योंकि वो नहीं चाहता था कि छात्रसंघ के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू आएं. वो चाहता था कि कार्यक्रम में बलरामपुर के युवा सांसद अटल बिहारी वाजपेयी आएं. उसी महामंत्री ने आगे चलकर इतिहास रचा. क्योंकि वो दिल्ली का पहला मुख्यमंत्री था. इतिहास, जो जुड़ा था पाकिस्तान के ल्यालपुर से. जो उसे बंटवारे के बाद अपने पिता के साथ छोड़ना पड़ा था. और आगे छोड़ना पड़ा, मुख्यमंत्री का पद, केंद्रीय मंत्री का पद और दो-दो बार अपनी पार्टी भी. दी लल्लनटॉप के पॉलिटिकल किस्सों के स्पेशल सीरीज 'मुख्यमंत्री' में देखिए कहानी, मदन लाल खुराना की.
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दरोगा प्रसाद राय: बस कंडक्टर के चक्कर में कुर्सी गंवाने वाला मुख्यमंत्री

लोकतंत्र में किसी सरकार के बनने की भी कई वजहें हो सकती हैं और गिरने की भी. ये एक सरकार के गिरने की कहानी है. सरकार गिराई थी एक बस कंडक्टर ने और ये कहानी है बिहार की. दी लल्लनटॉप के पॉलिटिकल किस्सों की खास सीरीज मुख्यमंत्री में आज बात करेंगे बिहार के मुख्यमंत्री रहे दरोगा प्रसाद राय की.

दरोगा प्रसाद राय: बस कंडक्टर के चक्कर में कुर्सी गंवाने वाला मुख्यमंत्री

in this episode of Politice

लोकतंत्र में किसी सरकार के बनने की भी कई वजहें हो सकती हैं और गिरने की भी. ये एक सरकार के गिरने की कहानी है. सरकार गिराई थी एक बस कंडक्टर ने और ये कहानी है बिहार की. दी लल्लनटॉप के पॉलिटिकल किस्सों की खास सीरीज मुख्यमंत्री में आज बात करेंगे बिहार के मुख्यमंत्री रहे दरोगा प्रसाद राय की.
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नरेंद्र मोदी को राजनीति का ककहरा सिखाने वाले केशुभाई पटेल नहीं रहे

गुजरात का वो नेता, जो दो बार मुख्यमंत्री बना और कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया.

नरेंद्र मोदी को राजनीति का ककहरा सिखाने वाले केशुभाई पटेल नहीं रहे

काठियावाड़ के जूनागढ़ जिले के समतल मैदानों में अचानक से एक पहाड़ी उभर आई है. पुराणों में इसका जिक्र रेवतक पर्वत के तौर पर मिलता है. फिलहाल इसे गिरनार के नाम से जाना जाता है. उस दौर में जब शेर ही जंगल का असली राजा हुआ करता था, तब ‘बिल्ली परिवार’ की एक और आक्रामक … और पढ़ें नरेंद्र मोदी को राजनीति का ककहरा सिखाने वाले केशुभाई पटेल नहीं रहे

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मुख्यमंत्री: क्या था बिहार का मछली कांड, जिसने नेहरू को भी अचंभे में डाल दिया?

मुख्यमंत्री. दी लल्लनटॉप के पॉलिटिकल किस्सों की खास सीरीज. जिसमें हम आज बात करेंगे उस मुख्यमंत्री की जो प्रधानमंत्री नेहरू के पास शिकायत लेकर पहुंचा. शिकायत भी ये कि उसे जान से मारने के लिए जहर देने की कोशिश की गई, मसालों से सनी मछली के जरिए. क्या थी इस शिकायत की सच्चाई? जानेंगे बिहार के दूसरे मुख्यमंत्री रहे बिनोदानंद झा के पॉलिटिकल किस्सों के इस एपिसोड में.

मुख्यमंत्री: क्या था बिहार का मछली कांड, जिसने नेहरू को भी अचंभे में डाल दिया?

मुख्यमंत्री. दी लल्लनटॉप के पॉलिटिकल किस्सों की खास सीरीज. जिसमें हम आज बात करेंगे उस मुख्यमंत्री की जो प्रधानमंत्री नेहरू के पास शिकायत लेकर पहुंचा. शिकायत भी ये कि उसे जान से मारने के लिए जहर देने की कोशिश की गई, मसालों से सनी मछली के जरिए. क्या थी इस शिकायत की सच्चाई? जानेंगे बिहार के दूसरे मुख्यमंत्री रहे बिनोदानंद झा के पॉलिटिकल किस्सों के इस एपिसोड में.
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दीप नारायण सिंह: रेलवे स्टेशन पर बम नहीं फटता तो ये नेता बिहार का मुख्यमंत्री होता

दी लल्लनटॉप के पॉलिटिकल किस्सों की खास सीरीज 'मुख्यमंत्री' में आज हम आपको सुनाएंगे बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्मे स्कूल इंस्पेक्टर की कहानी. जिसने गांधीजी के सविनय अवज्ञा आंदोलन के चलते अपनी नौकरी छोड़ दी और नेता बन गया. आजादी के बाद बिहार में सरकार बनी तो बिजली और सिंचाई मंत्रालय का जिम्मा संभाला और जब बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह का निधन हुआ तो बना 'मुख्यमंत्री'. पॉलिटिकल किस्सों के इस एपिसोड में देखिए 17 दिनों के लिए बिहार के मुख्यमंत्री रहे दीप नारायण सिंह की कहानी.

दीप नारायण सिंह: रेलवे स्टेशन पर बम नहीं फटता तो ये नेता बिहार का मुख्यमंत्री होता

दी लल्लनटॉप के पॉलिटिकल किस्सों की खास सीरीज 'मुख्यमंत्री' में आज हम आपको सुनाएंगे बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्मे स्कूल इंस्पेक्टर की कहानी. जिसने गांधीजी के सविनय अवज्ञा आंदोलन के चलते अपनी नौकरी छोड़ दी और नेता बन गया. आजादी के बाद बिहार में सरकार बनी तो बिजली और सिंचाई मंत्रालय का जिम्मा संभाला और जब बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह का निधन हुआ तो बना 'मुख्यमंत्री'. पॉलिटिकल किस्सों के इस एपिसोड में देखिए 17 दिनों के लिए बिहार के मुख्यमंत्री रहे दीप नारायण सिंह की कहानी.
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बिहार का वो मुख्यमंत्री जो बैद्यनाथ मंदिर की ओर चल पड़ा तो देवघर के पंडों में हड़कंप मच गया

मुख्यमंत्री. दी लल्लनटॉप के पॉलिटिकल किस्सों की खास सीरीज.जिसमें आज बात होगी उस लड़के की जिसके शहर में दुनिया का सबसे ताकतवर आदमी आया तो उसने नदी की तरफ वाली खिड़की भी नहीं खोली. फिर उसी आदमी के वंशजों की हुकूमत से लड़ते हुए जेल गया. नेता बना. गांधी दूसरे खेमे के साथ थे, फिर भी बिहार का पहला प्रधानमंत्री बना. आज़ादी के बाद पटेल और नेहरू दोनों को साधा और जब मौत हुई, तिजारी खुली तो एक जरूरी राज़ खुला. मुख्यमंत्री के इस एपिसोड में हम आपको सुना रहे हैं बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के पॉलिटिकल किस्से.

बिहार का वो मुख्यमंत्री जो बैद्यनाथ मंदिर की ओर चल पड़ा तो देवघर के पंडों में हड़कंप मच गया

मुख्यमंत्री. दी लल्लनटॉप के पॉलिटिकल किस्सों की खास सीरीज.जिसमें आज बात होगी उस लड़के की जिसके शहर में दुनिया का सबसे ताकतवर आदमी आया तो उसने नदी की तरफ वाली खिड़की भी नहीं खोली. फिर उसी आदमी के वंशजों की हुकूमत से लड़ते हुए जेल गया. नेता बना. गांधी दूसरे खेमे के साथ थे, फिर भी बिहार का पहला प्रधानमंत्री बना. आज़ादी के बाद पटेल और नेहरू दोनों को साधा और जब मौत हुई, तिजारी खुली तो एक जरूरी राज़ खुला. मुख्यमंत्री के इस एपिसोड में हम आपको सुना रहे हैं बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के पॉलिटिकल किस्से.
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श्रीकृष्ण सिंह: बिहार का वो मुख्यमंत्री, जिसकी कभी डॉ. राजेंद्र प्रसाद तो कभी नेहरू से ठनी

मुख्यमंत्री. दी लल्लनटॉप के पॉलिटिकल किस्सों की खास सीरीज. इस एपिसोड में हम आपको बताएंगे बिहार के पहले मुख्यमंत्री की कहानी. ये कहानी उस लड़के की है,  जिसने अपने हॉस्टल की खिड़की इसलिए नहीं खोली कि कहीं पटना दौरे पर आए जॉर्ज पंचम न दिख जाएं. कहानी उस नेता की जिस पर नेहरू और पटेल दोनों नेताओं के व्यक्तित्व का प्रभाव था. ये कहानी है बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे श्रीकृष्ण सिंह की. देखिए मुख्यमंत्री सीरीज का ये एपिसोड.

श्रीकृष्ण सिंह: बिहार का वो मुख्यमंत्री, जिसकी कभी डॉ. राजेंद्र प्रसाद तो कभी नेहरू से ठनी

मुख्यमंत्री. दी लल्लनटॉप के पॉलिटिकल किस्सों की खास सीरीज. इस एपिसोड में हम आपको बताएंगे बिहार के पहले मुख्यमंत्री की कहानी. ये कहानी उस लड़के की है,  जिसने अपने हॉस्टल की खिड़की इसलिए नहीं खोली कि कहीं पटना दौरे पर आए जॉर्ज पंचम न दिख जाएं. कहानी उस नेता की जिस पर नेहरू और पटेल दोनों नेताओं के व्यक्तित्व का प्रभाव था. ये कहानी है बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे श्रीकृष्ण सिंह की. देखिए मुख्यमंत्री सीरीज का ये एपिसोड.
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गांधी जी का डॉक्टर कैसे बना गुजरात का पहला मुख्यमंत्री

बाद में नेहरू और मोरारजी की तकरार के चलते इस्तीफ़ा भी देना पड़ गया.

गांधी जी का डॉक्टर कैसे बना गुजरात का पहला मुख्यमंत्री

2 अक्टूबर 1956, गांधी जयंती के मौके पर अहमदाबाद में प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की सभा थी. गांधी जी की याद में रखी गई यह सभा उम्मीद से उलट राजनीतिक चौसर में बदल गई. यह चाचा बनाम चाचा का दिलचस्प मुकाबला था. अहमदाबाद में जवाहर लाल नेहरू के समानांतर एक और सभा का आयोजन हो … और पढ़ें गांधी जी का डॉक्टर कैसे बना गुजरात का पहला मुख्यमंत्री

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दांवपेचों के जादूगर मोदी: पीएम की कुर्सी तक पहुंचने के लिए कैसे बीजेपी के हर दिग्गज का तख़्तापलटा

2014 की 'मोदी लहर' के बाद क्या हुआ सब जानते हैं, लेकिन उससे पहले क्या हुआ था, आइए बताते हैं.

दांवपेचों के जादूगर मोदी: पीएम की कुर्सी तक पहुंचने के लिए कैसे बीजेपी के हर दिग्गज का तख़्तापलटा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. आज 17 सितंबर 2020 को उनका 71वां जन्मदिन है. राजनीति में मोदी का सफ़र तमाम उतार-चढ़ावों से गुजरा है. बहुत से लोगों को ये जिज्ञासा रहती है कि आखिर बीजेपी और संघ का एक आम कार्यकर्ता पहले गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी तक कैसे पहुंचा. इसके पीछे की कहानी … और पढ़ें दांवपेचों के जादूगर मोदी: पीएम की कुर्सी तक पहुंचने के लिए कैसे बीजेपी के हर दिग्गज का तख़्तापलटा