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योगी आदित्यनाथ को रेपिस्ट, आरएसएस को आतंकी संगठन कहा, सिंगर हार्ड कौर के खिलाफ FIR

योगी आदित्यनाथ को रेपिस्ट, आरएसएस को आतंकी संगठन कहा, सिंगर हार्ड कौर के खिलाफ FIR

हार्ड कौर पर देशद्रोह का मुकदमा लग गया है, वही हार्ड कौर तरण कौर ढिल्लौ के नाम से भी जाना जाता है. ये हिप हॉप सिंगर और रैपर हैं. फिलहाल चर्चा में हैं. कारण ये है कि इन्होंने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के खिलाफ सोशल मीडिया … और पढ़ें योगी आदित्यनाथ को रेपिस्ट, आरएसएस को आतंकी संगठन कहा, सिंगर हार्ड कौर के खिलाफ FIR

तहखाना

गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो भारत-पाक युद्ध में शहीद हो गया

गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो भारत-पाक युद्ध में शहीद हो गया

13 अप्रैल 1919 की तारीख किसी भी हिन्दुस्तानी को भूलनी नहीं चाहिए. जगह थी अमृतसर का जलियांवाला बाग़. वैशाखी का दिन था. करीब 20 से 25,000 लोगों की भीड़ बाग़ में जुटी हुई थी. यहां 4.30 बजे से एक जलसा शुरू होने वाला था. जलसा शुरू होने के कुछ समय पहले कर्नल रेगीनाल्ड डायर, सिख, … और पढ़ें गुजरात का वो मुख्यमंत्री जो भारत-पाक युद्ध में शहीद हो गया

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जज की नौकरी छोड़कर हिमाचल प्रदेश बनाने वाले नेता की कहानी

सौरभ द्विवेदी अपने लल्लनटॉप अंदाज में बता रहे हैं हिमाचल के सबसे बड़े नेता की कहानी. अच्छे खासे करियर को छोड़कर तीन दशकों तक संघर्ष करने वाले यशवंत सिंह परमार की कहानी. आप भी सुनिए.

जज की नौकरी छोड़कर हिमाचल प्रदेश बनाने वाले नेता की कहानी

सौरभ द्विवेदी अपने लल्लनटॉप अंदाज में बता रहे हैं हिमाचल के सबसे बड़े नेता की कहानी. अच्छे खासे करियर को छोड़कर तीन दशकों तक संघर्ष करने वाले यशवंत सिंह परमार की कहानी. आप भी सुनिए.
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कैसे वसुंधरा राजे ने राजस्थान बीजेपी के बड़े-बड़े नेताओं को ठिकाने लगाया| Part 2

मुख्यमंत्री की पिछली कड़ी में आपने जाना कि किस तरह एक चुनावी हार ने वसुंधरा राजे को मायके से ससुराल जाने पर मजबूर कर दिया. किस तरह भैरो सिंह शेखावत के कहने पर केंद्र से राज्य की राजनीति में लौटी. और महज एक साल के भीतर मुख्यमंत्री पद का ताज उनके सिर पर था. वसुंधरा राजे राजस्थान की मुख्यमंत्री बन तो गई थीं लेकिन पार्टी के भीतर उनके खिलाफ विद्रोह अभी जारी था. आगे की कहानी में आप जानेंगे कि किस तरह उन्होंने पार्टी में अपने विरोधियों को किनारे लगाया. कहानी आलाकमान के साथ चली लंबी अदावत की भी.

कैसे वसुंधरा राजे ने राजस्थान बीजेपी के बड़े-बड़े नेताओं को ठिकाने लगाया| Part 2

मुख्यमंत्री की पिछली कड़ी में आपने जाना कि किस तरह एक चुनावी हार ने वसुंधरा राजे को मायके से ससुराल जाने पर मजबूर कर दिया. किस तरह भैरो सिंह शेखावत के कहने पर केंद्र से राज्य की राजनीति में लौटी. और महज एक साल के भीतर मुख्यमंत्री पद का ताज उनके सिर पर था. वसुंधरा राजे राजस्थान की मुख्यमंत्री बन तो गई थीं लेकिन पार्टी के भीतर उनके खिलाफ विद्रोह अभी जारी था. आगे की कहानी में आप जानेंगे कि किस तरह उन्होंने पार्टी में अपने विरोधियों को किनारे लगाया. कहानी आलाकमान के साथ चली लंबी अदावत की भी.
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वसुंधरा राजे सिंधिया को धौलपुर क्यों लौटना पड़ा?| Part 1

1952 से 2002 तक भैरो सिंह शेखावत राजस्थान में जनसंघ और बीजेपी के सबसे बड़े नेता हुआ करते थे. 2002 में वो उपराष्ट्रपति बने तो बीजेपी के कई नेताओं के लिए मौका आया. दिल्ली में वाजपेयी ने राजस्थान के पार्टी अध्यक्ष के बारे में भैरों सिंह शेखावत से पूछा. कुछ नामों पर चर्चा हुई. फिर शेखावत ने एक नाम लिया तो अटल चौंक गए. ये नाम अटल सरकार में मंत्री और राज्य की सियासत से सिरे से कटी वसुंधरा राजे का था. यहां से शुरू होती है वसुंधरा की राजनीतिक यात्रा. कहां तक चलती है चलिए जानते हैं.

वसुंधरा राजे सिंधिया को धौलपुर क्यों लौटना पड़ा?| Part 1

1952 से 2002 तक भैरो सिंह शेखावत राजस्थान में जनसंघ और बीजेपी के सबसे बड़े नेता हुआ करते थे. 2002 में वो उपराष्ट्रपति बने तो बीजेपी के कई नेताओं के लिए मौका आया. दिल्ली में वाजपेयी ने राजस्थान के पार्टी अध्यक्ष के बारे में भैरों सिंह शेखावत से पूछा. कुछ नामों पर चर्चा हुई. फिर शेखावत ने एक नाम लिया तो अटल चौंक गए. ये नाम अटल सरकार में मंत्री और राज्य की सियासत से सिरे से कटी वसुंधरा राजे का था. यहां से शुरू होती है वसुंधरा की राजनीतिक यात्रा. कहां तक चलती है चलिए जानते हैं.
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मुख्यमंत्री जो हारने के बाद केंद्र में आया और अब राहुल के बाद नंबर दो है| Part 2

मुख्यमंत्री की पिछली कड़ी में आपने देखा कि किस तरह बांग्लादेश शरणार्थियों के कैंप का दौरा करते वक़्त इंदिरा गांधी की नजर अशोक गहलोत पर पड़ती है. अब चतुर राजनेता अशोक गहलोत की कहानी. कैसे राजीव गांधी की कैबिनेट से हटाकर राजस्थान भेजा गया. हरिदेव जोशी की जगह अशोक गहलोत ने कैसे पार्टी में अपनी पकड़ मजबूत कर ली. चलिए मुख्यमंत्री में शुरू करते हैं अशोक गहलोत की पॉलिटिकल जर्नी की आखिरी किस्त.

मुख्यमंत्री जो हारने के बाद केंद्र में आया और अब राहुल के बाद नंबर दो है| Part 2

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अशोक गहलोत : एक जादूगर जिसने बाइक बेचकर चुनाव लड़ा और बना राजस्थान का मुख्यमंत्री| Part 1

मुख्यमंत्री की इस कड़ी में बात राजस्थान के उस नेता की, जो एक जादूगर था. जो संजय गांधी का करीबी था, जो राहुल-प्रियंका को जादू दिखाते हुए परिवार के करीब आया और जिसने चार हजार रुपये में बाइक बेचकर अपने सियासी करियर की शुरुआत की. हार से हुई शुरुआत केंद्रीय मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंची. नाम है अशोक गहलोत. (भूल-चूक: इस वीडियो में 4 मिनट 40 सेकेंड पर पोकरण परमाणु विस्फोट को 1989 में हुआ बताया गया है. जबकि यह 1998 के साल में हुआ. हम अपनी इस गलती के लिए दर्शकों से माफी मांगते हैं.)

अशोक गहलोत : एक जादूगर जिसने बाइक बेचकर चुनाव लड़ा और बना राजस्थान का मुख्यमंत्री| Part 1

मुख्यमंत्री की इस कड़ी में बात राजस्थान के उस नेता की, जो एक जादूगर था. जो संजय गांधी का करीबी था, जो राहुल-प्रियंका को जादू दिखाते हुए परिवार के करीब आया और जिसने चार हजार रुपये में बाइक बेचकर अपने सियासी करियर की शुरुआत की. हार से हुई शुरुआत केंद्रीय मंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंची. नाम है अशोक गहलोत. (भूल-चूक: इस वीडियो में 4 मिनट 40 सेकेंड पर पोकरण परमाणु विस्फोट को 1989 में हुआ बताया गया है. जबकि यह 1998 के साल में हुआ. हम अपनी इस गलती के लिए दर्शकों से माफी मांगते हैं.)
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राजस्थान का वो सीएम जिसका सीधा संबंध महाराणा प्रताप से था

मार्च, 1985 का पहला सप्ताह. राजस्थान में कांग्रेस फिर से चुनाव जीत चुकी थी. सरकार बनाने की संख्या से 12 ज्यादा विधायक कांग्रेस के पास थे. मुख्यमंत्री चुनाव से 15 दिन पहले ही बदला गया था. ऐसे में नए मुख्यमंत्री को उम्मीद थी कि उनकी फिर से ताजपोशी होगी. लेकिन तभी दिल्ली से उन्हें कहा गया- आप इस्तीफा दे दीजिए. जोशी जी को टेक ओवर करना है. कौन थे ये 17 दिन के मुख्यमंत्री? पॉलिटिकल किस्से के इस एपिसोड में बात हीरालाल देवपुरा की.

राजस्थान का वो सीएम जिसका सीधा संबंध महाराणा प्रताप से था

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शिवचरण माथुर: अशोक गहलोत के एमपी होते हुए राज्य सरकार में मंत्री बनाने वाले सीएम

आपने ससुर के सहारे दामाद की सियासी बेल चढ़ने के खूब प्रसंग सुने होंगे. पर बताइए तो, इनमें से कितने दामाद मुख्यमंत्री बने. जबकि ससुर उस पद की चाह लिए चले गए. कितने मुख्यमंत्री एक विधायक के एनकाउंटर के चलते, चलते बने? मुख्यमंत्री के इस एपिसोड में कहानी राजस्थान के पूर्व सीएम शिवचरण माथुर की.

शिवचरण माथुर: अशोक गहलोत के एमपी होते हुए राज्य सरकार में मंत्री बनाने वाले सीएम

आपने ससुर के सहारे दामाद की सियासी बेल चढ़ने के खूब प्रसंग सुने होंगे. पर बताइए तो, इनमें से कितने दामाद मुख्यमंत्री बने. जबकि ससुर उस पद की चाह लिए चले गए. कितने मुख्यमंत्री एक विधायक के एनकाउंटर के चलते, चलते बने? मुख्यमंत्री के इस एपिसोड में कहानी राजस्थान के पूर्व सीएम शिवचरण माथुर की.
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जगन्नाथ पहाड़िया: राजस्थान के पहले दलित मुख्यमंत्री जो बस 13 महीने सीएम रह सके

दलित समाज से आने वाला, मजदूर का बेटा, मगर पढ़ाई में तेज. नाम जगन्नाथ पहाड़िया. 1957 के साल में पहाड़िया को जवाहर लाल नेहरू से मिलवाया गया. पंडित नेहरू से परिचय करवाया गया. नौजवान देख नेहरू पूछ पड़े- कैसा चल रहा है देश? पहाड़िया ने जवाब दिया- बाकी चीजें तो अच्छी चल रही हैं लेकिन देश में दलितों को रिप्रजेंटेशन ठीक से नहीं मिल रहा. इसके बाद जो हुआ वो इतिहास में दर्ज हो गया. जानने के लिए देखिए मुख्यमंत्री का ये एपिसोड.

जगन्नाथ पहाड़िया: राजस्थान के पहले दलित मुख्यमंत्री जो बस 13 महीने सीएम रह सके

दलित समाज से आने वाला, मजदूर का बेटा, मगर पढ़ाई में तेज. नाम जगन्नाथ पहाड़िया. 1957 के साल में पहाड़िया को जवाहर लाल नेहरू से मिलवाया गया. पंडित नेहरू से परिचय करवाया गया. नौजवान देख नेहरू पूछ पड़े- कैसा चल रहा है देश? पहाड़िया ने जवाब दिया- बाकी चीजें तो अच्छी चल रही हैं लेकिन देश में दलितों को रिप्रजेंटेशन ठीक से नहीं मिल रहा. इसके बाद जो हुआ वो इतिहास में दर्ज हो गया. जानने के लिए देखिए मुख्यमंत्री का ये एपिसोड.