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झमाझम

क्या हुआ जब दो चोर, एक भले आदमी की सायकल लेकर फरार हो गए

मराठी सिनेमा को समर्पित इस सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’ (चलो फ़िल्में देखें) में हम आपका परिचय कुछ बेहतरीन मराठी फिल्मों से कराएंगे. वर्ल्ड सिनेमा के प्रशंसकों को अंग्रेज़ी से थोड़ा ध्यान हटाकर इस सीरीज में आने वाली मराठी फ़िल्में खोज-खोजकर देखनी चाहिए. ..  आज की फिल्म है ‘सायकल’. हर एक की ज़िंदगी में कुछ न कुछ बेहद … और पढ़ें Review of Marathi movie Cycle Directed by Prakash Kunte

क्या हुआ जब दो चोर, एक भले आदमी की सायकल लेकर फरार हो गए

मराठी सिनेमा को समर्पित इस सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’ (चलो फ़िल्में देखें) में हम आपका परिचय कुछ बेहतरीन मराठी फिल्मों से कराएंगे. वर्ल्ड सिनेमा के प्रशंसकों को अंग्रेज़ी से थोड़ा ध्यान हटाकर इस सीरीज में आने वाली मराठी फ़िल्में खोज-खोजकर देखनी चाहिए. ..  आज की फिल्म है ‘सायकल’. हर एक की ज़िंदगी में कुछ न कुछ बेहद … और पढ़ें Review of Marathi movie Cycle Directed by Prakash Kunte

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श्वास: क्या गुज़रती है, जब पता चले आपके किसी अज़ीज़ की आंखें हमेशा के लिए जाने वाली हैं!

श्वास. मराठी भाषा की नायाब फिल्म.2004 में फिल्म की रिलीज़ हुई. ‘श्वास’ ही वो फिल्म है जिसने मराठी सिनेमा के लिए कंटेंट बेस्ड सिनेमा के दरवाज़े खोले. ‘श्वास’ ही वो फिल्म है जिसने मराठी को 51 साल बाद नैशनल अवॉर्ड दिलाया. और ‘श्वास’ ही वो फिल्म है जिसने ऑस्कर के लिए जाने वाली पहली मराठी फिल्म होने का सम्मान हासिल किया.

श्वास: क्या गुज़रती है, जब पता चले आपके किसी अज़ीज़ की आंखें हमेशा के लिए जाने वाली हैं!

श्वास. मराठी भाषा की नायाब फिल्म.2004 में फिल्म की रिलीज़ हुई. ‘श्वास’ ही वो फिल्म है जिसने मराठी सिनेमा के लिए कंटेंट बेस्ड सिनेमा के दरवाज़े खोले. ‘श्वास’ ही वो फिल्म है जिसने मराठी को 51 साल बाद नैशनल अवॉर्ड दिलाया. और ‘श्वास’ ही वो फिल्म है जिसने ऑस्कर के लिए जाने वाली पहली मराठी फिल्म होने का सम्मान हासिल किया.
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‘कट्यार काळजात घुसली’: जब जलन ने ख़ान साहब को रावण बना डाला

मराठी सिनेमा को समर्पित सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’. आज की फिल्म ‘कट्यार काळजात घुसली’. यानी कटार कलेजे में घुस गई. पुरुषोत्तम दारव्हेकर की कलम और पंडित जितेंद्र अभिषेकी के संगीत की शानदार जुगलबंदी. ज़बरदस्त कामयाबी मिली थी इस नाटक को. 2015 में इस पर इसी नाम से एक फिल्म बनी. आज बात इसी फिल्म की.

‘कट्यार काळजात घुसली’: जब जलन ने ख़ान साहब को रावण बना डाला

मराठी सिनेमा को समर्पित सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’. आज की फिल्म ‘कट्यार काळजात घुसली’. यानी कटार कलेजे में घुस गई. पुरुषोत्तम दारव्हेकर की कलम और पंडित जितेंद्र अभिषेकी के संगीत की शानदार जुगलबंदी. ज़बरदस्त कामयाबी मिली थी इस नाटक को. 2015 में इस पर इसी नाम से एक फिल्म बनी. आज बात इसी फिल्म की.
झमाझम

उस कटार की कहानी, जिससे किया हुआ एक ख़ून माफ था

मराठी सिनेमा को समर्पित इस सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’ (चलो फ़िल्में देखें) में हम आपका परिचय कुछ बेहतरीन मराठी फिल्मों से कराएंगे. वर्ल्ड सिनेमा के प्रशंसकों को अंग्रेज़ी से थोड़ा ध्यान हटाकर इस सीरीज में आने वाली मराठी फ़िल्में खोज-खोजकर देखनी चाहिए. ..  मराठी में जो जलवा आज फिल्मों का है, वो कभी नाटकों का हुआ करता … और पढ़ें Review of Marathi movie Katyar Kaljat Ghusli directed by Subodh Bhave

उस कटार की कहानी, जिससे किया हुआ एक ख़ून माफ था

मराठी सिनेमा को समर्पित इस सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’ (चलो फ़िल्में देखें) में हम आपका परिचय कुछ बेहतरीन मराठी फिल्मों से कराएंगे. वर्ल्ड सिनेमा के प्रशंसकों को अंग्रेज़ी से थोड़ा ध्यान हटाकर इस सीरीज में आने वाली मराठी फ़िल्में खोज-खोजकर देखनी चाहिए. ..  मराठी में जो जलवा आज फिल्मों का है, वो कभी नाटकों का हुआ करता … और पढ़ें Review of Marathi movie Katyar Kaljat Ghusli directed by Subodh Bhave

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फिल्म रिव्यू: 'नाळ'

आज फॉर अ चेंज एक नई फिल्म ‘नाळ’ की बात करेंगे. नागराज मंजुळे मराठी सिनेमा का बड़ा नाम बन चुके हैं. उनके हर प्रोजेक्ट पर दर्शकों की नज़र रहती है. भले भी फिर वो किसी फिल्म के डायरेक्टर न हो, प्रोड्यूसर के तौर पर उनका जुड़ना भी फिल्म के लिए पर्याप्त अटेंशन बटोर लेता है. ‘नाळ’ में आपकी शुरूआती दिलचस्पी महज़ इसीलिए होती है कि इसे नागराज ने प्रड्यूस किया है. क्या खास है इस फिल्म में, आइए बताते हैं इस वीडियो में.

फिल्म रिव्यू: 'नाळ'

आज फॉर अ चेंज एक नई फिल्म ‘नाळ’ की बात करेंगे. नागराज मंजुळे मराठी सिनेमा का बड़ा नाम बन चुके हैं. उनके हर प्रोजेक्ट पर दर्शकों की नज़र रहती है. भले भी फिर वो किसी फिल्म के डायरेक्टर न हो, प्रोड्यूसर के तौर पर उनका जुड़ना भी फिल्म के लिए पर्याप्त अटेंशन बटोर लेता है. ‘नाळ’ में आपकी शुरूआती दिलचस्पी महज़ इसीलिए होती है कि इसे नागराज ने प्रड्यूस किया है. क्या खास है इस फिल्म में, आइए बताते हैं इस वीडियो में.
झमाझम

श्वास, नैशनल अवॉर्ड विजेता वो फिल्म जिसने मराठी सिनेमा को ऑस्कर एंट्री तक पहुंचाया

मराठी सिनेमा को समर्पित इस सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’ (चलो फ़िल्में देखें) में हम आपका परिचय कुछ बेहतरीन मराठी फिल्मों से कराएंगे. वर्ल्ड सिनेमा के प्रशंसकों को अंग्रेज़ी से थोड़ा ध्यान हटाकर इस सीरीज में आने वाली मराठी फ़िल्में खोज-खोजकर देखनी चाहिए. ..  आज की फिल्म है ‘श्वास’. मराठी सिनेमा पूरे हिंदुस्तान से अपने नायाब कंटेंट के … और पढ़ें Review of Marathi Movie Shwaas

श्वास, नैशनल अवॉर्ड विजेता वो फिल्म जिसने मराठी सिनेमा को ऑस्कर एंट्री तक पहुंचाया

मराठी सिनेमा को समर्पित इस सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’ (चलो फ़िल्में देखें) में हम आपका परिचय कुछ बेहतरीन मराठी फिल्मों से कराएंगे. वर्ल्ड सिनेमा के प्रशंसकों को अंग्रेज़ी से थोड़ा ध्यान हटाकर इस सीरीज में आने वाली मराठी फ़िल्में खोज-खोजकर देखनी चाहिए. ..  आज की फिल्म है ‘श्वास’. मराठी सिनेमा पूरे हिंदुस्तान से अपने नायाब कंटेंट के … और पढ़ें Review of Marathi Movie Shwaas

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फिल्म रिव्यू: 'नाळ'

मराठी सिनेमा को समर्पित इस सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’ (चलो फ़िल्में देखें) में हम आपका परिचय कुछ बेहतरीन मराठी फिल्मों से कराएंगे. वर्ल्ड सिनेमा के प्रशंसकों को अंग्रेज़ी से थोड़ा ध्यान हटाकर इस सीरीज में आने वाली मराठी फ़िल्में खोज-खोजकर देखनी चाहिए. ..  आज फॉर अ चेंज एक नई फिल्म ‘नाळ’ की बात करेंगे. नागराज मंजुळे मराठी … और पढ़ें Review of Marathi Movie Naal directed by sudhakar reddy yakkanti and produced by Nagraj manjule

फिल्म रिव्यू: 'नाळ'

मराठी सिनेमा को समर्पित इस सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’ (चलो फ़िल्में देखें) में हम आपका परिचय कुछ बेहतरीन मराठी फिल्मों से कराएंगे. वर्ल्ड सिनेमा के प्रशंसकों को अंग्रेज़ी से थोड़ा ध्यान हटाकर इस सीरीज में आने वाली मराठी फ़िल्में खोज-खोजकर देखनी चाहिए. ..  आज फॉर अ चेंज एक नई फिल्म ‘नाळ’ की बात करेंगे. नागराज मंजुळे मराठी … और पढ़ें Review of Marathi Movie Naal directed by sudhakar reddy yakkanti and produced by Nagraj manjule

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'डोंबिवली फास्ट': ऐसे शख्स की कहानी जिसने बेईमान लोगों को सबक सिखा दिया

मराठी सिनेमा को समर्पित इस सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’ में आज की फिल्म है ‘डोंबिवली फास्ट’.कहानी है माधव श्रीधर आपटे नाम के एक कॉमन मैन की. माधव आपटे के रोल में संदीप कुलकर्णी हैं. डायरेक्टर निशिकांत कामत की ये पहली फिल्म थी. देखें रिव्यू

'डोंबिवली फास्ट': ऐसे शख्स की कहानी जिसने बेईमान लोगों को सबक सिखा दिया

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'डोंबिवली फास्ट': जब एक अकेला आदमी सिस्टम सुधारने निकल पड़ा

मराठी सिनेमा को समर्पित इस सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’ (चलो फ़िल्में देखें) में हम आपका परिचय कुछ बेहतरीन मराठी फिल्मों से कराएंगे. वर्ल्ड सिनेमा के प्रशंसकों को अंग्रेज़ी से थोड़ा ध्यान हटाकर इस सीरीज में आने वाली मराठी फ़िल्में खोज-खोजकर देखनी चाहिए. ..  आज की फिल्म है ‘डोंबिवली फास्ट’. एक आम आदमी की कहानी, जो सिस्टम को … और पढ़ें Review of Marathi Movie Dombivali Fast

'डोंबिवली फास्ट': जब एक अकेला आदमी सिस्टम सुधारने निकल पड़ा

मराठी सिनेमा को समर्पित इस सीरीज़ ‘चला चित्रपट बघूया’ (चलो फ़िल्में देखें) में हम आपका परिचय कुछ बेहतरीन मराठी फिल्मों से कराएंगे. वर्ल्ड सिनेमा के प्रशंसकों को अंग्रेज़ी से थोड़ा ध्यान हटाकर इस सीरीज में आने वाली मराठी फ़िल्में खोज-खोजकर देखनी चाहिए. ..  आज की फिल्म है ‘डोंबिवली फास्ट’. एक आम आदमी की कहानी, जो सिस्टम को … और पढ़ें Review of Marathi Movie Dombivali Fast

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फिल्म रिव्यू: रंगा-पतंगा

एक किसान है. महाराष्ट्र के विदर्भ प्रांत में रहता है. वैसा ही किसान है जैसा एक सूखाग्रस्त प्रदेश में अमूमन हुआ करता है. फटेहाल, बेबस और अभावों से घिरा हुआ. उसके दोनों बैल खो गए हैं. किसी हाल में नहीं मिल रहे. नाम है रंगा-पतंगा. ये फिल्म किसान और उसके बैलों के बीच संबंधों की ही कहानी है. चला चित्रपट बघूया में देखिए फिल्म रंगा-पतंगा का रिव्यू.

फिल्म रिव्यू: रंगा-पतंगा

एक किसान है. महाराष्ट्र के विदर्भ प्रांत में रहता है. वैसा ही किसान है जैसा एक सूखाग्रस्त प्रदेश में अमूमन हुआ करता है. फटेहाल, बेबस और अभावों से घिरा हुआ. उसके दोनों बैल खो गए हैं. किसी हाल में नहीं मिल रहे. नाम है रंगा-पतंगा. ये फिल्म किसान और उसके बैलों के बीच संबंधों की ही कहानी है. चला चित्रपट बघूया में देखिए फिल्म रंगा-पतंगा का रिव्यू.