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भैरंट

जब सुरेन्द्र मोहन पाठक के दोस्तों ने उनको बीयर में मिलाकर व्हिस्की पिला दी

जब सुरेन्द्र मोहन पाठक के दोस्तों ने उनको बीयर में मिलाकर व्हिस्की पिला दी

हिंदी जासूसी, रहस्य और अपराध कथाओं के शहंशाह सुरेन्द्र मोहन पाठक ने हाल ही में अफसानानिगारी में 59 वर्ष पूरे किए हैं और वे लम्बे समय से भारत में लोकप्रिय साहित्य के झंडाबरदार बने हुए हैं. 1959 में मनोहर कहानियां में प्रकाशित ’57 साल पुराना आदमी’ से शुरु किया लेखकीय सफ़र आज 300 से ज़्यादा … और पढ़ें जब सुरेन्द्र मोहन पाठक के दोस्तों ने उनको बीयर में मिलाकर व्हिस्की पिला दी

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मफलरमैन बनने और उसके हिट होने की कहानी बड़ी दिलचस्प है

मफलरमैन बनने और उसके हिट होने की कहानी बड़ी दिलचस्प है

आम आदमी पार्टी के ओवरसीज़ मीडिया और आईटी एंड इनोवेशन हेड हैं अंकित लाल. उन्होंने एक किताब लिखी है. नाम है ‘इंडिया सोशलः हाऊ सोशल मीडिया इज़ लीडिंग द चार्ज एंड चेंजिंग द कंट्री ‘. किताब का ये अंश उन्होंने ‘दि लल्लनटॉप’ के साथ शेयर किया. पढ़ेंः लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी की स्थिति खराब थी. … और पढ़ें मफलरमैन बनने और उसके हिट होने की कहानी बड़ी दिलचस्प है

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जब कई लोग बापू और मीरा बहन के बीच बढ़ी करीबी पर चर्चा करने लगे

जब कई लोग बापू और मीरा बहन के बीच बढ़ी करीबी पर चर्चा करने लगे

लेखक के बारे में  सुधीर कक्कड़. आज बड्डे है. सुधीर कक्कड़. ऐसे लेखक जिन्होंने भारत में रहकर उन विषयों पर लिखा. सुधीर कक्कड़. जिनके बारे में आज भी खुल कर बात करना गलत समझा जाता है. विख्यात मनोविश्लेषक-लेखक सुधीर कक्कड़ ने बापू और मीरा के 1925 से लेकर 1930 तथा फिर 1940- 42 तक के … और पढ़ें जब कई लोग बापू और मीरा बहन के बीच बढ़ी करीबी पर चर्चा करने लगे

भैरंट

'ईश्वर हमारी परीक्षा ले रहा है- हमारे विश्वास की परीक्षा' इसी आस पर टिकी थी कस्तूरबा की जिंदगी

'ईश्वर हमारी परीक्षा ले रहा है- हमारे विश्वास की परीक्षा' इसी आस पर टिकी थी कस्तूरबा की जिंदगी

82 वर्षीय गिरिराज किशोर, साहित्य अकादमी से पुरस्कृत लेखक हैं. 8 जुलाई को इनका जन्मदिन होता है. कई उपन्यास, कहानी, नाटक, एकांकी, निबंध संग्रह लिख चुके हैं. कस्तूरबा गांधी पर भी किताबें लिख चुके हैं. अभी बात उनकी एक और कस्तूरबा गांधी की किताब को लेकर. ‘बा’ कस्तूरबा गांधी पर लिखा गया गिरिराज किशोर का … और पढ़ें ‘ईश्वर हमारी परीक्षा ले रहा है- हमारे विश्वास की परीक्षा’ इसी आस पर टिकी थी कस्तूरबा की जिंदगी

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किताबवाला: क्या मुसलमानों को लेकर बीजेपी और आरएसएस की रणनीति बदल गई है?

'किताबवाला'. दी लल्लनटॉप की खास सीरीज. पत्रकार और लेखक विजय त्रिवेदी के साथ बातचीत. उनकी नई किताब बीजेपी कल-आज और कल पर. इसमें उन्होंने बीजेपी के बनने से लेकर अब तक के सारे किस्सों को बुना है. मुरली मनोहर जोशी, लालकृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से. साथ में दी लल्लनटॉप की सारी स्पेशल सीरीज जैसे किताबवाला, पढ़ाकू विमान, अर्थात सब इस लिंक पर उपलब्ध हैं. https://www.thelallantop.com/videos-category/special-series/  

किताबवाला: क्या मुसलमानों को लेकर बीजेपी और आरएसएस की रणनीति बदल गई है?

'किताबवाला'. दी लल्लनटॉप की खास सीरीज. पत्रकार और लेखक विजय त्रिवेदी के साथ बातचीत. उनकी नई किताब बीजेपी कल-आज और कल पर. इसमें उन्होंने बीजेपी के बनने से लेकर अब तक के सारे किस्सों को बुना है. मुरली मनोहर जोशी, लालकृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से. साथ में दी लल्लनटॉप की सारी स्पेशल सीरीज जैसे किताबवाला, पढ़ाकू विमान, अर्थात सब इस लिंक पर उपलब्ध हैं. https://www.thelallantop.com/videos-category/special-series/  
झमाझम

ख़लील ज़िब्रान के ये 31 कोट 'बेहतर इंसान' बनने का क्रैश कोर्स हैं

ख़लील ज़िब्रान के ये 31 कोट 'बेहतर इंसान' बनने का क्रैश कोर्स हैं

केवल 48 वर्ष की अवस्था में मृत्यु को प्राप्त हो चुके ख़लील ज़िब्रान को, उनके लेखन के चलते उस समय के धर्म-गुरुओं और रसूख वाले लोगों ने जाति से बहिष्कृत करके देश निकाला दे दिया था. ऐसे ‘क्रांतिकारी’ लेखक की पुस्तक, Sand & foam (रेत और झाग) से 31 झमाझम कोट्स पढ़िये और बेहतरी की तरफ़ एक … और पढ़ें ख़लील ज़िब्रान के ये 31 कोट ‘बेहतर इंसान’ बनने का क्रैश कोर्स हैं

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'उस वक्त लाश बिलकुल सजीव हो उठ बैठी और बोली - बहुत सोए'

'उस वक्त लाश बिलकुल सजीव हो उठ बैठी और बोली - बहुत सोए'

आज भारतीय साहित्य में ‘महापंडित’ के नाम से विख्यात राहुल सांकृत्यायन का 125वां जन्मदिन है. (9 अप्रैल 1893-14 अप्रैल 1963) वह सही मायने में एक यात्री थे. उन्होंने पूरे  हिन्दुस्तान की  यात्राएं तो की ही. योरोप, सोवियत रशिया, लंका आदि कई अन्य देशों की यात्राएं भी कीं. उन यात्राओं को दर्ज किया. हिन्दी की यात्रा-वृत्तांत … और पढ़ें ‘उस वक्त लाश बिलकुल सजीव हो उठ बैठी और बोली – बहुत सोए’

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किताबवाला: चौचक दास्तानगो हिमांशु बाजपेयी ने सुनाए लखनउआ किस्से

किताबवाला. दी लल्लनटॉप की खास इंटरव्यू सीरीज. जिसमें हम बात करते हैं किताबों के लेखकों से. सवाल करते हैं उनकी किताब से जुड़ी सवालों से. इसी कड़ी में आज हमारे साथ हैं हिमांशु बाजपेयी. जिनकी किताब है, 'किस्सा किस्सा लखनउआ, लखनऊ के आवामी किस्से.' लेकिन इस किताब में वो किस्से नहीं हैं जो अब तक आपने सुन रखे हैं. मसलन नवाबों के किस्से, उनकी बेगमों के किस्से या फिर 1857 के किस्से. तो फिर क्या है इस किस्सों की किताब  में? बता रहे हैं हिमांशु.

किताबवाला: चौचक दास्तानगो हिमांशु बाजपेयी ने सुनाए लखनउआ किस्से

किताबवाला. दी लल्लनटॉप की खास इंटरव्यू सीरीज. जिसमें हम बात करते हैं किताबों के लेखकों से. सवाल करते हैं उनकी किताब से जुड़ी सवालों से. इसी कड़ी में आज हमारे साथ हैं हिमांशु बाजपेयी. जिनकी किताब है, 'किस्सा किस्सा लखनउआ, लखनऊ के आवामी किस्से.' लेकिन इस किताब में वो किस्से नहीं हैं जो अब तक आपने सुन रखे हैं. मसलन नवाबों के किस्से, उनकी बेगमों के किस्से या फिर 1857 के किस्से. तो फिर क्या है इस किस्सों की किताब  में? बता रहे हैं हिमांशु.
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बीमारी का इलाज करवा कर लौटने के बाद इरफान खान ने फैंस के आगे दिल खोलकर रख दिया

तकरीबन साल भर बीमारी से लड़ने के बाद इरफान इसी साल फरवरी में इंडिया लौटे हैं. तब से लेकर अब तक छुप्पम-छुपाई का खेल चल रहा था. इरफान भी मास्क वगैरह लगाकर घूम रहे थे. 2 अप्रैल को उन्होंने खुद को मुंबई एयरपोर्ट पर अनमास्क किया. और इसके बाद एक लेटर लिखकर अपने फैंस का शुक्रिया अदा किया. लेटर ऐसा मानो इरफान ने अपना दिल ही निकालकर कीबोर्ड पर रख दिया हो. देखिए क्या लिखा है इरफान ने?

बीमारी का इलाज करवा कर लौटने के बाद इरफान खान ने फैंस के आगे दिल खोलकर रख दिया

तकरीबन साल भर बीमारी से लड़ने के बाद इरफान इसी साल फरवरी में इंडिया लौटे हैं. तब से लेकर अब तक छुप्पम-छुपाई का खेल चल रहा था. इरफान भी मास्क वगैरह लगाकर घूम रहे थे. 2 अप्रैल को उन्होंने खुद को मुंबई एयरपोर्ट पर अनमास्क किया. और इसके बाद एक लेटर लिखकर अपने फैंस का शुक्रिया अदा किया. लेटर ऐसा मानो इरफान ने अपना दिल ही निकालकर कीबोर्ड पर रख दिया हो. देखिए क्या लिखा है इरफान ने?
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किताबवाला: मिलिए शिवम सिंह से, जो बता रहे हैं भारत में चुनाव जीतने के तरीके

किताबवाला. यानी लेखकों का लल्लनटॉप इंटरव्यू. इस एपिसोड में हमारे साथ हैं शिवम सिंह. जो कि ''How to win an election in India'' के लेखक हैं. यानी कि इस किताब में उन्होंने भारत में चुनाव जीतने के तरीके बताए हैं. क्या है वो तरीके? देखिए वीडियो में.

किताबवाला: मिलिए शिवम सिंह से, जो बता रहे हैं भारत में चुनाव जीतने के तरीके

किताबवाला. यानी लेखकों का लल्लनटॉप इंटरव्यू. इस एपिसोड में हमारे साथ हैं शिवम सिंह. जो कि ''How to win an election in India'' के लेखक हैं. यानी कि इस किताब में उन्होंने भारत में चुनाव जीतने के तरीके बताए हैं. क्या है वो तरीके? देखिए वीडियो में.