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भैरंट

'लेखक का दिमाग गंदा है, देखें पुस्तक की पृष्ठ संख्या 215'

'लेखक का दिमाग गंदा है, देखें पुस्तक की पृष्ठ संख्या 215'

मुल्कराज आनंद – ‘कुली’ और ‘अनटचेबल’ जैसे उपन्यासों के लेखक. मुल्कराज आनंद (12 दिसंबर, 1905- 28 सितंबर, 2004) का पहला निबंध उनकी चाची की आत्महत्या से प्रेरित था, उनकी चाची को एक मुस्लिम महिला के साथ भोजन साझा करने के लिए परिवार द्वारा बहिष्कृत कर दिया गया था. मुल्कराज का पहला मुख्य उपन्यास, ‘अनटचेबल’ (अछूत), … और पढ़ें ‘लेखक का दिमाग गंदा है, देखें पुस्तक की पृष्ठ संख्या 215’

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चमत्कारों को मानने वाले लोग धर्म की ओर क्यों जाते हैं?

चमत्कारों को मानने वाले लोग धर्म की ओर क्यों जाते हैं?

यह अंश नरेंद्र दाभोलकर की किताब अंधविश्वास उन्मूलन के पहले भाग विचार से लिया गया है. इसके दूसरे और तीसरे भाग आचार और सिद्धांत हैं. यह किताब राजकमल प्रकाशन के उपक्रम सार्थक से प्रकाशित है. नरेंद्र दाभोलकर की नई किताब  भ्रम और निरसन भी राजकमल प्रकाशन के उपक्रम सार्थक से जल्द ही प्रकाशित होने वाली है.   अंधविश्वास … और पढ़ें चमत्कारों को मानने वाले लोग धर्म की ओर क्यों जाते हैं?

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धांसू पत्रकार कुलदीप नैयर, जिनसे मेनका गांधी ने कहा था- संजय की मौत दुर्घटना नहीं, साजिश है

धांसू पत्रकार कुलदीप नैयर, जिनसे मेनका गांधी ने कहा था- संजय की मौत दुर्घटना नहीं, साजिश है

कुलदीप नैयर को पत्रकारिता का पितृ पुरुष कहा जाता था. 14 अगस्त को उनकी बर्थ एनिर्सरी होती है. करीब सात दशक लंबे अपने पत्रकारिता जीवन में उन्होंने भारत को बेहद करीब से बदलते देखा था. उनका यही अनुभव किताबों के ज़रिए बयान हुआ है.  भारतीय उपमहाद्वीप की समस्याओं को आधार बनाकर उन्होनें बेहद विस्तृत लेखन … और पढ़ें धांसू पत्रकार कुलदीप नैयर, जिनसे मेनका गांधी ने कहा था- संजय की मौत दुर्घटना नहीं, साजिश है

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किताबवाला: आज के माहौल में हिंदी के लेखकों को किस बात का डर है?

किताबवाला. दी लल्लनटॉप का स्पेशल सेगमेंट जिसमें बातें होती हैं किताबों की. किताब लिखने वालों से. आज के एपिसोड में हम बात कर रहे हैं उपन्यास 'वैधानिक गल्प' के बारे में. साथ में हैं इस किताब को लिखने वाले उपन्यासकार और कहानीकार चंदन पांडेय. देखिए किताबवाला का ये एपिसोड.

किताबवाला: आज के माहौल में हिंदी के लेखकों को किस बात का डर है?

किताबवाला. दी लल्लनटॉप का स्पेशल सेगमेंट जिसमें बातें होती हैं किताबों की. किताब लिखने वालों से. आज के एपिसोड में हम बात कर रहे हैं उपन्यास 'वैधानिक गल्प' के बारे में. साथ में हैं इस किताब को लिखने वाले उपन्यासकार और कहानीकार चंदन पांडेय. देखिए किताबवाला का ये एपिसोड.
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कोरोना वायरस से पहले की महामारियों में लोगों ने क्या किया, ये पता लगाने का सटीक तरीका जानिए

14 अप्रैल 2020 तक पूरे भारत में कंप्लीट लॉकडाउन है. मतलब आपको रहिना है. अपने घर में. कितना भी वर्क फ्रॉम होम कर लें. कितना भी बर्तन धो लें. वक्त बच तो जा ही रहा है. कुछ दिन और बीतेंगे तो फिल्म और टीवी सीरीज़ भी देखना दूभर हो जाएगा. तो ऐसे में क्या करें? हम आपको कोरोना के दिनों में पढ़ने के लिए कुछ किताबें सुझा रहे हैं. ये महामारियों का एक पुख्ता दस्तावेज हैं. ये आपको बताएंगी कि एक महामारी इंसान और इंसान की बनाई दुनिया को कैसे बनाती-बिगाड़ती है.

 

कोरोना वायरस से पहले की महामारियों में लोगों ने क्या किया, ये पता लगाने का सटीक तरीका जानिए

14 अप्रैल 2020 तक पूरे भारत में कंप्लीट लॉकडाउन है. मतलब आपको रहिना है. अपने घर में. कितना भी वर्क फ्रॉम होम कर लें. कितना भी बर्तन धो लें. वक्त बच तो जा ही रहा है. कुछ दिन और बीतेंगे तो फिल्म और टीवी सीरीज़ भी देखना दूभर हो जाएगा. तो ऐसे में क्या करें? हम आपको कोरोना के दिनों में पढ़ने के लिए कुछ किताबें सुझा रहे हैं. ये महामारियों का एक पुख्ता दस्तावेज हैं. ये आपको बताएंगी कि एक महामारी इंसान और इंसान की बनाई दुनिया को कैसे बनाती-बिगाड़ती है.

 
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क्या लिखा है 'कस्तूरबा की रहस्यमयी डायरी' में?

क्या लिखा है 'कस्तूरबा की रहस्यमयी डायरी' में?

नीलिमा डालमिया आधार की नई किताब ‘द सीक्रेट डायरी ऑफ़ कस्तूरबा’ आई है. हिंदी में ये ‘कस्तूरबा की रहस्यमयी डायरी’ के नाम से छपी है. हम प्रकाशक की इजाजत से आपको उसका एक अंश पढ़ा रहे हैं.   हम खेल के साथी बन गए. यह पिछले जन्म का संबंध था; वे मेरे मोहनदास थे और … और पढ़ें क्या लिखा है ‘कस्तूरबा की रहस्यमयी डायरी’ में?

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पुस्तक मेले में आए बुजुर्ग को 'हम देखेंगे' गाने वाले स्टूडेंट्स से क्या शिकायत है?

विश्व पुस्तक मेला. जनवरी के महीने में दिल्ली के प्रगति मैदान में हर साल लगता है. जहां इकट्ठा होते हैं ढेर सारे लोग. किताबें खरीदने वाले, बेचने वाले के साथ-साथ किताब लिखने वाले और उनमें रूचि रखने वाले लोग भी यहां इकट्ठा होते हैं. 2020 का पुस्तक मेला चल रहा है और हम पुस्तक मेले में इस समय मौजूद हैं. हमने यहां मौजूद लोगों से बात की. मशहूर शायर फैज़ अहमद फैज़ के बारे में. वही फैज़ जिनकी नज्म 'हम देखेंगे' पर इस समय एक बड़ी बहस चल रही है. देखिए मेले में मौजूद लोगों ने क्या कहा, फैज़ के बारे में.

पुस्तक मेले में आए बुजुर्ग को 'हम देखेंगे' गाने वाले स्टूडेंट्स से क्या शिकायत है?

विश्व पुस्तक मेला. जनवरी के महीने में दिल्ली के प्रगति मैदान में हर साल लगता है. जहां इकट्ठा होते हैं ढेर सारे लोग. किताबें खरीदने वाले, बेचने वाले के साथ-साथ किताब लिखने वाले और उनमें रूचि रखने वाले लोग भी यहां इकट्ठा होते हैं. 2020 का पुस्तक मेला चल रहा है और हम पुस्तक मेले में इस समय मौजूद हैं. हमने यहां मौजूद लोगों से बात की. मशहूर शायर फैज़ अहमद फैज़ के बारे में. वही फैज़ जिनकी नज्म 'हम देखेंगे' पर इस समय एक बड़ी बहस चल रही है. देखिए मेले में मौजूद लोगों ने क्या कहा, फैज़ के बारे में.
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किताबवाला: गीत चतुर्वेदी ने बताया, 'प्रेम में डूबी स्त्री का चेहरा' कैसा दिखता है?

किताबवाला. दी लल्लनटॉप की स्पेशल सीरीज. जो होती है किताबों पर, किताब लिखने वालों के साथ. आज हमारे साथ हैं गीत चतुर्वेदी. जाने माने पत्रकार, साहित्यकार, कहानीकार, कवि और ट्रांसलेटर. गीत चतुर्वेदी की नई कविता संग्रह आई है खुशियों के गुप्तचर. जिनसे न केवल हम उनकी कविताओं के बारे में बात करेंगे बल्कि कविताओं को सुनेंगे भी. देखिए किताबवाला का ये एपिसोड.

किताबवाला: गीत चतुर्वेदी ने बताया, 'प्रेम में डूबी स्त्री का चेहरा' कैसा दिखता है?

किताबवाला. दी लल्लनटॉप की स्पेशल सीरीज. जो होती है किताबों पर, किताब लिखने वालों के साथ. आज हमारे साथ हैं गीत चतुर्वेदी. जाने माने पत्रकार, साहित्यकार, कहानीकार, कवि और ट्रांसलेटर. गीत चतुर्वेदी की नई कविता संग्रह आई है खुशियों के गुप्तचर. जिनसे न केवल हम उनकी कविताओं के बारे में बात करेंगे बल्कि कविताओं को सुनेंगे भी. देखिए किताबवाला का ये एपिसोड.
झमाझम

मीरा नायर के ‘अ सूटेबल बॉय’ की 7 बातें: नॉवेल जितना ही बोल्ड है इसका तब्बू, ईशान स्टारर अडैप्टेशन

मीरा नायर के ‘अ सूटेबल बॉय’ की 7 बातें: नॉवेल जितना ही बोल्ड है इसका तब्बू, ईशान स्टारर अडैप्टेशन

तब्बू और ईशान खट्टर ने अपने-अपने इन्स्टाग्राम अकाउंट से एक तस्वीर शेयर की है. इसमें दोनों एक पुराने से झूले में आराम फरमा रहे हैं… खैर हम अब तस्वीर को एक्सप्लेन क्या ही करें. आप लोग दोनों ही पोस्ट्स नीचे देख लीजिए- Instagram पर यह पोस्ट देखें First look #ASuitableBoy @bbcone #MiraNair दिस॰ 2, 2019 … और पढ़ें मीरा नायर के ‘अ सूटेबल बॉय’ की 7 बातें: नॉवेल जितना ही बोल्ड है इसका तब्बू, ईशान स्टारर अडैप्टेशन

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अली सरदार जाफ़री क्यों कहते हैं, नवंबर मेरा गहवारा है- ये मेरा महीना है

अली सरदार जाफ़री क्यों कहते हैं, नवंबर मेरा गहवारा है- ये मेरा महीना है

मैं सोता हूं और जागता हूं और जागकर फिर सो जाता हूं सदियों का पुराना खेल हूं मैं मैं मर के अमर हो जाता हूं… ये कहने वाले अली सरदार जाफ़री 29 नवंबर साल 1913 में यूपी के बलरामपुर में पैदा हुए. साल 2000 के अगस्त के पहले रोज़ यानी पहली अगस्त को उनका इंतक़ाल हुआ. … और पढ़ें अली सरदार जाफ़री क्यों कहते हैं, नवंबर मेरा गहवारा है- ये मेरा महीना है