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भैरंट

ओशो के ये 38 विचार जिंदगी को देखने का नजरिया ही बदल देंगे

ओशो के ये 38 विचार जिंदगी को देखने का नजरिया ही बदल देंगे

जैसा हर महापुरुष के साथ होता रहा, वैसा ही ओशो के साथ भी होगा. या तो वो भुला दिया जाएगा, या उसे ईश्वर बना दिया जाएगा. किसी को भुला देना बुरा है, लेकिन किसी को ईश्वर बना देना भी कम बुरा नहीं. धर्म और ईश्वर से साथ हमारा रिश्ता यूं समझिए कि कोई उंगली से … और पढ़ें ओशो के ये 38 विचार जिंदगी को देखने का नजरिया ही बदल देंगे

भैरंट

अटल बिहारी ने किसे किताब में रख भेजा था प्रेमपत्र?

अटल बिहारी ने किसे किताब में रख भेजा था प्रेमपत्र?

अटल बिहारी वाजपेयी पर एक किताब है. नाम है ‘द अनटोल्ड वाजपेयी- पॉलिटीशियन एंड पैराडॉक्स’. इसे लिखा है जर्नलिस्ट उल्लेख एनपी ने. टाइटल देखकर लगा कि अटल के बारे में बहुत सी नई बातें पता चलेंगी. खासतौर पर उनकी राजनीति के अंतरविरोध. तो नया क्या मिला? कुछ ही नई बातें मिलीं. अटल के भाषणों के … और पढ़ें अटल बिहारी ने किसे किताब में रख भेजा था प्रेमपत्र?

भैरंट

कत्ल वाले दिन इंदिरा ने बुलेटप्रूफ जैकेट क्यों नहीं पहनी?

कत्ल वाले दिन इंदिरा ने बुलेटप्रूफ जैकेट क्यों नहीं पहनी?

31 अक्टूबर 1984. वो तारीख जब देश की प्रधानमंत्री का उनके ही सुरक्षा गार्ड ने कत्ल कर दिया. घड़ी में सुबह के 9 बज चुके थे तब. मगर सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच क्या हुआ? अमेरिका के राष्ट्रपति इस वाकये में कैसे आ गए? डॉक्टर ने मेकअप पर क्या बात की? और … और पढ़ें कत्ल वाले दिन इंदिरा ने बुलेटप्रूफ जैकेट क्यों नहीं पहनी?

झमाझम

क्या आपको पता है हेमा को 'ड्रीम गर्ल' कहना भी एक स्ट्रैटजी थी?

क्या आपको पता है हेमा को 'ड्रीम गर्ल' कहना भी एक स्ट्रैटजी थी?

वैसे तो मुझसे किताबें पढ़ी नहीं जाती. लेकिन सरपंच ने जीना दूभर कर दिया था इसलिए हेमा मालिनी की ऑफिशियल बायोग्राफी Beyond The Dream Girl मैंने पढ़ी. इस किताब में हैं हेमा मालिनी की लाइफ से जुड़े कुछ मज़ेदार किस्से. आप भी पढ़िए.  #1. हेमा मालिनी को अपनी पहली ही फिल्म के लिए बदलना पड़ा था नाम पहला किस्सा … और पढ़ें क्या आपको पता है हेमा को ‘ड्रीम गर्ल’ कहना भी एक स्ट्रैटजी थी?

भैरंट

'लेखक का दिमाग गंदा है, देखें पुस्तक की पृष्ठ संख्या 215'

'लेखक का दिमाग गंदा है, देखें पुस्तक की पृष्ठ संख्या 215'

मुल्कराज आनंद – ‘कुली’ और ‘अनटचेबल’ जैसे उपन्यासों के लेखक. मुल्कराज आनंद (12 दिसंबर, 1905- 28 सितंबर, 2004) का पहला निबंध उनकी चाची की आत्महत्या से प्रेरित था, उनकी चाची को एक मुस्लिम महिला के साथ भोजन साझा करने के लिए परिवार द्वारा बहिष्कृत कर दिया गया था. मुल्कराज का पहला मुख्य उपन्यास, ‘अनटचेबल’ (अछूत), … और पढ़ें ‘लेखक का दिमाग गंदा है, देखें पुस्तक की पृष्ठ संख्या 215’

भैरंट

चमत्कारों को मानने वाले लोग धर्म की ओर क्यों जाते हैं?

चमत्कारों को मानने वाले लोग धर्म की ओर क्यों जाते हैं?

यह अंश नरेंद्र दाभोलकर की किताब अंधविश्वास उन्मूलन के पहले भाग विचार से लिया गया है. इसके दूसरे और तीसरे भाग आचार और सिद्धांत हैं. यह किताब राजकमल प्रकाशन के उपक्रम सार्थक से प्रकाशित है. नरेंद्र दाभोलकर की नई किताब  भ्रम और निरसन भी राजकमल प्रकाशन के उपक्रम सार्थक से जल्द ही प्रकाशित होने वाली है.   अंधविश्वास … और पढ़ें चमत्कारों को मानने वाले लोग धर्म की ओर क्यों जाते हैं?

भैरंट

धांसू पत्रकार कुलदीप नैयर, जिनसे मेनका गांधी ने कहा था- संजय की मौत दुर्घटना नहीं, साजिश है

धांसू पत्रकार कुलदीप नैयर, जिनसे मेनका गांधी ने कहा था- संजय की मौत दुर्घटना नहीं, साजिश है

कुलदीप नैयर को पत्रकारिता का पितृ पुरुष कहा जाता था. 14 अगस्त को उनकी बर्थ एनिर्सरी होती है. करीब सात दशक लंबे अपने पत्रकारिता जीवन में उन्होंने भारत को बेहद करीब से बदलते देखा था. उनका यही अनुभव किताबों के ज़रिए बयान हुआ है.  भारतीय उपमहाद्वीप की समस्याओं को आधार बनाकर उन्होनें बेहद विस्तृत लेखन … और पढ़ें धांसू पत्रकार कुलदीप नैयर, जिनसे मेनका गांधी ने कहा था- संजय की मौत दुर्घटना नहीं, साजिश है

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किताबवाला: आज के माहौल में हिंदी के लेखकों को किस बात का डर है?

किताबवाला. दी लल्लनटॉप का स्पेशल सेगमेंट जिसमें बातें होती हैं किताबों की. किताब लिखने वालों से. आज के एपिसोड में हम बात कर रहे हैं उपन्यास 'वैधानिक गल्प' के बारे में. साथ में हैं इस किताब को लिखने वाले उपन्यासकार और कहानीकार चंदन पांडेय. देखिए किताबवाला का ये एपिसोड.

किताबवाला: आज के माहौल में हिंदी के लेखकों को किस बात का डर है?

किताबवाला. दी लल्लनटॉप का स्पेशल सेगमेंट जिसमें बातें होती हैं किताबों की. किताब लिखने वालों से. आज के एपिसोड में हम बात कर रहे हैं उपन्यास 'वैधानिक गल्प' के बारे में. साथ में हैं इस किताब को लिखने वाले उपन्यासकार और कहानीकार चंदन पांडेय. देखिए किताबवाला का ये एपिसोड.
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कोरोना वायरस से पहले की महामारियों में लोगों ने क्या किया, ये पता लगाने का सटीक तरीका जानिए

14 अप्रैल 2020 तक पूरे भारत में कंप्लीट लॉकडाउन है. मतलब आपको रहिना है. अपने घर में. कितना भी वर्क फ्रॉम होम कर लें. कितना भी बर्तन धो लें. वक्त बच तो जा ही रहा है. कुछ दिन और बीतेंगे तो फिल्म और टीवी सीरीज़ भी देखना दूभर हो जाएगा. तो ऐसे में क्या करें? हम आपको कोरोना के दिनों में पढ़ने के लिए कुछ किताबें सुझा रहे हैं. ये महामारियों का एक पुख्ता दस्तावेज हैं. ये आपको बताएंगी कि एक महामारी इंसान और इंसान की बनाई दुनिया को कैसे बनाती-बिगाड़ती है.

 

कोरोना वायरस से पहले की महामारियों में लोगों ने क्या किया, ये पता लगाने का सटीक तरीका जानिए

14 अप्रैल 2020 तक पूरे भारत में कंप्लीट लॉकडाउन है. मतलब आपको रहिना है. अपने घर में. कितना भी वर्क फ्रॉम होम कर लें. कितना भी बर्तन धो लें. वक्त बच तो जा ही रहा है. कुछ दिन और बीतेंगे तो फिल्म और टीवी सीरीज़ भी देखना दूभर हो जाएगा. तो ऐसे में क्या करें? हम आपको कोरोना के दिनों में पढ़ने के लिए कुछ किताबें सुझा रहे हैं. ये महामारियों का एक पुख्ता दस्तावेज हैं. ये आपको बताएंगी कि एक महामारी इंसान और इंसान की बनाई दुनिया को कैसे बनाती-बिगाड़ती है.

 
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क्या लिखा है 'कस्तूरबा की रहस्यमयी डायरी' में?

क्या लिखा है 'कस्तूरबा की रहस्यमयी डायरी' में?

नीलिमा डालमिया आधार की नई किताब ‘द सीक्रेट डायरी ऑफ़ कस्तूरबा’ आई है. हिंदी में ये ‘कस्तूरबा की रहस्यमयी डायरी’ के नाम से छपी है. हम प्रकाशक की इजाजत से आपको उसका एक अंश पढ़ा रहे हैं.   हम खेल के साथी बन गए. यह पिछले जन्म का संबंध था; वे मेरे मोहनदास थे और … और पढ़ें क्या लिखा है ‘कस्तूरबा की रहस्यमयी डायरी’ में?