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किताबवाला: रैना ने अपनी आत्मकथा में रैगिंग कल्चर से लेकर क्रिकेट के बारे में क्या-क्या बताया?

किताबवाला. दी लल्लनटॉप का स्पेशल सेगमेंट, जिसमें बातें होती हैं किताबों की. किताब लिखने वालों से. आज के एपिसोड में हम बात कर रहे हैं इंडियन क्रिकेटर सुरेश रैना से. उनकी किताब 'बिलीव: व्हॉट लाइफ एंड क्रिकेट टॉट मी' के बारे में. इस किताब के को राइटर हैंभरत सुंदरेसन हैं. ये एक जर्नलिस्ट हैं. क्रिकबज़ से जुड़े हुए हैं. इस किताब में रैगिंग के कल्चर के बारे में है, जिससे रैना खुद गुज़रे हैं. साथ ही क्रिकेट के तमाम किस्से हैं. भज्जी, द्रविड़ और धोने के बारे में भी काफी कुछ बताया है. जानने के लिए देखिए ये वीडियो.

किताबवाला: रैना ने अपनी आत्मकथा में रैगिंग कल्चर से लेकर क्रिकेट के बारे में क्या-क्या बताया?

किताबवाला. दी लल्लनटॉप का स्पेशल सेगमेंट, जिसमें बातें होती हैं किताबों की. किताब लिखने वालों से. आज के एपिसोड में हम बात कर रहे हैं इंडियन क्रिकेटर सुरेश रैना से. उनकी किताब 'बिलीव: व्हॉट लाइफ एंड क्रिकेट टॉट मी' के बारे में. इस किताब के को राइटर हैंभरत सुंदरेसन हैं. ये एक जर्नलिस्ट हैं. क्रिकबज़ से जुड़े हुए हैं. इस किताब में रैगिंग के कल्चर के बारे में है, जिससे रैना खुद गुज़रे हैं. साथ ही क्रिकेट के तमाम किस्से हैं. भज्जी, द्रविड़ और धोने के बारे में भी काफी कुछ बताया है. जानने के लिए देखिए ये वीडियो.

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किताबवाला: IPS अमित लोढ़ा ने बताया कैसे एक गलती नक्सल मुठभेड़ में उन पर भारी पड़ गई थी

किताबवाला. दी लल्लनटॉप का स्पेशल सेगमेंट, जिसमें बातें होती हैं किताबों की. किताब लिखने वालों से. आज के एपिसोड में हम बात कर रहे हैं बिहार कैडर के IPS अमित लोढ़ा से. उनकी किताब "लाइफ इन द यूनिफॉर्म: एडवेंचर्स ऑफ एन IPS ऑफिसर इन बिहार" के बारे में. इस किताब को लिखने के पीछे क्या वजह रही, किताब में कौन-कौन से किस्से शामिल किए गए हैं, मुठभेड़ के कौन-कौन से वाकये हैं, सब जानने के लिए देखिए ये वीडियो.

   

किताबवाला: IPS अमित लोढ़ा ने बताया कैसे एक गलती नक्सल मुठभेड़ में उन पर भारी पड़ गई थी

किताबवाला. दी लल्लनटॉप का स्पेशल सेगमेंट, जिसमें बातें होती हैं किताबों की. किताब लिखने वालों से. आज के एपिसोड में हम बात कर रहे हैं बिहार कैडर के IPS अमित लोढ़ा से. उनकी किताब "लाइफ इन द यूनिफॉर्म: एडवेंचर्स ऑफ एन IPS ऑफिसर इन बिहार" के बारे में. इस किताब को लिखने के पीछे क्या वजह रही, किताब में कौन-कौन से किस्से शामिल किए गए हैं, मुठभेड़ के कौन-कौन से वाकये हैं, सब जानने के लिए देखिए ये वीडियो.

   
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बंगाल चुनाव: बसीरहाट की इन महिलाओं ने कभी अपनी सांसद नुसरत जहां को नहीं देखा

पश्चिम बंगाल 2021 विधानसभा चुनाव के सिलसिले में दी लल्लनटॉप की चुनावी दौरे पर है. इसी कड़ी में हमारी टीम पहुंची बंगाल के नॉर्थ 24 परगना के संदेशखली क्षेत्र में. यहां हमने कई औरतों से बात की और इन्होने बताय कीन्होने अपनी सांसद नुसरत जहां को  नहीं. देखिए वीडियो.

बंगाल चुनाव: बसीरहाट की इन महिलाओं ने कभी अपनी सांसद नुसरत जहां को नहीं देखा

पश्चिम बंगाल 2021 विधानसभा चुनाव के सिलसिले में दी लल्लनटॉप की चुनावी दौरे पर है. इसी कड़ी में हमारी टीम पहुंची बंगाल के नॉर्थ 24 परगना के संदेशखली क्षेत्र में. यहां हमने कई औरतों से बात की और इन्होने बताय कीन्होने अपनी सांसद नुसरत जहां को  नहीं. देखिए वीडियो.

भैरंट

क्या लिखा है 'कस्तूरबा की रहस्यमयी डायरी' में?

गांधी की नजर से बहुत देखा गया, मगर कस्तूरबा क्या सोचती थीं?

क्या लिखा है 'कस्तूरबा की रहस्यमयी डायरी' में?

आज कस्तूरबा गांधी की पुण्यतिथि है. 1944 में आज ही के दिन उनका निधन हो गया था. महात्मा गांधी की पत्नी के रूप में उनके व्यक्तित्व के कई पहलू किसी न किसी माध्यम से सामने आते रहे हैं. लेखिका नीलिमा डालमिया आधार द्वारा लिखी गई किताब ‘दि सीक्रेट डायरी ऑफ़ कस्तूरबा’ भी ऐसा ही एक … और पढ़ें क्या लिखा है ‘कस्तूरबा की रहस्यमयी डायरी’ में?

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किताबवाला: नसरीन मुन्नी कबीर ने साहिर लुधियानवी की जो खासियत बताई, क्या वो आपको पता हैं?

किताबवाला. दी लल्लनटॉप का स्पेशल सेगमेंट, जिसमें बातें होती हैं किताबों की. किताब लिखने वालों से. आज के एपिसोड में हम बात कर रहे हैं नसरीन मुन्नी कबीर से. उनकी किताब ‘इन द ईयर ऑफ साहिर 2021 डायरी’ के बारे में. लेखक ने हमें बताया कि इस किताब को लिखने के पीछे क्या वजह थी, उस किताब के कवर फोटो और बैक कवर में साहिर के डायरी के पन्नों की तस्वीरें लगाने के पीछे उनका क्या कॉन्सेप्ट था. इसके अलावा, कई और किस्से भी साझा किए. सब जानने के लिए देखिए ये वीडियो.

 

किताबवाला: नसरीन मुन्नी कबीर ने साहिर लुधियानवी की जो खासियत बताई, क्या वो आपको पता हैं?

किताबवाला. दी लल्लनटॉप का स्पेशल सेगमेंट, जिसमें बातें होती हैं किताबों की. किताब लिखने वालों से. आज के एपिसोड में हम बात कर रहे हैं नसरीन मुन्नी कबीर से. उनकी किताब ‘इन द ईयर ऑफ साहिर 2021 डायरी’ के बारे में. लेखक ने हमें बताया कि इस किताब को लिखने के पीछे क्या वजह थी, उस किताब के कवर फोटो और बैक कवर में साहिर के डायरी के पन्नों की तस्वीरें लगाने के पीछे उनका क्या कॉन्सेप्ट था. इसके अलावा, कई और किस्से भी साझा किए. सब जानने के लिए देखिए ये वीडियो.

 
भैरंट

ओशो के ये 38 विचार जिंदगी को देखने का नजरिया ही बदल देंगे

आज ओशो की डेथ एनिवर्सरी है. होने को उनके प्रसंशक कहते हैं कि ओशो न कभी जन्मे, न कभी मरे, केवल इस दुनिया में घूमने आए और फिर वापस चले गये.

ओशो के ये 38 विचार जिंदगी को देखने का नजरिया ही बदल देंगे

जैसा हर महापुरुष के साथ होता रहा, वैसा ही ओशो के साथ भी होगा. या तो वो भुला दिया जाएगा, या उसे ईश्वर बना दिया जाएगा. किसी को भुला देना बुरा है, लेकिन किसी को ईश्वर बना देना भी कम बुरा नहीं. धर्म और ईश्वर से साथ हमारा रिश्ता यूं समझिए कि कोई उंगली से … और पढ़ें ओशो के ये 38 विचार जिंदगी को देखने का नजरिया ही बदल देंगे

भैरंट

अटल बिहारी ने किसे किताब में रख भेजा था प्रेमपत्र?

अटल और राजकुमारी के बारे में आपने खूब पढ़ा-सुना होगा, पर ये नहीं.

अटल बिहारी ने किसे किताब में रख भेजा था प्रेमपत्र?

अटल बिहारी वाजपेयी पर एक किताब है. नाम है ‘द अनटोल्ड वाजपेयी- पॉलिटीशियन एंड पैराडॉक्स’. इसे लिखा है जर्नलिस्ट उल्लेख एनपी ने. टाइटल देखकर लगा कि अटल के बारे में बहुत सी नई बातें पता चलेंगी. खासतौर पर उनकी राजनीति के अंतरविरोध. तो नया क्या मिला? कुछ ही नई बातें मिलीं. अटल के भाषणों के … और पढ़ें अटल बिहारी ने किसे किताब में रख भेजा था प्रेमपत्र?

भैरंट

कत्ल वाले दिन इंदिरा ने बुलेटप्रूफ जैकेट क्यों नहीं पहनी?

हत्या की सबसे बारीक जानकारियां.

कत्ल वाले दिन इंदिरा ने बुलेटप्रूफ जैकेट क्यों नहीं पहनी?

31 अक्टूबर 1984. वो तारीख जब देश की प्रधानमंत्री का उनके ही सुरक्षा गार्ड ने कत्ल कर दिया. घड़ी में सुबह के 9 बज चुके थे तब. मगर सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच क्या हुआ? अमेरिका के राष्ट्रपति इस वाकये में कैसे आ गए? डॉक्टर ने मेकअप पर क्या बात की? और … और पढ़ें कत्ल वाले दिन इंदिरा ने बुलेटप्रूफ जैकेट क्यों नहीं पहनी?

झमाझम

क्या आपको पता है हेमा को 'ड्रीम गर्ल' कहना भी एक स्ट्रैटजी थी?

आज अपना जन्मदिन मना रही हैं हेमा मालिनी.

क्या आपको पता है हेमा को 'ड्रीम गर्ल' कहना भी एक स्ट्रैटजी थी?

वैसे तो मुझसे किताबें पढ़ी नहीं जाती. लेकिन सरपंच ने जीना दूभर कर दिया था इसलिए हेमा मालिनी की ऑफिशियल बायोग्राफी Beyond The Dream Girl मैंने पढ़ी. इस किताब में हैं हेमा मालिनी की लाइफ से जुड़े कुछ मज़ेदार किस्से. आप भी पढ़िए.  #1. हेमा मालिनी को अपनी पहली ही फिल्म के लिए बदलना पड़ा था नाम पहला किस्सा … और पढ़ें क्या आपको पता है हेमा को ‘ड्रीम गर्ल’ कहना भी एक स्ट्रैटजी थी?

भैरंट

'लेखक का दिमाग गंदा है, देखें पुस्तक की पृष्ठ संख्या 215'

भारत के बहुत बड़े इंग्लिश ऑथर मुल्कराज आनंद की आज बरसी है. उनके क्लासिक 'अनटचेबल' की एक और लैजेंड्री नॉवेलिस्ट ई. एम. फॉर्स्टर द्वारा लिखी प्रस्तावना पढ़वा रहे हैं.

'लेखक का दिमाग गंदा है, देखें पुस्तक की पृष्ठ संख्या 215'

मुल्कराज आनंद – ‘कुली’ और ‘अनटचेबल’ जैसे उपन्यासों के लेखक. मुल्कराज आनंद (12 दिसंबर, 1905- 28 सितंबर, 2004) का पहला निबंध उनकी चाची की आत्महत्या से प्रेरित था, उनकी चाची को एक मुस्लिम महिला के साथ भोजन साझा करने के लिए परिवार द्वारा बहिष्कृत कर दिया गया था. मुल्कराज का पहला मुख्य उपन्यास, ‘अनटचेबल’ (अछूत), … और पढ़ें ‘लेखक का दिमाग गंदा है, देखें पुस्तक की पृष्ठ संख्या 215’